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Posted Date : 15-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 15 जुलाई। केन्द्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल रविवार को व्यापारी संगठनों से रूबरू होंगे। चेम्बर ऑफ कॉमर्स, श्री गोयल को जीएसटी दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर विशेष रूप से जोर देगा। साथ ही साथ दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर की दरों में कमी के लिए भी दबाव बनाएंगे। 
    श्री गोयल सबसे पहले चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा और अन्य सदस्यों से मुलाकात करेंगे। चेम्बर ऑफ कॉमर्स के बाद स्पंज आयरन- स्टील उद्योगों के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। इसके बाद राईस मिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से रूबरू होंगे। चेम्बर के कार्यकारी अध्यक्ष ललित जैसिंघ एफएम सीजी के प्रतिनिधियों को साथ लेकर केन्द्रीय वित्त मंत्री से चर्चा करेंगे। 
    कैट के अध्यक्ष अमर परवानी और सत्यनारायण अग्रवाल भी केन्द्रीय वित्त मंत्री से चर्चा करेंगे। चैम्बर ने सभी संगठनों और विशेषज्ञों से सलाह लेकर संयुक्त रूप से ज्ञापन तैयार किया है । चैम्बर अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने बताया कि सबसे प्रमुख मांग है रिटर्न का सरलीकरण हो। अभी 37 रिटर्न दाविल करना होता है जिसमें सरलीकरण हो। इसके साथ ही जीवन उपयोगी जूता- चप्पल , राखी , चना ,जैसे वस्तुओं पर कर की दर अत्यधिक है उसकी दर कम हो। 
    चेम्बर के प्रतिनिधियों ने बताया कि अगर टैक्सपेयर के खाते में पर्याप्त बैलेंस है तो दूसरे मद में लगने वाले ब्याज से छूट मिले। सबसे बड़ी समस्या रिटर्न दाखिल करने में पोर्टल में होने टाइम और डाटा अपग्रेड करने की है। करदाता का ज्यादातर समय बिल जमा करने में लगने वाला टाइम है जिसकी वजह से व्यापर में बहुत ज्यादा कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए सबसे बड़ी जरुरत है कि रिटर्न में कम से कम हेड हो और त्वरित गति से जानकारी अपडेट हो जाए। 
    अगर यह कार्य हो जाए तो जीएसटी की सबसे बड़ी अड़चन दूर हो जायेगी। उन्होंने कहा कि सिस्टम का बैकअप प्लान पहले से सरकार के पास होता तो यह समस्या नहीं होती। इस सिस्टम को सबसे पहले बेहतर करने से करदाता को राहत मिलेगी।

     

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • राय-कौशिक, जोगी पार्टी से 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 15 जुलाई। भाजपा से चुनाव लडऩे की अटकलों पर विराम लगाते हुए निर्दलीय विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने साफ कर दिया है कि वे निर्दलीय ही चुनाव लड़ेंगे। इसी तरह बसपा के इकलौते विधायक केशव चंद्रा ने कहा है कि वे बसपा की टिकट से ही चुनाव लड़ेंगे। 
    दोनों विधायकों को लेकर राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा रही है कि वे देर-सबेर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। डॉ. विमल चोपड़ा भाजपा से जुड़े रहे हैं। राष्ट्रपति और राज्यसभा चुनाव में खुलकर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। पिछली बार टिकट नहीं मिलने से वे निर्दलीय प्रत्याशी की हैसियत से चुनाव लड़े और जीत हासिल की। 
    बताया गया कि भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता इस राय के हैं कि डॉ. चोपड़ा को पार्टी में वापस लाया जाए। सरकार के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और प्रेम प्रकाश पाण्डेय इसके पक्षधर भी हैं, लेकिन महासमुंद जिले के कुछ नेता इसकी खिलाफत कर रहे हैं। भाजपा में वापसी की अटकलों पर विराम लगाते हुए डॉ. चोपड़ा ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि न तो भाजपा की तरफ से उन्हें पार्टी में लाने के लिए पहल की गई है और न ही मैंने इसके लिए प्रयास किया है। वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा से यदि कोई प्रस्ताव आता है, तो देखेंगे। अभी निर्दलीय ही चुनाव लडऩे की तैयारी है। 
    दूसरी तरफ जैजेपुर के विधायक केशव चंद्रा बसपा की टिकट से चुनाव जीते थे। उन्होंने  'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि वे बसपा से ही चुनाव लड़ेंगे। वे पार्टी संगठन की नीतियों के अनुरूप काम करते रहे हैं। पार्टी संगठन भी उनसे संतुष्ट है। वे पिछले पांच साल से क्षेत्र में काफी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी चुनाव लडऩे की तैयारी पूरी है और वे बसपा प्रत्याशी की हैसियत से ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। 
    इससे परे कांग्रेस से निष्कासित विधायक आरके राय और बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक कह चुके हैं कि वे जनता कांग्रेस की टिकट से ही चुनाव लड़ेंगे। श्री राय ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि उनकी चुनाव लडऩे की पूरी तैयारी है। उन्होंने कहा कि  पूरे विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं की टीम तैयार हो गई है। वे लगातार बैठक ले रहे हैं। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद इसका प्रचार शुरू कर दिया जाएगा। 

