छत्तीसगढ़ » बीजापुर

कैंप लगाना, हटाना प्रदेश का आंतरिक मामला, केंद्र का मसला नहीं-गागड़ा
12-Jun-2021 9:22 PM (133)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 12 जून।
सिलगेर गोलीकांड को लेकर एक बार फिर पूर्व मंत्री व बीजापुर के पूर्व विधायक महेश गागड़ा ने राज्य सरकार पर आदिवासियों को गुमराह करने और कंफ्यूज होने का आरोप लगाया।
यहां प्रेस वार्ता में सिलगेर मामले को लेकर पत्रकारों को संबोधित कर रहे पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने मुख्यमंत्री पर कंफ्यूज में होने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस की ओर से गठित जाँच दल को हास्यप्रद बताया। श्री गागड़ा ने कहा कि अगर सरकार वाकई में जांच करवाना चाहती है तो राजनीतिक सदस्यों का दल न बनवाकर रिटायर्ड जजों  से निष्पक्ष रूप से जांच करवाती। लेकिन सरकार की मंशा साफ नही है।

सरकार और कांग्रेस कंफ्यूज में है। इसलिए प्रशासन को आगे कर दिया गया हैं। इसमे भी स्पष्टता नही है। घटना सुकमा जिले का है  लेकिन मोर्चा बीजापुर के कलेक्टर एसपी संभाले हुए हैं। अपनी गलती छुपाने के लिए कांग्रेस अब मोदी सरकार पर बस्तर में कैम्प लगाने का आरोप लगा रही है। जबकि कैंप लगाना या हटाना प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा का मामला है। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होती है। फोर्स कहाँ रखना है, कहाँ नही,लेकिन आंदोलनरत लोगों के बीच जाकर कांग्रेस और सरकार के लोग प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगा रहे हैं, कि कैम्प व फोर्स प्रधानमंत्री मोदी ने लगा रखा है। सरकार पहले स्पष्ट हो जाये कि उन्हें करना क्या है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का झूठा आरोप कतई सही नही है चूंकि कैंप केंद्र सरकार का मसला नही है।
श्री गागड़ा ने आगे कहा कि यहां कि वर्तमान स्थिति ऐसी है कि आदिवासी कोविड से मरे या गोली से सरकार को इसकी चिंता नही है। वो महज गुमराह और झूठ की राजनीति में व्यस्त है। जबकि ऐसे आरोप के बजाय घटना की जांच कर आवश्यक कार्यवाही व आदिवासियों की सुरक्षा पर जोर देना चाहिए।

कांग्रेस का आदिवासी हितैषी होना सिर्फ घोषणा पत्र में दिखता है। जमीनी हकीकत यह है कि बेगुनाह आदिवासियों को सिर्फ गोली और मौत नसीब हो रही है।

कांग्रेस समर्थित किसानों के कर्ज हुए माफ-सुभाऊ
12-Jun-2021 9:22 PM (109)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 12 जून।
भाजपा नेताओं ने प्रदेश सरकार के ढाई साल पूरे होने पर कई मुद्दों पर घेरते हुए राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार की गोठान योजना व कर्ज माफी को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
कांग्रेस सरकार के ढाई वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इसे लेकर शनिवार को यहां भाजपा कार्यालय में  जिला भाजपा प्रभारी श्रीनिवास राव मद्दी, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा,पूर्व विधायक डॉ. सुभाऊ कश्यप, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार व जिला महामंत्री सतेंद्र सिंह ठाकुर ने संयुक्त प्रेसवार्ता लेकर कांग्रेस सरकार पर खूब निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर प्रदेश की जनता को धोखा देने व गोठान योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में प्रमुख बिंदु में किसानों की कर्जमाफी रही है। इसे लेकर डॉ सुभाऊ कश्यप ने दावा किया कि कर्जमाफी सिर्फ कांग्रेस समर्थित किसानों के हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का किसान हितैषी होना महज एक ढोंग है। श्री कश्यप ने आरोप लगाया कि  2500 समर्थन मूल्य के नाम पर रकबा कम कर किसानों का अपमान किया गया हैं।
वहीं भाजपा पदाधिकारियों ने आगे कहा कि सरकार ने ढाई साल में केवल गेड़ी नाच करने का कार्य काम किया है। जबकि जमीनी कार्य कुछ नही हुआ।जमीनी स्तर पर कुछ हुआ है तो महज भूमिपूजन हुआ है। भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार ने गोठान योजना का बहुत प्रचार प्रसार किया गया था। लेकिन वह योजना भी शोषण,भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गई। भाजपा नेताओं ने कहा कि गंगाजल की कसम खाकर शराब बंदी का वादा करके सत्ता में आये। लेकिन आज उसके विपरित शराब बंदी के नाम पर घर मे शराब परोसने का कार्य सरकार कर रही है।

वहीं भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने जितने भी घोषणा किये थे वो महज जुमला बनकर रह गया है,बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, स्वसहायता समूह का कर्जा माफ,नक्सल क्षेत्र में कौशल विकास के लिए 1 करोड़ रुपये देने का वादा,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्थायी करने और दस हजार वेतनमान देने, कोटवार, पटेल, चरवाहों को मासिक रुपये देने जैसे थोक में वादा किया गया था। लेकिन आज सरकार मुकर रही हैं।

भाजपा नेताओं ने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपना राजधर्म निभाना छोड़ राहुल गांधी का धर्म निभाने में व्यस्त रहते हैं। इसी का नतीजा है। उनके असम चुनाव प्रचार में व्यस्त रहने की वजह से प्रदेश को कोरोना ने जकड़ लिया। जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। नेताओं ने आरोप लगाया कि कोविड इंजेक्शन को लेकर प्रदेश सरकार ने भ्रम फैलाया। जो इनकी आदत है। जिसका खमियाजा जनता को भुगतना पड़ा।

इंजेक्शन को भाजपा का इंजेक्शन कहकर देश के वैज्ञानिकों का अपमान कांग्रेस ने किया है। वे प्रधानमंत्री की बात को हमेशा राजनीतिक विरोध के तौर पर लिया है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट की बात नही मानती है तो प्रधानमंत्री की बात मानने का सवाल ही नहीं उठता।

 

उसूर में घटे तो भैरमगढ़ ब्लॉक में बढ़े पॉजिटिव
11-Jun-2021 9:14 PM (164)

बीजापुर, 11 जून। कुछ दिनों से उसूर ब्लॉक से बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित पाए जा रहे थे। लेकिन अब इस ब्लॉक में कोरोना के केस कम होते जा रहे हैं। इसके उलट भैरमगढ़ ब्लॉक में इन दिनों कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हुआ हैं। शुक्रवार को जिले से कुल 69 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। 

कोरोना के शाम तक के आये रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को उसूर ब्लॉक से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव भैरमगढ़ ब्लॉक में मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उसूर ब्लॉक में जहां 21 कोरोना संक्रमित मिले है। वही भैरमगढ़ ब्लॉक 29 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जबकि भोपालपटनम ब्लॉक में 10 एवं बीजापुर ब्लॉक में 9 कोरोना के केस दर्ज किये गए है। शुक्रवार को जिले से कोरोना के कुल 69 केस पाए गए हैं। 
इनमें से 3 का ट्रूनॉट, 2 का आरटीपीसीआर व अन्य सभी का एंटीजन किट से टेस्ट किया गया हैं। फिलहाल सभी संक्रमितों का उपचार होम आइसोलेशन में किया जा रहा है। जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं, उन्हें कोविड सेंटर में भर्ती किया गया है।

