सारंगढ़-बिलाईगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़, 18 फरवरी। नगर स्थित पीएम श्री स्कूल, सारंगढ़ में आयोजित फेयरवेल कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हडक़ंप मच गया है। वीडियो में कुछ छात्र कार और ट्रैक्टर चलाते हुए जोखिम भरे करतब करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि वाहन चला रहे अधिकांश छात्र नाबालिग हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्रों ने तेज रफ्तार में कार घुमाने और ट्रैक्टर पर स्टंट जैसे प्रदर्शन किए। हालांकि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती थीं।
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानूनन प्रतिबंधित है। ऐसे में यह मामला केवल अनुशासनहीनता तक सीमित नहीं, बल्कि सडक़ सुरक्षा और कानूनी जिम्मेदारी से भी जुड़ा है।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं कि स्कूल परिसर या कार्यक्रम स्थल पर इस प्रकार की गतिविधि कैसे होने दी गई। क्या स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए?
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की अपेक्षा की जा रही है। अभिभावकों ने भी जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
विशेषज्ञों की राय
सडक़ सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन स्टंट प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा नियंत्रित वातावरण में किए जाते हैं। बिना सुरक्षा इंतजाम के नाबालिगों द्वारा इस तरह के करतब करना अत्यंत जोखिमपूर्ण है और इससे कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
फेयरवेल जैसे उत्सव के अवसर पर इस प्रकार की घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न की है।


