छत्तीसगढ़

  • सुकमा, सीपीआई द्वारा बस स्टैंड परिसर में 5 प्रमुख मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना
    सुकमा, सीपीआई द्वारा बस स्टैंड परिसर में 5 प्रमुख मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना

    सीपीआई द्वारा बस स्टैंड परिसर में 5 प्रमुख मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 20 नवम्बर।
    जिला मुख्यालय के सीपीआई द्वारा बुधवार को बस स्टैंड परिसर में 5 प्रमुख मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। 

    प्रमुख मांगों में से प्रथम मांग वादे के मुताबिक रूपए 2500 प्रति क्विंटल से खरीफ  की उपज का पूरा धान खरीदा जाए। जिले के ग्राम कोर्राए केरलापाल, ऐर्राबोर कोंड्रे तथा जगरगुंड़ा में नया धान खरीदा जाए। आदिवासी किसान विभिन्न किस्म के देशी धान उपजाते हैं। अक्सर देखने में आता हैं कि धान खरीदी केंद्र में ऐसे धान को खरीदने से मना कर दिया जाता है, उसमें एकदम काला रंग का धान भी होता है। ऐसे सभी धान किसानों से खरीदा जाए। किसानों का पूरा कर्जा माफ  किया जाए। मलगेर शबरी नदी तथा अन्य बारोह माह बहाने वाली नदी नाले से सिंचाई की मुक्त सुविधा दिया जाए तथा जो किसान अपने खेत में बोर खोदकर सिंचाई करना चाहते हैं उन्हें बोर खोद कर साथ में पंप भी दिया जाए।

     सभा को प्रमुख रूप से मनीष कुंजाम, रामा सोढी, आराधना मरकाम,  हरमा राम ने संबोधित किया । उस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

     

अंतरराष्ट्रीय

  • फेसबुक को हर महीने मिल रही हैं रिवेंज पोर्न की 5 लाख शिकायतें, ऐसे किया जा रहा है समाधान
    फेसबुक को हर महीने मिल रही हैं रिवेंज पोर्न की 5 लाख शिकायतें, ऐसे किया जा रहा है समाधान

    सैन फ्रांसिस्को, 20 नवंबर। सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक को प्रत्येक महीने 5 लाख रिवेंज पोर्न शिकायतें मिलती हैं। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक को ये शिकायतें अपनी अन्य कंपनियों इंस्टाग्राम, मैसेंजर और व्हाट्सएप के माध्यम से भी मिलती है।
    लेकिन फिर भी यह संख्या कम लगती है क्योंकि फेसबुक के पास अब लगभग 2.6 अरब मासिक सक्रिय यूजर्स हैं।
    एनबीसी न्यूज के अनुसार, इस साल की शुरुआत में फेसबुक ने नॉन-कन्सेंश्यूअल इंटिमेट इमेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उपकरण लॉन्च किया, जिसके माध्यम से इसे यूजर द्वारा रिपोर्ट किए जाने से पहले ही रिवेंज पोर्न कहां से भेजा गया इसका पता लगाया जा सकता है।
    2017 में कंपनी ने एक पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया, जो यूजर्स के मंच पर अंतरंग तस्वीरों को प्रस्तुत करने के बाद इसे पहचानते ही हटाने में सक्षम था।
    फेसबुक में प्रोडक्ट पॉलिसी रिसर्च की प्रमुख राधा प्लम्ब के हवाले से एनबीसी न्यूज ने कहा, यह सुनने में कि आपकी छवि को साझा करने का अनुभव कितना भयानक था, प्रोडक्ट टीम वास्तव में यह पता लगाने की कोशिश में लगी रहती है कि हम क्या कर सकते हैं, जो कि केवल रिपोर्टों का जवाब देने से बेहतर हो।
    फेसबुक में कंटेंट मॉडरेटर्स को छोडक़र लगभग 25 लोगों की टीम है, जो रिवेंज पोर्न से लडऩे का काम करता है।
    टीम का लक्ष्य न केवल रिपोर्ट किए जाने के बाद तस्वीरों या वीडियो को जल्दी से हटाना ही नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके उन छवियों का पता लगाना भी है, जिन्हें वे अपलोड किए जाने से रोकते हैं। (एनडीटीवी)
     