आदिवासियों की मौत पर केंद्र एवं राज्य सरकार क्यों है मौन?-सकनी
11-Jun-2021 5:55 PM (99)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 11 जून।
सिलगेर गोलीकांड मामले में आदिवासियों के मारे जाने पर आज तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। यह सवाल जोगी कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महासचिव चन्द्रैया सकनी ने उठाते हुए कहा है कि यह बेहद शर्म की बात है कि आदिवासियों के साथ अत्याचार, उनकी नृशंस हत्या पर राज्य की कांग्रेस सरकार चुप्पी क्यूं साध रखी है, सच को सामने लाने वाले विपक्षी दलों और अन्य सामाजिक संगठनों को क्यों रोका जा रहा है।

प्रदेश सरकार बस्तर के भोले भाले आदिवासियों की आवाज कुचलने का प्रयास कर रही है,जबरन बिना गांव वाले के सहमति से नीजी जमीन में कैम्प लगवाने का फरमान जारी कर एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलित निहत्थे ग्रामीणों पर गोली दाग कर,लाठी चलवा कर,महिला और बच्चों तक अपना जुल्म ढाने से बाज नहीं आ रही है।यह बेहद निन्दनीय है और उससे भी बढक़र बस्तर के जनप्रतिनिधि इस मामले में मौन रहकर अपने ही आदिवासी भाई बहनों को बलि चढऩे हेतु अनाथ जैसे छोड़ दिये हैं। क्या यही दिन देखने के लिये ग्रामीण आदिवासी इन लोगों को अपना प्रतिनिधि चुनकर ऊंचे बड़े पद पर बिठाये?

छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी और केंद्र के  सत्ता में काबिज भाजपा नेताओं के बयान अनुसार राज्य के कांग्रेस सरकार यदि सिलगेर मामले में लीपापोती कर रही है तो भाजपा के नेता लोग को भूपेश सरकार पर ढूलमूल रवैया का आरोप लगाने के बजाय केंद्र में बैठे मोदी सरकार से जांच कराने हेतु मांग करनी चाहिए।ताकि सच्चाई सामने आ सके और राज्य सरकार पर दोषियों के ऊपर कड़ी कार्रवाई करने हेतु बाध्य करनी चाहिए।ऐसा ना कर भाजपा के लोग सिलगेर घटना में केवल अवसर तलाश रहे हैं। आखिर निर्दोष आदिवासियों की मौत पर राजनीति क्यों हो रही है?मारे गए आदिवासियों को कब मिलेगी न्याय?
 

सिलगेर में 27 दिनों से चल रहा आंदोलन आज हो सकता है खत्म..!
08-Jun-2021 9:15 PM (173)

जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक चर्चा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
बीजापुर, 8 जून।
पिछले 27 दिनों से सिलगेर में चल रहा आंदोलन बुधवार को खत्म हो सकता है। मंगलवार को जिला प्रशासन व ग्रामीणों के बीच हुई सकारात्मक चर्चा के बाद यह बात निकलकर सामने आ रही है।

दरअसल आंदोलनरत ग्रामीणों से वार्ता करने के लिए जिला प्रशासन की टीम तर्रेम पहुंची थी। वहीं आंदोलन कर रहे ग्रामीणों की ओर से एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रशासन के अफसरों से चर्चा की।  ग्रामीणों की तरफ से सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी व 8 से 10 ग्रामीण इस वार्ता में शामिल हुए। जिला प्रशासन की ओर से डीआईजी सीआरपीएफ कोमल सिंह, कलेक्टर रितेश अग्रवाल और एसपी कमलोचन कश्यप ने ग्रामीणों से चर्चा की। चर्चा लगभग दो घंटे तक चली।

ग्रामीणों की ओर से सोनी सोरी ने कहा कि कोरोना को देखते हुए उनका प्रतिनिधि मंडल बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने इस आंदोलन को गुरुवार को खत्म करने की बात कही है। सोनी सोरी ने ये भी कहा कि कोरोनाकाल चल रहा है और कोरोनाकाल में हजारों की संख्या में ग्रामीण आंदोलन कर रहे हंै, जिससे कोरोना मरीजों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने इस महामारी को रोकने के लिए आंदोलन को खत्म करने पर भी विचार किया है। 

उन्होंने बताया कि ग्रामीण कोरोना टेस्ट करवाने के लिए भी प्रशासन की मदद करने की तैयारी कर रहे है। कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने भी ग्रामीणों की बातें सुनकर उन्हें आश्वासन दिया है कि शासन की सारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिलेगा, वहीं एसपी कमलोचन कश्यप ने कहा कि मंगलवार को ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल से सकारात्मक चर्चा हुई है।

उसूर ब्लॉक में 69 पॉजिटिव मिले
06-Jun-2021 9:55 PM (140)

बीजापुर, 6 जून। जिले के उसूर ब्लॉक से  इन दिनों कोरोना के चौंकाने वाले आंकड़े लगातार सामने आ रहे हैं। बीते दिनों ही इस ब्लॉक से 70 कोरोना के केस मिले थे। आज फिर इसी ब्लॉक से 69 संक्रमित पाए गए हैं। जिले में शाम तक कुल 86 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं।

रविवार को जिले से आये कोरोना के शाम तक के डेली रिपोर्ट के मुताबिक उसूर ब्लॉक से कोरोना पॉजिटिव के 69 केस मिले हैं। इनमें पुसबाका से 34 व रासपल्ली 25 संक्रमित पाए गए हैं। जबकि गगनपल्ली से 1, उसूर से 2,  बुडग़ीचेरु से 3, गलगम से 1, इरापल्ली से 1, पेद्दागेलूर से 1 व तर्रेम से 1, केस मिले है। वही भैरमगढ़ व भोपालपटनम ब्लॉक से 4-4  एवं बीजापुर ब्लॉक से 9 कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए हैं। इस तरह रविवार को जिले से कोरोना के कुल 86 केस दर्ज किये गए हैं।
 इनमें से  11 का टू्रनॉट व अन्य सभी का एंटीजन किट से टेस्ट किया गया हैं। ज्ञात हो कि उसूर ब्लाक इन दिनों कोरोना का हॉट  स्पॉट के रूप में तब्दील होता जा रहा है, जो प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा के लिए चिंता का सबब बन रहा है। यहां सर्वाधिक केस सिलगेर से लगे गांवों से दर्ज किए जा रहे हैं। अब फिर से इसी क्षेत्र से बड़ी संख्या में संक्रमित पाए गए हैं। फिलहाल सभी संक्रमितों का उपचार होम आइसोलेशन में किया जा रहा है। जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं, उन्हें कोविड सेंटर में भर्ती किया गया है।

उसूर ब्लॉक बनता जा रहा हॉट स्पॉट, मिले 70 पॉजिटिव
05-Jun-2021 9:02 PM (94)

बीजापुर, 5 जून। जिले का उसूर ब्लॉक इन दिनों कोरोना का हार्ट स्पॉट के रूप में तब्दील होता जा रहा है। शनिवार को यहां से फिर 70 पॉजिटिव केस मिले है। जिसमें अकेला पुसबाका से 40 संक्रमित पाए गए हैं। जिले में शनिवार को  कोरोना के 99 केस पाए गए हैं।

शनिवार को जिले से आये कोरोना के शाम तक के दैनिक रिपोर्ट के अनुसार उसूर ब्लॉक में शनिवार को 70 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें से केवल पुसबाका से ही 40 संक्रमित पाए गए हैं। जबकि गगनपल्ली से 5, बासागुड़ा, लिंगगिरी, आवापल्ली, टेकमेटला व नम्बी से 2-2 तथा छुटवाई, कमलापुर, मुरदण्डा, कोरसागुड़ा, पोलमपल्ली, उसूर, पेद्दागेलूर, लंकापल्ली, चेरामंगी व तर्रेम से 1-1 केस मिले है। वही बीजापुर और भैरमगढ़ ब्लॉक में 12- 12 एवं भोपालपटनम ब्लॉक में 5 कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए हैं। इस तरह शनिवार को जिले से कुल 99 केस दर्ज की गई हैं।  इनमें से एक 13 का टू्रनॉट व अन्य सभी का एंटीजेन किट से टेस्ट किया गया हैं। ज्ञात हो कि उसूर ब्लाक इन दिनों कोरोना का हॉटस्पॉट के रूप में तब्दील होता जा रहा हैं। यहां सर्वाधिक केस सिलगेर से लगे गांवों से दर्ज किए जा रहे हैं। अब इसी क्षेत्र से बड़ी संख्या में संक्रमित पाए गए हैं। फिलहाल सभी संक्रमितों का उपचार होमआइसोलेशन में किया जा रहा है। 
जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं।
 उन्हें कोविड सेंटर में भर्ती किया गया है।

भोपालपटनम ब्लॉक में नहीं मिले एक भी पॉजिटिव, भैरमगढ़ में 20
04-Jun-2021 9:11 PM (139)

बीजापुर, 4 जून। शुक्रवार को बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक से अच्छी और राहत देने वाली खबर आई है। यहां से शुक्रवार को एक भी कोरोना पॉजिटिव के केस नहीं मिले हैं। जबकि भैरमगढ़ ब्लॉक से 20 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिले से कुल 36 कोरोना पॉजिटिव केस दर्ज की गई हैं।  
शुक्रवार को जिले से कोरोना के शाम तक के दैनिक रिपोर्ट में भोपालपटनम ब्लॉक से एक भी कोरोना पॉजिटिव के केस दर्ज नहीं हैं। जबकि भैरमगढ़ ब्लॉक से 20 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। वही उसूर व बीजापुर ब्लॉक से 8 -8 केस मिले हैं। इस तरह शुक्रवार को बीजापुर जिले से कोरोना पॉजिटिव के कुल 36 केस सामने आए हैं। इनमें से 4 का टूनॉट व अन्य सभी का एंटीजेन किट से टेस्ट किया गया हैं।  फिलहाल सभी संक्रमितों का उपचार होम आइसोलेशन में किया जा रहा है। जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं, उन्हें कोविड सेंटर में एडमिड किया गया है।

मनोरंजक शिक्षा से आमाराईट के प्रति बच्चे हो रहे आकर्षित
04-Jun-2021 9:04 PM (203)

  गर्मियों में प्रोजेक्ट कार्य के जरिये बच्चों को शिक्षा से जोडऩे की पहल     

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 4 जून।
कोरोना माहमारी के 15 महिने से बंद पड़े कक्षाओं के कारण बच्चों की प्रभावित हुई शिक्षा को पटरी पर लाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की पहल पर आमाराईट के नाम से समर प्रोजेक्ट कार्य के रूप मे बीजापुर विकासखण्ड में एक अभिनव पहल शुरू की गई है। 
जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर के निर्देशन में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद जाकिर खान एवं खण्ड स्त्रोत समन्वयक कामेश्वर दुब्बा मार्गदर्शन में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के स्कूलों में आमाराईट परियोजना का आयोजन नियमित रूप से शुरू किया गया है। इस पहल के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदत्त प्रोजेक्ट कार्य सभी स्कूलों में वितरित कर सभी बच्चों के लिए उपलब्ध कराया गया है जिसमें शिक्षकों के माध्यम से सभी बच्चों को उनके कक्षा के अनुरूप प्रोजेक्ट कार्य सम्पन्न कराया जा रहा है। 
बीजापुर विकासखण्ड में 77 स्कूलों में लगभग 5000 बच्चों के साथ आमाराईट परियोजना कार्य प्रारंभ किया गया है जहां बच्चों को फोटो कॉपी,व्हाट्सएप व अन्य ऑनलाइन माध्यम से प्रोजेक्ट वर्क दिये गये है। प्रोजेक्ट वर्क में सामान्य ज्ञान, कोरोना महामारी, टीकाकरण जनजागरूकता के साथ पाठ्यक्रम से संबंधित सामान्य कार्य बच्चों को दिये जा रहे हंै। ये सभी प्रोजेक्ट कार्य ग्रीष्मकालीन अवकाश में 30 जून तक विद्यार्थियो को दिये जायेंगे, जिसके तहत् सभी विद्यार्थी अपने घरे में स्वयं तथा पालको के सहयोग से दिये गये प्रदत्त कार्य को पूरा कर संस्था में जमा करेंगे। आमाराईट को लेकर क्षेत्र के बच्चों में काफी उत्साह एवं सक्रियता देखी जा रही है, आनलाईन शिक्षण की सुचारू व्यवस्था नही होने से आफलाईन मोड में ज्यादातर बच्चें प्रोजेक्ट कार्य को पूरा कर रहे है। इन गतिविधियों में खेल तथा मनोरंजन होने से आमाराईट प्रोजेक्ट बच्चों को काफी आकर्षित कर रही है। अपने आस-पास के वातावरण, गतिविधियों तथा सामान्य ज्ञान के व्यवहारिक प्रश्न होने से बच्चों की इस कार्य के प्रति रूचि सहज रूप से दिख रही है। स्कूल के आस-पास रहने वाले बच्चें आमाराईट परियोजना को लेकर काफी आकर्षित है तथा अपने शिक्षकों से निरंतर सम्पर्क कर दिये गये कार्य को उत्साह के साथ पूरा कर रहे है इस नवाचार के जरिये बच्चों की रूकी हुई शिक्षा को फिर से गति देने में सफलता हासिल हो रही है।
आमाराईट प्रोजेक्ट को सुचारू रूप से क्रियान्वयन करने के लिए विकास के समस्त शिक्षको के साथ शाला प्रबंधन समिति एवं महिला समूहो का भी सहयोग मिल रहा है। शिक्षकों के माध्यम से सभी बच्चों को परियोजना कार्य घर-घर सम्पर्क कर सरल ढंग से एवं बच्चों की सुविधा अनुसार हल करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया है। आमाराईट कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संकुल समन्वयक, राजेश मिश्रा, विजेन्द्र भदौरिया, आनंद टिंगे, धुर्वा सत्यम, किशोर दुर्गम, प्रेम प्रकाश चापड़ी, लोकेश्वर सिंह चैहान, दिलीप दुर्गम, बल्लूराम नेताम, रमन झा, नवल सिंह यादव, कवल सिंह यादव, राजेश सिंह एवं किरण कावरे की सक्रिय भूमिका निभा रहे है।

