कोण्डागांव

बाढ़ से बचाव पर मॉक ड्रिल
11-Jan-2026 11:20 PM
बाढ़ से बचाव पर मॉक ड्रिल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 11 जनवरी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, 03 वाहिनी एनडीआरएफ मुण्डली कटक (ओडिशा) तथा छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व, एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोण्डागांव के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को बाढ़ से निपटने हेतु कोण्डागांव जिला में बाढ़ से बचाव परिदृश्य पर मॉक एक्सरसाइज का सफल आयोजन ग्राम बम्हनी में किया गया। मॉक ड्रिल को देखने बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

 एनडीआरएफ टीम द्वारा बाढ़ की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने, फंसे लोगों के रेस्क्यू, तथा प्राथमिक उपचार की पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया गया।

 टीम ने बताया कि बाढ़ के समय घबराने के बजाय सही जानकारी और संसाधनों का उपयोग कर जान बचाई जा सकती है। यह मॉक एक्सरसाइज एनडीआरएफ कटक के कमांडर डॉ. नवीन कुमार, टीम कमांडर, इंस्पेक्टर हीरा सिंह, सब इंस्पेक्टर राजपाल गुर्जर एवं श्री विवेक पाण्डे के मार्गदर्शन में आयोजन हुआ, जिसमें जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी संयुक्त कलेक्टर वहीदुर्रहमान इंसिडेंट कमांडर श्री किशोर शर्मा, अधीक्षक भू अभिलेख सुषमा मंडावी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। 

मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ राहत एवं बचाव में प्रयोग होने वाली सामग्रियों की विस्तार से जानकारी दी गई, जिनमें प्रमुख रूप से लाइफ जैकेट व पाइप बॉय जो तेज बहाव में तैरने और संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है। रेस्क्यू रोप व बोट जो फंसे लोगों तक पहुंचने और सुरक्षित निकालने के लिए उपयोग में लाया जाता है। प्लास्टिक की खाली बोतलें जिसे आपस में बांधकर अस्थायी फ्लोटेशन डिवाइस के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। बांस व नारियल जो ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध होता है जो तैरने में सहायक होते हैं।

टीम ने यह भी बताया कि घर पर उपलब्ध साधनों से अस्थायी जीवन रक्षक उपकरण कैसे तैयार किए जा सकते हैं, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।

ड्रिल के दौरान यह दिखाया गया कि बाढ़ में फंसे व्यक्ति को किस रणनीति से सुरक्षित बाहर निकाला जाता है और रेस्क्यू के बाद उसे प्राथमिक उपचार कैसे दिया जाता है और उसके बाद स्वास्थ्य केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाया जाता है। डॉक्टरों द्वारा सीपीआर की प्रक्रिया को भी प्रायोगिक रूप से समझाया गया। इस अवसर पर ग्राम बम्हनी के विज्ञान संकाय के कक्षा 11वीं के छात्र टिकेन्द्र पानीग्राही ने सीपीआर की पूरी प्रक्रिया स्वयं कर के देखी। उन्होंने बताया कि यह उनका पहला अनुभव था, जिससे सीपीआर को समझना उनके लिए आसान हो गया।

 उक्त मॉक एक्सरसाइज का आयोजन कर बाढ़ से निपटने के लिए जानकारी दी गई और लोगों को जनजागरूक किया गया। विकासखंड कोंडागांव के ग्राम बम्हनी में जवाई मुंडा तालाब पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर जान बचाया गया एवं तत्काल उन्हें चिकित्सा सुविधा हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी ले जाया गया। इस अभियान में पुलिस विभाग, जिला सेनानी और स्वास्थ्य विभाग, जिला आपदा मोचन प्रबंधन बल, रेड क्रॉस सोसाइटी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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