‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़, 9 फरवरी। जिला भाजपा कार्यालय में बजट 2026 को लेकर प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान पूर्व विधायक एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रेस वार्ता में जिला भाजपा अध्यक्ष ज्योति पटेल, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष सुभाष जालान, पूर्व विधायक डॉ. जवाहर नायक, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, जगन्नाथ केसरवानी, भुवन मिश्रा, हरिनाथ खूंटे सहित भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे।
नारायण चंदेल ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को संसद में प्रस्तुत बजट लगभग 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है। उनके अनुसार यह बजट देश को आत्मनिर्भर बनाने, विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने और विजन 2047 को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट समावेशी और संतुलित विकास पर आधारित है तथा इसमें कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस बजट का मुख्य आधार गांव, गरीब और किसान हैं। बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, कनेक्टिविटी सुधार, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे नेटवर्क, हवाई और जलमार्ग के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है।
साथ ही देश की सीमाओं की सुरक्षा और सेना के मनोबल को मजबूत करने के प्रावधान भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से ए.आई. और नई तकनीकों के उपयोग से समाज के हर वर्ग के विकास की बात की गई है।
नारायण चंदेल ने कहा कि इस बजट में छत्तीसगढ़ को भी महत्व दिया गया है और कई ऐसे फैसले लिए गए हैं जिनसे राज्य में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि बजट में धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और विकास के लिए प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादकता सुधारने, पशुपालन को बढ़ावा देने, पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने, मछली पालन के लिए 500 बड़े तालाब बनाने, छोटे किसानों को ऋण सुविधा देने जैसी घोषणाएं की गई हैं। महिलाओं के लिए सी-मार्ट बनाने, लड़कियों के लिए हर जिले में एक हॉस्टल बनाने, दिव्यांग समूहों के लिए प्रशिक्षण योजना और जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने का भी उल्लेख किया गया है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग बनाए जाएंगे, 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, शिक्षा और रोजगार के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी, 20 पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड तैयार किए जाएंगे तथा 15 पुरातात्विक स्थलों का विकास किया जाएगा। धार्मिक नगरों के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावों में ब्याज की छूट, सोलर उपकरणों और खेल सामग्री के दामों में कमी, गंभीर रोगों की दवाइयों को सस्ता करने, शुगर और कैंसर की 17 दवाओं के दाम घटाने, डेटा सेंटर को प्रोत्साहन देने, छोटे टैक्स मामलों में सजा के बजाय जुर्माने का प्रावधान, निजी उपयोग की वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने जैसे निर्णय भी बजट में शामिल हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के लिए खनिज कॉरिडोर बनाने की योजना है। शिक्षा और चिकित्सा पर टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है तथा देश में तीन बड़े आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित करने की घोषणा की गई है।