ताजा खबर

30-Jul-2021 10:47 PM (20)

रायपुर, 30 जुलाई। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा 2021 के लिए 2 अगस्त 2021 से आवेदन पत्र भरे जा सकेंगे। आवेदन पत्र भरने की अवधि सामान्य शुल्क के साथ 2 अगस्त से 20 अगस्त 2021 तक निर्धारित की गई है। विलम्ब शुल्क के साथ 21 अगस्त से 28 अगस्त 2021 तक हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा 2021 के आवेदन पत्र भरे जा सकते हैं। हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा सितम्बर माह के द्वितीय सप्ताह से प्रारंभ होगी, जो छात्र हायर सेकण्डरी पूरक तथा अवसर परीक्षा 2021 में सम्मिलित होना चाहते है, वे अपनी शाला के माध्यम से आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।


30-Jul-2021 10:45 PM (30)

रायपुर, 30 जुलाई। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रायपुर द्वारा कोविड-19 के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु नगर पालिक निगम, रायपुर के जोन क्रमांक 10 के अंतर्गत गुरुतेग बहादुर नगर, महावीर नगर, रानी दुर्गावती वार्ड क. 50, रायपुर (थाना न्यू राजेन्द्र नगर) में 02 से अधिक नये कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के फलस्वरूप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। 

इस कन्टेनमेंट जोन की परिसीमाएं पूर्व में राजेश हेयर ड्रेसर तक, पश्चिम में आर.एन. प्रसाद के मकान तक, उत्तर में सतगुरु किराना स्टोर तक तथा दक्षिण में निर्माणाधीन मकान तक निर्धारित की गई है। कलेक्टर ने कंटेनमेंट जोन में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।


30-Jul-2021 10:14 PM (39)

इजरायल की एक कम्पनी द्वारा ‘हथियार’ के तौर पर विकसित और आतंकवादी तथा आपराधिक गतिविधियों पर काबू पाने के उद्देश्य से ‘सिर्फ’ योग्य पाई गईं सरकारों को ही बेचे जाने वाले अत्याधुनिक और बेहद महंगे उपकरण का चुनिन्दा लोगों की जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने को लेकर देश की विपक्षी पार्टियों के अलावा किसी भी और में कोई आश्चर्य, विरोध या गुस्सा नहीं है। मीडिया के एक धड़े द्वारा किए गए इतने सनसनीखेज खुलासे को भी पेट्रोल, डीजल के भावों में हो रही वृद्धि की तरह ही लोगों ने अपने घरेलू खर्चों में शामिल कर लिया है। यह संकेत है कि सरकारों की तरह अब जनता भी उदासीनता के गहराते कोहरे की चादर में दुबकती‌ जा रही है।

सरकार ने अभी तक न तो अपनी तरफ से यह माना  है कि उसने स्वयं ने या उसके लिए किसी और ने अपने ही देश के नागरिकों की जासूसी के लिए इन ‘हथियारों’ की खरीदारी की है और न ही ऐसा होने से मना ही किया है। सरकार ने अब किसी भी विवादास्पद बात को मानना या इंकार करना बंद कर दिया है। नोटबंदी करने का तर्क यही दिया गया था कि उसके जरिये आतंकवाद और काले धन पर काबू पाया जाएगा। लॉक डाउन के हथियार की मदद से कोरोना के महाभारत युद्ध में इक्कीस दिनों में विजय प्राप्त करने की गाथाएँ गढ़ी गईं थीं। दोनों  के ही बारे में अब कोई बात भी नहीं छेड़ना चाहता। विभिन्न विजय दिवसों की तरह देश में ‘नोटबंदी दिवस’ या ‘लॉक डाउन दिवस’ नहीं मनाए जाते।

सरकार ने ‘न हां’ और ‘ न ना ‘ का जो रुख पेगासस जासूसी मामले में अख्तियार किया हुआ है वैसी ही कुछ स्थिति भारतीय सीमा क्षेत्र में चीनी सैनिकों की हिंसक घुसपैठ को लेकर भी है। सरकार ने सवा साल बाद भी यह नहीं माना है कि चीन ने हाल ही में भारत की किसी नई ज़मीन कब्ज़ा कर लिया है। ‘राष्ट्रवाद’ की भावना से ओतप्रोत भक्त नागरिकों में जिस तरह की उदासीनता का भाव देश के भोगौलिक अतिक्रमण को लेकर है वैसा ही तटस्थ रवैया स्वयं की प्रायवेसी पर हो रहे आक्रमण को लेकर भी है। ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं और उनका तार्किक विश्लेषण भी किया जा सकता है।