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Posted Date : 14-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 14 जुलाई। आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया शनिवार को हर्षोल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा के पहले मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा छेरा पहरा की रस्म अदा की गई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को सुसज्जित रथों में विराजित किया गया। रथ यात्रा के पूर्व 11 पंडितों की सहभागिता में भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा-अर्चना आरती की गई। नंदी घोष, तालध्वज और देवदलन के सुसज्जित रथ में विराजित भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा रहा। 
    शंखनाद, संकीर्तन और ओडिशा के नर्तक दल के बीच 16 फीट ऊंचे रथ में आरूढ़ भगवान, सुभद्रा और बलभद्र की रथयात्रा के स्वागत के लिए श्रद्धालु उमड़े रहे। आस्था और भक्तिमय वातावरण में भगवान के रथ को खींचने के पुण्य का हर कोई भागीदार बनने का इच्छुक नजर आया। भगवान जगन्नाथ की आस्था से आलोडि़त श्रद्धालु भगवान का प्रसाद गजा मंूग पाकर धन्य नजर आए। गायत्री मंदिर संस्थापक पुरन्दर मिश्रा ने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा को स्नान उपरांत बीमार पडऩे पर भगवान जगन्नाथ के स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्हें 14 दिनों तक काढ़ा पिलाया गया। स्वास्थ्य लाभ पश्चात शुक्रवार को श्रृंगार, भोग, महाआरती पश्चात मंदिर के पट खोल दिए गए तथा नेत्रोत्सव की परंपरा का निर्वहन किया गया। रथ यात्रा के पश्चात भगवान आषाढ़ शुक्ल की दसमीं तिथि को मौसी के घर से वापस मंदिर में विराजित होंगे।

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 13 जुलाई। प्रदेश के बस्तर, सरगुजा संभाग के आदिवासी व दूर-दराज के स्कूलों में करीब दो-ढाई साल से नौकरी कर रहे विद्या मितान शिक्षकों ने शुक्रवार को यहां बूढ़ातालाब में जल सत्याग्रह किया। इस दौरान उन सभी ने वहां बैनर-पोस्टर के साथ जमकर प्रदर्शन किया। 
    उनकी मांग है कि स्कूलों में व्याख्याता पंचायत के रिक्त पदों पर उन सभी का संविलियन किया जाए। 
    विद्या मितान शिक्षक कल्याण संघ के बैनर तले दोनों संभागों के सैकड़ों विद्या मितान शिक्षक पिछले 20 दिनों से हड़ताल पर हैं। इस दौरान वे सभी यहां ईदगाहभाठा मैदान में एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आज दोपहर में वे सभी धरना स्थल से एक रैली के रूप में बूढ़ातालाब पहुंचे। वहां उन सभी ने वहां नारेबाजी करते हुए जल सत्याग्रह किया। उनका कहना है कि वे सभी सरकार से संविलियन की लगातार मांग कर रहे हैं, पर उनकी यह मांग पूरी नहीं हो रही है। 
    संघ के प्रांत अध्यक्ष धर्मेंद्र वैष्णव, हीरालाल राठौर व अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी संख्या करीब छह हजार है और वे सभी पिछले दो-ढाई साल से काम कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता पंचायत के करीब साढ़े पांच हजार पद रिक्त हैं, जहां वे संविलियन की मांग कर रहे हैं। वे सभी फिलहाल 14-15 हजार मासिक वेतन पर नौकरी कर रहे हैं। उनकी नियुक्ति आउटसोर्सिंग से हुई है। उनके समान काम कर रहे बाकी शिक्षकों से उनका वेतन फिलहाल बहुत ही कम है। यही वजह है कि वे सभी संविलियन की मांग कर रहे हैं। 

     

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 13 जुलाई। ज्येष्ठ पूर्णिमा में स्नान उपरांत 15 दिनों तक बीमार रहने के पश्चात शनिवार को भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा और बलभद्र के साथ रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। आषाढ़ शुक्ल की दूज को निकलने वाली रथयात्रा के पूर्व शुक्रवार को शहर के जगन्नाथ मंदिरों में नेत्रोत्सव का अनुष्ठान किया गया। 
    श्री जगन्नाथ सेवा समिति के संस्थापक, अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को विधिवत पूजा अर्चना हवन के साथ नेत्रोत्सव मनाया गया। 14 जुलाई को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 21 बढ़ई द्वारा भगवान जगन्नाथ का रथ नंदी घोष, बलभद्र का रथ तालध्वज एवं बहन सुभद्रा का रथ देवदलन बनाया जा चुका है। मुख्यमंत्री रमन सिंह, राज्यपाल बलरामदास जी टंडन तथा श्रद्धालुओं की सहभागिता में नियत अनुष्ठान के पश्चात तीनों रथ मंदिर से निकाले जाएंगे। 

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 13 जुलाई। प्रदेश में पिछले चार साल में रोजगार कार्यालयों के माध्यम से कुल 12 सौ लोगों को ही सरकारी नौकरी मिली है। इनमें से दर्जनभर जिले ऐसे हैं, जहां एक को भी सरकारी नौकरी नहीं मिली। 
    विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में कुल मिलाकर 14 लाख 25 हजार 284 पंजीकृत बेरोजगार हैं। बताया गया कि सरकार ने बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए पिछले सालों में अभियान छेड़ा था और सभी जिलों में रोजगार मेला का आयोजन किया था। इसमें निजी कंपनियों को आमंत्रित किया गया था। 
    यह बात सामने आई है कि पिछले 4 बरसों में रोजगार मेला के जरिए कुल 31 हजार 597 लोगों को ही नौकरी मिली है। ये नौकरी निजी संस्थानों में मिली है। सबसे ज्यादा 3814 बिलासपुर और फिर राजनांदगांव के 3711 बेरोजगारों को नौकरी दी गई। जांजगीर-चांपा जिले के 3163 और रायपुर जिले के 2616 बेरोजगारों को नौकरी हासिल हुई। लेकिन रोजगार कार्यालय के माध्यम से अब तक मात्र 1202 लोगों को ही सरकारी नौकरी मिल पाई है। 
    बताया गया कि सुकमा, सूरजपुर, मुंगेली, गरियाबंद, बालोद, राजनांदगांव, रायगढ़, महासमुंद, नारायणपुर, धमतरी और दुर्ग जिले में एक भी को रोजगार कार्यालयों के माध्यम से नौकरी नहीं मिल पाई है। सबसे ज्यादा जगदलपुर जिले 656, कबीर धाम में 119, कांकरे में 191, बिलासपुर में 62 और रायपुर जिले में 80 लोगों को नौकरी मिली है। दंतेवाड़ा में 13, अंबिकापुर में 8, बलौदाबाजार में 3 और बलरामपुर में 2 लोगों को ही रोजगार कार्यालयों के माध्यम से नौकरी मिल पाई है।

