कोंडागांव, 12 मार्च। शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोण्डागांव में प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी), अकादमिक उद्योग एकीकरण प्रकोष्ठ की कैरियर गाइडेंस काउंसिलिंग समिति तथा शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर के इनोवेशन, स्टार्टअप एंड इनक्यूबेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में इनोवेशन एवं स्टार्टअप विषयक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम के प्रेरक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की सोच विकसित करना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, कौशल और रचनात्मक विचारों के माध्यम से नए अवसरों की खोज करनी चाहिए तथा स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढक़र आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम के प्रथम वक्ता डॉ. कुश कुमार नायक (शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर) ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को नवाचार की अवधारणा और स्टार्टअप संस्कृति के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नवाचार केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, वन उत्पाद, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय प्रौद्योगिकी तथा ग्रामीण विकास जैसे अनेक क्षेत्रों में भी नए विचारों के माध्यम से उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी स्टार्टअप की शुरुआत एक समस्या की पहचान और उसके समाधान के विचार से होती है, जिसके लिए बाजार अध्ययन, प्रतिस्पर्धा, निवेश और मार्गदर्शन जैसे पहलुओं को समझना आवश्यक है।
द्वितीय वक्ता डॉ. कृष्ण कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को उद्यमिता के व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आज के समय में युवाओं के पास अनेक ऐसे क्षेत्र उपलब्ध हैं जिनमें वे अपने नवाचार और कौशल के आधार पर उद्यम स्थापित कर सकते हैं, जैसे – आधुनिक कृषि तकनीक, लघु वनोपज आधारित उद्योग, औषधीय पौधे, बस्तर की पारंपरिक कला एवं शिल्प, पर्यावरण पर्यटन, हरित ऊर्जा, ड्रोन प्रौद्योगिकी, वित्तीय प्रौद्योगिकी तथा ग्रामीण प्रौद्योगिकी आदि। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि युवा अपने क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नवाचार करते हैं तो वे न केवल स्वयं के लिए बल्कि समाज के लिए भी नए रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकते हैं।
कार्यक्रम में इनोवेशन महाकुंभ 1.0 के महाविद्यालयीन नोडल अधिकारी लोचन सिंह वर्मा ने आगामी अप्रैल माह में शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले इनोवेशन महाकुंभ 1.0 के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को अपने विचारों और प्रोटोटाइप प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि श्रेष्ठ विचारों एवं स्टार्टअप्स को नकद पुरस्कार, प्रमाणपत्र, मेंटरशिप तथा इनक्यूबेशन और फंडिंग के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों को जानकारी दी कि इस महाकुंभ में छात्र-छात्राएं अपने अभिनव विचार प्रस्तुत कर सकते हैं तथा विशेषज्ञों के समक्ष आइडिया पिचिंग कर सकते हैं। चयनित प्रतिभागियों को मेंटरशिप, बाजार से जुड़ाव, निवेश के अवसर और निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इसके साथ ही कार्यक्रम में छात्र परियोजनाओं, स्टार्टअप प्रोटोटाइप, स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद तथा बस्तर की पारंपरिक नवाचार गतिविधियों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम का संचालन प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. आकाश वासनीकर द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई सोच और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करते हैं तथा उन्हें अपने विचारों को वास्तविक रूप देने का अवसर प्रदान करते हैं।
अंत में नसीर अहमद द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। उन्होंने सभी वक्ताओं, अतिथियों एवं उपस्थित विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए छात्रों को नवाचार, आइडिया विकास और स्टार्टअप के क्षेत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. देवाशीष हालदार, शोभाराम यादव, शशिभूषण कन्नौजे, रूपा सोरी, नसीर अहमद, विनय कुमार देवांगन, नेहा बंजारे, अर्जुन सिंह नेताम, समलेश पोटाई, अतिथि व्याख्याता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसमें नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए उन्हें महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।