छत्तीसगढ़

  • नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक पहुंचे कोण्डागांव
    नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक पहुंचे कोण्डागांव

    नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक पहुंचे कोण्डागांव

    कोण्डागांव, 22 जुलाई। छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक इन दिनों बस्तर प्रवास पर हैं। बस्तर प्रवास के दौरान 22 जुलाई की दोपहर धरमलाल कौशिक कोण्डागांव पहुंचे। यहां उन्होंने पूर्व मंत्री लता उसेंडी समेत कोण्डागांव के स्थानीय पदाधिकारियों से मुलाकात किया। 

    कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने चर्चा करते हुए कहा कि, भारतीय जनता पार्टी का पूरे देश में सदस्यता अभियान चल रहा है। संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए सदस्यता हमारी प्रमुखता है। पिछले बार हम लोगों ने 11 करोड़ सदस्य बनाए थे। छत्तीसगढ़ में हमारे 27 लाख सदस्य हैं। इस बार हमने 11 लाख नए सदस्यों का लक्ष्य रखा है। उसके साथ ही सक्रिय सदस्य भी बढ़ाने हैं। इसी संदर्भ में बस्तर जिले का दौरा हो रहा है। आज दंतेवाड़ा, चित्रकूट का दौरा होना है। 

    वर्तमान में कोण्डागांव में रुके हुए हैं यहां स्थानीय कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और जो वस्तु स्थिति है उस से वाकिफ होंगे। वर्तमान में जो भी कमियां थी वो दूर हो चुकी है। पिछले 6 माह में जो छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति लोगों का भरोसा उठने लगा है। कानून व्यवस्था से लोगों का भरोसा उठता गया है।

अंतरराष्ट्रीय

  • टैंकर के चालक दल के 23 सदस्यों में भारतीय भी
    टैंकर के चालक दल के 23 सदस्यों में भारतीय भी

    लंदन/तेहरान, 20 जुलाई। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा जब्त किये गये ब्रिटेन के टैंकर पर सवार चालक दल के 23 सदस्यों में भारतीय भी शामिल हैं।
    टैंकर की कंपनी स्टेना बल्क के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक हैनेल कहा, टैंकर पर सवार चालक दल के 23 सदस्यों में भारत, रूस, लताविया और फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं। उनमें से किसी को कोई नुकसान होने की कोई खबर नहीं है। हमार ध्यान मुख्य रूप से हमारे चालक दल की सुरक्षा और बचाव पर है। हम समस्या के समाधान के लिए ब्रिटिश और स्वीडिश सरकार के संपर्क में हैं। हम चालक दल के सदस्यों के परिवार के साथ भी संपर्क स्थापित कर रहे हैं। 
    इससे पहले रिपोर्टें आई थीं कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतररराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करने के मामले में ब्रिटेन के दो तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है। ईरान ने दावा किया था कि उसने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करने के कारण ब्रिटेन के एक टैंकर स्टेना इम्पेरो को जब्त किया है। 
    इस बीच, ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसके एक टैंकर के ईरान के जब्त करने से वह ‘बहुत चिंतित’ है। ब्रिटेन के विदेश सचिव जेरेमी हंट ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का शीघ्र समधान नहीं हुआ तो इसके ‘गंभीर परिणाम’ होंगे। 
    श्री हंट ने कहा कि यह कार्य पूरी तरह से अस्वीकार्य है और नेविगेशन की स्वतंत्रता को बनाये रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तरफ से यह बल्कुल स्पष्ट है कि अगर इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।’’
    बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार स्टेना इम्पेरो कंपनी ने कहा है कि हार्मुज जलडमरूमध्य में जब्त किये गये टैंकर से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
    फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार टैंकर स्टेना इम्पेरो को शुक्रवार को ईरानियन रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जब्त किया है। 
    टैंकर की कंपनी स्टेना बल्क ने कहा है कि वह नेविगेशन एवं अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह पालन करता है। स्टेना बल्क ने कहा कि टैंकर पर सवार चालक दल  के 23 सदस्यों में से किसी को कोई नुकसान होने की सूचना नहीं है जिनमें  भारत, रूस, लातविया और फिलीपींस के नागिरक शामिल हैं। 
    श्री हंट ने कहा कि टैंकर चार जहाजों से घिरा था और एक हेलीकॉप्टर ईरानी समुद्र क्षेत्र में जा रहा था। 
    इसके साथ ही ब्रिटेन के स्वामित्व वाली एक लाइबेरियाई टैंकर एमवी मेसडार को भी जब्त किया गया था लेकिन उसे बाद में रिहा कर दिया गया। इस बीच, ग्लासगो में स्थित इसके ऑपरेटर नोरबल्क शिङ्क्षपग यूके ने कहा है कि टैंकर के साथ संपर्क स्थापित हो गया है और इसके चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। 
    एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा कि बिटिश सरकार ईरान के इस ‘अस्वीकार्य कार्य’ से बहुत ङ्क्षचतित है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने यूके शिपिंग को कुछ समय के लिए क्षेत्र से बाहर रहने की सलाह दी है।’’ (वार्ता)
     