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Posted Date : 12-Jul-2018
  • रायपुर, 12 जुलाई । सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं दूरदर्शन के पूर्व उपमहानिदेशक तेजेन्दर सिंह गगन का बुधवार रात 10 बजे हृदयाघात से निधन हो गया। 67 वर्षीय गगन अपनी पीछे पत्नी दलजीत गगन और पुत्री समीरा को छोड़ गए। उनका अंतिम संस्कार गुरूवार सुबह मारवाड़ी श्मशान घाट में किया गया। इस अवसर पर शहर के साहित्यकार, आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। साहित्यकारों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। तेजेन्दर सिंह गगन के उपन्यास वह मेरा चेहरा, काला पादरी, सीढिय़ों पर चीता, हैलो सुजीत के अलावा काव्य संग्रह बच्चे अलाव ताप रहे हैं चर्चित रहे। 
    तेजेन्दर सिंह गगन आकाशवाणी के पश्चात दूरदर्शन में बतौर निदेशक कार्यरत रहे। अहमदाबाद से सेवानिवृत्ति के पश्चात उनका लेखन कार्य सतत् जारी रहा। उनके बचपन का एक हिस्सा जालंधर में बीता था जिसे वह  याद करते थे। वर्ष 1984 के घटनाओं पर उनके उपन्यास वह मेरा चेहरा का नया संस्करण बीते साल के अंत में छपा था। यह उपन्यास पंजाब समस्या पर केन्द्रित उनकी अनूठी रचना मानी जाती है। 

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Posted Date : 12-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 12 जुलाई। सरकार आदिवासी इलाकों के स्कूलों में आउटसोर्सिंग के जरिए विशेषज्ञ शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। बताया गया कि करीब सवा छह सौ से अधिक पदों पर भर्ती होगी और इसके लिए प्लेसमेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है। खास बात यह है कि यह भर्ती रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के 11 जिलों के स्कूलों में  होगी। 
    प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों में विशेषज्ञ शिक्षकों की लंबे समय से कमी बनी हुई है। खासकर गणित, जीव विज्ञान, रसायन, भौतिकी, अंग्रेजी, कॉमर्स के शिक्षक नहीं मिल रहे हैं और वहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है। यही वजह है कि स्कूल शिक्षा विभाग विशेषज्ञ शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की तैयारी में है। भर्ती किए गए ये सभी शिक्षक विद्या मितान के नाम से अपनी सेवाएं देंगे। 
    बताया गया कि रायगढ़ में 141 व कोरबा में 138 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी, जो बाकी जिलों की अपेक्षा सबसे अधिक है। राजनांदगांव में 95, गरियाबंद-87, बिलासपुर-65, धमतरी-23, बलौदाबाजार-22, बालोद-22, महासमुंद-19, कबीरधाम-16 व जांजगीर-चांपा में 6 शिक्षकों की भर्ती होगी। इस तरह कुल 631 पदों पर भर्ती की तैयारी है। इसमें गणित भौतिकी के 214 शिक्षक, जीव विज्ञान रसायन-117, अंग्रेजी- 139, कॉमर्स-96 व साइंस के 65 शिक्षक शामिल हैं। 
    शिक्षा अफसरों का कहना है कि आदिवासी व दूर-दराज के स्कूलों में विशेषज्ञ शिक्षकों की भर्ती के लिए कई बार प्रयास किया गया, पर उन्हें योग्य शिक्षक नहीं मिले। ऐसी स्थिति में आउटसोर्सिंग से उन पदों पर भर्ती की जा रही है। इसके पहले बस्तर, सरगुजा संभाग में आउट सोर्सिंग से उन पदों पर भर्ती की गई थी। अब रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर संभाग के 11  जिलों में भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। उनका मानना है कि स्कूलों में विशेषज्ञ शिक्षकों के आने से बच्चों की पढ़ाई और ज्यादा बेहतर होगी। 
    उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग कई बार उठ चुकी है। कई जगहों पर लोग अपनी यह मांग लेकर सड़क पर उतर चुके हैं। हाल ही में विधानसभा में भी यह मामला उठा था।

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Posted Date : 12-Jul-2018
  • भाजपा पुराने दफ्तर से तो 
    कांग्रेस नए से लड़ेगी चुनाव

