रायपुर

सगे भाई ने फर्जी दस्तावेज से ट्रक हड़पा, धोखाधड़ी दर्ज
08-Jan-2026 5:49 PM
सगे भाई ने फर्जी दस्तावेज से ट्रक हड़पा, धोखाधड़ी दर्ज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 8 जनवरी। फर्जी दस्तावेज और झूठे शपथपत्र के आधार पर ट्रक का नामांतरण कर धोखाधड़ी किए जाने के मामले में भाई ने अपनी ही बहन के साथ धोखाधड़ी कर दी।

सिविल लाइन पुलिस ने प्रकरण में धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

छत्तरबेडा, भारसुण्डी, थाना रायघर, जिला नबरंगपुर (ओडिशा) निवासी सपन राय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके स्वामित्व का एसएमएल इसूज़ू ट्रक  सीजी 04 एमटी 8422 को सगे भाई दीपक राय, निवासी ई-2, साईं वाटिका, देवपुरी, रायपुर, ने छलपूर्वक अपने नाम पर ट्रांसफर करा लिया गया।

पीडि़त ने बताया कि ट्रक उनके नाम पर पंजीकृत था। जिसे उन्होंने अपने भाई दीपक राय को उसके व्यवसाय संचालन के लिए दिया था। दोनों के बीच यह मौखिक सहमति थी कि दीपक राय ट्रक के बदले 30,000 प्रतिमाह किराया देगा। सगे भाई पर विश्वास होने के कारण कोई लिखित किरायानामा नहीं बनाया गया।

बीते दो वर्षों से आरोपी भाई ने न तो किराया दिया और न ही ट्रक लौटाया। जब बार-बार मांग करने पर भी ट्रक वापस नहीं किया गया और टालमटोल की जाने लगा, तब सपना राय ने पूछपरख की तो पता चला कि ट्रक का नामांतरण उनके नाम से हटाकर दीपक राय के नाम कर दिया गया है।

इसके बाद सपना राय ने आरटीआई लगाकर आरटीओ से ट्रक के नामांतरण से संबंधित दस्तावेज प्राप्त किए। दस्तावेजों के अवलोकन पर यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दीपक राय ने किसी अन्य व्यक्ति को सपन राय बताकर प्रस्तुत किया, और झूठा एवं फर्जी शपथपत्र तैयार कर नोटरी कृष्ण कुमार चंद्राकर, सिविल कोर्ट रायपुर के समक्ष निष्पादित कराया गया।

शिकायत के अनुसार, फर्जी व्यक्ति से उसके नाम से कूटरचित हस्ताक्षर कराए गए और उन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 23 फरवरी 2024 को जिला न्यायालय रायपुर में नामांतरण से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर ट्रक अपने नाम पर ट्रांसफर करा लिया गया।

पुलिस ने शिकायत पर प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर आरोपी दीपक राय एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस दस्तावेजों की जांच, नोटरी रिकॉर्ड, आरटीओ फाइल एवं संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

 

कारोबार में साझेदारी देने कपड़ा व्यापारी से 46.25 लाख की धोखाधड़ी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 8 जनवरी। ट्रांसपोर्ट कारोबार में पार्टनरशिप दिलाने का झांसा देकर राजधानी के एक कपड़ा व्यापारी से लाखों रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले तीन आरोपियों पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया है।

शैलेन्द्र नगर निवासी राजेश तलरेजा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह कपड़ा व्यापारी ह। उसे बलबीर सिंग सेंस, शबनम खान और नवनीत कौर ने  ट्रांसपोर्ट फर्म में भागीदार बनाने का लालच देकर 96 लाख 33 हजार रूपए ठगे।

आरोपियों से उनकी पहले से पहचान थी और वे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय का संचालन कर रहे थे। इसी के चलते 5 जनवरी 2021 को बलबीर सिंग सेंस के न्यू शांति नगर स्थित निवास पर मुलाकात हुई, जहां उसने फर्म में साझेदारी और अधिक मुनाफे का आश्वासन दिया।

परिचित होने के कारण राजेश तलरेजा उसके झांसे में आ गया। उसने  वर्ष 2021 से 2024 के बीच अलग-अलग तारीखों में मोबाइल बैंकिंग व बैंक ट्रांसफर के माध्यम से 96 लाख 33 हजार रुपए आरोपियों के खातों में जमा कराए। यह राशि आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक तथा आईडीबीआई बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर की गई।

बाद में आरोपी बलबीर सिंग सेंस ने राजेश को 50 लाख 7 हजार 499 रुपये वापस किए। शेष 46 लाख 25 हजार 501 रुपए अब तक नहीं लौटाए गए। बकाया रकम मांगने पर बलवीर सिंह टालमटोल करते रहे और इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया।

जब राजेश तलरेजा आरोपी के निवास पर पहुंचा तो पता चला कि बलबीर सिंग सेंस घर छोडक़र फरार हो चुका है। इस पर उसके साथ धोखाधड़ी होने के शक में उसने सिविल लाइन थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4), 3(5 तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच तथा आरोपी की तलाश की जा रही है।


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