राष्ट्रीय

  • सडक़ हादसा  आठ बच्चों  समेत 9 मौतें
    सडक़ हादसा आठ बच्चों समेत 9 मौतें

    हापुड़, 22 जुलाई । यूपी के हापुड़ में मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर रविवार रात एक मिनी ट्रक तथा पिकअप की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में पिकअप के परखच्चे उड़ गए तथा उसमें सवार आठ बच्चों समेत नौ की मौत हो गई और 10 से ज्यादा लोग घायल हैं। बताया गया है कि अधिकतर लोग एक ही खानदान के हैं। आरोपी चालक मिनी ट्रक लेकर फरार हो गया।  कुछ लोग शादी समारोह शामिल होने के बाद पिकअप से लौट रहे थे। विपरीत दिशा से तेज गति से आ रहे मिनी ट्रक ने पिकअप में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप बीच में फट गई और उसमें सवार करीब 20 बच्चे और लोग हाईवे पर बिखर गए। 
    टक्कर मारने के बाद चालक मिनी ट्रक को लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घायलों को नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जहां पर आठ बच्चों समेत नौ को मृत घोषित कर दिया गया।
     मरने वालों की उम्र 8 से लेकर 14 साल से कम बताई जा रही है। (लाइव हिंदुस्तान)

     

     

स्थायी स्तंभ

  • छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : तबादले और बदनामी
    छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : तबादले और बदनामी

    सरकार में तबादले पर किचकिच चल रही है। एक-दो जगह तो पार्टी के पदाधिकारी, प्रभारी मंत्री के खिलाफ खुलकर आ गए हैं। वे इसकी शिकायत भी पार्टी संगठन में कर चुके हैं। सुनते हैं कि पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रदीप जैन पिछले दिनों प्रदेश दौरे पर आए थे। कांग्रेस के एक जिला अध्यक्ष, अपने कुछ सहयोगियों के साथ उनसे मिलने पहुंचे और  सीधे-सीधे अपने जिले के प्रभारी मंत्री की शिकायत कर दी। मंत्रीजी को लेकर जिला अध्यक्ष की शिकायत यह थी कि तबादले में मनमर्जी कर रहे हैं, संगठन के नेताओं को भाव नहीं दे रहे हैं। प्रदीप जैन ने प्रभारी सचिव चंदन यादव को सारी जानकारी देने की सलाह दी है। 

    दरअसल, मंत्रीजी नियमों के जानकार माने जाते हैं और तबादले को लेकर भी एकदम पारदर्शी रहते हैं, जबकि जिले के नेता तबादले के लिए लंबा-चौड़ा हिसाब लेकर बैठे थे। जब उन्हें महत्व नहीं मिला, तो मंत्रीजी की ही शिकायत करते घूम रहे हैं। रायपुर जिले में तो अलग तरह की स्थिति पैदा हो गई है। यहां जिले के कांग्रेस विधायक एकमत होकर स्कूलों में लंबे समय तक तैनात शिक्षकों का तबादला चाह रहे थे, लेकिन एक विधायक ने अचानक रूख बदल दिया। उन्होंने कुछ पुराने लोगों की सिफारिश कर दी। विधायकों में एकमत न होने से प्रभारी मंत्री भी परेशान हैं।

