‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 16 दिसंबर। जिले में मतदाता सूची को अद्यतन करने के उद्देश्य से मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत विशेष समरी रिवीजन (एसआईआर-2026) अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत गणना पत्रक (फॉर्म) जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 18 दिसंबर कर दी गई है। पूर्व में यह तिथि 11 दिसंबर निर्धारित थी।
प्रशासन के अनुसार, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाता विवरण का सत्यापन कर रहे हैं। जिन गणना पत्रकों में त्रुटियां पाई जा रही हैं, उन्हें मौके पर सुधारने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
जांच के दौरान यह पाया गया है कि जिले के कुल 9 लाख 49 हजार 277 पंजीकृत मतदाताओं में से 1 लाख 26 हजार से अधिक मतदाता सत्यापन के समय पते पर उपलब्ध नहीं मिले। इन्हें यूईएफ (UUn-enrolled/Unverified Elector Found) श्रेणी में रखा गया है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 13.39 प्रतिशत है।
विधानसभा क्षेत्रवार यूईएफ मतदाता
कसडोल विधानसभा क्षेत्र में कुल 3.86 लाख मतदाताओं में से 49,438 मतदाता यूईएफ श्रेणी में पाए गए। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में कुल 2.60 लाख मतदाताओं में से 37,779 मतदाता यूईएफ श्रेणी में दर्ज किए गए। भाटापारा विधानसभा क्षेत्र में कुल 2.67 लाख मतदाताओं में से 38,941 मतदाता यूईएफ श्रेणी में पाए गए।
यूईएफ के कारण: प्रशासन का कहना है कि यूईएफ श्रेणी में आने के पीछे कई कारण सामने आए हैं, जिनमें मतदाता की मृत्यु, स्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरण, एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक बार दर्ज होना, सत्यापन के समय अनुपस्थिति या तकनीकी कारण शामिल हैं। इन सभी मामलों में पुन: सत्यापन किया जाएगा।
जिला उप निर्वाचन अधिकारी निशा मंडावी ने बताया कि घर-घर सत्यापन, बूथों का पुनर्गठन, ड्राफ्ट मतदाता सूची की तैयारी तथा दावा-आपत्ति की प्रक्रिया संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए सभी मतदाता केंद्रों पर बैठकें की जा रही हैं।
एसआईआर-2026 का संशोधित कार्यक्रम
गणना चरण (फॉर्म भरना): 4 नवंबर से 18 दिसंबर, कंट्रोल रूम अपडेट एवं ड्राफ्ट सूची तैयारी: 19 से 22 दिसंबर, ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन-23 दिसंबर, दावा एवं आपत्ति-23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026, नोटिस, सुनवाई एवं सत्यापन- 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026, अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 21 फरवरी 2026
‘नो मेकिंग’ श्रेणी के मतदाता
प्रशासन के अनुसार, जिले में 31,991 मतदाता ‘नो मेकिंग’ श्रेणी में पाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 3.32 प्रतिशत है। ‘नो मेकिंग’ का अर्थ है कि इन मतदाताओं का पता संबंधित मतदान केंद्र से डिजिटल रूप से लिंक नहीं हो पाया है।
ऐसे मामलों में अलग से भौतिक सत्यापन किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि पता बदलना, अन्य स्थान पर जाना या नाम का किसी अन्य वार्ड में दर्ज होना इसके संभावित कारण हो सकते हैं।
बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में अधिक मामले
‘नो मेकिंग’ श्रेणी के सबसे अधिक 12,221 मामले बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं।