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Date : 02-Apr-2020

छत्तीसगढ़ आश्रय स्थलों में प्रवासी श्रमिकों का मानसिक तनाव दूर करने की देगा सुविधा

रायपुर, 2 अप्रैल। छत्तीसगढ़ सरकार लॉकडाउन की वजह से फंसे ठेका श्रमिकों का मानसिक तनाव कम करने के लिए परामर्शदाताओं को आश्रय स्थलों और शिविरों में सेवाएं प्रदान करने के लिए भेजेगी।

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत पदस्थ मानव संसाधनों (साईकेट्रिक, साईकेट्रिक सोशल वर्कर, साईकेट्रिक नर्स, काउंसलरों, क्लिनिकल साईकोलॉजिस्ट एवं कम्यूनिटी नर्स) की डयूटी लगाई जाएगी। जिलों प्रशासन द्वारा बनाये गए शेल्टरों में पर प्रवासी मजदूरों को ठहराने की व्यवस्था की गयी है। इससे  प्रवासी मजदूरों को लॉकडाउन के दौरान होने वाले मानसिक तनाव के लिए परामर्श/ काउंसलिंग के लिए तत्काल डियूटी पर मनोचिकित्सकों को लगाया जाना सुनिश्चित करना है। इन आश्रय स्थलों में प्रशिक्षित काउंसलर और सामुदायिक समूह के नेता सभी धर्मों से संबंधित को राहत शिविरों / आश्रय घरों में दौरा भी किया जाना है। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उपलब्ध टीमों का उपयोग परामर्श सेवाएं प्रदान करते हुए श्रमिकों के मन में उठने वाले सवालों का जवाब देंगे।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश का हवाला देते हुए, कहा गया है लॉकडाउन के दौरान देशभर के अलग-अलग राज्यों में ठेका श्रमिक फंसे हुए हैं। लॉकडाउन की वजह से रोजी-रोटी के लिए अन्य राज्यों में श्रमिक बन कर कार्य करने वाले प्रवासी श्रमिकोंको मानसिक तनाव से बचाव के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिशा निर्देश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों की सरकारों व स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत प्रवासी श्रमिकों को मानसिक तनाव से बचाव के लिए परामर्श एवं काउंसिलिंग की सेवाएं प्रदान करना है। सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर प्रवासी मजदूरों को ठहराएं गए शेल्टरों व आश्रय स्थलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए परामर्श/ काउंसलिंग प्रदान करने का आदेश दिया है।

अतीत राव, परामर्श दाता, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (रायगढ़) ने बताया, वह जिले में क्वारंटीन हुए 6 व्यक्तियों की काउंसलिंग की जा रही है। रायगढ़ में 3 क्वारंटीन सेण्टर हैं जिनमें 6 लोगों को रखा गया है और इनकी काउंसलिंग हो रही है।


Date : 02-Apr-2020

सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लिखा पत्र, खुद के साथ बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य का रखें ख्याल

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को छत्तीसगढ़ी में पत्र लिखकर कहा कि इस संकट की घड़ी में आप लोगों को फिर से गंभीर जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है। आपकी जिम्मेदारी है कि आप खुद के स्वास्थ्य के साथ-साथ बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उनकों पोषण आहार उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि मिलके लड़बो अऊ कोरोना ला हराबो। उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस के कारण सब तरफ संकट मंडराया हुआ है। इस बीमारी से बचने के लिए एक ही उपाय है कि हम लोग घर के अंदर रहें और सुरक्षित रहने के तरीका का समुचित रूप से पालन करें। आप सभी गांव-गावं में सभी लोगों के संपर्क में रहते हैं और आपके समझाइश को लोग मानते भी हैं। इस संकट की घड़ी में आप लोगों को फिर से गंभीर जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है। आपकी जिम्मेदारी है कि आप खुद के स्वास्थ्य के साथ-साथ बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उनकों पोषण आहार उपलब्ध कराएं। उन्हें यह भी समझाएं कि वे घर से बाहर मत निकले और घर-बाहर के सभी लोगों से दूरी बनाकर रखें। कुछ भी अनजान वस्तु को छूने के बाद हाथ को साबुन से जरूर धोने के लिए कहें।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि आप पोषण आहार को घर-घर पहुंचाएं तो, आंगनबाड़ी केन्द्रों में भीड़ नहीं लगेगी और कोरोना बीमारी फैलने की संभावना नहीं रहेगी। आप लोग रेडी-टू-ईट बनाने वालों को भी स्वच्छता के साथ दूरी बनाकर कार्य करने के लिए समझाएं। स्वच्छ और सुरक्षित तरीका से पोषण आहार के बांटने की व्यवस्था हो। ध्यान रखा जाए कि सभी बच्चे और माताओं को नियमित रूप से पोषण आहार मिलता रहे। कोरोना बीमारी के पहले लक्षण के अंतर्गत खांसी का होना, बुखार होना और सांस लेने में तकलीफ होना है। कोरोना से रोकथाम के लिए जितने उपाय बताए गए हैं उसका पालन करें और लोगों को भी पालन करने के लिए समझाइश देंवे। कोरोना बीमारी के कुछ जानकारी मिले तो स्वास्थ्य विभाग और अपने विभाग के अधिकारी को तुरंत सूचना देंवे। कोरोना बीमारी की रोकथाम के लिए आप लोग हमारी सरकार के हाथ को मजबूत बनाएं और हमारे छत्तीसगढ़ तथा देश में एक मिशाल कायम करें।


Date : 02-Apr-2020

आशीष छाबड़ा ने विधायक निधि से सीएम सहायता कोष में दिए 20 लाख

रायपुर, 2 अप्रैल। कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमण की रोकथाम और जरूरतमंदों की सहायता के लिए बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष छाबड़ा ने अपने विधायक निधि मद से 'मुख्यमंत्री सहायता कोष' में 20 लाख रूपए प्रदान किए हैं। श्री छाबड़ा ने इसके लिए बेमेतरा जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर इस आशय से अवगत कराया है।