    लेकिन जैसा कि किसी भी पार्टी की सरकार में किसी भी प्रदेश में होता है, तबादला उद्योग बिना लेन-देन चल नहीं रहा है, और बदनामी हो रही है। लेकिन कांगे्रस पहले ही लंबे समय तक सरकार चलाने का तजुर्बा रखने वाली पार्टी है, इसलिए बदनामी को लेकर जरूरत से ज्यादा संवेदनशील भी नहीं है। एक कांगे्रस नेता ने कहा कि नक्सल हिंसा और भ्रष्टाचार इन दो को लेकर अधिक फिक्र नहीं करनी चाहिए, ये दोनों 22वीं सदी में भी जारी रहेंगे।

    भविष्य भयानक है...
    मोबाइल पर इन दिनों फेसऐप नाम का एक ऐसा रूसी ऐप आया है जो लोगों की तस्वीरों में उम्र जोड़ या घटाकर उनकी एक काल्पनिक तस्वीर बना देता है। लोग बीस-तीस बरस उम्र घटाकर अपनी आज की तस्वीर को देख सकते हैं, या बीस-पच्चीस बरस बढ़ाकर भी। कोई अगर इसके इस्तेमाल के आंकड़े देख सके, तो लोग अपनी किसी एक तस्वीर को ही बूढ़ा बनाकर देखते होंगे, और फिर दहशत में आकर बुढ़ापे में झांकना बंद कर देते होंगे। इसके बाद लोग अपनी जवानी, और उसके भी पहले की तस्वीरों में लग जाते होंगे। इस ऐप के बारे में एक अमरीकी सांसद ने फिक्र जाहिर की है कि इसके रास्ते रूसी खुफिया एजेंसियां लोगों के फोन तक घुसपैठ कर ले रही हैं, और अमरीका में इस पर रोक लगाने की मांग की है। हकीकत यह है कि न सिर्फ यह ऐप, बल्कि दुनिया भर में अरबों दूसरे ऐप भी फोन तक घुसपैठ का हक मांगते हैं, तभी काम शुरू करते हैं। और तो और हिन्दुस्तान में नमोऐप और छत्तीसगढ़ सरकार का भुइयांऐप भी फोन तक पूरी घुसपैठ मांगते हैं, तभी काम करते हैं। अब छत्तीसगढ़ सरकार के जमीन रिकॉर्ड दिखाने वाले भुइयांऐप को लोगों की फोनबुक, उनके फोटो फोल्डर, उनके माइक्रोफोन तक पहुंच मांगने की क्या जरूरत रहती है? लेकिन सरकार भी लोगों को मुफ्त में कुछ देना नहीं चाहती है, और उसके एवज में घुसपैठ मांगती है। अब यह लोगों को तय करना है कि वे किस-किस एप्लीकेशन के इस्तेमाल के लिए अनजानी कंपनियों के सामने अपना तौलिया उतारकर खड़े होना चाहते हैं। 

