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05-May-2021 7:09 PM 69

रायपुर, 5 मई। कोरोना के इलाज के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के दो अलग-अलग अधिकारियों के दो अलग-अलग किस्म के आदेश में विरोधाभास गिनाते हुए प्रदेश के एक प्रमुख आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संजय शुक्ला ने इनमें से एक आदेश की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं।

उल्लेखनीय है कि केंद्र और राज्य सरकार के आदेशों में लोगों को कोरोना के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए आयुर्वेदिक दवाइयों की सलाह दी गई है। इसी के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य सचिव की ओर से पिछले बरस 11 मई को एक आदेश निकाल कर आयुर्वेदिक दवा और योग, प्राणायाम और कुछ आयुर्वेदिक उपायों के बारे में निर्देश जारी किए गए थे। डॉ. संजय शुक्ला ने इस आदेश का हवाला देते हुए, अभी सूरजपुर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निकाले गए एक आदेश पर आपत्ति की है जिसमें उन्होंने अपने मातहत चिकित्सकों को आदेश दिया है कि अधिक खतरे वाले 60 वर्षों से अधिक के कोरोना मरीजों को कोई भी आयुर्वेदिक या पारंपरिक दवाइयां ना दी जाएं ।

इस बारे में डॉ. संजय शुक्ला का कहना है- 'सबसे पहले तो हाई रिस्क कोविड मरीज या 55 वर्ष से ज्यादा आयु के कोविड मरीज को होम आइशोलेशन में नहीं बल्कि कोविड सेंटर में एडमिट करने का प्रोटोकॉल है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, आयुष मंत्रालय ने पिछले साल के नवम्बर माह में बकायदा नोटिफिकेशन के द्वारा कोविड महामारी के बचाव और उपचार में आयुर्वेद प्रोटोकॉल को शामिल किया है। कोरोना मरीजों के लिए आयुर्वेद दवाओं का उपयोग नहीं करना है, इस संबंध में कोई भी दिशानिर्देश भारत सरकार या छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी नहीं किया है, तब एक जिले का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी क्या अपने स्तर पर ऐसा आदेश जारी कर सकता है? जब कोई प्रोटोकॉल कोरोना से बचाव में प्रभावी है तब यह उपचार में किस तरह दुष्प्रभाव डाल सकता है अथवा नुकसानदायक हो सकता है? क्या उक्त सीएमओ के पास इस संबंध में क्लीनिकल रिसर्च डाक्यूमेंट अथवा अधिकृत गाइडलाइंस हैं। अभी भी अनेक होम आइसोलेशन कोरोना मरीजों के द्वारा एलोपैथी के साथ आयुर्वेद प्रोटोकॉल में शामिल दवाओं का उपयोग किया जा रहा है जिसके काफी सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। देश के अनेक राष्ट्रीय संस्थानों में कोविड के एसिम्पटोमैटिक और माइल्ड रोगियों का उपचार भारत सरकार के द्वारा स्वीकृत आयुर्वेद प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है।''

दूसरी तरफ इन 2 आदेशों को देखें तो इनमें एक बात साफ दिखाई पड़ती है कि पिछले वर्ष का आदेश प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए सामान्य लोगों को दिया गया एक सुझाव है जो कि कोरोना के इलाज के लिए नहीं है। और अभी 5 मई का यह नया आदेश अधिक जोखिम वाले उम्र दराज मरीजों को लेकर है कि उन्हें कोई आयुर्वेदिक दवा ना दी जाए। डॉ. संजय शुक्ला का कहना कि केंद्र सरकार या राज्य सरकार का कोई भी आदेश आयुर्वेदिक दवाओं को ना देने के बारे में नहीं है। ऐसे में एक जिले के चिकित्सा अधिकारी अपने स्तर पर किसी आदेश में यह किस आधार पर लिख सकते हैं कि मरीज को आयुर्वेदिक दवा ना दी जाए? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का एक आदेश वे ढूंढ कर देंगे जिसमें आयुर्वेदिक दवाओं को कोरोना के उपचार के लिए भी मंजूरी दी गई है, ना कि सिर्फ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए।


05-May-2021 6:56 PM 19

रायपुर, 5 मई। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी अत्याचार की पराकाष्ठा पार कर दी है। अभी बंगाल में चुनाव जीतने के बाद 9 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो गई ,एवं 50 से अधिक घायल हुए हैं, बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ है। हिंदुओं की दुकानें जलाए जा रहे हैं, जिसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ एक दिवसीय सांकेतिक धरना 5 मई  को अपने अपने घरों के सामने दिया गया। ममता बनर्जी होश में आओ।


05-May-2021 6:55 PM 15

रायपुर, 5 मई। बंगाल में TMC की जीत के बाद उनके समर्थकों द्वारा बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों पर हिंसा, हत्या, आगजनी, बलात्कार व लूटपाट के खिलाफ़ देशव्यापी धरना. छगन लाल मुदंडा साथ में प्रकाश बजाज, नितिन अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल.