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 12 जुलाई । विधानसभा चुनाव में जीत के लिए भाजपा और कांग्रेस, दोनों टोटका में लगे हैं। जहां भाजपा पुराने कार्यालय से चुनाव संचालन करने वाली है, वही कांग्रेस अब नए दफ्तर से। पुराने दफ्तर में कांग्रेस लगातार तीन बार हार का सामना कर चुकी है और भाजपा जीत का।
    सैकड़ों करोड़ों की लागत से भाजपा ने नया पार्टी दफ्तर बनाया है, लेकिन चुनाव पुराने दफ्तर एकात्म परिसर से ही लडऩे की तैयारी है। क्योंकि भाजपा यहां राज्य बनने के बाद से चुनाव जीतते रही है। दूसरी तरफ, कांग्रेस को राज्य बनने के बाद से लगातार हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी पुराने भवन से ही चुनाव संचालन करती थी। लेकिन इस बार नए भवन से चुनाव संचालन करेगी। इसे टोटके के रूप में देखा जा रहा है। 
    नए कांग्रेस भवन का नामकरण दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर किया गया है। इस भवन का काम 20 अगस्त से पहले पूरा हो जाए, इस कोशिश में पार्टी नेता जुटे हुए हैं। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 
    30 कमरों वाले इस राजीव भवन का निर्माण 20 अगस्त से पहले पूरा हो जाएगा। इस पार्टी भवन का इस्तेमाल केवल दफ्तर के तौर पर किया जाएगा। इसमें किसी के ठहरने की व्यवस्था नहीं दी जाएगी। आने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति इसी भवन से बनाई जाएगी। 
    शंकर नगर में कांग्रेस पार्टी का नया कार्यालय राजीव भवन 20 अगस्त तक तैयार हो जाएगा। आने वाले विधानसभा चुनाव की सारी रणनीति इसी भवन से बनेगी। 72 हजार वर्गफीट जमीन पर 12 हजार वर्गफीट में भवन का निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और फस्र्ट फ्लोर का निर्माण करीब-करीब पूरा हो गया है। इस भवन में ग्राउंड फ्लोर को प्रशासनिक व्यवस्था और पार्टी के कांग्रेस के लिए बनाया जा रहा है। पहले फ्लोर में 200 मीडियाकर्मियों की बैठक व्यवस्था वाला हॉल बनाया गया है। इस भवन में कुल 30 कमरे, 3 हाल बनाए गए हैं। भवन में बाथरूम व आईसेल की व्यवस्था होगी। इस भवन के निर्माण प्रभारी रामगोपाल अग्रवाल ने बताया कि यह भवन सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। 12 हजार वर्गफीट में बेसमेंट, ग्राउंट व फस्र्ट फ्लोर मिलाकर वर्तमान में कुल 36 हजार वर्गफीट का निर्माण चल रहा है। भविष्य में जरूरतों के हिसाब से और निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इस भवन में दो हाल होंगे व 200 मीडियाकर्मियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस भवन का इस्तेमाल केवल कार्यालय के तौर पर किया जाएगा। यहां किसी के ठहरने की व्यवस्था नहीं दी गई है।

     

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Posted Date : 11-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 11 जुलाई। नौकरी से हटाए गए सैकड़ों बाल श्रमिक शिक्षकों-कर्मचारियों ने बुधवार को सिर मुंडन करा धरना प्रदर्शन किया। वे सभी 16 जून से यहां बेमियादी हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि उन्हें नौकरी से हटाए करीब चार साल बीत गए, लेकिन उनका कहीं संविलियन या समायोजन नहीं किया जा रहा है। यही वजह है कि वे सभी आंदोलन के लिए विवश हैं। 
    छत्तीसगढ़ राज्य बाल श्रमिक कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे शिक्षक-कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की एक योजना के तहत वर्ष 1996 में रायपुर समेत 15 जिलों में बाल श्रमिक स्कूल खोले गए। वहां करीब डेढ़ हजार शिक्षक-कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। वर्ष 2014 में ये सभी स्कूल बंद कर दिए गए। वहां के सैकड़ों श्रमिक बच्चे सरकारी स्कूलों में भेज दिए गए और वे सभी बाहर कर दिए गए। 
    उनका कहना है कि नौकरी से हटाने के बाद उनकी सरकार से चर्चा हुई थी। सरकार ने उन्हें महिला बाल विकास, शिक्षा, पंचायत आदि विभागों में समायोजन करने का आश्वासन दिया था, पर नहीं हो पाया। सभी शिक्षक-कर्मचारी 18-19 साल की नौकरी के बाद सड़क पर आ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी विभाग में संविलियन नहीं करने पर वे सभी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। 

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Posted Date : 11-Jul-2018
  • रायपुर समेत कई जगहों पर रैली निकाली
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 11 जुलाई। बिलासपुर नसबंदी कांड के बाद भी प्रदेश में परिवार नियोजन के स्थायी, अस्थायी साधन अपनाने वाले पहले से और बढ़ गए हैं। बताया गया कि अब 61 फीसदी से अधिक लोग परिवार नियोजन के साधनों का उपयोग करने लगे हैं। पहले यह आंकड़ा 53 फीसदी था। लोग नसबंदी के अलावा भी गर्भ निरोधक अन्य साधनों का उपयोग करने लगे हैं, जिससे प्रजनन दर में कमी आई है। 
    प्रदेश में पहले एक महिला के प्रजनन काल में औसत बच्चों की संख्या ज्यादा थी। नसबंदी या गर्भ निरोधक अन्य साधन अपनाने के बाद उनकी संख्या में कमी आई है। एनएफ एचएस 4-2015 के सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में वर्ष 2003 में कुल प्रजनन दर 3.3 थी, जो घटकर अब 2.2 हो गई है। वहीं परिवार नियोजन की दंपति संरक्षण दर 53.2 से बढ़कर 61.7 हो गई है। प्रदेश में  परिवार नियोजन के साधन अपनाने वाले अब बढ़ गए हैं।  
    स्वास्थ्य अफसरों ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस पर 27 जून से 10 जुलाई तक घर-घर दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा मनाया गया। दंपत्ति को परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी दी गई। जिलों में स्कूली छात्र-छात्राओं की रैली निकाली गई। योग्य दंपत्तियों की सूची भी तैयार की गई। लक्ष्य दंपतियों को स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी दी जा रही है। 24 जुलाई तक जिला अस्पताल व चिन्हांकित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नसबंदी शिविर लगाए जाएंगे। 
    जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़े के दौरान जिला स्तर पर रैली, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता व स्कूल-कॉलेजों में निबंध प्रतियोगिता रखी गई।  बिलासपुर, मुंगेली, कवर्धा, सुकमा, दंतेवाड़ा, सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, जशपुर व बस्तर में सास-बहू सम्मेलन रखा गया। स्वास्थ्य अफसरों का मानना है कि प्रचार-प्रसार से परिवार नियोजन की दिशा में लोग और ज्यादा जागरुक होंगे। उल्लेखनीय है कि नवंबर-2014 में बिलासपुर के पेंडारी, पेंड्रा में नसबंदी में गड़बड़ी का मामला सामने आया था और 13 महिलाओं की जान चली गई थी। 