 उन्होंने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपाय करने तथा अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए विधायक निधि से 20 लाख रूपए मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करने की अनुशंसा की है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ में विधायक निधि से भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपायों और जरूरतमंदों की सहायता का प्रावधान किया गया है।


Date : 02-Apr-2020

कांकेर से पैदल बिहार अपने घर जाने निकले दो सगे भाइयों को रायपुर जिला प्रशासन ने लाभांडी आश्रय परिसर में ठहराया

एक हफ़्ते से भटकते रायपुर हिम्मत टूटी तो एनजीओ से माँगी मदद

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। 25 मार्च से पैदल और दीगर साधनो से किसी तरह कांकेर में काम करने वाले दो सगे भाई अपने घर बिहार के अरडिया जाने निकले और रायपुर में जब हिम्मत हार गए तो रायपुर में सहारे की तलाश में भटकते समाजसेवी डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी के सम्पर्क में आए और उन्होंने रायपुर जि़ला प्रशासन को इसकी जानकारी दी।

सूचना पर कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन  और जि़लापंचायत सीईओ डॉ गौरव कुमार सिंह ने  रैपिड रेस्पॉन्स टीम और गोलबाज़ार पेट्रोलिंग टीम को भेजकर उनके भोजन की तत्काल व्यवस्था करा कर उन्हें लभांडी में बनाए सुविधायुक्त आवासीय परिसर में देर रात रुकने की व्यवस्था करायी है। कोरोना लॉकडाउन तक अब आराम से ये यही रुकेंगे फिर अपने घर बिहार रवाना होंगे।


Date : 02-Apr-2020

सभी जिला चिकित्सालयों व सामुदायिक केन्द्रों में मरीजों के परिवहन हेतु पांच-पांच अतिरिक्त वाहन की व्यवस्था

रायपुर, 2 अप्रैल। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह ने कोविड-19 के संक्रमण के कारण लॉकडाउन की स्थिति की मद्देनजर राज्य के सभी जिला चिकित्सालयों एवं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों के परिवहन के लिए पांच-पांच अतिरिक्त वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है, ताकि मरीजों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा मिलती रहे।

सभी कलेक्टरों एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जारी अपने निर्देश में सचिव श्रीमती सिंह ने कहा है कि लॉकडाउन की वजह से बस, ऑटो रिक्शा, टैक्सी को बंद रखा गया है। ऐसी स्थिति में गंभीर रूप से पीडि़त एवं दुर्घटनाग्रस्त लोगों को जिला चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य केन्द्र आने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैै। उन्होंने कहा है कि चंूकि 102 एवं 108 वाहन भी सीमित संख्या में अस्पतालों में है। इनके माध्यम से मरीजों को वर्तमान स्थिति में परिवहन की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस स्थिति को देखते हुए प्रत्येक जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों के परिवहन हेतु पांच-पांच वाहन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करें, ताकि इसके माध्यम से मरीजों को नि:शुल्क अस्पताल लाने एवं घर छोडऩे का काम किया जा सके। सचिव श्रीमती सिंह ने इस अतिरिक्त व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केन्द्र में प्रभारी अधिकारी तैनात करने तथा उसका नाम फोन नम्बर सार्वजनिक रूप से प्रचारित करने को कहा है, ताकि मरीज वाहन के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सके।

उन्होंने सभी कलेक्टरों एवं सीएमएचओ को की गई व्यवस्था एवं इसके लिए नियुक्त प्रभारी अधिकारी के नाम एवं मोबाइल नम्बर की जानकारी संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं को तत्काल भिजवाने के निर्देश दिए हैं।

 

 


Date : 02-Apr-2020

कोरोना संक्रमण के बीच पॉवर कंपनी के डॉक्टर सेवा में जुटे

रायपुर, 2 अप्रैल। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के करीब 17 हजार अधिकारियों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के साथ ही सभी विद्युत कर्मियों के परिवारजनों को कोविड-19 से बचाने के लिए पावर कंपनी के डॉक्टरों ने अपना पावर दिखाया है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के जख्म दिए हैं।

इस बीमारी की वजह से संशय में डूबा हर व्यक्ति एक-एक पल गिन गिन कर काट रहा है। वही प्रदेशभर के डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ निडर निस्वार्थ जन मन की सेवा में जुटा है । पावर कंपनी के डगनिया, गुढिय़ारी रायपुर, बिलासपुर ,भिलाई 3 ,कोरबा पूर्व, कोरबा पश्चिम, मड़वा एवं जगदलपुर में संचालित पावर कंपनी के  चिकित्सालयों एवं औषधालयों में मरीजों हेतु बाह्य रोगी सेवाएं (ओपीडी )को प्रात: 9 से दोपहर 1 बजे तक संचालित किए जा रहे हैं।

चिकित्सालयों में भीड़ कम करने के लिए चिकित्सकों ने सलाह दी है कि आवश्यकता अनुसार टेलीफोन पर भी विद्युत कर्मी चिकित्सा परामर्श ले सकते हैं ।65 वर्ष से अधिक आयु अथवा लंबी बीमारियों से ग्रसित जनों के लिए विशेष सुविधा दी गई है कि, वे अपने परिवारजनों को भेजकर रूटीन की दवाएं मेडिकल किताब में दर्ज अनुसार ले सकते हैं ।आपातकालीन स्थिति में बिना रिफरल के भी पावर कंपनी द्वारा अधिकृत निजी अस्पतालों से ओपीडी की दवाई ली जा सकती हैं। साथ ही आवश्यकता होने पर अपना परिचय पत्र दिखाकर बीमार बिजली कर्मी वहां भर्ती भी  हो सकते हैं।

