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अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला था, तीन महीने बाद सुनवाई में शामिल हुईं लक्ष्मी
07-Jan-2026 5:04 PM
अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला था, तीन महीने बाद सुनवाई में शामिल हुईं लक्ष्मी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 7 जनवरी । 
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के प्रदेश कार्यालय में आज सुनवाई हुई। करीब 4 महीने के बाद इस सुनवाई में अध्यक्ष किरणमयि नायक के साथ एक अन्य सदस्य लक्ष्मी वर्मा शामिल हुई। 

यहां बता दें कि श्रीमती वर्मा समेत दो सदस्य ओजस्वी मंडावी,सरला कोसरिया ने 7 अक्टूबर को एक पत्र लिखकर अध्यक्ष श्रीमती नायक की कार्यप्रणाली की शिकायत विभागीय मंत्री, सचिव और मुख्य सचिव से की थी। उसके बाद से तीनों ही सदस्य सुनवाई में नहीं जा रही थीं। लंबे अरसे बाद आज केवल श्रीमती वर्मा ही शामिल हुई।प्रदेश स्तर पर आज 356 वी एवं रायपुर जिले में 172 वी जनसुनवाई थी।।

NPA अकाउंट में बैंक से सुलहनामा का प्रयास

आज  एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया की आवेदिका के पति की मृत्यु के पहले पति ने लगभग 2015-2016 में बैंक से व्यवसाय के लिए लोन लिया था। लेकिन 2022 में आवेदिका के पति की मृत्यु हो जाने और आवेदिका के पास रोजगार का साधन नहीं होने से लोन पटाया नही जा सका। आवेदिका के 2 बच्चे, सास व लकवा ग्रस्त ससुर है। आवेदिका ही सभी का पालन-पोषण वर्तमान में स्कूल में आया का काम करके करती है। लोन के एवज में आवेदिका का मकान  बैंक के पास गिरवी रखा है जो एकाउंट एनपीए हो गया है। लोन का मूलधन 11 लाख ब्याज सहित 16 लाख रू. होता है। बैंक ने आयोग के समक्ष व्यक्त किया कि आवेदिका की परिस्थिति को देखते हुए ब्याज माफ कर मूलधन 11 लाख रू. आवेदिका को देना होगा। आवेदिका ने अपने परिवार से सहयोग लेकर साढे 6 से 7 लाख रू. ही दे पाने का प्रस्ताव रखा है। आयोग के द्वारा उभय पक्षों को सुना गया और अनावेदक बैंक की ओर से उपस्थित ब्रांच मैनेजर को समझाईश दिया कि आवेदिका की पारिवारिक आर्थिक परिस्थिति को देखते हुए मूलधन राशि में छूट दिलाने प्रयास करें इस पर बैंक ने एक समय की मांग की। आवेदिका को भी समझाईश दिया गया कि वह मूलधन लौटाने के लिए अपने पारिवारिक स्तर पर तैयारी करें इस हेतु उभय पक्ष को 02 माह का समय दिया गया।


सोच-समझकर करें दूसरा विवाह

अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि आवेदिका व अनावेदक का दूसरा विवाह है जो मई 2025 में हुआ था। विवाह के 3 माह बाद से ही दोनो अलग रह रहे है। दोनो के मध्य सुलह के काफी प्रयास किया गया आवेदिका साथ रहने  तैयार है लेकिन अनावेदक ने एकमुश्त भरण-पोषण देकर आपसी राजीनामा से तलाक का प्रस्ताव रखा है जिसपर आवेदिका अभी सहमत नहीं है। वह चाहती है उसके सास-ससुर भी सुनवाई में उपस्थित हो उसके बाद ही चर्चा किया जाये। अनावेदक को आयोग की ओर से समझाईश दिया गया कि वह अपने माता-पिता को लेकर आयोग मे उपस्थित हो ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके।


नौकरी लगाने महिला ने ठगे 31 लाख, होगी एफआईआर 

एक प्रकरण में अनावेदिका ने आवेदिका क्र.1 से 6 लाख, आवेदिका क्र.2 से 5 लाख, आवेदिका क्र.3 से 10 लाख व आवेदिका क्र.4 से 10 लाख रू. आवेदिकाओं के परिवारजनों को नौकरी लगाने के नाम पर लिया था और कहा था कि जिंदल कंपनी में नौकरी लगवा देंगे। आवेदिकाओं ने भरोसा करके अनावेदिका को पैसे दिये लेकिन  नौकरी नहीं लगवाई और आवेदिकाओं के पैसे भी वापस नहीं किये। अनावेदिका के खिलाफ नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी व षड्यंत्र किये जाने पर कड़ी कार्यवाही कर आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया व अनावेदकगणों के थाना-सारागांव, जिला- जांजगीर-चांपा को कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया।


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