    जिन्हें पानी जैसा रहना चाहिए, वे ठर्रा जैसे...
    देश-प्रदेश में राजनीतिक दलों के प्रवक्ता कई बार अपने दल की बात करने के बजाय अपनी बात करने और अपने आपको महिमामंडित करने के काम में ऐसे जुट जाते हैं कि लगता है कि वे पार्टी हैं, और पार्टी उनकी प्रवक्ता है। यह बात तय है कि जब प्रवक्ता अपनी पार्टी से बड़े होने लगते हैं, अपने आपको चबूतरे पर चढ़ी प्रतिमा की तरह स्थापित करने में लग जाते हैं, तो पार्टी पर बुरे दिनों का खतरा मंडराने लगता है। एक पार्टी के जिम्मेदार प्रवक्ता रहने के लिए लोगों को पानी की तरह रहना चाहिए जो कि चाय से लेकर शरबत तक, और दारू से लेकर दाल तक, काम तो आए, लेकिन न अलग से दिखे, न अलग से उसका कोई स्वाद हो। आज हालत यह है कि राजनीतिक दलों के प्रवक्ता, या मंत्रियों और दूसरे नेताओं के मीडिया प्रभारी पार्टी और नेता से अधिक अपनी तस्वीरों को फैलाते हैं, और पार्टी के जिक्र को एक सीढ़ी की तरह इस्तेमाल करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी एक दिक्कत यह रहती है कि बड़े-बड़े धाकड़ वकीलों को बड़ी पार्टियां प्रवक्ता बनाती हैं, और वे पार्टी की सोच को सामने रखने के बजाय अपने तर्कों को पेश करते हुए मानो अपनी वकालत के प्रचार में लगे रहते हैं। समझदार राजनीतिक दल वे होते हैं जो महत्वाकांक्षी नेताओं को पार्टी प्रवक्ता नहीं बनाते। (rajpathjanpath@gmail.com)

राजनीति

  •  केरल में भी कर्नाटक जैसे हालात? एनडीए-सहयोगी का दावा-कई कांग्रेस सांसद और विधायक भाजपा के संपर्क में
    केरल में भी कर्नाटक जैसे हालात? एनडीए-सहयोगी का दावा-कई कांग्रेस सांसद और विधायक भाजपा के संपर्क में

    कोट्टायम/कोच्चि, 22 जुलाई । केरल के वरिष्ठ विधायक और राजग सहयोगी पी सी जॉर्ज ने दावा किया कि राज्य से कांग्रेस के छह सांसद और तीन विधायक भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के साथ संपर्क में हैं और वहां दल-बदल संभव है। कांग्रेस ने पूंजर क्षेत्र से विधायक के इस दावे को खारिज किया है और उन्हें बड़बोला बताते हुए कहा है कि वह सिर्फ मीडिया का ध्यान पाने के लिये ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। जॉर्ज की केरल जनपक्षम सेक्युलर पार्टी हाल में राज्य में भाजपा नेतृत्व वाले राजग का हिस्सा बनी। उन्होंने ऐसे समय में यह दावा किया है जब कर्नाटक और गोवा में अपने विधायकों के दल-बदल से कांग्रेस को झटका मिला है।

    अपनी पार्टी की प्रदेश कमेटी की बैठक के बाद कोट्टायम में जॉर्ज ने पत्रकारों से कहा, मुझे पता चला है कि राज्य में कांग्रेस के छह सांसद और तीन विधायक भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के साथ बातचीत कर रहे हैं। बहरहाल उन्होंने इस संबंध में और जानकारी देने से इनकार कर दिया।
    बाद में, पीटीआई, द्वारा संपर्क किये जाने पर वरिष्ठ विधायक ने कहा कि इस बातचीत के बारे में वह विस्तृत जानकारी नहीं दे सकते हैं लेकिन उन्होंने दावा किया कि केरल में कांग्रेस खेमे से भाजपा में लोग जायेंगे। जॉर्ज ने कहा कि उनका दावा जल्द सही साबित होगा।
    उनके दावों को खारिज करते हुए केपीसीसी उपाध्यक्ष वी डी सतीसन ने कहा कि कोई भी जॉर्ज को गंभीरता से नहीं लेता है क्योंकि वह बड़बोले हैं। सतीसन ने बताया कि केरल से कोई कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल नहीं होगा।

    कर्नाटक में कांग्रेस के 13 विधायक बागी हो गए हैं, जिससे कुमारस्वामी सरकार पर संकट बन आया है। इसके अलावा जेडीएस के भी तीन विधायक बागी हो गए हैं। इन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। अभी ये बागी विधायक मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर कुमारस्वामी विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का सामना कर रहे हैं। (भाषा)

     

मनोरंजन

  •  सोनाक्षी सेक्स पर बात क्यों करना चाहती हैं
    सोनाक्षी सेक्स पर बात क्यों करना चाहती हैं

