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बंदूक छोड़ थामा विश्वास: 7 महिला सहित 26 नक्सलियों का समर्पण
07-Jan-2026 2:11 PM
बंदूक छोड़ थामा विश्वास:  7 महिला सहित 26 नक्सलियों का समर्पण

64 लाख के ईनामी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सुकमा, 7 जनवरी।
छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति तथा सुकमा पुलिस द्वारा संचालित *‘पूना मार्गेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान से प्रभावित होकर 7 महिला सहित कुल 26 नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में जुडऩे के उद्देश्य से आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण रक्षित आरक्षी केंद्र सुकमा में पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने किया गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पित माओवादी पीएलजीए बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन एवं आंध्र-ओडिशा सीमा (एओबी) क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। इनमें सीवायपीसीएम-01, डीवीसीएंम-01, पीपीसीएम -03, एसीएम 03 तथा पार्टी सदस्य स्तर के 18 कैडर शामिल हैं।
 

पुलिस के अनुसार, ये माओवादी सुकमा, माड़ क्षेत्र एवं सीमावर्ती ओडिशा में घटित कई घटनाओं से जुड़े रहे हैं। इन पर कुल 64 लाख रुपये का ईनाम घोषित बताया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अंदरूनी क्षेत्रों में नवीन सुरक्षा कैंपों की स्थापना एवं नक्सल विरोधी अभियानों के चलते माओवादी संगठन पर दबाव बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप यह आत्मसमर्पण हुआ है।
आत्मसमर्पण की इस प्रक्रिया में डीआरजी सुकमा, इंटेरोगेशन शाखा, विआशा सुकमा, आरएफटी सुकमा तथा सीआरपीएफ की 02, 159, 212, 217, 226 बटालियन एवं कोबरा 201 वाहिनी की आसूचना शाखा की भूमिका रही।

पुलिस ने बताया कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों  को शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीडि़त राहत पुनर्वास नीति-2025’ के तहत प्रत्येक को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, घोषित ईनाम राशि तथा अन्य निर्धारित सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

पुलिस के अनुसार, जिले में नक्सल विरोधी अभियान और पुनर्वास कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।
 


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