बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 1 फरवरी। जिले के ग्राम बकुलाही स्थित मैसर्स रियल इस्पात एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड में 22 जनवरी को हुई औद्योगिक दुर्घटना के मामले में गठित संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने कारखाना प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। नोटिस का जवाब एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच में कारखाना अधिनियम 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 के प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने की बात कही गई है।
जांच में सामने आए बिंदु
जांच रिपोर्ट के अनुसार किल्न क्रमांक-1 का संचालन शटडाउन किए बिना किया जा रहा था तथा उसी दौरान श्रमिकों से कार्य लिया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्यस्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) एवं सुरक्षित कार्य प्रणाली उपलब्ध नहीं पाई गई।
अन्य कानूनों के उल्लंघन का उल्लेख
जांच में यह भी कहा गया है कि कारखाना प्रबंधन द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से वाणिज्य उत्पादन की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके अतिरिक्त न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, संविदा श्रमिक (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम 1970 तथा अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिक अधिनियम 1979 के अंतर्गत आवश्यक पंजीकरण एवं अनुज्ञप्ति नहीं ली गई थी।
मुआवजा भुगतान की जानकारी
प्रशासन के अनुसार दुर्घटना में मृत पांच श्रमिकों के परिजनों को प्रति मृतक 20 लाख रुपये तथा घायल श्रमिकों को प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपये की सहायता राशि का भुगतान कारखाना प्रबंधन द्वारा किया गया है। घायल श्रमिकों का उपचार बिलासपुर में जारी बताया गया है।
कार्य अनुमति और प्रशिक्षण से जुड़ी बातें
जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि डस्ट सेटलिंग चेंबर में जमे गर्म ऐश को वेट स्क्रैपर में गिराने के दौरान विधिवत कार्य अनुमति जारी नहीं की गई थी। साथ ही कुछ श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा प्रशिक्षण दिए बिना कार्य पर लगाया गया।
दुर्घटना का विवरण
प्रशासन के अनुसार 22 जनवरी को सुबह लगभग 9.40 बजे किल्न क्रमांक-1 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल पर कार्य के दौरान विस्फोट हुआ, जिसमें छह श्रमिकों की मृत्यु हो गई और पांच अन्य घायल हो गए थे। प्राथमिक जांच के बाद कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 40(2) के तहत किल्न क्रमांक-1 के संचालन एवं संबंधित मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन ने कहा है कि नोटिस के जवाब का परीक्षण किया जाएगा और संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने की स्थिति में विधिसम्मत आगे की कार्रवाई की जाएगी।