    सुप्रिया सोगले
    मुंबई से, 22 जुलाई। दबंग फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखने वाली सोनाक्षी सिन्हा पहली बार सेक्स कॉमेडी फिल्म, खानदानी शफाखाना, में नजर आएंगी।
    अक्सर पारिवारिक फिल्मों में नजर आने वाली सोनाक्षी इन विषयों पर आधारित फिल्मों से बचती रही थीं और इस फिल्म को भी हाँ करने से पहले वो कतरा रही थीं।
    ‘खानदानी शफाखाना’ फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा बेबी बेदी का किरदार निभा रही हैं, जिसे विरासत में मामाजी का खास शफाखाने को चलाने की जिम्मेदारी मिलती है। इस शफ़ाख़ाने में लोग सेक्स संबंधी परेशानियों के इलाज के लिए आते हैं।
    बीबीसी से बातचीत में सोनाक्षी ने कहा, मैं सोचती थी कि सेक्स जैसा टॉपिक है तो मैं कैसे करूंगी? मैं सोनाक्षी सिन्हा सिफऱ् पारिवारिक फि़ल्में करती हूँ। मेरे माता-पिता क्या बोलेंगे? जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी तो मैंने सोचा की मुझे ये फिल्म करनी ही है और ऐसी फिल्में ही करनी चाहिए जो आज के दौर की कहानी बयां करती हो।
    सोनाक्षी मानती हैं कि भारत में आज भी सेक्स पर बात करना कठिन है। इस पर लोग बात करने से कतराते हैं जबकि बात करने में कोई बुराई नहीं है। जब सर्दी-जुकाम, बुखार के लिए आप डॉक्टर के पास जा सकते हैं तो यौन सम्बन्धी बीमारियों पर बात करने के लिए क्यों नहीं? यह जागरूकता लाना जरूरी है।
    सोनाक्षी सिन्हा का मानना है कि जागरूकता लाने के लिए इस विषय को स्कूली पढ़ाई में शामिल किया जाना चाहिए। वो कहती हैं, अगर बच्चों को बताया नहीं जाएगा तो वे गलत माध्यमों से इसकी जानकारी जुटाएंगे। बच्चो से इस विषय में बात करने में भारत के माता-पिता बहुत शर्मिंदगी महसूस करते हैं पर अब समझना जरूरी है कि ये शर्मिंदगी की बात नहीं है।
    सोनाक्षी सिन्हा ने भी माना कि वो भी उन लोगो में से हैं जिन्होंने कभी अपने मां-बाप से सेक्स जैसे 

    विषयों पर बात नहीं की। स्कूल और कॉलेज के दिनों में दोस्त से इस बारे में जाना।
    क्या यह फिल्म परिवार के साथ देखी जा सकती है, इस सवाल के जवाब में सोनाक्षी कहती हैं, मैं साफ करना चाहती हूं कि यह फिल्म पारिवारिक है, जिसे बच्चे-बुज़ुर्ग सब साथ बैठकर देख सकते हैं।
    वो फिल्म की निर्देशक शिल्पी दासगुप्ता को श्रेय देते हुए कहती हैं कि एक महिला निर्देशक होने के नाते उन्होंने संजीदगी से इस विषय को संभाला है, जो एक पुरुष निर्देशक नहीं कर सकता था।
    फिल्म इंडस्ट्री में करीब नौ सालों से काम कर रहीं सोनाक्षी सिन्हा ने कई सफल फिल्में की हैं। दबंग, लूटेरा, अकीरा, र... राजकुमार, हैपी फिर भाग जाएगी, नूर और अन्य फिल्मों के सफर में उन्होंने खुद में बहुत बदलाव देखा है। वो कहती हैं कि जब दबंग के साथ उनकी शुरुआत हुई थी तब सोचा नहीं था की इस पायदान तक पहुंच जाएंगी। सोनाक्षी कहती हैं, जब शुरुआत हो ही गई तो सीखना शुरू किया, जो भी सीखा फिल्मी सेट पर ही सीखा है। 
    वो कहती हैं, अब तक के फिल्मी सफर में मैं अपने आप को एक बदला हुआ इंसान मानती हूं। बहुत बेहतर सफर रहा है मेरा और इस सफर में मुझे ना कोई अफसोस है और ना ही कोई शिकायत। शिल्पी दासगुप्ता निर्देशित खानदानी शफाखाना में सोनाक्षी सिन्हा के आलावा अनु कपूर, वरुण शर्मा और रैपर बादशाह भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म 26 जुलाई को रिलीज होगी।

