नीति आयोग की महानिदेशक ने ली आकांक्षी विकासखण्ड-संपूर्णता अभियान की समीक्षा बैठक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 20 फरवरी। महानिदेशक नीति आयोग, नई दिल्ली एवं जिले की प्रभारी सचिव निधि छिब्बर कल आकांक्षी विकासखंड पिथौरा के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने आकांक्षी विकासखंड पिथौरा में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विभागीय समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने पिथौरा विकासखंड अंतर्गत संचालित आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रमों के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वच्छता तथा आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली।
श्रीमती छिब्बर ने कहा कि हमें केवल संकेतांकों के लक्ष्य को पूर्ण करने में ही ध्यान देने के बजाय उनसे आगे की सोच और एक निरंतर चलने वाली गतिविधि के रूप में अपनाना होगा। उनके गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और निरंतरता को बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। कहा कि कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए निरंतर समीक्षा होनी चाहिए। जिले में दूध उत्पादन और डेयरी उद्योग में बहुत संभावनाएं हैं। पशुपालन विभाग को इस पर कार्य करने के निर्देश दिए।
इसी तरह बैठक के दौरान श्रीमती छिब्बर ने कहा कि महिलाओं को आजीविका संबंधी गतिविधि के लिए पर्याप्त स्थान देने के लिए तथा बैंक लिंकेज से जोड़ें। इसके अलावा सतत विकास लक्ष्य के संकेतांकों को भी ध्यान रखते हुए कार्य किए जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार,नीति आयोग के अपर सचिव सतीश गोस्वामी, संबंधित विभाग के अधिकारी एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा योजनाओं की अद्यतन प्रगति, उपलब्धियों की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि जिले में सम्पूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक की स्थिति के अनुसार अधिकांश लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया गया है तथा निर्धारित लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिसमें जन्म के समय जीवित शिशुओं के वजन मापन का प्रतिशत 100 प्रतिशत दर्ज किया गया है। कुल 12.318 नवजात शिशुओं का वजन मापा गया है। फरवरी, मार्च एवं अप्रैल 2026 तक भी इस लक्ष्य को 100 बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह क्षय रोग के मामलों की अधिसूचना दर 81 प्रतिशत से बढक़र 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में 1 हजार 200 अनुमानित मामलों में से 973 मामलों की पहचान हो चुकी है।
आने वाले महीनों में शत-प्रतिशत अधिसूचना का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के आयोजन में भी निरंतर प्रगति हुई है। दिसंबर 2025 तक 96.09 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजन हुआए जिसे अप्रैल 2026 तक 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वर्तमान में 1.793 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 1.723 केंद्रों में यह गतिविधि संचालित हो चुकी है। वहीं जिले के सभी 1.956 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए क्रियाशील शौचालय उपलब्ध हैं। इस सूचकांक में जिले ने पहले ही 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
वहीं पशुपालन क्षेत्र में भी जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्तमान में 99.61 प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। कुल 1लाख,91हजार341 पशुओं में से 1लाख90हजार606 का टीकाकरण किया जा चुका है।
अप्रैल 2026 तक इसे 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही जिले के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम अंतर्गत पिथौरा विकासखंड में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक विभिन्न प्रमुख सूचकांकों पर शत प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। आकांक्षी विकासखण्ड पिथौरा में 31 दिसंबर 2025 तक आईसीडीएस योजना के तहत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित अनुपूरक पोषण देने में 86.77 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।
वर्तमान में 13हजार 107 बच्चों को 21 दिनों से अधिक समय तक पोषण आहार दिया गया। कुल पात्र बच्चों की संख्या 16 हजार 800 है। मार्च 2026 तक इसे 95 प्रतिशत और अप्रैल 2026 तक 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की माप-तौल, वजन व ऊंचाई की दक्षता 99.86 प्रतिशत रहा है। कुल 13.810 पंजीकृत बच्चों में से लगभग सभी का नियमित मापन किया गया है।
आगामी महीनों में इसे पूर्ण 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह ब्लॉक के 358 संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में से 356 में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है, जो कि 98.44 प्रतिशत है। वहीं 349 केंद्रों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिसे शीघ्र ही सभी केंद्रों तक विस्तारित किया जा रहा है। क्षेत्र के 493 स्कूलों में बालिकाओं के लिए पर्याप्त शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। प्रत्येक 40 छात्राओं पर एक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं पशुधन स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पिथौरा ब्लॉक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एफएमडी खुरपका मुंहपका टीकाकरण अभियान के तहत लक्षित 41,250 गोवंश पशुओं में से 41,324 पशुओं का टीकाकरण कर 100 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य प्राप्त किया गया है।
जिले की प्रभारी सचिव निधि छिब्बर ने विभागीय समीक्षा बैठक के पश्चात आंगनवाड़ी केंद्र एवं विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लहरौद आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के पोषण स्तर, नियमित उपस्थिति, टीकाकरण की स्थिति, साफ.सफाई, पेयजल व्यवस्था एवं रजिस्टर संधारण की समीक्षा की। साथ ही गर्भवती एवं धात्री माताओं को प्रदाय की जा रही पोषण सेवाओं की गुणवत्ता की जांच की।
नवीन प्राथमिक विद्यालय लहरौद का निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया। शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली तथा शिक्षण कार्य की गुणवत्ता का अवलोकन किया। उन्होंने मध्यान्ह भोजन योजना, छात्र उपस्थिति, पाठ्य सामग्री की उपलब्धता, स्वच्छता एवं आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। इसके अलावा गोड़बहाल में महिला समूहों द्वारा संचालित दुग्ध व्यवसाय एवं उनके द्वारा की जा रही गतिविधियों का अवलोकन किया तथा महिला समूहों से चर्चा कर आजीविका को बढ़ाने और मार्केटिंग की समुचित व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का पोषण एवं शिक्षा जिले की प्राथमिकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, एसडीएम बजरंग वर्मा, जनपद सीईओ,विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।