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ग्रीन पैकेजिंग-एमएसएमई के लिए अवसर और प्रथाओं पर सिपेट की महासमुंद में हुई कार्यशाला
03-Mar-2026 1:40 PM
ग्रीन पैकेजिंग-एमएसएमई के लिए अवसर और प्रथाओं पर सिपेट की महासमुंद में हुई कार्यशाला

रायपुर, 3 मार्च। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) रायपुर ने बताया कि डीटीआईसी महासमुंद के सहयोग से एमएसएमई, भारत सरकार की आरएएमपी योजना के तहत ग्रीन पैकेजिंग: एमएसएमई के लिए अवसर और प्रथाएं पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) द्वारा प्रायोजित किया गया था।

सिपेट ने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन मोहन लाल साहू, महाप्रबंधक, डीटीआईसी, महासमुंद और जितेंद्र चंद्राकर, प्रदेश मंत्री, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने किया। सस्मिता मिश्रा, सीपेट, रायपुर ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

सिपेट ने बताया कि विशेषज्ञ वक्ता रेहान अली प्रधान, संस्थापक और सीईओ, मेटोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, बैंगलोर ने ग्रीन पैकेजिंग के लिए एग्रो बायोप्रोडक्ट्स का उपयोग करके बायोपॉलिमर कंपाउंड्स पर प्रस्तुति दी, अमित खरे, सहायक महाप्रबंधक, सिडबी, रायपुर ने एमएसएमई के लिए सिडबी की योजनाएं पर व्याख्यान दिया और सस्मिता मिश्रा ने बायोडिग्रेडेबल सामग्रियों और उनके परीक्षण पर व्याख्यान दिया।

सिपेट ने बताया कि कार्यशाला का समापन एक पारस्परिक संवाद सत्र के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ समस्याओं और समाधानों पर चर्चा की। इस कार्यक्रम का समन्वयन रवि कुमार, विभोर कुलभाजे और तोषण लाल साहू ने सफलतापूर्वक किया।


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