राष्ट्रीय

  • महाराष्ट्र की सियासी नूराकुश्ती के बीच मोदी से मिले शरद पवार
    महाराष्ट्र की सियासी नूराकुश्ती के बीच मोदी से मिले शरद पवार

    नई दिल्ली, 20 नवंबर । महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शिवसेना में जारी मंथन के बीच एनसीपी नेता शरद पवार ने आज बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। हालांकि कहा जा रहा है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार की प्रधानमंत्री मोदी से यह मुलाकात महाराष्ट्र में किसानों की समस्या को लेकर हुई, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर खूब चर्चा हो रही है।
    देश के 2 बड़े नेताओं के बीच करीब आधे घंटे की मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बीच में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बुलाया गया था।
    प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के बाद शरद पवार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को किसानों की समस्या के बारे में अवगत कर दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी को अगले साल 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच होने वाले वंसत दादा सुगर इंस्टीट्यूट प्रोग्राम के लिए न्योता भी दिया है।
    मोदी को पत्र
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से एक दिन पहले शरद पवार ने किसानों की समस्या को लेकर लंबा पत्र भी लिखा था। पत्र के बारे में पवार ने कहा कि दो जिलों में हुए फसल के नुकसान का डाटा एकत्र किया है। लेकिन मराठवाड़ा और विदर्भ समेत पूरे राज्य में भारी बारिश के कारण फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। नुकसान को लेकर आंकड़े जुटाए जा रहे हैं और उसे जल्द ही उन्हें भेज दिया जाएगा।
    इससे पहले एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने दोनों नेताओं के बीच मुलाकात को लेकर जानकारी दी थी। दोनों नेताओं की 12.30 बजे मुलाकात प्रस्तावित है।
    एनसीपी नेता नवाब मलिक ने बताया, शरद पवार प्रधानमंत्री से संसद भवन में दोपहर में मुलाकात करेंगे। मलिक ने कहा कि एनसीपी प्रमुख प्रधानमंत्री से महाराष्ट्र के किसानों को राहत देने की मांग करेंगे। शरद पवार और पीएम मोदी की मुलाकात की जानकारी शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को ही दी थी। उन्होंने कहा था कि हम किसानों के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि ये मुलाकात शरद पवार की अगुवाई में ही होगी।
    दोनों नेताओं की मुलाकात से पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि हमने भी शरद पवार से अनुरोध किया था कि वे राज्य की स्थिति के बारे में पीएम को जानकारी दें। महाराष्ट्र के सभी सांसद भी पीएम मोदी से मिलेंगे और हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि केंद्र उन्हें अधिकतम संभव सहायता प्रदान करे।
    उन्होंने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे किसानों के मुद्दे को लेकर दिल्ली आते हैं, और सभी सांसद पीएम से मिलते हैं तो क्या खिचड़ी पकती है? संसद के अंदर हों या बाहर, कोई भी पीएम से मिल सकता है। शरद पवार को राज्य की स्थिति का पता है।
    महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने के प्रयास जारी हैं। कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना एक दूसरे की मदद से सरकार बनाने की कोशिश में लगी हैं लेकिन इसमें कुछ दिक्कतें आ रही हैं। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात से पहले शरद पवार ने सोमवार को कहा था कि बीजेपी और शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और उन्हें अपना रास्ता चुनना है। संसद में मीडिया से बातचीत में पवार ने कहा, बीजेपी-शिवसेना ने साथ चुनाव लड़ा था, एनसीपी और कांग्रेस ने साथ चुनाव लड़ा था। उन्हें अपना रास्ता चुनना है और हमें अपनी राजनीति करनी है।(आजतक)

     

स्थायी स्तंभ

  • छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : सारी सिफारिशें किनारे करके...
    छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : सारी सिफारिशें किनारे करके...

