'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 7 जनवरी । छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने मुख्य सचिव विकास शील को आज एक पत्र लिखकर आधार बेस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस के औचित्य पर सवाल खड़े किए हैं। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने एक दर्जन बिंदुओं में इस सिस्टम की खामियां गिनाया है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आधारबेस अटेंडेंस अव्यवहारिक होने के कारण कियान्वयन के संबंध में पुनर्विचार किया जाए।
वर्मा की आपत्तियां यहां पढ़ें
प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति पंजीयन आधार बेस पर किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। उक्त आदेश अव्यवहारिक होने के कारण प्रदेश के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को क्रियान्वयन करने में काफी असुविधा हो रही हैं।
कर्मचारियों के माध्यम से प्राप्त जानकारी अनुसार
राज्य में प्रत्येक जगहों पर मोबाईल नेटवर्क / कनेक्टीविटी उपलब्ध नहीं रहती है। अतः मोबाईल पर उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं होगा।
मैदानी कर्मचारियों को सप्ताह में तीन दिन अपने क्षेत्रों का दौरा करना होता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न बैठकों / प्रशिक्षण समय-समय पर दिये गये मौखिक आदेशों/आपातकालीन स्थितियों में तत्काल उपस्थित होना होता है। इन परिस्थितियों में आधारबेस उपस्थिति दर्ज कराना असंभव है।
सामु स्वा. केन्द्रों में ओपीडी का समय दो पाली में होता है, अतः एक दिन में दो बार उपस्थिति एवं दो बार रवानगी दिखाना होगा, जो आनलाईन संभव नही होगा। यह भी अवगत कराना चाहता है कि दुर्गम कठिन एवं कठिनतम क्षेत्रो में आवागमन सुगम नहीं है, जिसके कारण उपस्थिति दर्ज कराने हेतु मानसिक दबाव बना रहेगा, जिससे दुर्घटना होने की संभावना बनी रहेगी।
अस्पतालों में ओपीडी अवधि का समय अलग-अलग होने कारण आधारबेस उपस्थिति दर्ज कराना असंभव है।
ऑनलाइन अटेंडेंस उपस्थिति आधारबेस है, जिससे साईबर काईम होने की आशंका होगी। चूंकि सभी कर्मचारी/अधिकारियों का आधारकार्ड बैंक से लिंक है। अतः आर्थिक नुकसान होने की स्थिति में नुकसान की भरपाई कार्यालय प्रमुख को वहन करने की जवाबदेही लेनी होगी।
सभी कर्मचारियों का मोबाईल इस स्तर का नहीं है, जो इस एप का सूचारू रूप से संचालन कर सकें। 7. कई शासकीय सेवकों के पास गुणवत्ता वाला मोबाईल नहीं होने के कारण ऑनलाइन आधारबेस सिस्टम संचालित किया जाना संभव नहीं है।
शासन द्वारा जारी आदेश में कार्यालयीन अवधि के उपरांत शासकीय सेवकों द्वारा किए गए अतिरिक्त समय का समायोजन का उल्लेख नहीं है। अतः प्रतिमाह के कुल समयावधि की गणना में इसे शामिल किया जाए।
ऑनलाइन आधारबेस अटेडेंसशीट का प्रयोग सूचना के अधिकार अंतर्गत प्राप्त कर दुरूपयोग किये जाने की संभावना बनी रहेगी।
विभिन्न विभागों द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से ऑनलाइन के माध्यम से कार्य संपादन किया जा रहा है। शासन के निर्देश अनुसार शासकीय सेवकों द्वारा कार्यालयीन अवधि के पश्चात एवं अवकाश के दिनों में भी शासकीय कार्यों का संपादन कराया जा रहा है. ऐसी स्थिति में आधारबेस अटेंडेंस अप्रासंगिक है।
कार्यालयीन अवधि पश्चात् भी शासकीय कार्यों का संपादन करना होता है, ऐसी स्थिति में प्रोत्साहन भत्ता की व्यवस्था की जानी चाहिए।
नवा रायपुर स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालयों एवं अन्य कार्यालयों में कार्यरत अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी पुराना रायपुर से आवागमन करते है तथा आवश्यकता अनुसार कार्यालयीन समय के पश्चात भी कार्य करते हैं। पुराने रायपुर से आवागमन करने में वाहन की उपलब्धता/वाहन की खराबी जैसे कारणों से समयबद्धता निर्धारित करना अव्यवहारिक हैं।