     

सेहत/फिटनेस

  •  जानिए अपेन्डिक्स के दर्द के बारे में, एक्सपर्ट से जानें बारिश में क्यों बढ़ जाता है इसका खतरा
    जानिए अपेन्डिक्स के दर्द के बारे में, एक्सपर्ट से जानें बारिश में क्यों बढ़ जाता है इसका खतरा

    अपेन्डिक्स का दर्द बारिश के मौसम में और अधिक बढ़ जाता है, इसलिए इस मौसम में सावधानी और जरूरी हो जाती है। विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित आलेख

    अपेन्डिक्स लगभग चार-पांच इंच लंबी एक बंद और पतली नली होती है। यह वहां स्थित होती है, जहां छोटी आंत और बड़ी आंत मिलती हैं। सामान्यतया यह पेट के दाएं भाग में नीचे की ओर होती है। अपेन्डिक्स की वैसे हमारे लिए कोई उपयोगिता नहीं है। अपेन्डिक्स का संक्रमण घातक हो सकता है, इसलिए इसे सर्जरी कर निकाल दिया जाता है।

    क्या है अपेन्डिसाइटिस
    अपेन्डिसाइटिस का अर्थ है अपेन्डिक्स का संक्रमण। ऐसा माना जाता है कि इसकी शुरुआत तब होती है, जब अपेन्डिक्स का दूसरा किनारा अवरुद्ध हो जाता है। यह ब्लॉकेज अपेन्डिक्स में म्युकस के जमाव के कारण हो सकता है या मल के सेकम से अपेन्डिक्स में प्रवेश करने के कारण हो सकता है। म्युकस या मल कड़ा हो जाता है और ओपनिंग को ब्लॉक कर देता है। ब्लॉकेज होने के पश्चात जो बैक्टीरिया सामान्यतया अपेन्डिक्स में होते हैं, वे अपेन्डिक्स की दीवार पर आक्रमण (संक्रमित) करने लगते हैं। इससे अपेन्डिक्स में सूजन आ जाती है। इसी संक्रमण को अपेन्डिसाइटिस कहते हैं। अपेन्डिसाइटिस अकसर 10 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के बीच में होता है। यह समस्या महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक सामान्य होती है, लेकिन बहुत अधिक चिंता की बात नहीं होती।

    क्या हैं कारण
    अपेन्डिसाइटिस लिम्फोइड फॉलिकल का आकार बढ़ने और चोट आदि लगने से भी हो सकता है। जब अपेन्डिक्स में रुकावट आती है, तब बैक्टीरिया इसमें तेजी से बढ़ने लगते हैं। इससे पस का निर्माण होने लगता है। दबाव बढ़ने से उस स्थान की रक्त नलिकाएं भी दब सकती हैं।

    कैसे शुरू होता है दर्द
    इसका दर्द पेट में हल्की मरोड़ के साथ शुरू हो सकता है। बहुत कम मामलों में ऐसा देखा जाता है कि इसके लक्षण दिखाई देने के 24 घंटों के भीतर अपेन्डिक्स फट जाए। हालांकि जिन लोगों में लगातार 48 घंटे तक अपेन्डिसाइटिस के लक्षण दिखाई देते हैं, उनमें से 80 प्रतिशत लोगों में यह फट जाता है। ऐसी स्थिति घातक हो सकती है।