    सारी सिफारिशें किनारे करके...
    वैसे तो प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा था कि निकाय- पंचायत चुनाव के बाद निगम-आयोगों में नियुक्ति होगी, फिर भी अल्पसंख्यक आयोग में नियुक्ति कर दी गई। महेन्द्र छाबड़ा को आयोग का अध्यक्ष बनाने का फैसला चौंकाने वाला था, क्योंकि इसमें प्रदेशभर के बड़े मुस्लिम-सिख नेताओं की नजर लगी थी। पार्टी के कई राष्ट्रीय नेताओं ने भी अपनी तरफ से अलग-अलग नामों की सिफारिशें की थी। इन सबको दरकिनार कर महेन्द्र छाबड़ा को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। 

    सुनते हैं कि छाबड़ा को अध्यक्ष बनाने में मोहम्मद अकबर की भूमिका अहम रही है। छाबड़ा राजीव भवन में मंत्रियों के मेल-मुलाकात कार्यक्रम के प्रभारी थे और मीडिया विभाग में भी अपनी जिम्मेदारी बाखूबी से निभा रहे थे। ऐसे में अकबर ने उनके नाम का सुझाव दिया, तो सीएम ने फौरन हामी भर दी। आयोग में दो सदस्यों में से एक अनिल जैन की नियुक्ति में भी अकबर की चली है।
     
    अनिल, अकबर के कॉलेज के दौर के सहयोगी हैं। जबकि राजनांदगांव के हाफिज खान की नियुक्ति में करूणा शुक्ला का रोल रहा है। हाफिज खान ने विधानसभा चुनाव में राजनांदगांव में करूणा का जमकर प्रचार किया था। और करूणा ने जब उनका नाम आगे किया, तो सीएम ने बिना किन्तु-परन्तु के सदस्य के रूप में नियुक्ति कर दी। दोनों सदस्यों को राज्यमंत्री का दर्जा रहेगा। 

    जब सीधा आदमी अड़ जाए...
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी सीधे-सरल माने जाते हैं। मगर कांकेर जिलाध्यक्ष पद पर अपने समर्थक विजय मंडावी को बिठाने के लिए सभी बड़े नेताओं की नाराजगी मोल ले ली। कांकेर में रमन सिंह, रामप्रताप सिंह और पवन साय व धरमलाल कौशिक एकमतेन किसी गैर आदिवासी विशेषकर सामान्य वर्ग से अध्यक्ष बनाने के पक्ष में थे। क्योंकि जिले की सारी विधानसभा सीटें आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है। मौजूदा जिलाध्यक्ष हलधर साहू पिछड़ा वर्ग से रहे हैं, लेकिन वे कोई परिणाम नहीं दे सके। कांकेर जिले में हर चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। 

    सुनते हैं कि विक्रम को समझाने की कोशिश की गई, किन्तु वे नहीं माने। अपेक्स बैंक के पूर्व अध्यक्ष महावीर सिंह राठौर के साथ तो उनकी तीखी नोंक-झोंक भी हुई। वे अपनी पसंद का अध्यक्ष बनाने के लिए इतने अड़े थे कि पार्टी को कांकेर का 22 तारीख को होने वाला चुनाव स्थगित करना पड़ा। पार्टी नेताओं को आशंका थी कि विक्रम अपनी पसंद का अध्यक्ष न होने पर पद से इस्तीफा तक दे सकते हैं। ऐसे में पार्टी नेताओं ने फिलहाल चुनाव टालने में समझदारी दिखाई।  (rajpathjanpath@gmail.com)

राजनीति

  • महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच मोदी से शरद पवार आज करेंगे मुलाकात
    महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच मोदी से शरद पवार आज करेंगे मुलाकात