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए विद्युत कर्मियों के हित में  जारी  परिपत्र के अनुसार 15 डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एच एल पंचारी  के साथ ही डॉ श्रीमती उषा पिल्लई, डॉ के एस छाबड़ा ,डॉ विवेक गोले, डॉ अलका गोले, डॉ नीलेश सिंह, डॉ अजीत सिंह ,डॉ एस एल कोरेटिया  ,डॉ के बी बंसोड़े, डॉ रमेश श्रवण, डॉ ए के बाजपेई, डॉ सतीश खरे ,डॉ वी थॉमस के, डॉ एमआर स्नेही शामिल है। जिनसे  आपातकालीन स्थिति में दूरभाष पर पावर कंपनी के अधिकारी कर्मचारी  चर्चा कर चिकित्सा सुविधा ले सकते हैं ।


Date : 02-Apr-2020

छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख जरूरतमंदों को मिल रहा नि:शुल्क भोजन, दो लाख एक हजार 298 लोगों को मदद एवं नि:शुल्क मास्क

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर राज्य भर में एक लाख 84 हजार से अधिक गरीबों, मजदूरों एवं निराश्रितों को नि:शुल्क भोजन का प्रबंध जिलों में स्थानीय प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहयोग से किया जा रहा हैं। गौरतलब है कि कोरोन वायरस के संक्रमण से उत्पन्न लॉकडाउन की वजह से जरूरतमंद गरीबों, मजदूरों एवं निराश्रितों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट को देखते हुए शासन-प्रशासन द्वारा राज्य के सभी जिलों में नि:शुल्क भोजन एवं राशन उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। इस कार्य में स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएं एवं दानदाता भी अपनी ओर से हरसंभव सहयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप राज्य के सभी जिलों में गरीबों, मजदूरों, निराश्रितों एवं जरूतमंद लोगों के भोजन एवं आवास का प्रबंध किया गया है। कैम्प में रह रहे लोगों के लिए जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के अलावा दूसरे राज्यों के भी श्रमिक शामिल हैैं, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा भोजन, चाय नाश्ता एवं चिकित्सा सुविधा नि:शुल्क मुहैया करायी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज एक अप्रैल को राज्य के 28 जिलों में एक लाख 84 हजार 712 लोगों को नि:शुल्क भोजन एवं राशन का वितरण किया गया। स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से अब तक दो लाख एक हजार 298 लोगों को आवश्यक मदद एवं मास्क आदि का वितरण किया गया है।

रायपुर जिले में सर्वाधिक एक लाख 3 हजार 606 लोगों को नि:शुल्क भोजन एवं राशन प्रदाय किए जाने के साथ ही उन्हें कोरोना संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए मास्क एवं अन्य सामाग्री का वितरण किया गया है। इसी तरह सुकमा जिले में 4077, राजनांदगांव में 98,893, रायगढ़ में 46,232, बस्तर में 13,648, कांकेर में 2749, बीजापुर में 570, जशपुर में 1720, कोरिया में 4908, सूरजपुर में 5146, बालोद में 13,557, कबीरधाम में 973, बलौदाबाजार में 7900, धमतरी में 5740, दुर्ग में 5530, महासमुंद में 2347, बलरामपुर में 2782, कोरबा में 14,803, सरगुजा में 1122, जांजगीरचांपा में 1052, बिलासपुर में 5395, कोण्डागांव में 2924, दंतेवाड़ा में 17,519, बेमेतरा में 2445, गरियाबंद में 5268, नारायणपुर में 636, मुंगेली में 11, 437 तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1529 जरूरतमंदों को नि:शुल्क भोजन, राशन एवं अन्य सहायता उपलब्ध करायी गई हैं।


Date : 02-Apr-2020

सीएम ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र, अम्बेडकर अस्पताल के माइक्रोबायलॉजी विभाग को नोवेल कोरोना वायरस टेस्टिंग हेतु अधिकृत करने का आग्रह

छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस टेस्टिंग के मात्र दो केन्द्र: टेस्टिंग केन्द्र बढ़ाने का किया अनुरोध

रायपुर, 02 अप्रैल। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में नोवेल कोरोना वायरस टेस्टिंग के केन्द्रों की संख्या में वृद्धि का आग्रह किया है। श्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के माइक्रोबायलॉजी विभाग को नोवेल कोरोना वायरस टेस्टिंग हेतु अधिकृत किया जाना चाहिए। यहां कोरोना वायरस की जांच के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि भारत सरकार द्वारा नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया है तथा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इसे सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में संक्रामक रोग घोषित किया गया है। राज्य में कोरोना वायरस (कोविड-19) के महामारी से बचाव हेतु समुदाय स्तर पर सक्रिय निगरानी कर मरीज की त्वरित पहचान व उपचार किया जा रहा है।

उन्होंने लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में कोरोना वायरस की जांच केवल दो स्थानों अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर एवं स्व. श्री बलीराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्या महाविद्यालय जगदलपुर में ही किए जाने की सुविधा है। वर्तमान विषम परिस्थिति को देखते हुए राज्य में और कोरोना वायरस जांच केन्द्र अधिकृत किए जाने की आवश्यकता है जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की तत्काल जांच कर रिपोर्ट अनुसार कार्यवाही की जा सके। इसी परिप्रेक्ष्य में रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के माइक्रोबायलाजी विभाग में कोरोना वायरस की जांच हेतु सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध है। उक्त सुविधाओं को देखते हुए सचिव, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 24 मार्च को डायरेक्टर जनरल आईसीएमआर न्यू दिल्ली को टेस्टिंग हेतु अधिकृत किए जाने का अनुरोध किया गया है, किन्तु अभी तक जवाब अपेक्षित है।

