एसपी ने उचित कार्रवाई करने दिया भरोसा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 2 जून। सोमनी क्षेत्र के एक नाबालिग के साथ थाना में हुए दुव्र्यवहार और अमानवीय व्यवहार की शिकायत लेकर मंगलवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसियों ने एसपी कार्यालय घेराव किया। कांग्रेसियों ने दफ्तर के बाहर जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों ने थाना प्रभारी और मामले में संलिप्त अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने एसपी कार्यालय का घेराव करते एसपी अंकिता शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपते कहा कि 25 मई को सोमनी थाना पुलिस बल द्वारा एक बीमार किशोरी को देर रात उसके रिश्तेदार के घर से कथित रूप से बिना वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए उठाकर सोमनी थाना ले जाया गया। वहां उसे पूरी रात भूखे-प्यासे रखकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताडि़त किए जाने के आरोप सामने आए हैं। किशोरी पर मिथ्या आरोप लगाते उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त किया गया तथा उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो वह कोई अपराधी हो।
कांग्रेसियों ने कहा कि थाने में पदस्थ एक महिला आरक्षक द्वारा किशोरी के साथ दुव्र्यवहार करते उसके दुपट्टे से गला दबाया गया, उसे नोचा गया तथा अभद्र व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं अगले दिन जिला अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान भी संबंधित महिला आरक्षक द्वारा कथित रूप से अमानवीय व्यवहार दोहराया गया। जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया गया तथा किशोरी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। यह केवल पुलिस की गंभीर संवेदनशीलता एवं शक्ति के दुरूपयोग का मामला है, बल्कि किशोर न्याय, बाल संरक्षण एवं पाक्सो अधिनियम की भावना के भी विपरीत है। इस प्रकार की घटनाएं पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है तथा पुलिस के आदर्श वाक्य परित्राणाय साधुनाम की भावना को भी आघात पहुंचाती है।
कांग्रेसियों ने उठाए सवाल
कांग्रेसियों ने कहा कि इसके अतिरिक्त मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपयोग की गई गर्भ जांच किट की विश्वसनीयता एवं गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठे हैं। यदि जांच में प्रयुक्त किट अमानक अथवा दोषपूर्ण पाई जाती है तो इसकी खरीदी, आपूर्ति और उपयोग से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच किया जाना आवश्यक है।
7 बिन्दुओं पर जांच की मांग
कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपते 7 बिन्दुओं पर जांच की मांग की है। जिसमें 25 मई की घटना की निष्पक्ष एवं उच्च् स्तरीय जांच, मामले में दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरूद्ध तत्कालिक अपराधिक प्रकरण दर्ज करने, किशोरी के साथ हुए दुव्र्यवहार, प्रताडऩा एवं मानवाधिकार उल्लंघन की स्वतंत्र जांच, मामले में पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपयोग की गई गर्भ जांच किट की गुणवत्ता, खरीदी प्र्िरकया एवं आपूर्ति की जांच, जांच में अनियिमितता अथवा अमानक सामग्री की आपूर्ति प्रमाणित होने पर संबंधित आपूर्तिकर्ता एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग शामिल है।
इस दौरान जितेन्द्र मुदलियार, संतोष पिल्ले, मेहुल मारू, हेमा देशमुख, रूबीना अल्वी, सूर्यकांत जैन, श्रीकिशन खंडेलवाल, अशोक फडऩवीस, विवेक वासनिक, सुदेश देशमुख, प्रवीण मेश्राम, चेतन भानुशाली, माया शर्मा, शारदा तिवारी, राजेश गुप्ता चंपू, हरिनारायण धकेता, रूबी गरचा, मोहन साहू, ललित मरकाम, जय जायसवाल, मनीष साहू, महेश साहू, राजा तिवारी, आफताब अहमद, मनीष गौतम, विनय झा, ऋषि शास्त्री, विशु अजमानी, अब्बास खान समेत अन्य कांग्रेसी शामिल थे।