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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मुंगेली, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ में संगठित जुआ कारोबार चलाने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। फैसले के बाद पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पूरी छूट मिल गई है और जिलेभर में दबिश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक 7 अक्टूबर 2025 को फास्टरपुर थाना की टीम ने ग्राम विचारपुर में गुप्त सूचना पर छापा मारकर रवि कुमार आंचल को रंगे हाथ जुआ खेलते पकड़ा था। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से सामने आया कि वह वर्ष 2021 से मुख्य सरगना योगेंद्र शर्मा के निर्देश पर संगठित तरीके से जुआ संचालन कर रहा था।
जांच में पता चला कि जुए से होने वाली कमाई का पूरा लेखा-जोखा मोबाइल फोन के जरिए साझा किया जाता था। पैसों का लेन-देन यूपीआई और नकद दोनों माध्यमों से किया जा रहा था। यह नेटवर्क सुनियोजित ढंग से डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर संचालित किया जा रहा था।
पुलिस को आरोपी और सह-आरोपियों के एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक खातों के बीच 7 लाख 5 हजार 945 रुपये से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह राशि जुए से अर्जित अवैध धन है, जिसकी जांच जारी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार योगेंद्र शर्मा एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले भी जुआ अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। कुछ में वह दोषी ठहराया जा चुका है। इसी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
आरोपी लंबे समय से फरार है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक मुंगेली ने उस पर 1,000 रुपये नकद इनाम घोषित किया है। जिले के प्रमुख स्थानों पर आरोपी के पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं, ताकि आमजन से सूचना मिल सके।