 


05-May-2021 6:20 PM 71

रायपुर, 5 मई। नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 8 की टीम ने आज जोन के अंतर्गत आने वाले रायपुरा के क्षेत्र में श्रद्धा प्रोविजन स्टोर्स किराना दुकान को टोटल लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करने पर जोन कमिश्नर अरुण ध्रुव के नेतृत्व एवं नगर निवेश विभाग की उपअभियन्ता रुचिका मिश्रा की उपस्थिति में तत्काल कड़ी कार्यवाही करते हुए ताला लगाकर सीलबंद कर दिया।

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों द्वारा रायपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी टोटल लॉकडाउन के नियमों का नियमानुसार कड़ाई से पूर्ण व्यवहारिक पालन राजधानी शहर रायपुर के समस्त 70 वार्डों में करवाने की दृष्टि से जोन कमिश्नर के नेतृत्व में निरंतर कार्यवाही की जा रही है एवं लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन किये जाने पर सम्बंधित दुकानदारों पर जुर्माना करने सहित दुकानों को बंद करवाकर उन्हें कड़ाई के साथ सीलबंद किया जा रहा है।

आज नगर निगम जोन 8 की टीम ने रायपुर जिला प्रशासन के टोटल लॉकडाउन नियमों का खुला उल्लंघन पाकर किराना दुकान को तत्काल सीलबंद कर दिया।


05-May-2021 6:12 PM 38

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 5 मई। एक युवक द्वारा नाबालिग से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया। पीडि़ता के तीन माह के गर्भवती हो जाने पर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया।

आरोपी आजम खान द्वारा नाबालिग लडक़ी को सितंबर 2020 से प्रार्थी के घर के पीछे वाला मैदान में बुलाया और शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करने लगा जिससे पीडि़ता द्वारा बार-बार मना करने पर भी नहीं माना। मैं तुम्हें प्यार करता हूं शादी करूंगा कहकर जबरन शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा जिससे पीडि़ता तीन माह की गर्भवती हो गई जो जिला अस्पताल से नाबालिग लडक़ी के द्वारा गर्भधारण कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की सूचना पर अपराध धारा 376 भा द वि 4,6 पाक्सो एक्ट के पाए जाने से अपराध क्रमांक 130 / 21 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी आजम खान उर्फ अज्जू पिता अजीत उम्र 20 साल ग्राम सिर्री थाना खरोरा से लाकर पूछताछ किया। उसने अपराध करना स्वीकार किया। आरोपी को 5 मई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।


05-May-2021 6:12 PM 17

ग्रामीणों में टीकाकरण को  लेकर उत्साह, आदिवासी क्षेत्रों में भी जागरुकता

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 5 मई। प्रदेश के सभी जिलों में कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। ग्रामीणों में भी टीकाकरण को लेकर खासा उत्साह है। अनेक ग्राम पंचायतों में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को टीके के प्रथम डोज का शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ी कोरवा, बिरहोर जैसी अत्यंत पिछड़ी जन जातियों में भी टीकाकरण को लेकर जागरुकता देखी जा रही है।

ग्रामीणों को कोरोना के विरूद्ध सुरक्षा कवच देने पंच-सरपंच समेत सभी पंचायत प्रतिनिधि और ग्रास रूट कार्यकर्ता पूरे समर्पण भाव से जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मितानिन, स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले सहित विभिन्न विभागों के फ्रंट लाइन वर्कस से सीधे रूबरू होकर कोरोना महामारी की रोकथाम और टीकाकरण कार्य की समीक्षा कर रहे है।

 धरमजयगढ़ में मैदानी कार्यकर्ताओं के संकल्प से शत-प्रतिशत टीकाकरण, जांच

वर्तमान में जब पूरा विश्व कोरोना महामारी की दूसरी लहर से पीडि़त है। इससे गांव में रहने वाले लोग भी अछूते नहीं है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड की तो यहां लगभग एक हजार एक्टिव केस होने के बावजूद कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण के प्रथम डोज का लक्ष्य के विरूद्ध 154 ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।

टीकाकरण को लेकर विभिन्न प्रकार की भ्रांतियां को दूर करते हुए स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लोगों को एकत्रित कर देर रात तक टीकाकरण का कार्य कर रहे हैं।

पहाड़ी कोरवा, बिरहोर लोग

भी करा रहे टीकाकरण

धरमजयगढ़ के पहाड़ी क्षेत्रों में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर समुदाय में भी टीकाकरण को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। विकासखण्ड के कुम्हीचुआं खलबोरा, कीदा जैसे गांवों में निवास करने वाले बिरहोर समुदाय के लोगों ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिन के परामर्श से उत्साहित होकर टीकाकरण कराया साथ ही छापकछार, छुपीपहाड़, बरघाट जैसे अति कठितनम क्षेत्रों में निवास करने वाले पहाड़ी कोरवाओं में भी टीकाकरण को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

चाल्हा ग्राम हुआ पूर्ण टीकाकृत

धरमजयगढ़ से 35 किलोमीटर दूर पहाड़ों के बीच एक छोटा सा गांव चाल्हा जहां सरपंच एवं सचिव के अथक परिश्रम एवं सकल्प से गांव के सभी 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया गया है। चाल्हा गांव आज अन्य गांवों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गया है।

खुद कैंसर से पीडि़त संतोष

ने पेश की सेवा की मिशाल

धरमजयगढ़ उप स्वास्थ्य केन्द्र पाराघाटी में पदस्थ स्वास्थ्य कार्यकर्ता संतोष घोष पिछले 3-4 वर्षो से कैंसर जैसे गंभीर बीमारी से पीडि़त है फिर भी अपनी जान की परवाह न करते हुए अपने उप स्वास्थ्य केन्द्र के अंतर्गत 450 से अधिक 45 वर्ष के अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण कराया साथ ही प्रतिदिन लक्षणात्मक लोगों का एंटीजन से जांच भी कर रहे हैं एवं समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों का संपादन कर रहे हैं।

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की विभिन्न ग्रा.पं.में शत प्रतिशत टीकाकरण

प्रदेश के नवगठित जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में 45 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों के टीकाकरण के कुल लक्ष्य का 76.84 प्रतिशत हासिल कर लिया गया है। वहीं जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में प्रथम टीकाकरण शत प्रतिशत किया जा चुका है। इसमें अमरपुर, बगरार, बंसीताल, बरवासन, चर्चेडी, चिचगोहना, परासी सहित करीब 50 ग्राम पंचायतों  ने यह उपलब्धि हासिल कर ली है।