    सर्जरी ही है उपचार 
    अपेन्डिसाइटिस का एकमात्र उपचार सर्जरी है। सर्जरी के पारंपरिक तरीके में एक बड़ा-सा लंबा कट लगाया जाता है। दूसरा तरीका है लैप्रोस्कोपी(इसमें 3-5 मिलीमीटर के छेद किये जाते हैं और शरीर के अंदर देखने के लिए दूरबीन का प्रयोग किया जाता है)। यह एक दिन की प्रक्रिया है।

    लक्षणों को जानें
    - पेट के निचले भाग में दर्द
    - भूख न लगना
    - जी मिचलाना
    - उल्टी होना
    - डायरिया की शिकायत
    - कब्ज रहना
    - हल्का बुखार रहना।

    बढ़ जाता है खतरा
    भारत में अपेन्डिक्स के अधिकतर मामले बरसात के मौसम में ही देखे जाते हैं। इन दिनों बारिश होने के कारण वातावरण में अत्यधिक नमी होती है। इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस का संक्रमण बढ़ जाता है, जिस कारण अपेन्डिसाइटिस के मामले भी अधिक होते हैं। इसलिए इस मौसम में ताजा खाना खाएं तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। 

     

     

खेल

  •  आईसीसी से हुई बड़ी गलती, मुरलीधरन की जगह किसी  और की तस्वीर लगाई
    आईसीसी से हुई बड़ी गलती, मुरलीधरन की जगह किसी और की तस्वीर लगाई

    नई दिल्ली, 22 जुलाई । क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े गेंदबाज ने 9 साल पहले आज ही (22 जुलाई) को) टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था। जी हां! बात हो रही है श्रीलंकाई दिग्गज ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन की। मुरलीधरन ऐसे भाग्यशाली खिलाड़ी रहे जो अपने करियर की आखिरी गेंद पर विकेट हासिल 800 विकेट पूरे करने का कारनामा किया। इस चमत्कारी आंकड़े को अब तक कोई नहीं छू पाया है।
    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने भी मुरलीधरन को याद किया है, हालांकि आईसीसी से एक गलती हो गई। उसने ट्वीट के साथ जो तस्वीर शेयर की, वह मुरलीधरन की नहीं- रंगना हेराथ की है। बाद में गलती का पता चलने पर आईसीसी ने उस पोस्ट को ही डिलीट कर दिया।
    जब 2010 में मुरलीधरन ने भारत के खिलाफ सीरीज के शुरुआती टेस्ट मैच (गॉल) से पहले संन्यास लेने की घोषणा की, तो उनके पास 792 विकेट थे। टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मुरलीधरन के खाते में सिर्फ एक विकेट (सचिन तेंदुलकर का) आया था।(आजतक)

     

कारोबार

  • रायपुर, श्री शिवम में तीन दिन का धमाका ऑफर
    रायपुर, श्री शिवम में तीन दिन का धमाका ऑफर

    श्री शिवम में तीन दिन का धमाका ऑफर 

    रायपुर, 20 जुलाई। श्री शिवम की तोड़-फोड़ सेल में लोगों को शॉपिंग के साथ मिलेगा सुनहरा मौका अपनी पसंद का ब्रांड और बेहतर क्वालिटी के कपड़े आधे दामों में खरीदने का, जो 19 से 21 जुलाई तक तीन दिन के धमाका ऑफर में स्टोर के अधिकतर ब्रांड में फ्लैट 50 प्रतिशत डिस्काउंट दिया जा रहा है। तोड़-फोड़ सेल में हर हफ्ते नए ऑफर और बड़े डिस्काउंट जुड़ते जा रहे हैं, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे है। 

    यह तीन दिन का धमाका ऑफर रायपुर, बिलासपुर, नागपुर, भोपाल, और जबलपुर स्थित श्री शिवम के सभी स्टोर में दिया जा रहा है। इस सेल में सभी फ्रेश स्टॉक पर ग्राहकों को छूट का लाभ मिलता है। किड्स वियर, वीमेन वियर और मेंस वियर में लगभग सभी ब्रांड इस स्टोर में है। साड़ी, सलवार सूट, इवेनिंग गाउन, शेरवानी, कुर्ता, डे्रस मटिरियल पर ऑफर में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 

     

     

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