उसूर ब्लॉक में फिर बढ़ा कोरोना ग्राफ, 44 पॉजिटिव
03-Jun-2021 9:07 PM (222)

शाम तक जिले से 78 केस
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 3 जून।
गुरुवार को फिर से उसूर ब्लाक से कोरोना पॉजिटिव के बड़े आंकड़े निकलकर सामने आये हैं। यहां 44 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जबकि जिले में कुल 78 कोरोना के पॉजिटिव केस मिले हैं।

गुरुवार को जिले से कोरोना के शाम तक के दैनिक रिपोर्ट में केवल उसूर ब्लॉक से 44 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिसमें छुटवाई से 15, बुडग़ीचेरु से 6, पामेड़ क्षेत्र से 5, राजपेटा से 3 व इंकाल, जीडपल्ली, लंकापल्ली, पोलमपल्ली, बोतेतोंग व सेन्द्रबोर से एक एक केस मिले है। बासागुड़ा में तैनात सीआरपीएफ कोबरा के भी 9 जवान संक्रमित पाए गए हैं। वहीं बीजापुर ब्लाक से 12, भैरमगढ़ ब्लाक से 20 व भोपालपटनम ब्लाक से 2 ही केस  सामने आए हैं।
  
गुरुवार को जिले से आये शाम तक के रिपोर्ट में कुल 78 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें से एक 11 का टूनॉट, 6 का आरटीपीसीआर व अन्य सभी का एंटीजेन किट से टेस्ट किया गया हैं। बता दें कि उसूर ब्लाक में इन दिनों कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ता ही जा रहा हैं। यहां सर्वाधिक केस सिलगेर इलाके से दर्ज किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र से अब तक सौ से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं।  फिलहाल सभी संक्रमितों का उपचार होमाइसोलेशन में किया जा रहा है। जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं। उन्हें कोविड सेंटर में एडमिड किया गया है।

नक्सलगढ़ से निकलकर मुंबई में चमका
02-Jun-2021 10:25 PM (265)

सीरियल्स, फि़ल्म के बाद वेब सीरीज़ में लीड रोल निभा रहा बीजापुर का कार्तिक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
 बीजापुर,  2 जून। 
नक्सलगढ़ से निकलकर एक हीरा मुंबई में चमक रहा है। बीजापुर के इलमिड़ी का युवक सुपरस्टार अक्षय कुमार की फि़ल्म केसरी में दिखा। अब गुलशन ग्रोवर के साथ स्क्रीन पर अभिनय करता दिखेगा। दरअसल कार्तिक के. जी. इन दिनों अपनी हालिया रिलीज वेब सीरीज़ याराना को लेकर चर्चा में है। नक्सली घटनाओं की धुंध और दहशत के बीच मायानगरी में कार्तिक अपना भविष्य गढ़ रहा है।.

बस्तर में हीरे जैसे अभिनय छुपे हैं- कार्तिक बताते हैं कि बस्तर में टैलेंट की कमी नहीं है मगर यहां स्कोप नहीं है अभिनय और गायकी का। घर परिवार और आर्थिक सहयोग अगर मिले तो बेहतर मुकाम हासिल किया जा सकता है। बस्तर में हीरे जैसे अभिनय छुपे हैं जिनको परिवार और समाज के सहयोग से तराशा जा सकता है।

मैं बस्तर से हूं-  जब कभी मुझे पूछा जाता है कि कहां से हो तो मैं बस्तर से अपना परिचय देता हुँ। लोग गंभीर होकर पूछते हैं वही बस्तर जहां नक्सली रहते हैं। मुझे अच्छा लगता है कि मैं बस्तर से हूँ और मैं बस्तर की पहचान के साथ मुम्बई में लोगों से मिलता हूँ। बस्तर की कार्नर इलाके से निकला है कार्तिक इस नाम से साथी अभिनेता, कलाकार चर्चा करते रहते हैं।
संघर्ष के दिनों में ये भी किया-  परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, जिसकी वजह से अभिनय में खासे बुरे हालातों से जूझना पड़ा। पैसे जुटाने के लिए ठेकेदार के यहां मुंशी, बीपीओ सेंटर में जॉब, ट्रेडिंग शॉप में कलर मिक्सिंग का काम भी मुझे करना पड़ा है। कुछ पैसे जुटाकर 4 साल पहले में मायानगरी की ओर चला गया। कठिन संघर्ष और दुविधा के बीच मुम्बई में रहकर मैंने अपने अभिनय के शौक को जारी रखा हुआ है।

इन प्लेटफार्म में कर रहे हैं काम- कार्तिक बताते हैं कि मैंने शुरुआती दिनों में मराठी टीवी सीरियल्स में छोटे अभिनय किये। उसके बाद सोनी टीवी के साथ सीरियल में अभिनय करने का मौका मिला जिसमे मैंने पुलिस कांस्टेबल का किरदार अदा किया। अक्षय कुमार स्टारर केसरी में मैंने एक छोटा सा किरदार निभाया है। गुलशन ग्रोवर जी के साथ एक मूवी कर रहा हूं, जो दोनो हॉरर मूवी अभी रिलीज़ होने वाली है। अभी जो सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट है मेरे जीवन का वो है एमएक्स- प्लेयर में वेब सीरीज याराना जिसमे जो दो दोस्तों की कहानी है जिसमे मैंने लीड रोल प्ले किया है। फस्र्ट सीजन में 2 एपिसोड रिलीज हुआ है जिसको अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। 

मौका मिला तो बस्तर पर मूवी बनाऊंगा- कार्तिक बताते हैं कि बस्तर में बहुत सी कहानियां हैं जिन पर अच्छी मूवी बनाई जा सकती है। अभी मुझे 4 साल मुम्बई में हुए हैं साथी कलाकारों और मेरे निर्देशकों से मैं इस बारे में चर्चा करता हूँ। मुझे कभी अवसर मिलेगा तो निश्चय ही मैं मेरे अपने बस्तर के किसी अच्छे पहलू की कहानी पर मूवी जरूर बनाने की कोशिश करूंगा।
 

अब गगनपल्ली में मिले 27 पॉजिटिव
02-Jun-2021 10:20 PM (131)

बीजापुर, 2 जून। बुधवार को एक बार फिर उसूर ब्लॉक से आये कोरोना संक्रमितों के ताजे आंकड़े ने प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सिलगेर इलाके के नरसापुर से मिले कोरोना संक्रमितों के बाद अब उसी इलाके के गगनपल्ली से 27 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। जिले में कुल 61 केस सामने आए हैं। 

बुधवार को कोरोना की  शाम तक के दैनिक रिपोर्ट में बुधवार को उसूर ब्लाक से कुल 33 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिसमें केवल गगनपल्ली के पटेलपारा से 22 व आबापारा से 5 कोरोना पॉजिटिव मिले हंै। 

जबकि लिंगगिरी, तर्रेम, भण्डारपाल, पीएचसी बासागुड़ा से एक एक व पामेड़ क्षेत्र के 2 केस है। वही भैरमगढ़ ब्लाक से 16, बीजापुर ब्लाक से 10 और भोपालपटनम ब्लाक से महज 2 केस मिले हैं। बुधवार को जिले से आये शाम तक के रिपोर्ट में कुल 61 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें से एक ग्रामीण का टूनॉट व अन्य सभी का एंटीजेन किट से टेस्ट किया गया हैं। 