महासमुंद जिले के 210 ग्राम पंचायतों में 94 प्रतिशत वैक्सीन की प्रथम डोज

टीकाकरण अभियान के तहत महासमुंद जिले की 210 ग्राम पंचायतों में 45 वर्ष उम्र से अधिक 93.84 प्रतिशत लोगों को कोरोना से सुरक्षा हेतु वैक्सीन की प्रथम डोज लगायी जा चुकी है। जिले में कुल लक्षित 73 हजार 913 व्यक्तियों के विरूद्ध 69 हजार 359 लोगों को यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

 कांकेर जिले की 127 ग्राम पंचायतों में 45+ को शतप्रतिशत टीकाकरण

कोरोना महामारी से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश के कांकेर जिले की 127 ग्राम पंचायतों में 45 से अधिक उम्र के शतप्रतिशत लोगों को टीकाकरण की प्रथम डोज लगाई जा चुकी है।

राजनांदगांव की 428 ग्राम पंचायतों में 90 प्रतिशत लोगों को लगी वैक्सीन

प्रदेश के राजनांदगांव जिले में टीकाकरण अभियान के तहत 813 ग्राम पंचायतों में से 428 ग्राम पंचायतों में 90 प्रतिशत से अधिक लोगों को टीकाकरण की प्रथम डोज लगाई जा चुकी है।


05-May-2021 6:09 PM 23

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 5 मई। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में बुधवार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टेली ओपीडी सेवा शुरू हुई। इसके तहत टेली कंसल्टेंशन सेंटर के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों ने नि:शुल्क परामर्श दिया। पहले दिन 9 लोगों ने इस विशेष सुविधा का लाभ प्राप्त किया।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लोगों को घर बैठे स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए इस सुविधा में स्मार्टफोन फोन एवं इंटरनेट के माध्यम से लोग जुडक़र घर बैठे ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे जुडक़र बुखार, कमजोरी, घबराहट, अनिद्रा एवं कोरोना पॉजिटिव से रिकव्हर हो चुके लोगों ने संवाद किया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी परेशानियों को जानने-समझने के बाद उन्हें डाईट, योगा, मेडिटेशन, नियमित दिनचर्या, वॉक करने, अपने आप को व्यस्त रखने के साथ ही आवश्यतानुसार दवाई और जांच के लिए परामर्श दिए।

 राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू किए गए इस वर्चुअल टेली ओपीडी सेवा से जुडक़र लोग प्रतिदिन (शासकीय अवकाश को छोडक़र) सुबह 10.30 से 11.30 तक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श नि:शुल्क ले सकते हैं।


05-May-2021 6:08 PM 20

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 5 मई। कांग्रेस विधायक और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष अरुण वोरा ने केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिख कर राज्य एवं केंद्रीय भंडारगृह निगम के कर्मचारी अधिकारियों को भी फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल रखते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण का लाभ दिलवाने की मांग की है।

श्री वोरा ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश राज्य कोरोना के द्वितीय प्रकोप से ग्रसित हैं एवं लॉक डाउन का सामना कर रहे हैं इस दौरान गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंदों तक अनाज उपलब्ध करवाने से लेकर सुरक्षित भंडारण की जिम्मेदारी भी भंडारगृह निगम के कर्मचारियों पर है जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। अतएव उन्हें भी कोरोना वारियर्स की श्रेणी में रखते हुए टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करवाने की दिशा में ठोस पहल की जाए।

श्री वोरा ने राज्य भंडारगृह निगम के एमडी अभिनव अग्रवाल एवं शाखा प्रबंधकों से भी चर्चा की। एमडी श्री अग्रवाल से उन्होंने कहा कि कर्मचारी हितों को विशेष ध्यान में रखा जाए कोरोना से काल कलवित हुए कर्मचारियों के आश्रितों को मदद की राशि का प्रावधान करने बोर्ड में प्रस्ताव रखा जाए साथ ही सभी गोदामों में सेनेटाइजेशन व सोशल फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रख कर के काम किया जाए। उन्होंने शाखा प्रबंधकों का भी उत्साह वर्धन किया।


05-May-2021 6:08 PM 13

रायपुर, 5 मई। प्रदेश में कोरोना से लोगों को बचाने व कोरोना को खत्म करने के लिए मसीही समाज ने बड़ा अभियान चलाया है। सोमवार से पूरे प्रदेश में प्रार्थना चेन प्रारंभ हो गई है। ये लगातार तक एक महीने तक जारी रहेगी। इसके लिए प्रार्थना योद्धाओं और चर्चों को जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ डायसिस (सीएनआई) द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है।

सोमवार को इसकी शुरूआत सेन्ट थोमा चर्च तिल्दा से हुई। पादरी सुषमा कुमार व पादरी सुबोध कुमार की अगुवाई में दिनभर लोगों ने प्रार्थनाएं की। 4 मई को सीएनआई चर्च सिमगा, 5 को सेंट जेकब चर्च जोरा रायपुर, 6 को सीएनआई चर्च तखतपुर, 7 को सीएनआई चर्च  पेंड्रारोड में प्रार्थना होगी। 8 को सीएनआई चर्च जरहागांव, 9 को, सीएनआई  चर्च फास्टरपुर, 10 को डिसाइपल्स चर्च करगीरोड कोटा, 11 को माता मंडली सेंट इम्मानुएल चर्च विश्रामपुर, 12 को सीएनआई चर्च भिलाई, 13 को विश्वासगढ़ चर्च रायगढ़, 14 मई को बैतेल चर्च बैतलपुर व 15 को ख्रीष्ट गृह चर्च भाटापारा में प्रार्थना होगी। 16 को सेंट अगस्टीन चर्च बिलासपुर, 17 को सीएनआई चर्च खरसिया, 18 तारीख को सीएनआई चर्च सक्ती की बारी है।