पेगासस जासूसी काण्ड का खुलासा करने में फ़्रांस की संस्था ‘फोर्बिडन स्टोरीज’ और नोबल पुरस्कार से सम्मानित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ के साथ सत्रह समाचार संगठनों से सम्बद्ध खोजी पत्रकारों के एक समूह की प्रमुख भूमिका रही है। अब तो फ़्रांस सहित चार देशों की सरकारों ने पेगासस जासूसी मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। कारण यह है कि दुनिया के सभ्य देशों में नागरिकों की प्रायवेसी में किसी भी प्रकार के अनधिकृत हस्तक्षेप को दंडनीय अपराध माना जाता है। कई देशों में टॉयलेट्स अथवा शयन कक्षों को भीतर से बंद करने के लिए चिटखनियाँ ही नहीं लगाई जातीं। वहां ऐसा मानकर ही चला जाता है कि बिना अनुमति के कोई प्रवेश करेगा ही नहीं, घर का ही बच्चा भी नहीं।

किसी भी तरह की जासूसी के प्रति भारतीय मन में उदासीनता का एक कारण यह भी हो सकता है कि हमारे यहाँ प्राइवेसी का कोई कंसेप्ट ही नहीं है। कतिपय क्षेत्रों में उसे हिकारत की नज़रों से भी देखा जाता है। महिलाओं और पुरुषों सहित देश की एक बड़ी आबादी को आज भी अपनी दैनिक क्रियाएँ खुले में ही निपटाना पड़ती हैं। कोई भी व्यक्ति, पत्रकार, कैमरा या एजेंसी किसी भी समय किसी भी सभ्य नागरिक के व्यक्तिगत जीवन में जबरिया प्रवेश कर उसे परेशान कर सकती है, उसकी फ़िल्में बनाकर प्रसारित कर सकती है। प्रताड़ित होने वाले नागरिक को किसी तरह का संरक्षण भी प्राप्त नहीं है।

नागरिक जब अपनी प्रायवेसी पर होने वाले अतिक्रमण के प्रति भी पूरी तरह से उदार और तटस्थ हो जाते हैं, हुकूमतें गिनी पिग्ज़ या बलि के बकरों की तरह सत्ता की प्रयोगशालाओं में उनका इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हो जाती हैं। भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और विदुर जैसी विभूतियों की उपस्थिति में द्रौपदी के चीर हरण की घटना को समस्त हस्तिनापुर की महिलाओं की निजता के सार्वजनिक अपमान के रूप में ग्रहण कर उस पर शर्मिंदा होने के बजाय भगवान कृष्ण के  चमत्कारिक अवतरण द्वारा समय पर पहुंचकर लाज बचा लेने के तौर पर ज्यादा ग्लेमराइज किया जाता है। महाभारत सीरियल में उस दृश्य को देखते हुए बजाय क्रोध आने के, भगवान कृष्ण के प्रकट होते ही दर्शक आंसू बहाते हुए तालियाँ बजाने लगते हैं।

नागरिक समाज में जब एक व्यक्ति किसी दूसरे की प्रायवेसी में दखल होते देख मदद के लिए आगे नहीं आता, चिंता नहीं जाहिर करता तो फिर हुकूमतें भी ऐसे आत्माहीन निरीह शरीरों को अपने प्रतिबद्ध मतदाताओं की सूचियों में शामिल करने के लिए घात लगाए बैठी रहती हैं। चंद जागरूक लोगों की बात छोड़ दें तो ज्यादातर ने यह जानने में भी कोई रुचि नहीं दिखाई है कि जिन व्यक्तियों को अदृश्य इजरायली ‘हथियार’ के मार्फ़त जासूसी का शिकार बनाए जाने की सूचनाएं हैं उनमें कई प्रतिष्ठित महिला पत्रकार, वैज्ञानिक आदि भी शामिल हैं।अपनी जानें जोखिम में डालकर खोजी पत्रकारिता करने वाली ये महिलाएं इस समय सदमे में हैं और महिला आयोग जैसे संस्थान और ‘प्रगतिशील’ महिलाएं इस बारे में कोई बात करना तो दूर ,कुछ सुनना भी नहीं चाहतीं। ’मी टू’ आन्दोलनों का ताल्लुक भी शायद शारीरिक अतिक्रमण तक ही सीमित है, आत्माओं पर होने वाले छद्म अतिक्रमणों  के साथ उनका कोई लेना-देना नहीं है !  तथाकथित ‘स्त्री-विमर्शों’ में निजता की जासूसी को शामिल किया जाना अभी बाकी है क्योंकि ऐसा किया जाना साहस की मांग करता है।