ज्ञात हो कि उसूर ब्लाक में इन दिनों कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा हैं। यहां सर्वाधिक केस सिलगेर इलाके से दर्ज किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र से अब तक सौ से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं।  फिलहाल सभी संक्रमितों का उपचार होम आइसोलेशन में किया जा रहा है। जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं। उन्हें कोविड सेंटर में एडमिड किया गया हैं।
 

जिले में मिले 36 कोरोना पॉजिटिव
01-Jun-2021 8:28 PM (75)

बीजापुर, 1 जून। जिले में मंगलवार को शाम तक 36 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें सर्वाधिक बीजापुर ब्लॉक से 13 संक्रमित पाए गए हैं।

बीजापुर जिले में मंगवार की शाम तक के आये दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक भैरमगढ़ ब्लॉक में 12, भोपालपटनम ब्लॉक में 3, उसूर ब्लॉक में 8 एवं सर्वाधिक बीजापुर ब्लॉक में 13 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। संक्रमित पाए गए इन लोगों में 6 का टू्रनॉट व अन्य सभी एंटीजन किट द्वारा टेस्ट किया गया।

फिलहाल सभी संक्रमितों का उपचार होमआइसोलेशन में किया जा रहा है। जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं, उन्हें कोविड सेंटर में एडमिड किया गया है।

कोरोना अस्पताल में शिक्षक ने लगाई फांसी
01-Jun-2021 7:59 PM (104)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

भोपालपटनम, 1 जून।  कोरोना  पॉजिटिव शिक्षक ने कोविड वार्ड में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या का कारण अभी पता नहीं चल पाया है

पुलिस  के अनुसार नरेंद्र मिच्चा (41 वर्ष) कोंगूपल्ली शनिवार को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भोपालपटनम के रुद्राराम कोविड सेंटर में भर्ती किया गया था । उसने कल शाम 7 बजे कोविड सेंटर के बाथरूम में गमछे को गले बांधकर आत्महत्या कर ली।

 बीएमओ डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि उस वार्ड में और भी लोग भर्ती थे। टीआई विनोद एक्का ने बताया कि शुरुआती जांच में पारिवारिक कारण बताया जा रहा है मृतक पेशे से शिक्षक रहे हैं और उनके घर में उनकी बंटी की भी तबियत खराब होने जानकारी मिली है।

एक ही पारा में मिले 2 दर्जन संक्रमित
31-May-2021 9:08 PM (137)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 31 मई। सोमवार को उसूर ब्लॉक के नरसापुर में एक बार फिर कोरोना वायरस फूटा है। इस बार यहां अलग-अलग गांव से नहीं बल्कि नरसापुर के एक ही पारा से 2 दर्जन ग्रामीण कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक सोमवार को आये जिले के कोरोना के दैनिक रिपोर्ट ने एक बार फिर प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा के लिए चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक उसूर ब्लाक के नरसापुर में केवल बिल्लीपारा से 24 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। दो दिन पहले ही नरसापुर क्षेत्र से कोरोना के 48 पॉजिटिव केस मिले थे। सोमवार को फिर से इसी क्षेत्र से बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों का मिलना प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा के लिए चिंता का सबब बन गया है।

यहां सभी संक्रमित ग्रामीणों का एंटीजेन किट से टेस्ट किया गया है। इसके अलावा बासागुड़ा से 5 पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें 4 सीआरपीएफ के जवान हैं। वहीं बीजापुर ब्लाक में 16 पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें से 11 जिला मुख्यालय के एवं 5 गंगालूर से हैं। भोपालपटनम ब्लाक से 3 व भैरमगढ़ ब्लाक से 14  पॉजिटिव केस सामने आए हैं। बीजापुर जिले में सोमवार की शाम तक के रिपोर्ट में कुल 62 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। 

इनमें से 12 लोगों का टूनॉट व अन्य सभी का एंटीजेन किट से टेस्ट किया गया। फिलहाल सभी संक्रमितों का उपचार होमाइसोलेशन में किया जा रहा है। जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं, उन्हें कोविड सेंटर में एडमिड किया गया हैं।

भाजपा नेता मोदी सरकार के झूठे प्रचार में लगे हैं - राठौर
31-May-2021 9:07 PM (63)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 31 मई। आज पूरा देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। लोग रोज़ अपने परिजनों को खो रहे है। यह सब मोदी सरकार की कुप्रबंधन के कारण हो रहा है, बावजूद इसके भाजपा के नेता मोदी सरकार की छवि बनाने नाना प्रकार के हथकंडे अपना रहे हैं। उक्त बातें कांग्रेस के जिलाध्यक्ष लालू राठौर ने कही हैं।

प्रेस को जारी अपने बयान ने श्री राठौर ने कहा कि देश में कोरोना ने भयावह रूप ले रखा है। ऐसे समय देश व प्रदेश का हर एक व्यक्ति अपने अपने स्तर पर कोरोना पीडि़तों की मदद कर रहा है। लेकिन भाजपा के लोग इस संकटकाल में कहीं पर भी नजऱ नहीं आए और भाजपा के लोग उल्टे पीठ दिखाकर भाग गए।

मोदी सरकार ने पिछले सात सालों में ऐसा एक भी काम नहीं किया जिससे कि आम आदमी को राहत पहुँची हो। आज देश में महंगाई अपने चरम पर है पेट्रोल डीज़ल में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, विवादित कृषि क़ानूनों से देश का किसान सडक़ पर है। देश के प्रत्येक व्यक्ति के खाते में पंद्रह पंद्रह लाख आज तक नहीं आए। आज देश का हर एक व्यक्ति अपने आप को मोदी सरकार व भाजपा से ठगा सा महसूस कर रहा है। मोदी सरकार ने देश की जनता से किए वादों में एक भी वादा पूरा नहीं किया। मोदी सरकार की ग़लत नीतियों के कारण देश में बेरोजग़ारी लगातार बढ़ रही है। लोगों की नौकरियाँ जा रही है। छोटे एवं लघु उद्योग बंद हो रहे हैं, इन सब पर भाजपा व मोदी सरकार को देश व प्रदेश की जनता को बताना चाहिए।

दूसरी तरफ़ छत्तीसगढ़ प्रदेश की भूपेश सरकार है, जो कोरोना वैश्विक महामारी के बावजूद लगातार अपने संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए प्रदेश की उन्नति के लिए काम कर रही है।

भूपेश सरकार के कल्याणकारी नीतियों का ही परिणाम है कि प्रदेश का प्रत्येक किसान, छोटा व्यापारी, दुकानदार, मज़दूर, युवा, गऱीब और आम नागरिक आर्थिक रूप से सक्षम हो रहे है। प्रदेश का कृषि जोत लगातार बढ़ रहा है प्रदेश में किसानों की संख्या में वृद्धि के साथ साथ धान उत्पादन का बढऩा इस बात का प्रमाण है कि भूपेश सरकार की नीतियाँ किसानों के साथ साथ आम लोगों के लिए है। जबकि मोदी सरकार की नीतियाँ कुछ चुनिंदा उद्योगपति मित्रों के लिए बनती है जिसका जीता जागता उदाहरण मोदी सरकार के विवादित नए कृषि क़ानून है जो मोदी सरकार के उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाई गई है।