    नई दिल्ली, 20 नवंबर । महाराष्ट्र में सरकार को लेकर जारी संकट के बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। हालांकि, यह मुलाकात महाराष्ट्र में किसानों को लेकर होगी। शरद पवार और पीएम मोदी के बीच यह मुलाकात संसद भवन में तकरीबन दोपहर 12 होगी।
    एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार आज संसद में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। किसानों के मुद्दे को लेकर यह मुलाकात होगी। हम प्रधानमंत्री से किसानों के लिए कुछ राहत की मांग करेंगे।
    महाराष्ट्र में बेमौसम बरसात ने 70 हेक्टेयर जमीन की फसल को बर्बाद कर दिया है और कुल नुकसान तकरीबन पांच हजार करोड़ रुपये का हुआ है। मालूम हो कि इस मुद्दे पर संसद परिसर में शिवसेना सांसदों ने भी प्रदर्शन किया था।
    महाराष्ट्र में बेमौसम बरसात ने 70 हेक्टेयर जमीन की फसल को बर्बाद कर दिया है और कुल नुकसान तकरीबन पांच हजार करोड़ रुपये का हुआ है। मालूम हो कि इस मुद्दे पर संसद परिसर में शिवसेना सांसदों ने भी प्रदर्शन किया था।
    महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार के बीच यह पहली मुलाकात होगी। वहीं, विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी से दशकों पुराना गठबंधन तोड़ दिया था और अब एनसीपी और कांग्रेस से गठबंधन करके सरकार बनाने की कोशिशें कर रही है।
    राज्यसभा के 250वें सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की तारीफ की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि हमें सदनों मे रुकावट की बजाए संवाद का रास्ता चुनना चाहिए। उन्होंने राज्यसभा में कहा था कि मैं दो पार्टी एनसीपी और बीजेडी की सराहना करना चाहता हूं। इन दलों ने संसदीय नियमों का काफी अनुशासित तरीकों से पालन किया है। वे कभी भी वेल में नहीं आए। हालांकि, उसके बावजूद उन्होंने काफी प्रभावशाली तरीके से अपनी बातें रखी है। मेरे साथ ही अन्य दलों को भी उनसे सीख लेनी चाहिए।(लाइव हिन्दुस्तान)
     

मनोरंजन

  • तस्वीर देख फैन ने अमिताभ बच्चन से पूछा, गोद में कौन है, जवाब कर देगा हैरान
    तस्वीर देख फैन ने अमिताभ बच्चन से पूछा, गोद में कौन है, जवाब कर देगा हैरान

    मुम्बई, 20 नवंबर। इस समय सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीरों का ट्रेंड चल रहा है और बॉलिवुड मेगास्टार इसमें सबसे आगे है। सोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन की एक ब्लैक ऐंड वाइट तस्वीर सर्कुलेट हो रही है जिसमें जया बच्चन और कुछ बच्चे हैं। तस्वीर में अमिताभ एक बच्ची को गोद में लिए हैं और उसके साथ खेल रहे हैं वहीं जया बच्चन किसी लडक़े को मैनेज करती नजर आ रही हैं। 
    फोटो पर उनके कई फैंस ने कॉमेंट्स किए हैं। एक ट्विटर यूजर ने अमिताभ से पूछा है कि वह गोद में किसको लिए हैं। इस पर अमिताभ बच्चन ने जवाब दिया है कि यह कोई और नहीं बल्कि बॉलिवुड दीवा करीना कपूर हैं। इससे पहले भी अमिताभ बच्चन ने एक तस्वीर शेयर की थी जिसमें उनके साथ पुकार के सेट पर करीना कपूर दिखाई दे रही थीं। फिल्म में करीना के पिता रणधीर कपूर भी हैं। बिग बी ने लिखा है कि वह अपने पिता के साथ सेट्स पर आई थीं और उनके पैर में चोट लग गई जिस पर दवा लगाई जा रही है।  (नवभारत टाईम्स)

     

सेहत/फिटनेस

  • जानें क्या है कार्डियोमायोपैथी और क्या है कार्डियोमायोपैथी की वजह
    जानें क्या है कार्डियोमायोपैथी और क्या है कार्डियोमायोपैथी की वजह