अमेरिका सहित दुनिया के विकसित और संपन्न राष्ट्र हाल ही के वक्त में कोरोना महामारी से निपटने को लेकर भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश की धीमी गति अथवा उसके प्रधान सेवक के अतिरंजित आत्मविश्वास को लेकर काफी चिंतित होने लगे थे। उनकी चिंता का बड़ा कारण यह था कि भारत में बढ़ते हुए संक्रमण से उनकी अपनी सम्पन्नता प्रभावित हो सकती है, उन पर दबाव पड़ सकता है कि वे वैक्सीन आदि की कमी को दूर करने के लिए आगे आएं और अन्य तरीकों से भी मदद के लिए हाथ बढाएं।ऐसा ही बाद में हुआ भी।

पेगासस जासूसी काण्ड को लेकर भी आगे चलकर इसी तरह की चिंताएं जाहिर की जा सकतीं हैं।किसी भी तरह की जांच के लिए सरकार के लगातार इंकार और नागरिकों के स्तर पर अपनी प्राइवेसी में अनधिकृत हसक्षेप के प्रति किसी भी तरह की पूछताछ का अभाव उन राष्ट्रों के लिए चिंता का कारण बन सकता हैं जो न सिर्फ अपने ही देशवासियों के मूलभूत अधिकारों की रक्षा को लेकर नैतिक रूप से प्रतिबद्ध हैं, अन्य स्थानों पर होने वाले उल्लंघनों को भी अपने प्रजातंत्रों के लिए खतरा मानते हैं। 

इस नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी करना होगा कि हमारे शासकों ने प्रजातांत्रिक शासन व्यवस्था के नियम-क़ायदों से अपने आपको अंतिम रूप से मुक्त कर लिया है। हालांकि पेगासस जासूसी काण्ड में भारत सहित जिन दस देशों के नाम प्रारम्भिक तौर पर सामने आए थे उनके बारे में पश्चिमी देशों का मीडिया यही आरोप लगा रहा है कि इन स्थानों पर अधिनायकवादी व्यवस्थाएं कायम हैं। दुर्भाग्यपूर्ण यह भी है कि हमारे नागरिकों को सिर्फ़ जासूसी ही नहीं ,इस तरह के आरोपों के प्रति भी कोई आपत्ति नहीं है।


30-Jul-2021 10:01 PM (134)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 30 जुलाई। राज्य में आज रात 09.00 बजे तक 125 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सबसे अधिक 15 बस्तर जिले से हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के इन आंकड़ों के मुताबिक आज रात तक किसी भी जिले में 20 से अधिक कोरोना पॉजिटिव नहीं मिले हैं।

आज सिर्फ कोरोना से एक मौत हुई है।

राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दुर्ग 7, राजनांदगांव 3, बालोद 3, बेमेतरा 1, कबीरधाम 0, रायपुर 8, धमतरी 6, बलौदाबाजार 1, महासमुंद 6, गरियाबंद 1, बिलासपुर 4, रायगढ़ 5, कोरबा 3, जांजगीर-चांपा 3, मुंगेली 1, जीपीएम 4, सरगुजा 8, कोरिया 4, सूरजपुर 1, बलरामपुर 3, जशपुर 7, बस्तर 15, कोंडागांव 3, दंतेवाड़ा 2, सुकमा 9, कांकेर 9, नारायणपुर 1, बीजापुर 7, अन्य राज्य 0 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।


30-Jul-2021 9:23 PM (26)

जिम्मेदारियों के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन चुनौती है-मुख्यमंत्री 

