कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 6 जनवरी। जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में हुई। इस बैठक में विकासखण्ड स्तरीय समिति द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों पर चर्चा की गई।
चर्चा के दौरान गूगल सेटेलाईट फोटो, ग्राम सभा की अनुशंसा, मिशल एवं वंशावली, वन रक्षकों एवं पटवारियों के प्रमाण, तीन ग्राम के निवासी बुजुर्गों के कथनों के आधार पर सभी आवेदनों की जांच की गई। जिसके उपरांत कुल 110 वनाधिकार आवेदनों को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान करते हुए उनका अनुमोदन किया गया। जिसमें फरसगांव विकासखण्ड स्तरीय समिति द्वारा अग्रेषित 50 प्रकरणों पर चर्चा के उपरांत 49 प्रकरणों को स्वीकृति देते हुए अनुमोदित किया गया एवं एक प्रकरण को ग्रामसभा के समक्ष पुन: अनुशंसा हेतु भेज दिया गया। वहीं केशकाल विकासखंड स्तरीय समिति द्वारा अग्रेषित 37 प्रकरणों में से सात (7) प्रकरणों को अपात्र घोषित करते हुए आवेदन निरस्त करने को कहा, जबकि 30 को समिति द्वारा अनुमोदित किया गया।
कोण्डागांव विकासखण्ड स्तरीय समिति द्वारा प्रस्तुत 113 प्रकरणों में से 31 को पात्र पाते हुए समिति द्वारा अनुमोदित किया गया, वहीं 75 को ग्रामसभा के समक्ष पुन: अनुमोदन हेतु भेजने के साथ सात आवेदनों को अपात्र पाते हुए निरस्त कर दिया गया। इस बैठक में कलेक्टर ने कुछ गांवों में वनाधिकार को लेकर विवादों को हल करने हेतु सेटेलाईट फोटो को प्राथमिकता देने के साथ बुजुर्गों के कथन हेतु 60 वर्ष से अधिक आयु के न्यूनतम तीन व्यक्तियों द्वारा अभिमत लिए जाने हेतु निर्देश दिए। परंतु इसके पूर्व मिशल एवं वंशावली, पटवारी एवं वन रक्षकों के प्रमाणन तथा ग्रामसभा के अनुशंसा का होना भी आवश्यक बताया गया। इस हेतु कलेक्टर ने सभी एसडीएमों को निर्देशित किया गया कि विकासखण्ड स्तरीय समिति द्वारा सभी आवेदनों को निर्धारित मानकों के अनुसार प्रत्येक प्रकरण की जांच कर अपात्र पाए गए आवेदनों को ग्रामसभा के समक्ष प्रस्तुत करें एवं ग्रामसभा की अनुशंसा के पश्चात् ही इसे स्वीकृति प्रदान किया जाए। इस बैठक में एसडीएम कोण्डागांव गौतमचंद पाटिल, एसडीएम केशकाल डीडी मण्डावी, एसडीएम फरसगांव सीके ठाकुर, सहायक आयुक्त संकल्प साहू सहित सभी तहसीलों के तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।


