‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 3 जनवरी। दंतेश्वरी हर्बल समूह के लिए अनूठी सौगात लेकर आया। राज्यपाल अनुसुईया उइके को मां दंतेश्वरी हर्बल समूह की गुणवत्ता नियंत्रण प्रभारी एडवोकेट अपूर्वा त्रिपाठी ने अपनी फार्म में उगाई गई काली मिर्च और मां दंतेश्वरी हर्बल समूह के किसानों द्वारा उगाया गया अनूठे औषधीय गुणों तथा पौष्टिक तत्वों से भरपूर काला चावल आदि की हर्बल बॉस्केट सादर भेंट की।
प्रदेश की राजधानी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में प्रदेश के प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाई गई जैविक प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यपाल अनुसुईया उइके ने किया। प्रदर्शनी में मां दंतेश्वरी हर्बल समूह ने भी भाग लिया, जिसका नेतृत्व अपूर्वा त्रिपाठी ने किया।
राज्यपाल ने अपूर्वा त्रिपाठी से मां दंतेश्वरी हर्बल समूह के प्रदर्शित जैविक हर्बल व अन्य उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। अपूर्वा ने बताया कि यह सारे जैविक हर्बल उत्पाद न केवल बस्तर में ही उगाए जाते हैं, बल्कि इनका प्रसंस्करण और पैकिंग भी बस्तर में ही होती है, राज्यपाल ने इस समूह की तारीफ करते हुए पीठ थपथपाई।
अपूर्वा ने राज्यपाल को बताया कि 25 वर्षों से मां दंतेश्वरी हर्बल समूह साथी स्थानीय आदिवासी परिवारों के साथ मिलकर शत प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय जैविक मापदंडों के अधीन जड़ी बूटियों काली मिर्च स्टीविया तथा अन्य उच्च मूल्य की विभिन्न फसलों की खेती एवं सतत शोध में संलग्न है। समूह के द्वारा बस्तर में ही उगाए गए जड़ी बूटियों, मसालों तथा अन्य पदार्थों से तैयार उत्पादों का विपणन अपूर्व त्रिपाठी की अगुवाई में एक ब्रांड बनाकर एमडी बोटैनिकल्स के नाम से देश और विदेश में किया जा रहा है। यह उत्पाद अब सीधे समूह की वेबसाइट पर तथा अमेजन ऑनलाइन भी उपलब्ध कराए गए है, जिससे किहर कोई घर बैठे इन उत्पादों को खरीद कर मंगा सकता है।
इन सभी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता परीक्षण, सत्यापन के दर्जनों प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र प्राप्त हैं तथा इन उत्पादों की गुणवत्ता की धाक और धमक अब विदेशों में भी कायम हुई है, इससे छत्तीसगढ़ और देश का भी मान बढ़ा है। इस समूह द्वारा तैयार की गई अनूठी हर्बल चाय जो बिना शक्कर डालें ही मीठी तो होती ही है साथ ही यह जीरो कैलोरी वाली हर्बल चाय है, इतना ही नहीं यह मधुमेह अर्थात डायबिटीज कब्ज गैस, सर्दी जुखाम व 10 से भी ज्यादा असाध्य बीमारियों से लडऩे में कारगर रूप से मददगार भी है। अपने इन्हीं बेहद उपयोगी कारगर गुणों के कारण यह हर्बल चाय, आज यूरोप के कई देशों में बेहद लोकप्रिय हो रही है।
बस्तर की उत्पादों की हर्बल बास्केट को गवर्नर को सौजन्य भेंट करते हुए अपूर्वा ने उन्हें मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म तथा शोध संस्थान, पधार कर समूह को आशीर्वाद प्रदान करने हेतु सादर आमंत्रित भी किया, जिसे स्वीकार करते हुए राज्यपाल ने शीघ्र ही कार्यक्रम तय कर मां दंतेश्वरी हर्बल समूह फार्म देखने हेतु आने का वायदा भी किया।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के प्रथम राज्यपाल दिनेश नंदन ने प्रदेश बनने के तत्काल बाद ही इस हर्बल फार्म पर भ्रमण हेतु सपत्नीक पधारे थे, उन्होंने इस फार्म की बहुत प्रशंसा की थी तथा लगभग पूरा दिन इस फार्म पर गुजारा था। मां दंतेश्वरी हर्बल समूह ने इस अनूठे आयोजन के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दीपक शर्मा, समस्त वैज्ञानिकों एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन को सतत मार्गदर्शन हेतु एवं सतत सहयोग हेतु प्रदेश तथा जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।