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बृजमोहन और सरकार आमने-सामने, स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा-कोई विवाद नहीं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 जनवरी। राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के आयोजन में दो दिन बाकी है, लेकिन इससे जुड़ा थमा नहीं है। स्काउट्स एंड गाइड्स के चेयरमेन बृजमोहन अग्रवाल के हवाले से जंबूरी स्थगित होने की सूचना के बाद असमंजस की स्थिति बन गई थी। इस पूरे मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किसी तरह के विवाद से इंकार किया है और कहा कि जंबूरी समय पर होने जा रहा है। छह हजार से अधिक बच्चे पहुंच चुके हैं।
‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में श्री यादव ने कहा कि सारी तैयारियां भी हो चुकी है। कार्यक्रम को लेकर किसी तरह का कोई विवाद नहीं है।
बुधवार को सरकार के दोनों मंत्री डिप्टी सीएम अरूण साव और श्याम बिहारी जायसवाल मीडिया से रूबरू हुए, और उन्होंने भी जोर देकर कहा कि कार्यक्रम को लेकर कोई तकरार नहीं है। किसी तरह का कोई विषय होगा, तो चर्चा कर हल निकाला जाएगा।
डिप्टी सीएम अरूण साव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में डूबी हुई है, इसलिए उसे हर किसी में भ्रष्टाचार दिखता है। उन्होंने कहा कि किसी तरह का कोई विषय होगा, तो चर्चा कर हल कर लिया जाएगा। जम्बूरी के मसले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने साफ शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ को मेजबानी का मौका मिला है। कार्यक्रम को लेकर कोई विवाद नहीं है। कार्यक्रम नहीं हुआ है तो भ्रष्टाचार का सवाल ही नहीं है। किसी तरह की शिकायत पर जांच कराई जाएगी।
बालोद (छत्तीसगढ़) के दुधली में 9 से 13 जनवरी तक जंबूरी का आयोजन होना है। मंगलवार को सांसद बृजमोहन अग्रवाल के हवाले से जंबूरी के स्थगित होने की सूचना दी गई थी। उन्होंने इस पूरे आयोजन में अनियमितता का जिक्र किया था।
इसके तुरंत बाद में सरकार ने प्रेस नोट जारी किया था, और इसमें कहा गया कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है कि इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी राज्य को पहली बार प्राप्त हुई है। इस जंबूरी में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 12 हजार से 15 हजार रोवर-रेंजरों के आगमन की संभावना है। आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स रोवर-रेंजरों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। सीएम विष्णुदेव साय ने भी इस आयोजन को महत्वपूर्ण बताया है।
दूसरी तरफ, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मौजूदगी में मंगलवार को बैठक में जंबूरी के आयोजन को स्थगित करने का फैसला लिया गया। यह कहा गया कि राज्य कार्यकारिणी एवं राज्य परिषद द्वारा राजधानी क्षेत्र नया रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी रोवर-रेंजर जम्बूरी आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद राज्य परिषद एवं कार्यकारिणी की अनुमति और सहमति के बिना राज्य स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जम्बूरी का आयोजन स्थल बदलकर छोटे कस्बे बालोद में निर्धारित कर दिया गया, जो कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के संविधान, नियमों एवं प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन है।
बैठक में यह भी बताया गया कि सरकार के बजट में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत 10 करोड़ रुपये की राशि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के खाते में स्थानांतरित न कर जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। यह कदम न केवल संस्था की स्वायत्तता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि इसे स्पष्ट वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना गया।
इसके अतिरिक्त, बिना विधिवत टेंडर खुले, जम्बूरी स्थल पर निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने, तथा टेंडर आमंत्रण भी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किए जाने के आरोपों ने पूरे आयोजन को संदेह के घेरे में ला दिया है। इन तथ्यों के चलते आयोजन से जुड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी समाचार पत्रों के माध्यम से सामने आ रहे हैं।
बैठक में यह दोहराया गया कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स एक स्वतंत्र, राष्ट्रीय स्तर की स्वायत्त संस्था है, जो अपने संविधान, नियमावली और रूल्स बुक के अनुरूप संचालित होती है, न कि किसी विभागीय आदेश के आधार पर।
रायपुर सांसद के ऑफिस से जारी एक प्रेस नोट में सूचना दी गई थी कि इन सभी तथ्यों, विवादों और आरोपों पर गहन विचार-विमर्श के पश्चात यह निर्णय लिया गया कि बालोद में प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इसके बावजूद जम्बूरी का आयोजन किया जाता है, तो उसकी समस्त प्रशासनिक, वित्तीय एवं नैतिक जिम्मेदारी राज्य स्कूल शिक्षा विभाग की होगी। सरकार के रूख के बाद रायपुर सांसद की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बहरहाल, बृजमोहन के रूख से पार्टी और सरकार में खलबली मची हुई है।


