छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में 1700 डॉक्टरों की कमी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 11अप्रैल। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी हॉस्पिटल्स में लगभग 1700 डॉक्टरों की कमी है, जो कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
दीन दयाल मेमोरियल हेल्थ साइंसेज एवं आयुष विश्वविद्यालय, में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट 2026 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में श्री अग्रवाल ने इस गंभीर विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश भर के हर जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलना चाहते हैं। हर पार्लियामेंट्री कांस्टीट्यूएंसी में मेडिकल कॉलेज खोलना चाहते हैं। हमारे एम्स देश भर में खुल रहे हैं। परंतु उनमें पढ़ाने वाले डॉक्टरों की कमी है। छत्तीसगढ़ के सरकारी हॉस्पिटल्स में 1700 डॉक्टरों की कमी है। हमें इस बात पर गहन चिंतन करना होगा कि आखिर उनको पढ़ाने का, उनको रखने का पूरा पैसा सरकार खर्च करती है, परंतु उसके बाद भी सरकारी सेवाओं में डॉक्टर मिलते क्यों नहीं हैं?
उन्होंने आगे कहा कि मेडिकल कॉलेज तो हमारे मुख्यमंत्री खोल देंगे, प्रधानमंत्री पैसा दे देंगे। पर उन मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर कहां से आएंगे? ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा, यह बहुत बड़ी चिंता का विषय है कि, ग्रामीण क्षेत्र में डॉक्टर नहीं है। हम बड़ी- बड़ी बात करते हैं, लेकिन ग्रामीणों को डॉक्टर नहीं मिलते। जब ग्रामीणों को डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं तो मेडिकल कॉलेज का औचित्य नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि डॉक्टरों को सरकारी सेवा में बनाए रखने के लिए एक नया वेतन ढांचा (सैलरी स्लैब) तैयार किया जाना चाहिए, जिससे वे सरकारी संस्थानों में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित हों।
नए मेडिकल कॉलेज से बदलेगा स्वास्थ्य परिदृश्य-साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सुकमा में 13 से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक इंद्र कुमार साहू, पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।