कोरोना जांच 642, पॉजिटिव मिले 29, सर्वाधिक बीजापुर में
30-May-2021 9:38 PM (103)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 30 मई। कोरोना के दैनिक रिपोर्ट में रविवार को जिले से 29 पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें से सर्वाधिक 19 केस अकेले बीजापुर ब्लॉक से सामने आये हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को जिले में कुल 642 टेस्टिंग की गई हैं। बीजापुर ब्लॉक में एंटीजन किट से 110, भैरमगढ़ ब्लाक में 121, उसूर ब्लाक में 60, भोपालपटनम ब्लाक में 91 व जिला अस्पताल में 48 टेस्ट हुए हैं। वहीं आरटीपीसीआर से बीजापुर ब्लाक में 36, भोपालपटनम ब्लाक में 33, उसूर ब्लाक में 10 व भैरमगढ़ ब्लाक में 28 टेस्ट की गई। इसी तरह टू्र नॉट किट से बीजापुर ब्लाक में 37, भैरमगढ़ ब्लाक में 34, उसूर ब्लाक में 6, भोपालपटनम ब्लाक में 11 व जिला अस्पताल में 17 टेस्ट किये गए हैं।

जिले में रविवार को कुल 642 कोरोना टेस्ट में 29 पॉजिटिव केस मिले हैं। इसमें केवल 19 केस बीजापुर ब्लाक से मिले हैं।  बताया गया है कि बीजापुर व आसपास के कस्बों में इन दिनों शादी समारोह का कार्यक्रम चल रहा हैं। भीड़-भाड़ के चलते सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने से कोरोना के केस बढ़े हैं। फिलहाल सभी पाए गए संक्रमितों का उपचार होम आइसोलेशन में किया जा रहा है। जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं, उन्हें कोविड सेंटर में भर्ती किया जा रहा है।

23 नये पोटा केबिन बनकर तैयार, बंद पड़े 56 स्कूल फिर शुरू
30-May-2021 7:12 PM (144)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर , 30 मई।
जिले के जिस इलाके में नक्सली दहशत से विकास प्रभावित हो गया था, बेरोजगारी और अशिक्षा थी। बच्चों के लिए शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी। इन धुर नक्सल प्रभावित इलाके में बच्चों को ज्ञान का उजियारा फैलाने के लिए बीते ढाई वर्षों में 23 नवीन पोटाकेबिन और 8 नये छात्रावास भवन निर्मित किए गए हैं। वहीं जिले के सुदूर इलाकों में बंद पड़े 56 स्कूलों को पुन: प्रारंभ किया गया है। 

जिले के दूरस्थ अंदरूनी क्षेत्रों में ये स्कूल एवं छात्रवास बच्चों को नक्सलपंथ के विचारों से प्रभावित होने से रोकने में मददगार साबित होंगे और इस इलाके के बच्चे शिक्षा के माध्यम से अपना भविष्य संवारेंगे। यह सब प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नक्सली प्रभावित जिलों में शिक्षा के विस्तार सहित नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा सुलभ कराने की संवेदनशील पहल के परिणामस्वरूप हुआ है। यही नहीं प्रदेश के मुखिया ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने सहित उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की सकारात्मक पहल की। जिसके फलस्वरूप जिला मुख्यालय बीजापुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित किया जा रहा है। 

उक्त स्कूल भवन में आकर्षक अध्यापन कक्ष, आधुनिक कम्प्यूटर कक्ष, उत्कृष्ट लाईब्रेरी, उच्चस्तरीय प्रयोग शाला, बाला कॉन्सेप्ट, वॉल पेंटिंग एवं योग्य शिक्षकों की नियुक्ति एवं प्राईवेट स्कूलों के फीस से मुक्त छात्र-छात्राएं और अभिभावक प्रसन्न हैं। 

उक्त स्कूल में शिक्षा सत्र 2020-21 से कक्षा पहली से बारहवीं तक कक्षाएं संचालित है, जिसमें  431 छात्र-छात्राएं वर्तमान में अध्ययनरत हैं। वहीं शिक्षा सत्र 2021-22 हेतु अभी ऑनलाईन प्रवेश प्रक्रिया जारी है। राज्य शासन की मंशानुरूप जिले के भोपालपटनम, भैरमगढ़ तथा उसूर ब्लाक मेें भी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित करने के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।

जिले में विगत ढाई वर्षों के दौरान स्कूल भवनों, आश्रम-छात्रावास भवनों के निर्माण सहित शैक्षणिक सुविधाओं के विकास को बढ़ावा मिला है। इस दिशा में अंदरूनी इलाकों के लिए 23 पोटाकेबिन हाईस्कूल भवन निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर पूर्ण किया गया है। वहीं 26 पोटाकेबिन हाईस्कूल छात्रावास भवन निर्माण कार्यों में 2 पूर्ण किये जा चुके हैं तथा शेष पूर्णता पर हैं। इसके साथ ही आदिवासी विकास विभाग के 15 छात्रावास भवन निर्माण कार्यों में से 6 छात्रावास भवन पूर्ण किये जा चुके हैं और 9 छात्रावास भवन निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। 

जिले के धुर नक्सली प्रभावित इलाकों में बंद पड़े स्कूलों के पुन: शुरू करने से उक्त अंदरूनी क्षेत्र के बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही शिक्षा सुविधाएं सुलभ हो रही है। इस दिशा में जिले के अंतर्गत अब तक 56 स्कूलों को शुरू किया गया है। जिसके तहत भोपालपटनम ब्लॉक में 19, बीजापुर ब्लाक में 10, भैरमगढ़ ब्लाक में 7 तथा दूरस्थ उसूर ब्लॉक में 20 स्कूलों को फिर से आरंभ किया गया है। इन स्कूलों में संबंधित ग्राम पंचायत के बारहवीं उत्तीर्ण स्थानीय युवाओं को शिक्षादूत के रूप में नियुक्त किया गया है। 

वहीं स्कूलों के संचालन के लिए शेड निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन स्कूलों में शासन के द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक तथा गणवेश इत्यादि का लाभ स्कूली बच्चों को मिल रहा है।
 

तरेम बना कंटेनमेंट जोन, स्टेट हाइवे कई किमी तक जाम
29-May-2021 9:27 PM (155)

   भाजपा जांच दल नहीं पहुंच सका सिलगेर   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 29 मई। सिलगेर गोलीकांड की हकीकत जानने से जा रहे भाजपाइयों का जांच दल ग्रामीणों से मुलाकात किये बिना बैरंग लौट आया।

दरअसल तरेम से 1 किमी दूर से स्टेट हाइवे पर पेड़ और सूखी लकडिय़ां डालकर मार्ग जाम कर दिया गया है। यही वजह थी कि भाजपा का 6 सदस्यीय जांच दल सिलगेर नहीं पहुंच सका और तरेम से बैरंग लौट गया। तहसीलदार से गोलीकांड में घायल और मृतकों की जानकारी लेकर दल वापस हो गई। भाजपा के जांच दल में दो पूर्व मंत्री एक पूर्व बस्तर सांसद और पूर्व विधायक शामिल थे।