मुख्यमंत्री ने लिखा है कि वर्तमान परिस्थितियों एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में उपलब्ध सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए अनुरोध है कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के माइक्रोबायलॉजी विभाग को नोवेल कोरोना वायरस के टेस्टिंग हेतु अधिकृत करने का कष्ट करें।

 


Date : 02-Apr-2020

संयुक्त वन प्रबंधन समिति, कोरोना संकट में मदद के लिए आगे आयी महिलाएं

रायपुर, 2 अप्रैल। वन विभाग के अंतर्गत गठित संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की महिलाएं भी अब कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न इस विषम परिस्थिति में सहायता के लिए आगे आयी हैं। इनके द्वारा वर्तमान में लोगों को मदद पहुंचाने के उद्देश्य से मास्क निर्माण का कार्य निरंतर जारी है। यह मानवीय चेहरा प्रदेश के दूरस्थ वनांचल स्थित फरसगांव वन परिक्षेत्र के पतोड़ा और बड़ेडोंगर वन परिक्षेत्र के मांझीआठगांव के संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की महिलाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि केशकाल वन मण्डल के अंतर्गत इन समितियों के 14 महिलाओं द्वारा अब तक 5 हजार से अधिक मास्क का निर्माण कर लिया गया है। इनके द्वारा मास्क निर्माण का कार्य निरंतर जारी है। श्री चतुर्वेदी ने यह भी बताया कि संयुक्त वन प्रबंधन समिति की महिलाओं को मास्क निर्माण के कार्य में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए वन विभाग द्वारा उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। कोरोना वायरस संक्रमण के माहौल में हर जगह लॉकडाउन की परिस्थितियां निर्मित हुई है।

इन परिस्थितिओं में वन और वनवर्धनिक कार्य करने के लिए वन विभाग के अधीनस्थ कर्मचारियों को भी समितियों की महिलाओं द्वारा निर्मित मास्क उपलब्ध कराए जा रहे है। इसके अलावा विभाग द्वारा वन-धन योजना के तहत संचालन किए जा रहे 208 स्व-सहायता समूहों के समस्त सक्रिय सदस्यों दो हजार 80 लोगों को मास्क का वितरण किया जा रहा है। जिससे उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ लघु वनोपज कार्य संग्रहण तथा प्रसंस्करण कार्य करने के लिए कोई परेशानी न हो।

इस संबंध में वनमण्डाधिकारी वनमण्डल केशकाल श्री मणिवासगन एस. ने बताया कि वर्तमान में संयुक्त वन प्रबंधन समिति पतोड़ा और मांझीआठगांव की महिलाओं द्वारा निर्मित लगभग 5 हजार मास्क में से 760 नग मास्क अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोण्डागांव और स्थानीय मेडिकल दुकानों को मांग के अनुरूप आपूर्ति की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि केशकाल वनमण्डल के ही अंतर्गत वन-धन केन्द्र प्रभारी समूह मां दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह फरसगांव द्वारा भी मास्क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। 

 

 

 


Date : 02-Apr-2020

सिख समाज नगरवासियों के साथ मिलकर जरूरुतमंदों की कर रहा मदद 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
अभनपुर, 2 अप्रैल।
अभनपुर तहसील में लॉकडाउन की वजह से गरीब परिवारों को कोई परेशानी नहीं होगी, ऐसे परिवारों को जरुरी सामान के लिए कहीं भटकने की जरुरत नहीं है बल्कि पूरा सामान उनके घर पहुंचेगा। यह दावा अभनपुर से दानदाताओं ने किया है। अभनपुर सिख समाज नगरवासियों के साथ मिलकर मदद पहुंचाने में जुटा हुआ है।

पार्षद बलविंदर गांधी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण गरीब परिवारों की स्थिति को देखते हुए बीते दिनों सिख समाज द्वारा उनकी मदद करने की पहल शुरु की गई थी, लेकिन अगले ही दिन शहर के दानदाता साथ मिलकर मदद करने के लिए तैयार हो गए, अब शहर के सभी दानदाता मिलकर इस अभियान को चला रहे हैं, जैसे ही जरुरतमंदों की जानकारी उनके पास पहुंचती है, तत्काल मदद मुहैया करा दी जाती है।उन्होंने बताया कि मदद के लिए पैकेट तैयार किये गये है जिसमें दाल, चावल, नमक, मिर्ची, चायपत्ती, बिस्कुट जैसे तमाम जरूरी सामान शामिल हैं। 

समाजसेवी बलविंदर ने बताया कि पालिका क्षेत्र के सभी वार्डों की जिम्मेदारी अभनपुर नगर पंचायत सीएमओ जागृति साहू के साथ मिलकर निभायी जा रही है , नगर पंचायत कर्मचारियों के माध्यम से सभी वार्डों में जरुरतमंदों की लिस्ट तैयार की जाती है , जैसे ही लिस्ट उनके पास पहुंचती है तत्काल उतनी सहायता सीएमओ के मार्गदर्शन में जरुरतमंदों को उपलब्ध करा दी जाती है। इसी प्रकार आसपास गांव की जिम्मेदारी एसडीएम सूरज साहू के मार्गदर्शन में निभाई जा रही है।

 पंचायत प्रतिनिधियों या ग्रामीणों द्वारा जानकारी देने पर एसडीएम के माध्यम से तत्काल सहायता संबंधित ग्रामीण तक पहुंचायी जा रही है , उन्होंने दावा कि अब तक 500 से अधिक जरुरतमंदों की मदद की जा चुकी है, आगे भी ये सिलसिला निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि उनकी टीम में दानदाताओं की कमी नहीं है, उनके पास पर्याप्त मात्रा में सामग्री एंडवास में उपलब्ध है, यही नहीं किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए 200 पैकेट एसडीएम को अतिरिक्त उपलब्ध करा दिये गये हैं। 

