रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 14 अप्रैल। छत्तीसगढ़ में कार्यरत संविदा, प्लेसमेंट, ठेका, दैवेभो, कलेक्टर दर आदि के लाखों अनियमित कर्मचारी विगत 20 वर्षों से लंबे आंदोलन करते आ रहे हैं। इनमें अनुकंपा नियुक्ति पीडि़त संघ भी शामिल है। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा एवं प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संरक्षक गोपाल प्रसाद साहू ने बताया है कि दोनों सरकारों ने विपक्ष में रहते हुए नियमितीकरण का वादा किया। 2023 के विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी के तहत नियमितीकरण का वादा किया गया। जैसे अभी असम और बंगाल के चुनाव में वादे किए जा रहे हैं किंतु नियमितिकरण तो दूर सेवा समाप्ति में सरकार ने ज्यादा रुचि ली। ऐसी स्थिति में अनियमित कर्मचारियों ने 30 अप्रैल तक हस्ताक्षर अभियान प्रारंभ किया है। पूरे प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारी हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। श्री झा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग की है कि तत्काल वादा खिलाफी बंद कर किए गए वादे व नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्रदेश में लागू कर 35त्न रिक्त शासकीय कार्यालय के पदों पर अनियमित कर्मचारियों को नियमित कर उनके अनुभव का लाभ लिया जाए।


