रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 दिसंबर। प्रदेश कांग्रेस की गुरुवार को बैठक में ‘मनरेगा बचाव संग्राम’ के प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। प्रदेश में एक दिन सभी कांग्रेसी मनरेगा बंद करने के विरोध में उपवास पर बैठेंगे। इस बैठक में एसआईआर में वंचित पात्र मतदाताओं को जोडऩे को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में किसान कांग्रेस ने धान खरीदी के दौरान किसानों को आ रही समस्याओं का ब्यौरा दिया।
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने राजीव भवन में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, प्रभारी सचिव द्वय संपत कुमार, जरिता लैटफलांग, और विजय जागिड़ प्रमुख रूप से थे। बैठक में मनरेगा खत्म करने पर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
इसी तरह प्रदेश महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने एसआईआर को लेकर प्रेजेन्टेशन दिया। उन्होंने अब तक प्रदेश कांग्रेस द्वारा कार्यों की जानकारी भी प्रदेश प्रभारी को दी। त्रिवेदी ने बताया कि नये बूथ का गठन हो गया है। मगर वहां बीएलओ तैनात नहीं किए गए हैं। आपत्ति-दावे नहीं लिए जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को अब तक प्रदेश कांग्रेस द्वारा की गई शिकायतों-आपत्तियों का ब्यौरा दिया। किसान कांग्रेस के पदाधिकारी ने धान खरीदी में आ रही दिक्कतों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की धान खरीदी की बदली हुई व्यवस्था से किसान नाखुश हैं, और कहा कि धान बेचने के लिए किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर अलग-अलग जिलों में विरोध प्रदर्शन भी किया गया।
बैठक के अंत में प्रदेश प्रभारी ने जनहित से जुड़े इन मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में सक्रिय रूप से आंदोलन और जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया, ताकि किसानों, मजदूरों, और वंचित वर्गों को उनका हक दिलाया जा सके।