नपं उपाध्यक्ष किशन शर्मा, पार्षद बलविंदर गांधी, प्रवीण बजाज जगजीत गांधी, महेंद्र गांधी, वरुण राठी,राजा राय राजा गुलाटी,नरेंद्र दुआ,सतनाम दुआ, यश गाँधी,नीलेश राठी, किशन शर्मा, मनदीप गांधी, सैबी दुआ, उपजीत सचदेवा मदद के लिए जुटे हुए हैं।
 


Date : 02-Apr-2020

...ऐसा अनियोजित लॉकडाउन किसी देश ने नहीं किया-सोनिया, छत्तीसगढ़ का इंतजाम पूछा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने गुरूवार को वीडियो कांफे्रंसिंग के जरिए कार्य समिति के सदस्यों से चर्चा की। साथ ही साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कोरोना संक्रमण के चलते राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। श्रीमती गांधी ने हर उस व्यक्ति की मदद करने की बात कही, जो न केवल संकट से पीडि़त है बल्कि कोरोना से पैदा हुए आर्थिक संकट का भी शिकार हुआ है।

सोनिया गांधी ने कहा कि 21 दिन का लॉकडाउन जरूरी था, लेकिन इसे अनियोजित तरीके से लागू किया गया। लॉकडाउन के कारण लाखों प्रवासी मजदूरों का उत्पीडऩ हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से लागू किया गया,  वो भी केवल कुछ घंटों के सूचना पर, उसने आम जनता को भारी दिक्कतें पैदा कर दीं। बिना रोजमर्रा के साधनों  की कमी के वजह से लाखों प्रवासी मजदूर अपने परिवार सहित सैकड़ों दूर अपने गांवों की ओर जाने को मजबूर हो गए। लाखों मजदूरों द्वारा पलायन के इस पीड़ादायक स्थिति ने हर दिल को दर्द पहुंचाया है। श्रीमती गांधी ने कहा कि हम में से हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि उनकी इस तकलीफ को बांटे और जहां तक हो सके उनकी मदद करें। सभी सरकारों की जिम्मेदारी है कि वो सुनिश्चित करें कि बुनियादी ढांचे या तैयारी की कमी के वजह से एक भी व्यक्ति में कोरोना का शिकार न हो।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने उन्हें बताया कि छत्तीसगढ़ की हालत स्थिर है और जरूरी उपायों के साथ जरूरतमंदों की मदद की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में अनाज सब्जी की सप्लाई सामान्य है। बाजारों में मूल्य नियंत्रण में है। बाजारों में सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है। कुल मिलाकर 9 मरीज मिले थे जिनमें से तीन ठीक हो गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। श्रीमती गांधी ने कहा कि आज जब हम मिल रहे है देश एक बहुत बड़े और घोर संकट से गुजर रहा है।

यह एक कठिन चुनौती है लेकिन इसे हराने का हमारा संकल्प इससे भी मजबूत होना चाहिए। श्रीमती गांधी ने कहा कि पूरे विश्व में अनकही पीड़ा फैला दी है परन्तु साथ ही साथ भाईचारे की भावना और एकजुटता को मजबूत किया है। हमारे देश मे अब हमें हर उस व्यक्ति की मदद में संगठित होकर कार्य करना है, जो न केवल इस संकट से पीडि़त है, बल्कि कोरोना से पैदा हुए आर्थिक संकट का भी शिकार हुआ है।

श्रीमती गांधी ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि वो निर्धारित अस्पतालों, बेड की संख्या, कोरोना टेस्ट की सुविधाओं और अन्य जानकारी प्रकाशित करके आम जनता तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि लगभग 90 फीसदी भारतीय असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जिन पर इस महामारी का गहरा व दूरगामी असर पड़ रहा है। इससे उत्पन्न आर्थिक संकट के चलते उनकी रोजी रोटी खत्म हो रही है। इस समय वो खाने-पीने की चीजों की कमी एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण कड़ी मुश्किल का सामना कर रहे हैं। हमें व सरकारों को उनका संपूर्ण सहयोग करना होगा। इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मध्यम वर्ग भी इस महामारी के कारण उत्पन्न हुए आर्थिक संकट से नहीं बच पाया। अर्थव्यवस्था के सभी सेक्टर्स में रोजग़ार में कटौती, तनख्वाहों का कम हो जाना, पेट्रोल, डीज़ल एवं गैस के ऊँचे मूल्यों के कारण चारों ओर निराशा का माहौल है। दूसरी तरफ मध्यम वर्ग के कर्ज की अवधि को तीन महीने आगे तो बढ़ा दिया गया, पर उन्हें ब्याज में छूट या फिर कोई राहत नहीं दी गई। ऐसे में मध्यम वर्ग के लोग इस संकट से मुकाबला कैसे करें? इसलिए मैं केंद्र सरकार से आग्रह करती हूँ कि वो एक कॉमन न्यूनतम राहत कार्यक्रम तैयार कर उसे लागू करे। इस कॉमन न्यूनतम राहत कार्यक्रम से उन अनेक समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी, जिनसे सब लोग पीडि़त हैं। वीडियो कांफ्रेसिंग में कार्यसमिति के सदस्य के नाते गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी शामिल हुए।