    हमारा दिल है कि मानता नहीं, बस दिन-रात जागता ही रहता है, काम करता रहता है। जब गर्भ में मौजूद भ्रूण चार सप्ताह का हो जाता है तो उसकी धड़कन शुरू हो जाती है और उसके बाद वह अपने अंतिम पल तक बस काम ही काम करता रहता है। ऐसे प्यारे दिल का खयाल हम नहीं रखेंगे तो भला और कौन रखेगा। जैसा कि हमारे साथ भी होता है आखिर दिल भी कभी न कभी तो थकान महसूस करता ही है, वह संकेत देता है, लेकिन हम कई बार उसे समझ नहीं पाते। हम उसका सही तरीके से खयाल नहीं रखते और फिर एक दिन उसकी मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इस स्थिति को कार्डियोमायोपैथी कहा जाता है। तो आइए जानें हमारे सबसे महत्वपूर्ण और पूरी जिंदगी साथ देने वाले साथी की थकान के परिणाम कार्डियोमायोपैथी के बारे में- 
    कार्डियोमायोपैथी
    हमारा दिल तीन परतों से बना होता है। बाहरी परत (एपिकार्डियम), अंदरुनी परत (एंडोकार्डियम) और मोटी बीच की मांसपेशियों वाली परत (मायोकार्डियम)।
    एम्स के डॉ. नबी दरिया वली के मुताबिक दिल संबंधी कोई घटना (कार्डियेक इवेंट) और कुछ दवाएं हमारे दिल की मांसपेशियों में संरचनात्मक या कामकाज के लिहाज से बदलाव ला देती हैं। इससे यह मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं। कार्डियोमायोपैथी का शिकार लोगों में यह मांसपेशियां मोटी और ज्यादा सख्त बन जाती हैं। कुछ मामलों में दिल की मांसपेशियों की जगह स्कार टिश्यू द्वारा ले ली जाती है। 
    डॉ. वली बताते हैं कि कार्डियोमायोपैथी कई बार जिंदगी के दौरान विकसित होती है, जिसे एक्वायर्ड कार्डियोमायोपैथी कहा जाता है तो कई बार यह आनुवांशिक (इनहेरिटेड कार्डियोमायोपैथी) होती है। कार्डियोमायोपैथी के कम से कम चार मुख्य प्रकार हैं।  अमेरिकी अकादमी ऑफ फेमिली फिजिशियंस के मुताबिक इनमें से प्रति एक लाख वयस्कों में पांच और प्रति एक लाख बच्चों में से 0.57 लोग डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी के शिकार होते हैं। इसमें दिल के बाएं वेंट्रिकल का आकार बड़ा हो जाने के कारण खून की आपूर्ति बाधित हो जाती है। अधिकांश एथलीटों की मौत की वजह बनने वाला हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी दुनिया भर में प्रति 500 व्यक्तियों में से एक की मौत की वजह बनता है। 
    आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2016 में कार्डियोमायोपैथी और मायोकार्डाइटिस (दिल की मांसपेशी में सूजन) भारत में 0.12 प्रतिशत मौत की वजह थे, जबकि 0.11 प्रतिशत मामले बीमारी या विकलांगता (डेली) में बिताए गए वर्षों की वजह रहे। कार्डियोवेस्कुलर यानी दिल से जुड़ी बीमारियां कुल मिलाकर भारत में उसी साल 28.1 प्रतिशत मौत की वजह जबकि 14.1 प्रतिशत डेली की वजह बनीं। 