इसी तरह 19 को सीएनआई चर्च धरमजयगढ़, 20 मई को डायोसिशन महिला सभा, 21 को डायोसिशन युवा सभा, 22 को सेन्ट मैथ्यू चर्च रायपुर, 23 को  डिसाइपल्स चर्च बिलासपुर, 24 को सीएनआई चर्च महासमुंद 25 को सीएनआई रूरल चर्च तिल्दा, 26 को सीएनआई मेरी एंड जोजफ चर्च महासमुंद, 27 को सीएनआई चर्च कोरबा, 28 मई को ब्लैसिंग स्टोन चर्च अम्बिकापुर, 29 को सीएनआई चर्च परसापानी, सी.एन.आई चर्च, दल्लीराजहरा 30 को सीएनआई चर्च मोहगांव व 31 मई को सीएनआई चर्च रायगढ़ रूरल में लगातार एक माह की चेन प्रेयर चलेगी।


05-May-2021 6:07 PM 12

रायपुर, 5 मई। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन के निर्देशानुसार खाद्य विभाग ने राजातालाब स्थित दो मकानों में छापा मार कर 78क्विंटल चांवल जप्त किया है। खाद्य नियंत्रक रायपुर ने बताया कि छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली की धाराओं के उल्लंघन का प्रकरण  बनाया है।

साजिद अली और नसीम बानो के घर की जांच की। इन दोनों के द्वारा राशनकार्ड धारकों से 16 रुपये की दर से चांवल खरीदने का प्रलोभन दिया जा रहा था।

 साजिद अली के घर से 114 कट्टा में 45 क्विन्टल चांवल रखा पाया गया। साजिद अली ने स्वीकार किया कि वो राशन दुकान से  राशनकार्ड धारकों के द्वारा  चाँवल खरीद लेने के बाद उनसे सौदा करता है और 16 रुपये किलो के दाम पर चाँवल खरीद लेता है। इस चाँवल को बाजार में जरूरतमंदों को 18 रुपये में बेचता है। साजिद अली के पास 45 क्विन्टल चाँवल रखा पाया गया जिसके खरीदी के संबंध में कोई बिल भी नही दिखाया गया। खाद्य निरीक्षक रीना साहू द्वारा 45 क्विंटल चांवल जप्त किया गया ।

विभाग के अधिकारियों ने एक अन्य स्थान पर  नसीम  बानो के घर की जांच की। नसीम बनो ने बताया कि वो टिफिन सेंटर चलाती है और इस कार्य के लिए  राशन कार्ड धारक से चांवल 17 रुपये किलो में खरीदती है। नसीम  बानो के पास से 33 क्विन्टल चाँवल रखा पाया गया।  नसीम बानो के पास भी खरीदी का कोई बिल नही पाया जिसके कारण 33 क्विन्टल चांवल नसीम बानो से जप्त किया गया।

साजिद अली और नसीम बानो दोनों के पास एक-एक राशनकार्ड है जिसमे 35 -35 किलो  चांवल  की पात्रता है। इन दोनों के द्वारा गंगा मैया महिला स्व सहायता समूह  शासकीय उचित मूल्य दुकान के सामने  ही राशनकार्ड धारको से सौदेबाज़ी की जा रही थी।

खाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि साजिद अली  और नसीम बानो के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन संबंधी प्रकरण  का प्रतिवेदन सौपा जाएगा। जांच में सहायक खाद्य अधिकारी संजय दुबे,खाद्य निरीक्षक संदीप शर्मा और रीना साहू शामिल रहे।


05-May-2021 6:03 PM 11

   राज्य में संग्राहकों को इस साल 50.37 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय   

रायपुर, 5 मई। कोरोना-संकट के दौरान छत्तीसगढ़ के वनों में संग्रहित की जाने वाली इमली ने वनवासियों को बड़ा आर्थिक संबल प्रदान किया है। विषम परिस्थितियों के बावजूद पिछले साल की तुलना में इस साल इमली का अधिक संग्रहण हुआ है, इससे संग्राहकों को 50.37 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। 

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2020 तथा 2021 में कोविड संकट एवं लाकडाउन के बावजूद महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से शासन द्वारा ग्रामीणों, विशेषकर आदिवासियों को अतिरिक्त आय प्रदान करने हेतु इमली संग्रहण एवं प्रसंस्करण का कार्य सतत् रूप से किया गया। साथ ही उक्त कार्य में दुगनी वृद्धि हुई है। संग्राहकों को इमली संग्रहण के साथ-साथ उसके प्रसंस्करण से भी अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई है।

राज्य में संग्रहण वर्ष 2020 में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संग्राहकों से 67,552 क्विंटल इमली की खरीदी की गई थी, जिसका मूल्य 20.99 करोड़ रुपए था। जबकि संग्रहण वर्ष 2021 में 71.36 करोड़ रुपए मूल्य की 1,92,582 क्विंटल इमली की खरीदी की गई है। इस तरह संग्रहण वर्ष 2020 की तुलना में वर्ष 2021 में संग्राहकों को 50.37 करोड़ का अतिरिक्त आय हुई है। कोविड संकट के समय प्रसंस्करण समेत विविध गतिविधियों के माध्यम से भी संग्राहकों की अजीविका में वृद्धि हुई है। खरीदी कार्य में वर्ष 2020 में जिला यूनियन जगदलपुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, द. कोण्डागांव एवं केशकाल द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया गया था। वर्ष 2021 में जगदलपुर, द.कोण्डागांव, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा एवं केशकाल द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया गया है।