Date : 02-Apr-2020

सुनसान मंदिरों में भगवान राम का अभिषेक पूजन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। कोरोना संक्रमम और लॉक डाउन के कारम राजधानी के जैतूसाव मठ, दूधाधारी मठ सहित सूने राम मंदिरों में भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान न श्रद्धालुओं के जयकारे रहे और न ही मंगल शंख ध्वनि ही उच्चारित हुई। पंडितों के अनुसार उन्होंने अपने जीवनकाल में रामनवमी के मौके पर आज तक कभी ऐसा दृश्य नहीं देखा था कि मंदिर का मुख्य द्वार बंद हो और श्रद्धालुओं की भीड़ न हो। दूधाधारी, जैतूसाव मठ सहित शहर के राममंदिरों में शुभ मुर्हूत में भगवान राम का अभिषेक, श्रृंगार किया गया। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर पूजा में शामिल पंडितों ने पूरे समय मास्क लगाए रखा। भगवान राम को धनिया पंजेरी का भोग लगाया गया।

जैतूसाव मठ ट्रस्ट के सचिव महेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि आमतौर पर रामनवमीं में मठ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहती थी, लेकिन इस बार मंदिर पूरी तरह से सूना रहा। शुभ मुर्हूत में श्रृंगार, अभिषेक आरती पश्चात भगवान को भोग लगाया गया। इने गिने श्रद्धालुओं के लिए सैनेटाइजर की व्यवस्था रखी गई थी। महेन्द्र अग्रवाल कहते हैं  75 साल के अपने जीवनकाल में रामनवमीं के मौके पर ऐसा दृश्य नहीं देखा था।

आज के दिन मंदिर में भक्तों का मेला उमड़ा करता था। क्विंटल भर मालपुआ बना करता था। इस बार किलो सवा किलो पंजीरी का बस भोज लगा है। वर्ष 1966 में मां जानकी  को लेकर विवादस्पद वक्तव्य के कारण कफ्र्यू लगा था, लेकिन उस दौरान भी मंदिर बंद नहीं हुआ था। वर्ष 1984 में भी देश में उपजे तनाव के दौरान इस तरह की स्थिति निर्मित नहीं हुई थी।

इस बार मठ ट्रस्ट की ओर से जीर्णोद्वार में लगे मजदूरों को लॉक डाउन के दौरान बंद काम के भुगतान का निर्णय लिया गया है। लाखे नगर स्थित राम मंदिर के पंडित गणेश दत्त पाठक ने बताया कि रामनवमी के अवसर पर भगवान राम का विशेष अभिषेक श्रृंगार और पूजन किया गया लेकिन इस दौरान दर्शनार्थियों का मंदिर प्रवेश निषिद्ध रहा।


Date : 02-Apr-2020

मनरेगा मजदूरों को 98 करोड़ भुगतान, खाते में जमा होगी राशि

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर विभाग द्वारा मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) कार्यों के लिए 97 करोड़ 90 लाख 20 हजार रूपए जारी किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में मनरेगा के अंतर्गत हुए निर्माण कार्यों के भुगतान के लिए यह राशि जारी की गई है।

विभाग द्वारा किए जाने वाले इस तत्काल भुगतान से कोविड-19 के नियंत्रण के लिए किए गए लॉक-डाउन अवधि में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस राशि से मनरेगा के तहत गरीब परिवारों की निजी भूमि पर उनकी आजीविका संवर्धन के लिए डबरी, कुएं, मुर्गी शेड, बकरी शेड, सुअर शेड, पशु शेड, अजोला टैंक एवं नाडेप जैसे निर्माण कार्यों के साथ ही ग्रामीण अधोसंरचना से संबंधित कार्यों को पूरा किया जा सकेगा।


Date : 02-Apr-2020

कोरोना संक्रमण के साए में जंवारा विसर्जन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। चैत्र नवरात्रि की नवमीं तिथि गुरूवार को लोधीपारा के कुछ परिवार द्वारा भोर में नहरपारा स्थित शीतला मंदिर में ज्योत जंवारा विसर्जन किया गया। इस दौरान कोरोना संक्रमण को लेकर एहतियात बतौर श्रद्धालुओं ने दूरी बनाए रखी तथा बाजे गाजे को निविद्ध रखा।

लोधीपारा निवासी प्रकाश जंघेल ने बताया कि लोधीपारा में रीति रिवाज का अनुसरण करते हुए 4 घरों में ज्योत जंवारा रखा गया था। किसी ने पीढ़ी दर पीढ़ी जंवारा रखने का तो किसी ने मन्नत अनुसार तीन साल में जंवारा रखने की परम्परा का निवर्हन करते हुए ज्योत जंवारा रखा था। शहर में लगे कफ्र्यू और कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखकर घर परिवार के लोग इसमें शामिल रहे।

चैत्र नवरात्रि की तिथि को विधि-विधान से पूजा पाठ कर सुबह 4 बजे लेकर 7 बजे के बीच ज्योत जंवारा विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालु मुख्य मार्ग से न गुजरकर गलियों से शीतला मंदिर पहुंचे। ज्योत जंवारा विसर्जन टोली में बाजे गाजे का उपयोग नहीं किया गया।


Date : 02-Apr-2020

जुआ खेलते 13 कारोबारी पकड़ाए, 11 लाख जब्त, घर की छत पर खेल रहे थे, कूदकर भागते हुए एक घायल

 

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। शंकर नगर चौपाटी स्थित एक ठेकेदार के मकान की छत पर बीती रात जुआ खेलते 13 कारोबारी पकड़े गए। वहीं एक छत से कूदकर भागने की फिराक में घायल हो गया।पुलिस ने जुआरियों से मौके पर 11 लाख से अधिक नगद और ताशपत्ती जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के अलावा महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है

