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रायगढ़/तमनार, 3 मार्च। अदाणी फाउंडेशन ने बताया कि संचालित साइंस ऑन व्हील्स परियोजना के माध्यम से तमनार क्लस्टर के 14 गाँवों के लगभग 980 छात्रों को व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रयोगात्मक शिक्षा की सीमित उपलब्धता को देखते हुए यह पहल बच्चों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद कर रही है। मोबाइल विज्ञान लैब के माध्यम से छात्र अपने ही स्कूल परिसर में विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल, उपकरण और प्रयोगों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
अदाणी फाउंडेशन ने बताया कि विद्यार्थियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं की प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में युवा छात्रों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने और सीखने के अवसरों को बढ़ाने का कार्य लगातार कर रही है। इस पहल ने बच्चों में सहभागिता को बढ़ाया है। ग्रीष्म और शीतकालीन शिविरों के दौरान पहले झिझकने वाले छात्र अब प्रयोगों में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
अदाणी फाउंडेशन ने बताया कि कई विद्यार्थियों ने पहली बार वैज्ञानिक उपकरणों का उपयोग किया, जिससे उनकी सीखने की रुचि में वृद्धि हुई है। बच्चों की वैज्ञानिक सोच भी मजबूत हो रही है—हाँ जैसे सरल उत्तरों से आगे बढक़र वे अब क्यों? जैसे प्रश्न पूछ रहे हैं, जो उनके तर्कपूर्ण दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसके साथ ही विज्ञान मेलों में मॉडल प्रस्तुत करते समय विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
अदाणी फाउंडेशन ने बताया कि उनकी मंच क्षमता, संप्रेषण कौशल और विषयगत समझ अधिक स्पष्ट दिखाई देने लगी है। अदाणी फाउंडेशन का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों को विज्ञान शिक्षा के माध्यम से सशक्त करना और उन्हें भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। संस्था की यह पहल ग्रामीण समुदायों में नए सीखने के अवसर उपलब्ध करा रही है और बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ा रही है। छत्तीसगढ़ में अदाणी फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रहा है।