राज्य में लगभग 5.00 लाख क्विंटल इमली का उत्पादन प्रति वर्ष होता है। इमली की पैदावार मुख्यतः बस्तर क्षेत्र में होती है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना अंतर्गत इमली की खरीदी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही है। कोविड-19 संकट के दौरान लाकडाउन के बावजूद संघ द्वारा इमली खरीदी का कार्य किया गया। संग्रहण वर्ष 2020 में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना अंतर्गत आटी इमली हेतु निर्धारित क्रय दर राशि रू. 31 प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर रू. 36 प्रति किलोग्राम की गई। इसी प्रकार फूल इमली हेतु निर्धारित राशि रू. 63 प्रति किलोग्राम को बढ़ाकर राशि रू. 69 प्रति किलोग्राम किया गया। न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से लघु वनोपज संग्राहकों को उनके वनोपज का उचित दाम प्राप्त हुआ। 

संग्राहकों से क्रय की गई इमली के प्रसंस्करण अर्थात डिसिडींग का कार्य वन धन विकास केन्द्र में कार्यरत स्व-सहायता समूह तथा अन्य हितग्राहियों द्वारा किया जाता है। एक ओर जहां इमली क्रय से ग्रामीणों को उनके वनोपजों का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके प्रसंस्करण से अतिरिक्त आय का लाभ भी प्राप्त हो रहा है। संग्रहण वर्ष 2020 में क्रय की गई 23,312 क्विंटल इमली का प्रसंस्करण किया गया। इसी प्रकार संग्रहण वर्ष 2021 में संग्रहित इमली में से 68,330 क्विंटल इमली का प्रसंस्करण विगत एक माह के भीतर पूर्ण किया गया। इमली प्रसंस्करण कार्य से वर्ष 2020 में लगभग 13,311 हितग्राहियों को 1.45 करोड़ का भुगतान प्रसंस्करण कार्य से प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 में 21,582 हितग्राहियों को इमली प्रसंस्करण कार्य हेतु राशि रू 2.69 करोड़ प्राप्त हुआ। कोविड संकट के दौरान भी वर्ष 2020 के तुलना में वर्ष 2021 में एक माह के भीतर ग्रामीणों की आय में काफी वृद्धि हुई है। इमली प्रसंस्करण में विगत वर्ष जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया गया था। वर्तमान वर्ष में भी जिला यूनियन जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव द्वारा अति उत्कृष्ट प्रदर्शन कोविड संकट के दौरान किया गया।
 


05-May-2021 5:56 PM 25

रायपुर, 5 मई। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के वेबपोर्टल पर रेरा में पंजीकृत रियल स्टेट प्रोजेक्ट्स और रियल स्टेट एजेंट्स की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप छत्तीसगढ़ रेरा के वेबपोर्टल https://rera.cgstate.gov.in/  का सृजन वर्ष 2018 में किया गया है तथा उक्त वेबपोर्टल के माध्यम से छत्तीसगढ़ रेरा में पंजीकृत समस्त रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स व रियल एस्टेट एजेंट्स की जानकारी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराई गई है। प्राधिकरण द्वारा रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट के ले-आउट व अन्य अनुमतियों संबंधी जानकारी, प्रोजेक्ट की लोकेशन, विकास कार्यों की त्रैमासिक प्रगति का प्रतिशत व फोटोग्राफ्स तथा प्रोजेक्ट में यूनिट्स के विक्रय की जानकारी भी वेबपोर्टल पर पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराई जाती है। 

साथ ही छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा किसी भी प्रोजेक्ट के संबंध में उसके समक्ष प्रस्तुत शिकायतों में सुनवाई की वर्तमान स्थिति तथा प्राधिकरण एवं न्याय निर्णायक अधिकारी द्वारा पारित आदेशों को भी प्राधिकरण के वेबपोर्टल पर पब्लिक डोमेन में निरंतर अपलोड किया जाता है। इसके अतिरिक्त कोई भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट प्रमोटर, एजेंट तथा कोई व्यथित व्यक्ति पोर्टल के माध्यम से ही क्रमशः प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन, एजेंट के रूप में रजिस्ट्रेशन तथा प्राधिकरण के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करने संबंधी कार्यवाही कर सकता है। प्राधिकरण ने वर्तमान में वेबपोर्टल के उपयोग को सहज बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्टेकहोल्डर्स हेतु वेबसाईट के उपयोग के संबंध में विडियोस वेबपोर्टल पर अपलोड किये हैं। कोई भी व्यक्ति प्राधिकरण के वेबपोर्टल पर जाकर इन विडियोस का अवलोकन कर सकता है और प्राधिकरण के वेबपोर्टल के बेहतर उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकता है। 

वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुये प्राधिकरण यह उम्मीद करता है कि उक्त विडियोस के अवलोकन से विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को वेबपोर्टल के बेहतर उपयोग करने में सहायता प्राप्त होगी तथा उक्त विडियोस घर पर बैठे हुये ही किसी रेरा रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी प्राप्त करने हेतु बेवपोर्टल के उपयोग की प्रक्रिया को सहज बनाने में सहायक होंगे।


04-May-2021 6:52 PM 30

रायपुर, 4 मई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर प्रदेश में वर्तमान में 9 अप्रैल से 6 मई की सुबह तक कंटैनमेंट जोन घोषित होने के कारण राज्य के लघु और मध्यम व्यवसायियों की परेशानियों को देखते हुए उन्हें वांछित राहत प्रदान करने का अनुरोध किया है।