पुलिस के मुताबिक लॉकडाउन में जहां शहर में सन्नाटा सा पसरा हुआ है, वहीं इस सन्नाटे का फायदा उठाकर अब जुआरी सक्रिय हो गए हैं। बीती रात मुखबिर की सूचना पर सिविल लाइन पुलिस ने शंकर नगर स्थित ठेकेदार हिमांशु चक्रवर्ती के घर दबिश दी। इस दौरान वहाँ घर की छत पर मास्क लगाकर 14 लोग जुआ खेलते पकड़े गए।ठेकेदार वहां अपने मकान में लाखों का जुआ खिला रहा था। पुलिस के आने की उन्हें जैसे ही भनक लगी, वे सभी इधर-उधर भागने का प्रयास करने लगे। एक जुआरी डीडी नगर निवासी धनन्जय सिंह एक मंजिला छत से कूदकर घायल हो गया और वह भाग न कर वहीं जमीन पर पड़ा रहा।

पुलिस ने वहां से 13 जुआरियों को हिरासत में ले लिया। उन सभी के खिलाफ जुआ और महामारी एक्ट के तहत करवाई की जा रही है। वहीं घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस का कहना है कि पकड़े गए जुआरियो  में अधिकांश जमीन व अन्य कारोबारी हैं। उन सभी को जल्द कोर्ट में पेश करने की तैयारी है।घायल के खिलाफ फिलहाल कोई करवाई नहीं की जा रही है, क्योकि वह मौके पर नहीं पकड़ा गया।


Date : 02-Apr-2020

कोरोना संकट और लॉकडाउन के लिए 36गढ़ के कर्मचरियों के वेतन से नहीं होगी कटौती

कई राज्य सरकारों ने कर्मचारियों के वेतन से कोरोना संकट के लिए अनिवार्य कटौती के आदेश किए हैं जारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन से किसी प्रकार की कटौती नहीं करने का निर्णय लिया है। कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक प्रयास और इंतजाम किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि राज्य शासन के अधिकारी-कर्मचारी स्वेच्छा से संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री सहायता कोष में अपना आर्थिक योगदान कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के सभी निजी औद्योगिक और व्यापारिक संस्थानों से भी यह कहा है कि वे लॉकडाउन के दौरान अपने कर्मियों का वेतन नहीं काटे। यदि कोई कर्मचारी स्वेच्छा से आर्थिक योगदान करना चाहे तो कर सकता है। उल्लेखनीय है कि देश के कतिपय राज्यों में वहां की सरकार ने कोरोना संकट और लॉकडाउन के लिए कर्मचारियों के वेतन से एक माह तक के वेतन और रैंकवार अनिवार्य कटौती के आदेश जारी किए हैं वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्णय लिया है इसके लिए राज्य सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं होगी।


Date : 02-Apr-2020

सुरक्षा एहतियात के साथ मोहल्ला समिति का गठन क्यों नहीं..

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। पूर्व मंत्री  राजेश मूणत ने  कहा है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के चलते प्रदेश भर में कफ्र्यू के हालात हैं। प्रशासनिक तंत्र अपने स्तर पर जरूरतमंदों के लिए राशन और अन्य सामग्री  की व्यवस्था करने में लगे हैं। 25 मार्च से फूड सप्लाई सेल की शुरुआत की गई है। जिसमें  सामाजिक संगठनों के सहयोग से 9 हजार लोगों को  भोजन कराया गया है।

 जानकारी के अनुसार  संस्थाओं ने 4 हजार परिवारों को  राशन की मदद की है। जरूरतमंदों के बीच जाने के लिए क्या मोहल्ला समिति का भी गठन नहीं किया जाना चाहिए। सुरक्षा और एहतियात का पालन करते हुए स्थानीय लोगों को समिति में शामिल कर असल गरीब जरूरतमंदों को भी अन्न का लाभ मिल सके। स्थानीय लोग जरूरतमंद परिवारों को भली-भांति समझते हैं। राहत कार्य में सभी के सहयोग से अभियान और भी  साकार  होगा।

 


Date : 02-Apr-2020

स्कूली बच्चों की चार माह की फीस हो माफ-माकपा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने निजी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों की लॉक डाउन के दौरान फीस वसूली स्थगित करने के राज्य सरकार के आदेश को नितांत अपर्याप्त बताया है और मांग की है कि निजी व सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले सभी बच्चों की चार माह फीस माफ की जाएं।

आज यहां जारी एक बयान में राज्य सचिव मंडल ने कहा है कि कोरोना वायरस के प्रकोप से आम जनता के सभी तबके प्रभावित हुए हैं और उनकी आजीविका का नुकसान हो रहा है। इस महामारी के खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक इस नुकसान की भरपाई करना संभव नहीं होगा। वैसे भी स्कूल मार्च से बंद हो चुके है और जून अंत में ही अब खुलेंगे। अत: राज्य सरकार को फीस वसूली स्थगित करने का आदेश देने के बजाय आगामी चार माह की फीस माफ करने का आदेश देना चाहिए, ताकि अपने बच्चों की शिक्षा के कारण पडऩे वाले आर्थिक बोझ से पालकों को राहत मिले।

संजय पराते ने कहा है कि शिक्षा के निजीकरण की नीतियों के चलते प्रदेश में कुकुरमुत्तों की तरह बड़े पैमाने पर निजी स्कूल खुले हैं और लूट के अड्डों में तब्दील हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 13 लाख परिवारों के लगभग 20 लाख बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं और आशंका व्यक्त की है कि जब जून में पालकों को बकाया फीस सहित एक बड़ी राशि जमा करनी पड़ेगी, तो अनेक पालक आर्थिक अक्षमता के कारण अपने बच्चों की शिक्षा जारी रखने में असमर्थ होंगे और उन्हें बच्चों की शिक्षा-दीक्षा बंद करनी पड़ेगी।