    हम जबकि आनुवांशिक तौर पर मिली कार्डियोमायोपैथी पर नियंत्रण नहीं साध सकते, हम एक्वायर्ड कार्डियोमायोपैथी को टालने के लिए कुछ ऐहतियाती कदम उठा सकते हैं। वैसा करने से पहले हमें समझना होगा कि आखिर हमारे दिल की मांसपेशियां क्यों कमजोर होती हैं। 
    कार्डियोमायोपैथी की वजह
    अनियंत्रित या लंबी अवधि की दिल की बीमारीः हाई ब्लडप्रेशर वक्त गुजरने के साथ हमारे दिल की मांसपेशियों में संरचनात्मक बदलाव करके उनके कामकाज के तौर-तरीकों को बदल सकता है। हार्ट अटैक भी हमारे दिल की मांसपेशियों को क्षतिग्रस्त करता है। लंबी अवधि तक दिल की तेज धड़कन (टेशिकार्डिया) और हार्ट के वॉल्व का काम नहीं करना हमारे दिल के कामकाज के तरीके को बदलने के संभावित खतरे हैं। 
    मेटाबोलिक डिसऑर्डर्सः शरीर में कई बायोकेमिकल प्रक्रियाएं चलती रहती हैं। इन प्रक्रियाओं में बाधा के कारण हमें डायबिटीज, मोटापे और हाइपोथायरोइडिज्म जैसे मेटाबोलिक डिसऑर्डर्स से दो-चार होना पड़ता है। इन पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो यह आगे चलकर कार्डियोमायोपैथी की वजह बन सकती हैं। 
    शराब का व्यसनः शराब का व्यसन हमारे लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है और यह हमारे दिल के लिए भी अच्छी नहीं होती। ज्यादा अल्कोहल के सेवन से हमारे शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स (खून में फैट्स) का स्तर बढ़ता है। यह कार्डियोमायोपैथी के अलावा हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट फैल्युअर और स्ट्रोक की भी वजह बन सकता है। 
    कुछ दवाएंः दुर्भाग्यवश हर दवा के साथ साइड इफेक्ट्स का पुछल्ला होता ही है। उनमें से कुछ, खासतौर पर कैंसर की दवाएं, कार्डियोटॉक्सिक-दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाने वाली-होती हैं। फिर भले ही उनका इस्तेमाल सही तरीके से क्यों न किया गया हो। जब डॉक्टर आपको कोई दवा दे तो उसके साइड इफेक्ट्स जान लेना बेहतर विकल्प है।
    कुछ अन्य बीमारियांः निश्चित तौर पर कुछ बीमारियों का दिल की संरचना, कामकाज पर सीधा असर होता है। उदाहरण के लिए, सार्कोइडोसिस के कारण दिल की मांसपेशियों में छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं। दूसरी ओर एमिलोइडोसिस के कारण हमारे दिल की मांसपेशियों में असामान्य प्रोटीन का जमावड़ा हो जाता है।