श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डट्रीज के अनुरोध पर केन्द्र सरकार से मांग की है कि व्यवसायियों द्वारा विभिन्न प्रकार की विवरणियों को प्रस्तुत करने की अप्रैल एवं मई माह की तिथियों को दो माह के लिए बढ़ाया जाए साथ ही व्यवसाय संचालन हेतु लिए गए ऋण के मूलधन और ब्याज की किश्तों के भुगतान की समय-सीमा को कम से कम 3 माह की स्थगन अवधि प्रदान करने पर विचार किया जाए।


04-May-2021 6:52 PM 20

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 4 मई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में राज्य में कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम सहित इलाज के लिए शासन-प्रशासन के समन्वित प्रयास से सभी आवश्यक उपाय तथा प्रबंध किए जा रहे हैं।

राज्य में 4 मई की स्थिति में कुल 73 लाख 67 हजार 888 टेस्ट किये गए हैं। इनमें कुल 7 लाख 71 हजार 701 कोविड प्रकरण पाए गए, जिसमें से वर्तमान में 6 लाख 41 हजार 449 स्वस्थ हो चुके हैं और एक लाख 20 हजार 977 प्रकरण सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़ में कोरोना जांच, इलाज तथा कोरोना टीकाकरण की सुविधा बढ़ाने आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण एवं संक्रमितों की पहचान के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में सेम्पलों की जांच की जा रही है। प्रदेश में प्रति 10 लाख की आबादी पर अब तक 2 लाख 56 हजार 506 सेम्पलों की जांच की गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य देश में कुछ गिने-चुने राज्यों में से है, जहां प्रति 10 लाख में सबसे ज्यादा लोगों की टेस्टिंग हो रही है। राज्य में टेस्टिंग क्षमता विशेषकर आरटीपीसीआर एवं ट्रू-नॉट टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने का प्रयास सतत रूप से किया जा रहा है। दैनिक औसत टेस्टिंग माह अप्रैल में बढक़र 49 हजार 249 हो गई है। छत्तीसगढ़ में प्रति 10 लाख पर 2 लाख 56 हजार 506 टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति 10 लाख पर 2 लाख 15 हजार 670 टेस्ट किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 10 लाख आबादी पर 2036 टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिदिन 10 लाख आबादी पर 1223 है।  राज्य में हो रही कुल कोविड जांच में अक्टूबर 2020 में आरटीपीसीआर जांच का प्रतिशत 26 प्रतिशत था, जो अप्रैल 2021 में बढक़र 40 प्रतिशत हो गया है।

राज्य में वर्तमान में 31 शासकीय लैब तथा 5 निजी लैब में ट्रू-नॉट जांच की सुविधा उपलब्ध हैं। 7 शासकीय लैब एवं 5 प्रायवेट लैब में आरटीपीसीआर की जांच सुविधा उपलब्ध है। रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक उपलब्ध है। राज्य में वर्तमान में 4 नई शासकीय आरटीपीसीआर लैब महासमुंद, कांकेर, कोरबा एवं कोरिया में भी स्थापित की जा रही है तथा प्रत्येक जिले में अतिरिक्त मशीन प्रदाय कर ट्रूनाट लैब की जांच क्षमता भी बढ़ाई जा सकती है।


04-May-2021 6:51 PM 21

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 4 मई।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मितानिन वर्तमान में गांव-गांव में कोरोना को रोकने में अहम् भूमिका निभा रही हैं। कोरोना महामारी की संकट की घड़ी में ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों तथा ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इसमें वे अपनी कड़ी मेहनत, अद्वितीय सेवा भावना और कर्तव्यनिष्ठा से स्वयं को सफल कर दिखाया है।

श्री बघेल ने मंगलवार को राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मितानिनों और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से चर्चा कर कोरोना संक्रमण के हालात के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस दौरान बस्तर संभाग के समस्त जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर तथा कोरिया जिले के विभिन्न ब्लॉकों के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की स्थिति के संबंध में उनसे चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू तथा मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी उपस्थित थे।

श्री बघेल ने कहा कि वर्तमान में कोरोना शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैला हुआ है। ऐसी स्थिति में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिन और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता डटकर अपना कार्य कर रहे हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने बताया कि गांवों में अभी भी कोविड प्रोटोकॉल, हैण्डवाश, मास्क, सेनेटाईजर, वैक्सीन तथा आइसोलेशन आदि को लेकर जागरूकता की बहुत कमी है।

ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे अपने-अपने कार्य क्षेत्र की जनता और खासकर महिलाओं को कोरोना की गंभीरता के बारे में समझाएं और ग्रामीणों को सर्तकता बरतने के लिए अधिक से अधिक प्रेरित करें। साथ ही लक्षण वाले व्यक्ति को तुरंत कोरोना की दवा उपलब्ध कराएं और जांच कराने के लिए भी प्रेरित करें। श्री बघेल ने कहा कि गांवों में लोग कोविड के लक्षणों को जानते समझते नही हैं।

इसलिए उनका संक्रमण अंदर ही अंदर काफी बढ़ जाता है और स्थिति काफी गंभीर होने के बाद वे दवाई लेने जाते हैं, जिससे इनका इलाज करने में बहुत मुश्किले आती है। इसे ध्यान में रखते हुए मितानिन और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को कोविड के लक्षणों के बारे में भी समझाएं।


04-May-2021 6:50 PM 22

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 4 मई। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके ने आदिवासी समाज के प्रमुखों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक में वैश्विक महामारी का रूप ले चुकी कोरोना संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश के आदिवासी समाज प्रमुखों से सहयोग की अपील की है।

उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश एवं देश में कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है जिसकी वजह से संसाधनों की कमी के साथ ही साथ आर्थिक गतिविधियॉं भी प्रभावित हो रही हैं और आमजनों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कोरोना महामारी के संक्रमण से निपटने के लिये सभी की भागीदारी अत्यन्त आवश्यक है। आज महामारी से बचने के लिये प्रदेश एवं देश के सभी नागरिकों को एकजुट होकर अपने कर्तव्यों को निभाना है तभी हम इस महामारी पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

राज्यपाल सुश्री उईके ने कहा कि हम कोविड से बहुत अधिक भयभीत हो गये हैं जिसकी वजह से अवसाद की स्थिति निर्मित होती है और व्यक्ति गंभीररूप से पीडि़त हो जाता है। मेरा ऐसा मानना है कि कोविड से भयभीत न हों मुकाबला करें और आत्मबल एवं संयम रखें। सकारात्मक भाव रखें, अपने लिये, अपने परिवार, पड़ोसियों, मित्रों के लिये, प्रदेश एवं देश के लिये अच्छा सोचें, अपने ईश्वर पर भरोसा रखें वह जो भी करेगें वह हमारे अच्छे के लिये ही होगा।


04-May-2021 6:49 PM 43

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 4 मई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों, प्रवासी श्रमिकों को अनिवार्य रूप से क्वारेंटिंन सेंटर में ठहराने और उनका करोना टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं ।

श्री बघेल ने कहा है कि राज्य के कई ग्रामीण इलाकों में अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों एवं  लोगों के संक्रमित होने की जानकारी मिल रही है । राज्य में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए यह जरूरी है , कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को गांव, घर- परिवार के बीच जाने देने के बजाय उन्हें गांव के बाहर स्थापित क्वॉरेंटीन सेंटर में कुछ दिनों के लिए एहतियात के तौर पर अनिवार्य रूप से ठहराया जाए और उनका कोरोना टेस्ट भी कराया जाए। कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव होने पर ही उन्हें गांव एवं घर परिवार में जाने की अनुमति दी जाए।  यह इसलिए  जरूरी है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर हम गांव और ग्रामीणों को संक्रमित होने से बचा सकते हैं ।

मुख्यमंत्री ने पंचायत पदाधिकारियों , शासन की सभी विभागों के ग्रामीण अमले के कर्मचारियों विशेषकर मितानिनों,आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, कोटवारों से अन्य राज्यों से गांवों में आने वाले पर निगरानी रखने और उन्हें क्वॉरेंटीन सेंटर में ठहराने के लिए समझाइश देने को कहा है । मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस निर्देश का पालन न करने वालों की सूचना तत्काल संबंधित इलाके तहसीलदार, एसडीएम एवं जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग के ग्रामीण इलाके के मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से गांवों में कोरोना संक्रमण की स्थिति की जानकारी ले रहे थे । इस दौरान रायगढ़ जिले के तमनार के एक ही मोहल्ले में 30 से अधिक लोगों के संक्रमित होने की मितानिन द्वारा जानकारी दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने जब विस्तार से पूछताछ की तो मितानिन श्रीमती गोमती साहू  ने बताया कि यह सभी लोग बाहर कमाने  गए थे । अभी लौट कर आए हैं । कोरोना जांच में  सभी पॉजिटिव  पाए गए हैं । कमोबेश इसी तरह की जानकारी अन्य क्षेत्रों की मितानिनो एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा  दी गई थी।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सभी नागरिकों से कोरोना संक्रमण के वर्तमान हालात को देखते हुए राज्य शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था का पालन करने की अपील की है । मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभी के सहयोग एवं सावधानी से ही कोरोना को रोकने और उसे परास्त करने में कामयाबी मिलेगी।


04-May-2021 6:49 PM 29

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 4 मई। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली द्वारा जारी किये गए नए प्रोटोकाल अनुसार एवं राज्य के वरिष्ठ डाक्टरों की अनुशंसा पर कोविड के ईलाज हेतु स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा नया प्रोटोकॉल जारी किया गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली एवं आईसीएमआर की अनुशंसा अनुसार निर्देश जारी किए गए हैं कि रेमेडीसिविर, टोसीलिजुमाब एवं प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग केवल अस्पतालों में ही किया जाए। इन दवाओं को प्रिस्काइब करने वाले डाक्टर की यह जिम्मेदारी होगी कि वह इन दवाओं के संबंध में मरीज की आवश्यकता का आकलन कर लें एवं यह भी सुनिश्चित कर ले कि मरीज को अन्य कोई बीमारी जैसे किडनी रोग, ह्दय रोग, कैंसर आदि तो नहीं, यह दवाएं अभी एक्सपेरीमेंटल दवाएं हैं। अत: इन दवाओं को किसी भी मरीज को देने से पूर्व मरीज के परिजन से इन्फार्ड कंसेन्ट प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

साथ ही राज्य सरकार ने यह भी निर्देश दिए है कि इन दवाओं के उपयोग के संबंध में राज्य चिकित्सा परिषद द्वारा दवाओं के उपयोग की ऑडिट की जाएगी एवं बिना किसी कारण ऐसी दवाएं प्रिस्काईब करने वाले डाक्टर के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर द्वारा 5 अलग-अलग दल बनाए जाएगें, जो कि निजी अस्पतालों का भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि पोर्टल पर बेड उपलब्धता की जानकारी अद्यतन रहे एवं बेड उपलब्ध होने की स्थिति में किसी भी मरीज को भर्ती होने से वंचित न होना पड़े।