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Posted Date : 10-Jul-2018
  • रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर व कवर्धा में सबसे ज्यादा आवासीय
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 10 जुलाई। प्रदेश में करीब साढ़े 8 हजार हेक्टेयर कृषि जमीन का आवासीय और औद्योगिक प्रयोजन के लिए डायवर्सन हुआ है। विशेषकर रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के अलावा कबीरधाम में आवासीय डायवर्सन ज्यादा हुआ है, जबकि जांजगीर-चांपा और रायगढ़ में औद्योगिक प्रयोजन के लिए कृषि जमीन का ज्यादा डायवर्सन हुआ है। 
    कृषि वैज्ञानिक और आम आदमी पार्टी के संयोजक डॉ. संकेत ठाकुर का कहना है कि सरकार भू-उपयोग के मामले को लेकर गंभीर नहीं है। यही वजह है कि कृषि की जमीन सिकुड़ रही है। औद्योगिक प्रयोजन के लिए अनुपयोगी जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन मड़वा बिजली परियोजना के लिए जो जमीन अधिग्रहित की गई, वह काफी सिंचित थी। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव संजय शुक्ला ने बड़े पैमाने पर कृषि जमीन के डायवर्सन पर कहा कि राजस्व विभाग के रिकार्ड में जमीन कृषि ही दर्ज रहती है। बाद में मास्टर प्लान तैयार होता है और फिर भू-उपयोग परिवर्तन होता है। 
    उन्होंने कहा कि यदि किसी को बिल्डिंग बनाने के लिए नक्शा तब तक पास नहीं होता है, जब तक भू-उपयोग परिवर्तन न हो जाए। यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। जानकारों का कहना है कि शहरी इलाकों में बढ़ोत्तरी हुई है और इस वजह से कृषि जमीन आवासीय प्रयोजन के लिए बदली गई है। बताया गया कि प्रदेश में कुल मिलाकर 6 हजार 894.5 हेक्टेयर कृषि जमीन आवासीय हुई है। इसी तरह वर्ष 2013 से मार्च 2018 तक 1612.8 हेक्टेयर कृषि जमीन औद्योगिक प्रयोजन के लिए बदली गई है। 
    बताया गया कि सबसे ज्यादा रायपुर जिले में 2881.42 हेक्टेयर जमीन आवासीय प्रयोजन के लिए बदली हुई है। इसी तरह 499.67 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक हुई है। इसके बाद दुर्ग जिले में 1072.07 हेक्टेयर आवासीय हुई है। बिलासपुर में 655 और कवर्धा जिले में 488 कृषि जमीन आवासीय घोषित की गई है। कहा जा रहा है कि इन जिलों में आवासीय कालोनियों का निर्माण ज्यादा हुआ है। इस वजह से जमीन का डायवर्सन ज्यादा हुआ है। 

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Posted Date : 10-Jul-2018
  • दो दिनों की बारिश से रायपुर के तेलीबांधा थाना परिसर में दो से तीन फीट पानी भर गया। जब्त कर वहां रखे वाहन डूबने लगे। पुलिस की सूचना पर निगम टीम वहां पहुंची और पानी निकासी में लगी रही, फिर भी पानी भरा रहा। ऐसी स्थिति में वहां एक और नाली बनाकर पानी निकासी का प्रयास किया जाता रहा। दूसरी ओर थाना परिसर में पानी भरने से वहां का कामकाज प्रभावित रहा। तस्वीर / छत्तीसगढ़

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 10 जुलाई। एक्सप्रेस-वे निर्माण के चलते नाली-नाली जाम होने से तेलीबांधा, शंकर नगर क्षेत्र की आधा दर्जन कालोनी व आसपास की कुछ बस्तियां लबालब हो गईं। कई घरों में रात में घुटनों तक पानी भर गया और लोग रातभर उसकी निकासी में लगे रहे। तेलीबांधा थाना परिसर में दो से तीन फीट पानी भरा रहा। निगम की टीम वहां दल-बल के साथ पहुंच कर पानी निकासी में जुटी है। उनका कहना है कि कुछ घंटे में सभी जगहों पर पानी निकासी का इंतजाम कर लिया जाएगा। 
    रायपुर-आसपास हुई दो दिनों की बारिश ने निगम प्र्रशासन की पोल खोल कर रख दी है। तेज बारिश से यहां के नाली-नालों का गंदा पानी आसपास की कालोनियों, बस्तियों में घुस गया। आनंद नगर, आनंद विहार, कविता नगर, भैरव नगर, गोरखा कालोनी समेत कई बस्तियों में अभी भी पानी भरा हुआ है। लोग रात जागकर उसकी निकासी के इंतजाम में लगे रहे, पर जमा पानी पूरी तरह से नहीं निकल पाया। निगम की टीम भी वहां दल-बल के साथ पहुंच कर रात से पानी निकासी मेें लगी रही। इसके बाद भी जमा पानी नहीं उतर पाया। लोगों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के चलते आसपास के कई छोटे-बड़े नाली-नाले जाम हो गए हैं। बारिश का पानी सड़क से आर-पार नहीं हो पाया और उनकी कालोनी-बस्ती डूबने लगीं। 
    पार्षद अजीत कुकरेजा व कालोनी-बस्ती के लोगों का कहना है कि वे सभी रातभर परेशान रहे। निगम व एक्सप्रेस-वे निर्माण टीम के साथ वे सभी जाम नाली-नालों की सफाई में जुटे रहे, तब जाकर उन्हें अब थोड़ी राहत मिल पाई है। पर आधा दर्जन कालोनी-बस्ती का अभी भी बुरा हाल है। उनका कहना है कि लगातार दो दिन और अच्छी बारिश हो गई, तो शहर की और कई इलाके लबालब हो सकते हैं। शंकर नगर आसपास की बस्तियों का भी बुरा हाल है और लोग परेशान हैं। वे सभी कामकाज छोड़कर सुबह से पानी निकासी में लगे हैं।  निगम जोन-3 कमिश्नर अरुण साहू का कहना है कि उनकी टीम पानी निकासी के इंतजाम में जुटी है। एक्सप्रेस-वे निर्माण की टीम भी उनके साथ है। इसके अलावा कालोनी-बस्ती के लोग सहयोग में लगे हैं। शाम तक सभी जगहों पर पानी निकासी का इंतजाम कर लिया जाएगा। 

