-आसिफ़ अली
उत्तराखंड के पौड़ी ज़िले के कोटद्वार में पटेल मार्ग स्थित एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद बीते कुछ दिनों में लगातार गहराता चला गया है.
जो मामला शुरुआत में कथित बदसलूकी और विरोध तक सीमित था, वह अब पुलिस कार्रवाई, एफ़आईआर और प्रशासन की सख़्ती तक पहुँच गया है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पौड़ी पुलिस पूरे मामले पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है. इस प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी, जिसके आधार पर अलग-अलग मुक़दमे दर्ज किए गए हैं.
इनमें ‘मोहम्मद दीपक’ उर्फ़ दीपक के ख़िलाफ़ भी एफ़आईआर दर्ज की गई है.
पौड़ी ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि यह मामला 26 जनवरी की घटना से जुड़ा है.
उन्होंने कहा, “26 जनवरी की घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से पुलिस के पास शिकायतें आई थीं. इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में एफ़आईआर दर्ज की है.”
एसएसपी के अनुसार, कमल पाल की शिकायत पर दीपक कुमार उर्फ़ अक्की, विजय रावत और अन्य के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 191(1), 351(2) और 352 के तहत मुक़दमा पंजीकृत किया गया है.
एसएसपी सर्वेश पंवार ने यह भी बताया कि 31 जनवरी को हुई घटना को लेकर एक और एफआईआर दर्ज की गई है.
उनके मुताबिक़, “31 जनवरी को भीड़ द्वारा माहौल बिगाड़ने की घटना सामने आई थी. इस मामले में 30 से 40 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है. इस मुक़दमे में पुलिस ख़ुद वादी है.”
पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है. घटनाओं से जुड़े वीडियो फुटेज इकट्ठा किए जा चुके हैं और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की प्रक्रिया जारी है.
एसएसपी ने कहा कि जिन-जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी और क़ानून के मुताबिक़ कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल, कोटद्वार में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस और प्रशासन इलाके पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं. (bbc.com/hindi)