बलौदा बाजार

बजट में कुछ नया नहीं, निराशाजनक-पप्पू अली
02-Feb-2026 8:31 PM
बजट में कुछ नया नहीं, निराशाजनक-पप्पू अली

भाटापारा, 2 फरवरी। अखिल भारतीय असंगठित कामगार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पप्पू अली ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मजदूर,किसान,गांव,खेती अब सरकार की प्राथमिकताओं से बाहर है। पहली बार ऐसा बजट जिसमें मजदूर किसान का नाम तक नहीं न सिचाई, न खाद, न खेतिहार।

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-2027 का केंद्रीय बजट 1 फऱवरी रविवार को सुबह ग्यारह बजे संसद में पेश किया यह पहली बार है जब भारत में केन्द्रीय बजट रविवार को पेश किया गया। यह लगातार 9वीं बार था जब उन्होंने आम बजट पेश किया। प्रदेश अध्यक्ष ने वही, आर्थिक वृद्धि के साथ युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने की चुनौती पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के लिए बजटीय आबंटन की स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। नीति निर्माण में समन्वय का अभाव कांग्रेस ने बजट से पहले यह सवाल भी उठाया था कि नई जीडीपी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक श्रृंखला जारी होने के तुरंत बाद बजट के आंकड़ों को क्यों संशोधित किया जाना है।

भारतीय जनता पार्टी बेटी बचाओं और बेटी पढ़ाओं का सिर्फ नारा लगाती है। ना ही बेटी की सुरक्षा के लिए और ना ही बेटियों के अध्ययन के लिए इस बजट में व्यवस्था दी है। महिलाओं और बेटियों को हर बार की तरह इस बार भी हाथ में झुनझुना पकड़ा दिया गया है। इस बजट में महिलाओं के लिए कुछ खास नहीं। हर बार की तरह इस बार भी महिलाओं को सिर्फ निराशा हाथ लगी है। महंगाई से आज सभी वर्ग परेशान है लेकिन महंगाई को नियंत्रण करने के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं। मध्यम वर्गीय परिवार को इस बजट से काफ़ी आशाएं थी। लेकिन बजट के पिटारा में मध्यमवर्गीय परिवार के लिए कुछ भी नहीं निकला। ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महंगाई और आम आदमी के लिए पर्याप्त राहत का अभाव बताया गया।

केंद्रीय बजट पूरी तरह का फीका है इस बजट से देश की जनता को ठगने की काम किया गया है।


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