     

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Posted Date : 09-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 9 जुलाई। मौदहापारा स्थित महावीर गौशाला के पीछे जनकबाड़ा के एक प्लाईवुड गोदाम में बीती देर रात आग लग गई। फायर ब्रिगेड की चार गाडिय़ां वहां करीब चार घंटे तक बुझाने में लगी रही, तब कहीं जाकर आग पर काबू पाया जा सका। आगजनी से लाखों का नुकसान बताया जा रहा है। 
    गंज पुलिस के मुताबिक गोदाम जलाराम सेल्स का है। आग, शार्ट सर्किट से रात करीब दो बजे लगी। आसपास के लोगों की सूचना पर पुलिस की टीम वहां पहुंची। फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां भी एक-एक वहां पहुंची। आग इतनी तेज थी कि उसे बुझाने में करीब चार घंटे लग गए। आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर आ गए और वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनने लगी। 
    पुलिस का कहना है कि आग फिलहाल लगभग बुझ चुकी है, लेकिन आगजनी से कितना नुकसान हुआ है, यह पता नहीं चल पाया है। गोदाम मालिक के आने और रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पूरी जानकारी सामने आएगी। अभी यह भी पता नहीं चल पाया है कि गोदाम का मालिक कौन है और गोदाम में प्लाईवुड के अलावा और क्या-क्या सामान था। 

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Posted Date : 09-Jul-2018
  • मगरलोड, दुर्गकोंदल, जगदलपुर, खैरागढ़, मानपुर में हुई अच्छी बारिश

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 9 जुलाई। मानसून सक्रिय होने के साथ ही प्रदेश में अच्छी बारिश शुरू हो गई है। बीती शाम-रात सरगुजा संभाग को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी जगहों पर बारिश हुई। इस दौरान मगरलोड, दुर्गकोंदल, जगदलपुर, खैरागढ़, मानपुर में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी 24 घंटे में दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं तेज हवा के साथ भारी बारिश हो सकती है। 
    प्रदेश में मानसून आने के बाद से अच्छी बारिश का लगातार इंतजार किया जा रहा था। बीती शाम-रात रायपुर, दुर्ग, बस्तर व बिलासपुर संभाग के अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। धमतरी जिले के मगरलोड (कुरूद) में सबसे अधिक 102.0 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई। बस्तर के दुर्गकोंदल-98.0 मिमी, जगदलपुर-77.8 मिमी, मानपुर-74.2 मिमी एवं राजनांदगांव के खैरागढ़-74.0 मिमी व धमतरी के कुरूद में 67.0मिमी बारिश हुई। 
    मौसम वैज्ञानिक पीएल देवांगन का कहना है कि उत्तरी छत्तीसगढ़ से ओडिशा तक ऊपरी हवा में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके अलावा अमृतसर से उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है। दोनों का प्रभाव प्रदेश में देखा जा रहा है। रात से गहरे बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं तेज हवा के साथ बारिश भी हो रही है। उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि आगामी 24 घंटे में प्रदेश के बस्तर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 
    छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में अलर्ट जारी
    एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी चार दिन बारिश तबाही मचा सकती है। कुछ राज्यों के लिए अगले 72 घंटे काफी अहम बताए जा रहे हैं। तूफान, आंधी, भारी बारिश और ओलों से मुसीबत बढ़ सकती है। पिछले एक हफ्ते में कमजोर पड़े मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई में पिछले 36 घंटों से बारिश हो रही है। केरल, कर्नाटक, ओडिशा, असम और बंगाल में भी बारिश से हाल बेहाल है। 
    दिल्ली मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसमें 5 राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 13 राज्यों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की गई है। राजधानी दिल्ली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। अगले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्से, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गोवा के बड़े हिस्से में भारी से भारी बारिश की चेतावनी है। यहां के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पूर्वी महाराष्ट्र, गुजरात और केरल में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