04-May-2021 6:48 PM 24

कोराना संक्रमण काल में भी उत्कृष्ट कार्य निष्पत्ति बनी मिसाल

रायपुर, 4 मई। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के ताप एवं जल विद्युत गृहों ने कोरोना वायरस के संक्रमण काल में भी उत्कृष्ट कार्य निष्पत्ति का प्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के प्रतिवेदन के अनुसार वार्षिक विद्युत उत्पादन कुल 18857.847 मिलीयन यूनिट हुआ। जिसमें कोरबा पश्चिम विस्तार ताप विद्युत गृह 92.82 प्रतिशत संयंत्र उपयोगिता गुणांक की भागीदारी दी गई, जोकि इस ताप विद्युत गृह के जीवनकाल का सर्वाधिक पीएलएफ. है। इसी तरह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह ने 94.38 प्रतिशत प्लांट उपलब्धता घटक को दर्ज कर सर्वकालिक सर्वाधिक विद्युत उत्पादन का कीर्तिमान बनाया।

जनरेशन कंपनी के ताप विद्युत गृहों के अलावा जल विद्युत गृहों ने भी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद वित्तीय वर्ष 2020-21 में 462.526 मिलीयन यूनिट विद्युत उत्पादन किया, जोकि छत्तीसगढ़ राज्य गठनोपरांत अब तक सर्वाधिक होने का कीर्तिमान है। विदित हो कि जनरेशन कंपनी के जल विद्युत गृहों का पिछला अधिकतम विद्युत उत्पादन का कीर्तिमान वित्तीय वर्ष 2001-02 में 403.25 मिलीयन यूनिट दर्ज हुआ था।

ताप एवं जल विद्युत गृहों की उत्कृष्ट कार्य निष्पत्ति की बदौलत छत्तीसगढ़ जनरेशन कंपनी के विद्युत गृहों को देश भर के स्टेट सेक्टर के विद्युत गृहों की तुलना में सर्वोच्च स्थान पर होने का गौरव प्राप्त हुआ।  कंपनी के विद्युत गृहों ने 70.08 प्रतिशत पीएलए. का प्रदर्शन किया जबकि स्टेट सेक्टर के विद्युत गृहों का औसत पीएलए 42.12 प्रतिशत ही रहा। इसी तरह राष्ट्रीय ताप विद्युत गृहों का औसत पीएलए. 51.49 प्रतिशत रहा। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय अधीन कार्यरत  केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण नई दिल्ली के प्रतिवेदन (दिसम्बर 2020) में दर्ज उक्त उपलब्धियों से छत्तीसगढ़ को जहां राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित होने का ऐतिहासिक अवसर प्राप्त हुआ वहीं पॉवर कंपनीज के अधिकारियों/कर्मचारियों की टीम का मनोबल भी ऊंचा हुआ है।


04-May-2021 6:47 PM 14

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 4 मई। रायपुर जिले में  होम आइसोलेशन से जुड़े डॉक्टरों और अधिकारियों का वेबीनार के माध्यम से कोरोना मरीजों के इलाज, सावधानी और संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों में विचार- विमर्श किया गया । इसमे होम आइसोलेशन में काम कर रहे करीब 300 अधिकारी व डॉक्टरों  ने हिस्सा लिया।

डॉक्टर इंचार्ज व होम आइसोलेशन स्पेशलिस्ट डॉ.निलय मोझरकर ने वेबीनार में बताया कि घर में रहते हुए मरीज की स्थिति गंभीर होने के पहले किन लक्षणों को देखा जाना अत्यंत जरूरी  है। यदि उम्र 50 से अधिक हो,  फैमिली में किसी की कोरोना से मृत्यु हुई हो,  मरीज को कोई अनियंत्रित बीमारी हो ,तो वे हाई रिस्क फेक्टर है ऐसे मरीजों को होम आइसोलेशन के दौरान ज्यादा मॉनिटरिंग की आवश्यकता होती है।

यदि मरीज को लंबे समय तक तेज बुखार है या ऑक्सीजन लेवल 94 से नीचे रहता है तो ऐसे मरीज को कोविड केयर सेंटर में  भर्ती कर देखभाल की आवश्यकता होती है।

डॉक्टर मोझरकर ने वैक्सिन के बारे में बताया कि माइल्ड व मोडिरेट कोविड बीमारी को ठीक होने के तुरंत बाद वैक्सीन लगाई जा सकती है। केवल गंभीर बीमारी वाले या लंबे समय तक स्टेराइड की दवाइयां खाने वाले मरीजों को 3 महीने बाद वैक्सीन की सलाह दी जाती है। उन्होंने बताया कि दूध पिलाने वाली ऐसी माता जिनके बच्चे एक वर्ष से अधिक आयु के हो चुके है, वे भी लगवा सकती है कोरोना वैक्सीन ।

होम आइसोलेशन की सहायक नोडल अधिकारी डॉ अंजली शर्मा ने बताया कि होम आइसोलेशन  में गर्भवती माताओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। मरीज द्वारा कंट्रोल रूम में सम्पर्क करने पर यह तुरंत उपलब्ध हो जाती है।

डॉ.  मोझरकर ने सिटी स्कैन की भ्रांतियों को भी दूर किया । उन्होंने बताया कि हर मरीज को प्रारंभिक दिनों में सिटी स्कैन की आवश्यकता नहीं होती ,केवल गंभीर स्थिति की तरफ जा रहे मरीजों को ही बीमारी के दूसरे या तीसरे हफ्ते में सिटी स्कैन की आवश्यकता पड़ सकती है। ज्यादा सिटी स्कैन स्कोर होने पर भी अगर बीमारी के अन्य लक्षण ठीक है तो घर पर ही  मरीज का इलाज किया जा सकता है।


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