कोण्डागांव

मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव से काम की कानूनी गारंटी कमजोर होगी-जैन
12-Jan-2026 12:03 AM
मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव से काम की कानूनी गारंटी कमजोर होगी-जैन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 कोंडागांव, 11 जनवरी। एआईसीसी और पीसीसी के निर्देश पर देश और प्रदेश में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत की जा रही है। इसी क्रम में पीसीसी द्वारा नियुक्त प्रभारी एवं जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कोंडागांव में पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने मनरेगा से संबंधित केंद्र सरकार के प्रस्तावित बदलावों को लेकर कांग्रेस पार्टी का पक्ष रखा और आंदोलन की आवश्यकता पर अपनी बात रखी।

रेखचंद जैन ने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि प्रस्तावित बदलावों से ग्रामीण परिवारों के लिए मनरेगा के अंतर्गत काम की कानूनी गारंटी कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि पहले किसी भी ग्राम पंचायत में काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर रोजगार देने का प्रावधान था, जबकि नए बदलावों में यह व्यवस्था सीमित हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के अनुसार प्रस्तावों के तहत मजदूरी निर्धारण और काम के दिनों को लेकर अनिश्चितता बढ़ेगी। जैन ने दावा किया कि इससे न्यूनतम मजदूरी और वार्षिक बढ़ोतरी की गारंटी प्रभावित हो सकती है, साथ ही कुछ मौसमों में काम पर रोक का असर मजदूरों की आय पर पड़ेगा।

रेखचंद जैन ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित बदलावों से ग्राम पंचायतों की भूमिका सीमित होगी और योजना से जुड़े निर्णय केंद्र स्तर पर अधिक केंद्रीकृत हो जाएंगे। उनके अनुसार, इससे स्थानीय स्तर पर योजना निर्माण और क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का मानना है कि यदि मजदूरी भुगतान में राज्य सरकारों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाती है, तो कुछ राज्यों में वित्तीय दबाव के कारण काम उपलब्ध कराने में कठिनाई आ सकती है।

प्रेस वार्ता में जैन ने मनरेगा की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस के अनुसार यह योजना पिछले दो दशकों से ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार का एक माध्यम रही है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराए जाने का उदाहरण भी दिया।

रेखचंद जैन ने केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाया कि मजदूरी दरों में पर्याप्त वृद्धि नहीं हुई है और भुगतान में देरी की समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने आधार-आधारित भुगतान प्रणाली और डिजिटल उपस्थिति से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी कांग्रेस की आपत्तियां दोहराईं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा में किए गए बदलावों की वापसी, काम और मजदूरी की गारंटी बहाल करने तथा न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन तय करने की मांग कर रही है।

जैन ने बताया कि 12 से 29 जनवरी के बीच पंचायत स्तर पर चौपाल, ग्राम सभाओं में प्रस्ताव, जनजागरण कार्यक्रम, प्रभात फेरी, नुक्कड़ सभाएं और हस्ताक्षर अभियान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि घोष, पूर्व विधायक संतराम नेताम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मतलाम, पूर्व जिलाध्यक्ष झूमूकलाल दीवान, महामंत्री जेपी यादव, रितेश पटेल सहित कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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