केंद्र-राज्य ने नहीं सुनी, अब प्रभारी मंत्री से लगाई उम्मीद बोले - बस्तर के प्रवेश द्वार को जाम से बचाना जरूरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल, 16 मई। सुशासन तिहार के मंच से केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के केशकाल शहर स्थित सडक़ चौड़ीकरण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाते हुए कहा कि बस्तर का प्रवेश द्वार कहलाने वाला केशकाल आज भारी ट्रैफिक और जाम की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन वर्षों से मांग करने के बावजूद अब तक सडक़ चौड़ीकरण के लिए राशि स्वीकृत नहीं हो पाई है।
8 करोड़ से सडक़ बनी, लेकिन जाम की समस्या जस की तस
विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े तीन किलोमीटर सडक़ मजबूतीकरण का कार्य कराया गया है लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण यहां वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। शहर मुख्य मार्ग पर बसा होने से घाट में जाम लगते ही पूरा केशकाल प्रभावित हो जाता है। वही कोई भी स्थानीय कार्यक्रम हो तब भी सडक़ो पर जाम की स्थिति निर्मित होती है । ऐसे में सडक़ चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण बेहद जरूरी हो गया है।
15 करोड़ की मांग पर नहीं मिली मंजूरी
विधायक ने मंच से खुलकर कहा कि सडक़ चौड़ीकरण के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सीएसआर मद और डीएमएफ मद तक में मांग रखी गई, लेकिन अब तक किसी स्तर पर मंजूरी नहीं मिली।
आखिरकार अब उन्होंने कोंडागांव जिला प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन से विशेष अनुशंसा करने की अपील की ताकि केशकाल की जनता को जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से राहत मिल सके।
बस्तर का प्रवेश द्वार बदहाल
बस्तर का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले केशकाल में रोजाना जाम, भारी वाहनों की कतार और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोग लंबे समय से चौड़ी सडक़ और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
रोजगार का मुद्दा भी उठाया
सिर्फ सडक़ ही नहीं, विधायक ने केशकाल में उद्योग स्थापित करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में उद्योग लगाए जाते हैं तो स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन कम होगा। इस पर प्रभारी मंत्री ने दोनों मांगों को गंभीर बताते हुए जल्द पहल करने का भरोसा दिलाया।