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Posted Date : 08-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 8 जुलाई। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के एक लाख से ज्यादा शिक्षाकर्मियों से कहा है कि शिक्षक के रूप में उनका संविलियन करके सरकार ने अपना काम कर दिया है। उन्होंने शिक्षाकर्मियों से अपील की कि वे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर अपना पूरा ध्यान दें और अपनी लगन और मेहनत से संविलियन के फैसले की सार्थकता को साबित करें। 
    डॉ. सिंह रविवार सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियोवार्ता Óरमन के गोठÓ की 35वीं कड़ी में प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह ने नये शिक्षा सत्र में स्कूलों में नये प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों को बधाई दी। साथ ही शिक्षक बिरादरी से बच्चों के मन में शिक्षा के महत्व और विषय की बारिकियों को अच्छे से बैठाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर स्कूल का वातावरण गुरूकुल की तरह होना चाहिए, जहां शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीयता का संबंध हो। डॉ. सिंह ने अभिभावकों से भी निवेदन किया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, उनके स्वस्थ मनोरंजन, खेल-कूद, स्वस्थ खान-पान और अच्छे संस्कारों के विकास का भी ध्यान रखें। 
     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और शैक्षणिक प्रबंधन में एकरूपता लाने के लिए पंचायत शिक्षकों और नगरीय निकाय शिक्षकों का संविलियन अर्थात शासकीयकरण स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत निर्णय लिया गया है। पहले चरण में एक लाख 03 हजार ऐसे शिक्षकों का संविलियन किया जाएगा, जिनकी सेवाएं एक जुलाई 2018 को आठ साल पूरी हो चुकी हैं। इसके बाद अगले क्रम में आठ वर्ष पूर्ण करते जाने वाले शिक्षकों का भी भविष्य में संविलियन किया जाएगा। उन्होंने कहा-हमने केबिनेट के निर्णय के सिर्फ 12 दिन के भीतर एक लाख तीन हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं का संविलियन आदेश जारी कर दिया, जिससे उन्हें एक जुलाई 2018 से शासकीयकरण का लाभ मिलेगा। इन सभी को अब नियमित शिक्षकों की तरह सातवें वेतन आयोग के समान वेतनभत्ते और अनुकम्पा नियुक्ति, पदोन्नति तथा स्थानांतरण जैसी अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। संविलियन के बाद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नति की भी कार्रवाई की जाएगी। इनके वेतन में सात हजार रूपए से लेकर 12 हजार रूपए तक वृद्धि होगी। उन्हें भविष्य में प्रधानपाठक और प्राचार्य के पद पर पदोन्नति के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा-संविलियन पर 1346 करोड़ रूपए का अनुमानित व्यय भार आएगा, जिसका प्रबंध विधानसभा में प्रथम अनुपूरक बजट पारित कराते हुए कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि संविलियन किए गए शिक्षकों और शिक्षिकाओं से आव्हान किया कि वे शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने में अपना पूरा ध्यान दें और अपनी लगन और मेहनत से संविलियन के फैसले की सार्थकता को साबित करें। 

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Posted Date : 07-Jul-2018
  • सीएम समेत अन्य मौजूद रहे
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 7 जुलाई। जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ ली। राजभवन में राज्यपाल बलरामजी दास टंडन जस्टिस त्रिपाठी को शपथ दिलाई। 
    श्री त्रिपाठी छत्तीसगढ़ के 14वें चीफ जस्टिस होंगे। इससे पहले मौजूदा चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन का तबादला तेलंगाना हाईकोर्ट हो गया है। इसके बाद श्री त्रिपाठी को यहां चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। दोपहर को राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें शपथ दिलाई गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अलावा सरकार के मंत्रियों के अलावा हाईकोर्ट के अन्य जस्टिस भी थे। मुख्य सचिव अजय सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। 
    जस्टिस त्रिपाठी बोकारो के रहने वाले हैं। उनकी शिक्षा दिल्ली में हुई और वहां से ही कानून की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने 1981 में हाईकोर्ट में प्रेक्टिस शुरू की और 9 अक्टूबर 2006 से पटना हाईकोर्ट के जज के रूप में काम शुरू किया और 21 नवंबर 2007 को हाईकोर्ट के नियमित जज बनें। 
    इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, अजय चन्द्राकर, रामसेवक पैकरा, महेश गागड़ा, भैयालाल रजवाड़े, विधायकगण, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष चन्द्रशेखर साहू, महापौर प्रमोद दुबे, प्रमुख लोकायुक्त एस. एन. श्रीवास्तव, राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर रामसिंह, सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल, ए. के. सिंह, राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के.आर. पिस्दा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, पद्मश्री डॉ. महादेव प्रसाद पांडे, डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र भी उपस्थित थे। 
    समारोह में मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी की धर्मपत्नी  अल्का त्रिपाठी सहित उनके परिजन एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल नीलमचन्द सांखला, न्यायाधिपति सर्वश्री प्रीतिंकर दिवाकर,सहित अन्य जज भी थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव द्वय सुनील कुजूर, के.डी.पी. राव, पुलिस महानिदेशक ए. एन. उपाध्याय, प्रमुख सचिव  अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह, सचिव  सुबोध सिंह, राज्यपाल के सचिव सुरेन्द्र कुमार जायसवाल, सचिव सामान्य प्रशासन सुश्री रीता शांडिल्य, संचालक जनसंपर्क चन्द्रकांत उइके सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

     

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Posted Date : 07-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 7 जुलाई। प्रदेश में एक बार फिर अकाल का साया मंडरा रहा है। जानकारों के मुताबिक हफ्तेभर के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई, तो धान की बुआई पर बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में प्रदेश में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी दी है। 
    बताया गया कि प्रदेश में बोनी का काम तकरीबन पूरा हो चुका है और अब बारिश की जरूरत महसूस की जा रही है। वर्तमान में हाल यह है कि बारिश न होने के कारण अंकुरण नहीं हो पाया है। खेतों में दरार आ गई है। यह स्थिति रायपुर और आसपास के जिलों की है। हमारे संवाददाता ने दुर्ग के पाटन-अमलेश्वर आदि गांवों का दौरा किया तो पाया कि किसान चिंतित है और खेत सूख चुके हैं।
    जानकारों के मुताबिक अगले एक हफ्ते में बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंच सकता है। पिछले दो साल से  प्रदेश की अकाल की चपेट में रहा है और धान का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसान इस आशंका डरे हुए हैं। हालांकि कृषि वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि अगले एक हफ्ते में अच्छी बारिश होगी और किसानों की चिंता दूर होगी।

