‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 8 मई। आठवें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई सेवानिवृत्त जज सुप्रीम कोर्ट की अध्यक्षता में हुआ था। कर्मचारियों के वेतन संरचना भत्ते एवं अन्य सेवा/ पेंशन लाभ 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है। केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य के कर्मचारियों को काफी उम्मीदें है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने 8वे वेतन आयोग को ई-मेल द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिया है।
उक्त जानकारी देते फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रांतीय प्रमुख महामंत्री सतीश ब्यौहरे, जिला संरक्षक मुकुल साव, जिला अध्यक्ष पीआर झाड़े, पीएल साहू, जितेंद्र बघेल, सीएल चंद्रवंशी, वीरेंद्र कुमार रंगारी, बृजभान सिन्हा, पुष्पेंद्र साहू, शिरिष कुमार पांडे, हेमंत पांडे, उत्तम डड़सेना, अब्दुल कलीम खान, सुधांशु सिंह, सोहन निषाद, संजीव मिश्रा, संगीता ब्यौहरे, नीलू झाड़े, सीमा तरार, यामिनी साहू, स्वाति वर्मा, अनिल साहू एवं शीतल कुमार टंडन ने बताया कि वेतन मैट्रिक्स में फिटमेंट फैक्टर जो कि 7वें वेतनमान में 2.57 था, को 8वे वेतनमान में 3.68 प्रतिशत 3.83 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है। यदि इसे स्वीकार किया जाता है तो न्यूनतम मूल वेतन 18 हजार से बढक़र 69 हजार प्रतिमाह हो सकता है। शासकीय विभागों के उच्च पदों पर संविदा नियुक्ति के स्थान पर इनके फीडर पदों से पदोन्नति अथवा सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने का सुझाव दिया है।
उन्होंने बताया कि 12 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम बेसिक सैलरी 69 हजार के आसपास तय की जानी चाहिए। महंगाई भत्ता/राहत का विलय का सुझाव, वर्तमान में (जनवरी 2026 से) 60 प्रतिशत डीए मिल रहा है। इसके 50 प्रतिशत को 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर मूल वेतन में मर्ज किया जाना चाहिए। इससे नए वेतन की गणना किया जाना चाहिए। अंतिम निर्णय होते तक अंतरिम राहत की घोषणा का सुझाव दिया है। चूंकि 8वां वेतनमान 1 जनवरी 26 से प्रभावशील होगा अत: वेतन एरियर्स के भुगतान के तरीका का उल्लेख रिपोर्ट में करने का आग्रह किया है। सालाना वेतन वृद्धि सुझाव, सालाना इंक्रीमेंट को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है, ताकि बढ़ती महंगाई के साथ सैलरी का तालमेल बना रहे।