रायपुर

कथा मनोरंजन नहीं मनो-भंजन के लिये-चिन्मयानंद
08-Jan-2026 5:36 PM
कथा मनोरंजन नहीं मनो-भंजन के लिये-चिन्मयानंद

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर,8 जनवरी। श्री चिन्मयानंद बापू की सात दिवसीय श्रीमद् भगवद् कथा बुधवार से  गुढिय़ारी के  अवधपुरी मैदान में शुरू हुई। यह आयोजन विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट शाखा रायपुर द्वारा किया गया है। महाराज श्री ने कहा कि कथा मनोरंजन के लिए नहीं मनो-भंजन के लिये होती हैं. कथा के श्रवण से मन की मलीनता दूर होती है> मन में शुद्धता आती है. लगभग 50 वर्ष पूर्व जब छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश में था तब यहां के निवासी अभाव में रहते थे फिर भी खुश थे. अब सम्पन्नता तो आ गई है पर खुशी नदारत है. खुशी झोपड़ी से महल में पहुंचने से नहीं प्रभु के शरण में पहुंचने से मिलती है. जीवन में परेशानी, कठिनाई आते ही रहती हैं परंतु हमें भगवान श्री कृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर जीवन जीना है जिनका जीवन बेहद संघर्षपूर्ण, तकलीफदेह था परंतु फिर भी वे हर पीड़ा, दु:ख में भी मुस्कुराते रहे।

श्रीमद् भगवद् के महात्म का परिचय देते हुए आपने बताया कि बिना प्रतीति के प्रेम नहीं होता. हम मंदिर क्यों जाते हैं? आनंद की प्राप्ति के लिये। कल एक पत्रकार महोदय ने पूछा- संत-महात्मा किस राजनीतिक दल को सपोर्ट करते हैं तब हमने कह दिया जो राम के साथ हैं, हम उनके साथ हैं.

महाराजश्री ने कहा कि जब हम श्री कहते हैं तो स्वत: ही हम राधा जी का स्मरण करते हैं. श्री जी का मंदिर अर्थात् राधा जी का मंदिर. भगवान का स्मरण सतत् करना चाहिये ये नहीं कि सावन आया तभी भोलेनाथ जी का स्मरण करें, नवरात्रि में दुर्गा माता का स्मरण करें. हमें निरंतरता बनाये रखना चाहिये.

महाराजश्री ने आगे कहा कि श्रीमद् भगवद् गीता में वह शक्ति है जो पापी को भी मोक्ष प्रदान कर सकती है. अगर परिजन अपने पूर्वजों की स्मृति में भगवद् गीता का पाठ करवाते हैं तो निश्चित ही उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसका श्रवण, इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोडऩे का प्रयास भी पुण्य लाभ फलदायी होता है.श। कथा के बीच संगीतमय भजनों में श्रद्धालुगण नाचते-झूमते देखें जा सकते हैं।

आरती एवं कथा में प्रमुख रुप से मुख्य यजमान जितेन्द्र अग्रवाल सारिका अग्रवाल,सह यजमान अमित अग्रवाल, भंडारा यजमान अरविंद अग्रवाल, ओमप्रकाश मिश्रा, मयंक वैद्य, चन्द्रचूड़ त्रिपाठी, विजय अग्रवाल, रोहित मिश्रा,आशीष तिवारी, नितिन कुमार झा, महेश शर्मा, संजय मित्तल, राजेश गोयल, अखिलेश तिवारी, शैलेन्द्र तिवारी, गौरीशंकर श्रीवास, ज्योति झा, श्वेता सोनी, पार्वती शर्मा, मुक्ता शर्मा, मोनिशा पाण्डेय, रश्मि जैन, सीमा शर्मा, लक्ष्मी यादव, प्रियंका ठाकुर, विद्या शर्मा आदि शामिल रहे।कथा के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी वितरित की गई।


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