शनिवार को भाजपा का जांच दल सिलगेर के लिए निकला था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जांच दल तरेम पहुँचा। जांच दल के नेता सिलगेर तक जाना चाहते थे। लेकिन तरेम को कंटेनमेंट जोन बनाने और सडक़ पर पेड़ों को रखकर जाम किये जाने की वजह से दल तरेम में ही घटना की जानकारी एकत्रित करता रहा और पीडि़तों से मिले बिना ही बैरंग बीजापुर लौट आया।

तरेम पहुंचे पूर्वमंत्री और बीजापुर के पूर्व विधायक महेश गागड़ा ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। पूर्व मंत्री गागड़ा ने बताया कि भूपेश सरकार की जवाबदेही है कि लोगों को सुरक्षा दी जाए। उसमें सरकार विफल रही है। हम सिलगेर में लोगों से मिलना चाहते थे, लेकिन पूरे सिलगेर को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है और सडक़ जाम कर दिया गया है, जिस वजह से वे नहीं जा पाए। सुरक्षा व्यवस्था प्रदेश सरकार का काम है और आदिवासियों के हितैसी बनने वाली सरकार आदिवासियों के नाम पर सिर्फ वोटों की राजनीति कर रही है।

वहीं एक महिला की सिलगेर गोलीकांड में मौत पर पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने गर्भवती महिला की मौत पर संवेदना व्यक्त करते इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उसेंडी ने बताया कि सरकारी उपेक्षा के चलते यह सब घटा है। महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा देना सरकार का काम है। उसेंडी ने बताया कि पूरी टीम सिलगेर घटना की विस्तृत जांच और तथ्यों के आधार पर ही जांच रिपोर्ट बनाएगी।

बस्तर के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने बताया कि आदिवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भूपेश सरकार की है। आदिवासी विधायक विक्रम मण्डावी और सुकमा से आदिवास मंत्री कवासी लखमा हैं, मगर इस पूरे घटनाक्रम पर कोई बयान इनके तरफ से नही आया। जो दुर्भाग्यजनक है। हर मामले पर टिप्पणी करने वाले सीएम भूपेश बघेल की चुप्पी भी कई सवाल पैदा करती है। सिलगेर गोलीकांड में हम उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे।

मृतकों और घायलों को मिले न्याय- नंद कुमार साय

सिलगेर गोलीकांड में मारे गए सभी लोग किसान हैं। उनमें कोई भी नक्सली नहीं है। मृतकों को न्याय मिलना चाहिए। मृतकों के परिजनों और घायलों को सरकार मुआवजा और सरकारी नौकरी दे।

उसूर ब्लॉक में फूटा कोरोना बम, 70 से ज्यादा संक्रमित
29-May-2021 9:26 PM (107)

बीजापुर, 29 मई। शनिवार को उसूर ब्लॉक में कोरोना बम फूटा है। यहां केवल नरसापुर में ही 48 केस मिले हैं। इसके अलावा अलग-अलग गांवों के 70 से ज्यादा ग्रामीण संक्रमित पाए गए हैं।

शनिवार को आये कोरोना के दैनिक रिपोर्ट ने लोगों के साथ प्रशासन को भी चिंतित कर दिया है। यहाँ केवल उसूर ब्लाक के अलग अलग गांव से एक ही दिन में 70 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए है। रिपोर्ट के मुताबिक उसूर ब्लाक के नरसापुर से 48, छुटवाई से 17, पामेड़ से 6 व आवापल्ली और बासागुड़ा से 1-1 पॉजिटिव केस मिले हैं।

 बताया जाता है कि उसूर ब्लाक में जो पॉजिटिव मिले है। वहीं भैरमगढ़ ब्लाक से 13, बीजापुर ब्लॉक से 13 व भोपालपटनम ब्लॉक से 5 पॉजिटिव केस सामने आये हैं। इन सभी शनिवार को एंटीजन किट से कोरोना टेस्ट किया गया था। जिसमें ये सभी पॉजिटिव आये हैं।  फिलहाल सभी संक्रमितों का उपचार होमाइसोलेशन में किया जा रहा है। जो गंभीर लक्षण वाले मरीज हैं। उन्हें कोविड सेंटर में एडमिड किया गया हैं।

रेंजर की हत्या में शामिल नक्सली नौ माह बाद गिरफ्तार
29-May-2021 9:06 PM (76)

बीजापुर, 29 मई। नौ महीने पहले जैगुर में हुए रेंजर की हत्या में शामिल एक नक्सल आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक शनिवार को जांगला थाना से जिला बल व दरभा से छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी की संयुक्त टीम नक्सली विरोधी अभियान पर ग्राम जैगुर व मेढ़पाल की ओर निकली हुई थी। इसी बीच मेढ़पाल के जंगलों से पुलिस ने नक्सल आरोपी मडक़ाम साधू (30) मेढ़पाल को गिरफ्तार किया।

ज्ञात हो कि 11 सितंबर 2020 को नक्सलियों ने जैगुर में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के भैरमगढ़ अभ्यारण्य रेंज में पदस्थ रेंजर रथराम पटेल की हत्या कर दी थी। उस घटना में पकड़ा गया नक्सली शामिल था। पकड़े गए नक्सली को पुलिस न्यायालय बीजापुर पेश किया।

पंचशील आश्रम में कोरोना ब्लास्ट, 22 युवतियां पॉजिटिव, होमआइसोलेशन में
28-May-2021 10:07 PM (146)

बीजापुर, 28 मई। भैरमगढ़ ब्लॉक के कुटरू गांव में संचालित पंचशील आश्रम में एक दिन में कोरोना के 22 पॉजिटिव केस पाए गए हैं। कोरोना के इतने मामले को देख प्रशासन भी अलर्ट हो गया हैं। शुक्रवार को कुटरू स्थित पंचशील आश्रम में एक साथ 22 युवतियां कोरोना पॉजिटिव आई हैं। आज इन सभी एंटीजेन टेस्ट किया गया था,  जिसमें ये सभी पॉजिटिव आई हैं। सभी संक्रमित पाई गई युवतियों को होमआइसोलेशनमें रख इलाज किया जा रहा हैं। बीजापुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी ने बताया कि सभी का होमआइसोलेशन में उपचार चल रहा हैं। ज्यादा गंभीर वालों को कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।

जारपल्ली में मिले दर्जनभर से ज्यादा संक्रमित, एपी स्ट्रेन की आशंका..?
28-May-2021 8:50 PM (105)

सभी तेलंगाना से लौटे हैं, सीमा पर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 28 मई।
तेलंगाना से सटे छत्तीसगढ़ के जारपल्ली में मिले दर्जनभर से ज्यादा कोरोना संक्रमितों ने स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है। एपी स्ट्रेन एन-440 के कोविड वैरिएंट को लेकर बॉर्डर इलाकों में अलर्ट जारी है। 

ज्ञात हो कि बीते दो दिनों में इंटरस्टेट कॉरिडोर पामेड़ से लगे जारपल्ली में 21 कोरोना के नए संक्रमित मिले हैं। एपी स्ट्रेन की आशंका के बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने शुरुआती लक्षणों को सामान्य बताया है। लेकिन संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने पर पता लगा कि सभी तेलांगाना से लौटे हैं। ऐसे में प्रशासन भी अब इस इलाके में टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान दे रहा है।