     

खेल

  • हरभजन ने बताया-पिंक बॉल से कितने खतरनाक गेंदबाज बन सकते हैं कुलदीप
    हरभजन ने बताया-पिंक बॉल से कितने खतरनाक गेंदबाज बन सकते हैं कुलदीप

    नई दिल्ली, 20 नवंबर। भारत और बांग्लादेश के बीच 22 नवंबर से कोलकाता के ईडन गार्डन्स में डे-नाइट टेस्ट मैच खेला जाना है। मैच पिंक बॉल से खेला जाएगा। टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने पिंक बॉल से गेंदबाजी को लेकर कुछ बातें कही हैं। भज्जी का मानना है कि फ्लड लाइट्स के बीच पिंक बॉल से गेंदबाजी कर रहे रिस्ट स्पिनर्स काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। भज्जी का मानना है पिंक बॉल से गेंदबाजी कर रहे रिस्ट स्पिनर्स को समझ पाना बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होगा।

    ये पहला मौका होगा, जब भारत और बांग्लादेश डे-नाइट टेस्ट मैच का हिस्सा होंगे। भारत में भी पहली बार ही डे-नाइट टेस्ट खेला जा रहा है। हर कोई ये देखना चाहता है कि डे-नाइट टेस्ट में पिंक बॉल किस तरह का बर्ताव करती है। भज्जी ने कहा,  अगर आप देखोगे तो कलाई के स्पिनर फायदे की स्थिति में हैं क्योंकि गुलाबी गेंद में सीम को देखना (काले धागे के कारण) काफी मुश्किल होता है।' भारत के पास कुलदीप यादव के रूप में कलाई का स्पिनर है लेकिन हरभजन चयन मामलों पर बात नहीं करना चाहते। 
    उन्होंने कहा, ये टीम मैनेजमेंट का फैसला होगा और मैं टिप्पणी नहीं कर सकता। लेकिन इससे पहले बांग्लादेश को तेज गेंदबाजी की अनुकूल पिच पर भारतीय गेंदबाजों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा, और साथ ही सभी को पता है कि कोलकाता में सूरज ढलने के समय साढ़े तीन से साढ़े चार के समय तेज गेंदबाज सबसे अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन अगर हमें भविष्य में अधिक डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने हैं तो स्पिनरों को लेकर अधिक जानकारी जुटाने की जरूरत है।
    हरभजन ने याद दिलाया कि 2016 दिलीप ट्रॉफी में गुलाबी गेंद से कुलदीप कितने खतरनाक गेंदबाज बन गए थे। उन्होंने कहा, अगर आपको दिलीप ट्रॉफी याद है तो कोई भी कलाई से कुलदीप की गेंद को प्रभावी तरीके से नहीं समझ पा रहा था। उस टूर्नामेंट में लेग स्पिनरों को काफी विकेट मिले थे। भज्जी ने इस दौरान ये भी बताया कि क्यों रिस्ट स्पिनर्स ज्यादा मददगार होंगे। उन्होंने कहा, जब उंगली का स्पिनर गेंदबाजी करता है तो गेंद सीम के साथ रिलीज की जाती है जिससे कि टर्न और उछाल मिले। जब आप गुगली करते हो तो सीम को समझना मुश्किल हो जाता है। 
    उन्होंने हालांकि कहा कि मुथैया मुरलीधरन जैसे स्पिनर पिंक बॉल से काफी प्रभावी हो सकते हैं। भारत के महानतम स्पिनरों में से एक हरभजन ने कहा, लेकिन मुथैया मुरलीधरन जैसे अपवाद हो सकते हैं जो उंगली का स्पिनर होने के बावजूद खतरनाक हो सकता है। पिंक एसजी बॉल हालांकि स्पिनरों के लिए चुनौती हो सकती है क्योंकि दूधिया रोशनी में इसका रंग बरकरार रखने के लिए रंग की अतिरिक्त परत लगाई गई है। (लाइव हिन्दुस्तान)

     

कारोबार

  • प्रदेश के 6 लाख व देश के 7 करोड़ व्यापारी, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के अनैतिक और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से परेशान, कंपनियों के खिलाफ कैट का देशभर में विशाल धरना प्रदर्शन
    प्रदेश के 6 लाख व देश के 7 करोड़ व्यापारी, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के अनैतिक और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से परेशान, कंपनियों के खिलाफ कैट का देशभर में विशाल धरना प्रदर्शन

    प्रदेश के 6 लाख व देश के 7 करोड़ व्यापारी, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के अनैतिक और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से परेशान, कंपनियों के खिलाफ कैट का देशभर में विशाल धरना प्रदर्शन

    रायपुर, 20 नवंबर। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिय़ा ट्रेडर्स (कैट) द्वारा 20 नवम्बर को सुबह 12 बजे से विशाल धरने का आयोजन किया जा रहा है। जो रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, भाटापारा, तिल्दा, धमतरी, कांकेर, कोरबा, महासमुंद, मनेन्द्रगढ़ एवं कैट सीजी. चैप्टर की सभी ईकाइयों में किया जाएगा। 

    कैट पदाधिकारियों ने बताया कि देशभर में व्यापारिक समुदाय अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ बूढ़ातालाब धरना स्थल पर विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। 
    प्रदेश के 6 लाख व्यापारी व देश के 7 करोड़ व्यापारी, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के अनैतिक और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से परेशान है। पदाधिकारियों ने प्रदेश के सभी व्यापारिक संगठनों एवं व्यापारी बन्धुओं से आग्रह किया है, कि वे कल होने वाले इस विशाल धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ, इस आन्दोलन को सफल बनाने में अपनी सहभागिता प्रदान करे। 

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