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Posted Date : 07-Jul-2018
  • एनजीटी में सुनवाई 27 जुलाई को 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    रायपुर, 7 जुलाई। रायपुर विकास प्राधिकरण विवादास्पद कमल विहार योजना को लेकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है। अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में भी मामला पेश किया गया है। एनजीटी 27 जुलाई को इस विषय पर सुनवाई करेगा। 
    कमल विहार योजना के खिलाफ 2015 में सुप्रीम कोर्ट में मामला  पेश किया गया था। जिसमें केंद्र सरकार के पर्यावरण विभाग की अनुमति के बिना 16 सौ वर्गफीट जमीन पर तैयार की जा रही इस योजना पर रोक लगाने की मांग की गई थी। राजेंद्र शंकर शुक्ला एवं अन्य की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर फैसला आरडीए के खिलाफ आया था। कोर्ट ने इस योजना को पूरी तरह से अवैध बताया था। जिसके बाद कमल विहार योजना पर रोक लगाने एवं अधिग्रहित की गई जमीन वापस करने का आदेश किया गया था।  इस आदेश की अवमानना करते हुए आरडीए ने न तो अधिग्रहित जमीन वापस की और न ही योजना के तहत चल रहे काम पर रोक लगाया गया। जिसके चलते अवमानना का मामला कोर्ट में पेश किया गया। 4 जुलाई को कोर्ट ने संजय शुक्ला (आईएफएस) सचिव हाउसिंग एंड इंवायरमेंट, महादेव कांवरे पूर्व सीईओ, रायपुर डेव्हलपमेंट अथारिटी और ओपी चौधरी कलेक्टर रायपुर को नोटिस जारी कर 6 हफ्तों में जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इसके अलावा 11 जून को राजेंद्र शंकर शुक्ला एवं अन्य की तरफ से एनजीटी में मामला पेश किया गया। जिसमें कमल विहार योजना पर रोक लगाने की मांग की गई है। एनजीटी में 27 जुलाई को मामले की सुनवाई रखी गई है। 

     

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Posted Date : 07-Jul-2018
  • कई इलाकों में खेतों में दरार
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 7 जुलाई। प्रदेश में बारिश नहीं होने से विशेष कर धान की बोनी पिछड़ गई है। कई इलाकों में खेतों में दरार पड़ गई है। हाल यह है कि पिछले साल के मुकाबले अब तक मात्र 20 फीसदी बोनी हुई है। जानकारों का मानना है कि हफ्तेभर में तेज बारिश नहीं हुई तो  फिर से अकाल की स्थिति पैदा हो सकती है। 
    प्रदेश में करीब 47 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल की बोआई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें धान का रकबा करीब 37 लाख हेक्टेयर  है। इसके अलावा मक्का, सोयाबीन व दलहन-तिलहन की बोआई भी होनी है। समय पर अच्छी बारिश नहीं होने से खेती पिछड़ती जा रही है। कई जगहों पर बोआई का काम तकरीबन पूरा हो चुका है और अब बारिश की जरूरत महसूस की जा रही है। वर्तमान में हाल यह है कि बारिश न होने के कारण अंकुरण नहीं हो पाया है। रायपुर, आसपास के खेतों में दरार आ गई है। हमारे संवाददाता ने दुर्ग के पाटन, सांकरा, अमलेश्वर व आसपास गांवों का दौरा किया तो पाया कि वहां खेत सूख चुके हैं और किसान चिंतित हैं। 
    जानकारों के मुताबिक अगले एक हफ्ते में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंच सकता है। पिछले दो साल से  प्रदेश की अकाल की चपेट में रहा है और धान का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसान इस आशंका से डरे हुए हैं। हालांकि कृषि वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि अगले एक हफ्ते में अच्छी बारिश होगी और किसानों की चिंता दूर होगी।
    उप संचालक कृषि आरके चंद्रवंशी का कहना है कि प्रदेश मेें धान व अन्य खरीफ फसल की बोआई जारी है। अभी तक करीब सवा 9 लाख हेक्टेयर (20 फीसदी) खेतों की बोआई पूरी कर ली गई है। इसमें धान की बोआी 24 फीसदी, मक्का की 13 फीसदी व सोयाबीन की 7 फीसदी बोआई शामिल है। पिछले साल अभी तक करीब 11 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल की बोआई पूरी हो चुकी थी। खेती पिछले साल की तुलना में थोड़ी पिछड़ गई है, पर किसान अपने खेतों की बोआई में जुटे हैं। उनका मानना है कि बारिश होने पर बोआई का काम समय पर पूरा कर लिया जाएगा। 
    लालपुर मौसम विभाग के मुताबिक एक जून से सात जुलाई तक प्रदेश मेें 212.7 मिमी बारिश हुई है, जबकि वास्तव में अभी तक 266.7 मिमी बारिश हो जानी थी। वास्तविक आंकलन के हिसाब से प्रदेश में अभी तक 20 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम निदेशक  डॉ. प्रकाश खरे का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल बारिश कम हो रही है, लेकिन आगामी दो-तीन दिनों में स्थिति में सुधार आएगा। बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम बन रहा है। उनका मानना है कि प्रदेश में इस साल अच्छी बारिश होगी। 

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