नक्सली पैठ प्रशासन के लिए चुनौती 
चूँकि पूरा बस्तर क्षेत्र नक्सलियों के प्रभाव वाला माना जाता है। जिसमें दक्षिण बस्तर के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर ऐसे जिले हैं, जो सीधे तेलांगाना या आंध्रप्रदेश से जुड़े हैं। यहां एपी एन-404के कोविड वैरिएंट के आने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। नक्सलियों की इस पूरे इलाके में मजबूत पैठ और पकड़ है, जिस वजह से इस बीहड़ इलाके में कोविड टीकाकरण भी बहुत कम हो पाता है। नक्सलियों की दहशत मेडिकल टीम को जंगलों में जाने से रोकती है। बस्तर के कई नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण कराने से मना करने की खबरें भी निकलकर सामने आई हैं। वहीं बीते दिनों कमकानार में कुछ महिला स्वास्थ्यकर्मियों के अपहरण की खबर के बाद हालात काफी बदले हैं।

आखिर क्यों जाते लोग हैं बस्तर से तेलांगाना-आंध्र
 दशकों से बस्तर के वनवासी जंगलों और नदियों से अपना भरण पोषण करता रहा है। फरवरी के शुरुआत से लेकर जून की पहली बारिश के दौरान दक्षिण बस्तर से जाने का दौर शुरू हो जाता है। सीधे सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमाओं से तेलांगाना के खम्मम, भूपालपल्ली और मुलगु जिलों में मजदूर जंगलों के रास्ते मजदूरी करने जाते हैं। जिसमें एक बड़ा कारण बस्तर में रोजगार की कमी और मनरेगा योजना में जमकर भ्रष्टाचार है। नक्सली दहशत का हवाला देकर मनरेगा में जमकर मशीनों का इस्तेमाल होता रहा है। सरकार और प्रशासन सब जानकर भी आंखे मूंद लेते हैं। जिसकी वजह दो दशकों से भी ज्यादा समय से साल दर साल पलायन के आंकड़ों में हिजाफ़ा होता रहा है।

इंटरस्टेट कॉरीडोर में लोगों ने बनाई बैरिकेड
 तेलांगाना से 10 किमी की दूरी पर पामेड़ मौजूद है। समूचे छत्तीसगढ़ को सीधे तेलांगाना से जोडऩे वाला और सघन माओवादग्रस्त इलाका है पामेड़। बीजापुर मुख्यालय से बासागुड़ा होते ये रास्ता सारकेगुड़ा, तर्रेम होते धर्माराम और फिर पामेड़ को जोड़ता है। पामेड़ के रास्ते पलायन से लौटने वाले मजदूर बस्तर की सीमाओं में दंतेवाड़ा या बीजापुर प्रवेश करते हैं। एहतियातन पामेड़ में लोगों ने पुलिस की मदद से कंसर्टिना वायर से बैरिकेड बना दी है। ताकि अवांछित लोगों को कोरोना टेस्ट के बाद ही प्रवेश दिया जाये।

बीजापुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी ने बताया कि एपी स्ट्रेन एन-440 के खतरनाक वैरियंट है। पामेड़ में हमारी टीम टेस्टिंग कर रही है। तेलांगाना से लौटने वालों का टेस्टिंग और ट्रेवल हिस्ट्री खंगाला जा रहा हैं। अभी लक्षण सामान्य हैं। बाकी आंध्रप्रदेश स्ट्रेन के प्रति टीमो को अलर्ट पर रखा गया है। जारपल्ली में जो 21 लोग  कोरोना पॉजिटिव आये है। उनमें  अभी तक एपी स्ट्रेन के लक्षणों की कोई पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन एहतियात बरती जा रही है।
 

बीजापुर के नक्सली नेता की तेलंगाना में कोरोना-मौत, शव परिजनों को सौंपने पुलिस कर रही प्रयास
28-May-2021 4:51 PM (90)

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर
, 28 मई। बीते दिनों तेलांगाना के कोत्तागुड़म में बीजापुर के गोरना मनकेली निवासी एक नक्सली नेता की कोरोना से मौत हो गई। उसके शव को सौंपने पुलिस परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का टेक्निकल टीम प्रभारी नक्सली नेता गंगा उर्फ आयता कोरसा निवासी गोरना मनकेली जिला बीजापुर की मौत बीते दिनों कोरोना संक्रमण से हो गई है। बताया गया है कि तेलंगाना के कोत्तागुड़म में गंगा इलाज करा रहा था। गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी पुष्टि तेलंगाना पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ व तेलांगाना सीमा पर पकड़े गए तीन नक्सलियों से पूछताछ में हुई।

ज्ञात हो कि नक्सली गंगा पिछले 18 सालों से नक्सल संगठन में रहा। वर्ष 2003 से 2007 तक पश्चिम बस्तर डिवीजन, वर्ष 2007 से 2012 तक पीएलजीए बटालियन नंबर 1 में वर्ष 2012 से 2014 तक पीएलजीए प्लाटून नंबर 10 का कमांडर वर्ष 2014 से 2018 तक पीएलजीए प्लाटून नंबर 30 के कमांडर के पद पर दक्षिण बस्तर इलाके में सक्रिय रहा। वर्ष 2018 से लेकर अब तक दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का टेक्निकल टीम प्रभारी रहा। इस पर सुकमा व बीजापुर में 14 से अधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं।

दवा दुकानदारों ने की फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा देने की मांग
26-May-2021 9:11 PM (165)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 26 मई। दक्षिण बस्तर के दवा विक्रेताओं ने सरकार से उन्हें फं्रटलाइन वर्कर का दर्जा दिए जाने की मांग करते कहा है कि ऐसा नहीं करने पर वे दुकान बंद कर देंगे।

सुकमा, दंतेवाड़ा एवं बीजापुर के दवा विक्र्र्रेता संघ के अध्यक्ष विनोद मिश्रा, सचिव गोपाल मण्डल एवं कोषाध्यक्ष एएच सिद्दिकी ने कहा है कि उनका संघ अपने सदस्यों के हितों के संरक्षण में लॉकडाउन में शामिल होने  पर विचार कर रहा है। भारत के नौ लाख चालीस हजार ड्रगिस्ट खतरों के बीच मानवता की मिसाल पेश करते लगातार मरीजों को दवा उपलब्ध करवा रहे हैं। दवा विक्रेताओं की भूमिका वकील, पत्रकार, डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ एवं सफाई कर्मी से कमतर नहीं है। कई बार आग्रह के बावजूद ना तो ड्रगिस्ट को कोरोना वॉरियर्स घोषित किया गया और ना ही वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी गई। पिछले साल देश में 650 केमिस्ट कोरोना से मारे गए।

उनका कहना है कि हम दवा बेचते हैं लेकिन वे ही अपने परिवार को रेमडेसिविर और टोसीजुमेव उपलब्ध नहीं करा सकते हैं। इससे ज्यादा दु:खद क्या हो सकता है। इससे केमिस्टों के कई परिजन दवा के अभाव में मारे गए। एसोसिएशन ने दवा विक्रेताओं को कोरोना वॉरियर्स का दर्जा दिए जाने एवं वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की है। ऐसा नहीं होने की सूरत में वे भी दुकान बंद कर देंगे। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजनेशन ऑफ केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएसशन के निर्देष पर दक्षिण बस्तर के दवा विक्रेताओं ने ये निर्णय लिया है।