कोरोना हमारे प्रदेश में शिक्षा को सीमित करने का भी कारक बनने जा रहा है, जिससे निपटने के लिए राज्य सरकार को प्रभावी कदम उठाने होंगे और इस क्षेत्र में भी आम जनता को राहत देनी होगी। माकपा नेता ने पुन: इस बात पर जोर दिया है कि एक सर्वसमावेशी आर्थिक पैकेज की घोषणा ही प्रदेश की जनता को कोरोना संकट के दुष्प्रभावों से उबरने में मदद कर सकती है।


Date : 02-Apr-2020

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मनरेगा में व्यक्तिमूलक कार्यों को प्रमुखता देने के निर्देश

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कोरोना संक्रमण से बचने और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के अंतर्गत व्यक्तिमूलक और आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्रमुखता से स्वीकृत कर प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कम संख्या में श्रमिकों की जरूरत वाले अधिक से अधिक कार्यों को स्वीकृत कर काम शुरू करने कहा है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कार्यस्थल पर कोरोना संक्रमण से बचने सभी सुरक्षात्मक उपायों और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में उन्होंने कहा है कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधारभूत संघटकों में से एक महत्वपूर्ण संघटक है। योजना के प्रावधानों के अनुसार पंजीकृत परिवारों के वयस्क सदस्यों द्वारा काम की मांग किए जाने पर अधिकतम 15 दिनों में रोजगार प्रदान किया जाना आवश्यक है।

प्रमुख सचिव ने पत्र में कहा है कि कोविड-19 के कारण लॉक-डाउन के दौर में ग्रामीणों की आजीविका सुरक्षित करना जरूरी है। इसलिए इससे बचाव के सभी सुरक्षात्मक उपायों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मनरेगा कार्य शुरू किए जाएं। राज्य में योजना के तहत पंजीकृत 39 लाख 56 हजार परिवारों में 89 लाख 20 हजार श्रमिक हैं। इनमें से 32 लाख 82  हजार परिवारों के 66 लाख पांच हजार श्रमिकों को मनरेगा के माध्यम से सक्रिय रूप से रोजगार मिलता है।


Date : 02-Apr-2020

किसान संगठनों के दबाब पर राजाराम त्रिपाठी ने फिर संभाली आईफा संयोजक की जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 2 अप्रैल। आईफा के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक डॉ राजाराम त्रिपाठी से पुन: राष्ट्रीय संयोजक पद संभालने की अपील की थी। इसके बाद डॉ त्रिपाठी ने एक अप्रैल से पुन: इस पद को संभाल लिया है।

उल्लेखनीय है कि बीते जनवरी में डॉ त्रिपाठी ने आईफा के राष्ट्रीय संयोजक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही लगातार किसान संगठनों का उन पर दबाव बन रहा था कि वे अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। भारतीय खाद्य व कृषि परिषद के अध्यक्ष डॉ एमजे खान ने डॉ त्रिपाठी द्वारा पुन: आईफा के राष्ट्रीय संयोजक पद संभालने का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान में देश प्रतिकूल माहौल से गुजर रहा है ऐसे में सरकार और किसानों के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए डॉ त्रिपाठी जैसे किसान नेता की कमी महसूस की जा रही थी लेकिन अब जबकि उन्होंने अपना फैसला बदल दिया है तो यह किसानों और भारतीय कृषि के लिए एक अच्छी खबर है। इसी तरह स्वर्णा हल्दी उत्पादक संघ, महाराष्ट्र के स्वपनिल कोकाटे ने कहा कि प्रादेशिक स्तर पर कई किसान संगठन है जो कि बेहतरीन काम कर रहे हैं लेकिन केंद्रीय स्तर पर कोई ऐसा चेहरा नहीं है जो किसानों का दमदार प्रतिनिधित्व कर सके. डॉ त्रिपाठी उस कमी को पूरा करते थे और आगे भी करते रहेंगे।

वेजीटेबल्स ग्रोवर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के श्रीराम गावड़े का कहना है कि इस कोरोना महामारी की वजह से सबसे ज्यादा सब्जी उत्पादक किसान प्रभावित हुए हैं. सप्लाई चेन बाधित होने से सब्जियां मंडियों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पायी है औऱ ये सब्जियां खराब हो रही है. किसानों के इस नुकसान के प्रति सरकार का ध्यान दिलाने के लिए डॉ त्रिपाठी जैसे नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही है.

इसी तरह, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह का कहना है कि ऐसे प्रतिकूल समय में एक ऐसे व्यक्ति की जरुरत महसूस की जा रही थी जो देशभर के प्रमुख किसान संगठनों के बीच एक आम राय बना सके और किसानों के मुद्दों को जोर-शोर से उठा सके. डॉ. त्रिपाठी द्वारा पुन: अपना पद संभालना किसान संगठनों को मजबूती देगा. मंसूर कमाल, डब्ल्यूडीआरए के पूर्व निदेशक डॉ एन के अरोड़ा, औषधीय तथा सुगंधीय कृषक संगठन, बिहार के अध्यक्ष जीएन शर्मा सहित देश के दर्जनों किसान संगठनों ने डॉ त्रिपाठी  का स्वागत किया है।

इस मामले पर मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय खेती तथा किसानों की दशा बेहद सोचनीय है, और  ये किसान और किसान संगठन हमारे लिए अभिन्न है और इनकी ओर से जो अपनत्व भरा आग्रह मिला उसे अस्वीकार कर पाना मेरे लिए संभव नहीं था. आईफा अब नये तेवर और उत्साह के साथ काम करेगी. लॉकडाउन खत्म होने के तुरंत बाद इसकी राष्ट्रीय कार्यकारीणी का गठन किया जाएगा तथा जल्दी ही राज्य समितियों का भी गठन किया जाएगा ताकि किसानों की ग्रासरुट समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सदस्यता अभियान चला कर आईफा से ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसानों को जोड़ा जाएगा। ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।

 

 


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