तेलीबांधा में हुई घटना, हवाला लेनदेन की आशंका
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 अप्रैल। राजधानी में फिल्मी अंदाज में मुंबई के युवक से फ्रांड हो गया। बताया जा रहा है कि हवाला पेमेंट लेने आए युवक से 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मुंबई के बहिंदर ईस्ट निवासी करण शर्मा 20 जो प्लाईवुड कारोबारी के यहां काम करता है, को उसके सेठ ने रायपुर भेजा था। 11 अप्रैल को सेठ के निर्देश पर उसने एक अज्ञात मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, जहां से उसे व्हाट्सएप के जरिए लोकेशन भेजकर कोरम कॉम्प्लेक्स, तेलीबांधा बुलाया गया।
यहां आरोपी ने पहचान के लिए 20 रुपए के नोट का सीरियल नंबर मिलान कराया और युवक को 35 लाख रुपए नकद सौंप दिए। इसके बाद युवक ने रकम लेकर अपने सेठ को जानकारी दी, जिस पर उसे दूसरी पार्टी को रकम देने के निर्देश मिले।
आरोपी ने फिर व्हाट्सएप पर 2 रुपए के नोट का सीरियल नंबर भेजा और युवक को वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर और करेंसी टॉवर के पास बुलाया। वहां एक अन्य व्यक्ति ने वही सीरियल नंबर दिखाकर युवक से 35 लाख रुपए ले लिए और फरार हो गया।
बाद में जब युवक ने नोट की फोटो अपने सेठ को भेजी, तो सीरियल नंबर में अंतर था। ठगी का अहसास होने पर युवक ने तेलीबांधा थाना जाकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबर के आधार पर उनकी पहचान और लोकेशन ट्रेस कर कर तालाश कर रही है। साथ ही पुलिस मामले में अन्य पहलूओं को भी देखे रही है।
दूसरे का सामान अनलोड कर अपने खाते में पेमेंट करा लिए , एमआरएफ कर्मी पर एफआईआर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 अप्रैल। राजधानी में एक टॉयर कारोबारी से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने अम्बर सर्विंसेज के संचालक से 2.17 लाख की धोखाधड़ी हो गई। आरोपी ने टॉयर बेचने की डिल कर दूसरे से व्यापारी से टॉयर लेकर पेमेंट अपने खाता में करवाकर ठगी कर दी। आमानाका पुलिस के कबीर नगर निवासी जोगिंदर पाल सिंह नंदा, जो टाटीबंध स्थित अपनी अम्बर सर्विसेस नामक टायर दुकान संचालित ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने टायर सप्लाई के नाम पर 2,17,500 की धोखाधड़ी कर दी। उसने पुलिस को बताया कि 10 अप्रैल को दोपहर करीब 3.17 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को एमआरएफ कंपनीका सेल्स कर्मचारी बताते हुए टॅायर बेचने की बात कही। रेट तय होने के बाद आरोपी ने एडवांस पेमेंट की बात कही। लेकिल जोगिंदर ने पहले सामान डिलीवरी करने की मांग की। जिसके बाद कुछ समय में टॉयर दुकान पर पहुंचा दिए गए।
टायर पहुंचने के बाद आरोपी के दिए गए बैंक खाते में सीडीएम के माध्यम से जोगिंदर ने चार किस्तों में 2,17,500 जमा कर दिए गए। रकम अनन्या ड्रेडर्स के नाम के बैंक खाता में जमा की गई।
जब टायर उतारा गया, तो वाहन चालक ने बताया कि उसके मालिक को कोई भी भुगतान नहीं हुआ है। इसके बाद पूरे मामले में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी ने किसी अन्य व्यापारी से टॅायर मंगवाकर डिलिवरी कराकर पैसा खुद के फर्जी खाते में जमा करवा लिए। बाद में असली टायर सप्लायर दुकान पर पहुंचा और अपना माल वापस ले गया, जिसके चलते अम्बर सर्विसेज के संचालक को 2.17 लाख का नुकसान हुआ। मामले की शिकायत उसने आमानाका थाना में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खाते को सीज करने और आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।