विधानसभा में ’’उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’’ आयोजित

रायपुर, 30 जुलाई। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रेक्षागृह में आयोजित ’’उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’’ में शामिल हुईं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री, संसदीय सचिव एवं विधायकगण उपस्थित थे। राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि जो जनप्रतिनिधि संसदीय प्रणाली में ईमानदारी और कर्त्तव्य निष्ठा के साथ कार्य करते हैं और जनहित के प्रति समर्पित रहते हैं, उन्हें उसका प्रतिफल अवश्य मिलता है। उन्होंने कहा कि विधानसभा, नीति निर्धारण करने वाली सर्वोच्च संस्था होती है। यह एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहां से प्रदेश के भविष्य का रास्ता तय होता है। इसके माध्यम से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जनता की सेवा करने का अवसर मिलता है। राज्यपाल ने समारोह में पुरस्कृत उत्कृष्ट विधायकों, उत्कृष्ट संसदीय पत्रकारों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टर को शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल ने कहा कि आज इस समारोह में शामिल होकर मुझे पुराने दिनों की याद ताजा हो गई। जब मैं मध्यप्रदेश विधानसभा में विधायक थी तो मुझे तत्कालीन राज्यपाल श्री बलराम जाखड़ ने जागरूक विधायक के सम्मान से पुरस्कृत किया था। मुझे उस समय प्रदेश के वरिष्ठ राजनेताओं के साथ काम करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन सभी के मार्गदर्शन और सीख की बदौलत आज मुझे विभिन्न दायित्वों के साथ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बनने का अवसर प्राप्त हुआ।


 

राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 02 एवं 03 अक्टूबर 2019 को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया, जो कि सराहनीय है। कोरोना काल के दौरान भी विधानसभा के संक्षिप्त सत्र आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की भी प्रमूख भूमिका होती है। राज्य की प्रगति और विकास के संदर्भ में दोनों का दृष्टिकोण एक होना चाहिए। आपसी समझ और परस्पर विश्वास की नींव पर ही, जनकल्याण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। हमारी विधानसभा में सभी पक्षों में बड़ी सार्थक चर्चा होती है और समन्वय के साथ कार्य होता है। यह बात विधानसभा के इस सत्र में भी दिखाई दी। इसके लिए मैं विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को बधाई देती हूं, जिन्होंने प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को सामंजस्य के साथ समाधान किया। 

राज्यपाल ने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना जाता है। मीडिया, विधायिका-कार्यपालिका के मध्य सेतु का कार्य करता है। यह नागरिकों की समस्याओं से दोनों स्तंभों को रूबरू कराता है और आम जनता को भी शासन की जनकल्याणकारी नीतियों की जानकारी देता है। छत्तीसगढ़ में, मीडिया ने अपने विविध रूपों के माध्यम से न केवल आम जनता को जागरूक और शिक्षित किया है, बल्कि राज्य के विकास में अहम भूमिका भी निभाई है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज पुरस्कृत हुए सभी विधायक एवं पत्रकार बंधु समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि सारे सम्मानित लोग अपने परिवार के कुल दीपक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इसी प्रकार वे अपने कुल, प्रदेश और देश का नाम रोशन करते रहेंगे। श्री महंत ने राज्यपाल को दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि उन्होंने तत्कालीन मध्यप्रदेश विधानसभा के कार्यकाल की यादें ताजा कर दीं। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने उत्कृष्ट विधायकों एवं पत्रकारों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि एक विधायक के लिए निर्वाचित होना तथा निर्वाचन के पश्चात विधानसभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना और उस प्रदर्शन को निरंतर बनाए रखना एक चुनौती है। एक विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को विधानसभा में रखता है और उनका समाधान भी होता है। इसलिए एक विधायक के लिए संसदीय जीवन में उत्कृष्ट विधायक का पुरस्कार पाना एक बड़ी उपलब्धि होती है। हम विधानसभा की कार्यवाही में जो हिस्सा लेते हैं, तार्किंक ढंग से अपनी बातें रखते हैं उसे देश-प्रदेश की जनता के मध्य ले जाना का कार्य मीडिया करती है। इस दौरान पत्रकारों को समय, गुणवत्ता, संतुलन बनाए रखने की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उनके लिए भी उत्कृष्ट पत्रकारिता का पुरस्कार पाना एक उपलब्धि है। इन समस्त लोगों को जो पुरस्कार मिला है, उनकी मेहनत का परिणाम है।


 

अलंकरण समारोह में वर्ष 2019 के लिए उत्कृष्ट विधायक की श्रेणी में अरूण वोरा एवं सौरभ सिंह, उत्कृष्ट पत्रकार श्रेणी में सुरेन्द्र शुक्ला, मोहन तिवारी, कैमरामेन दीपक साहू, वर्ष 2020 के लिए उत्कृष्ट विधायक श्रेणी में कुलदीप जुनेजा और विधायक नारायण चंदेल, उत्कृष्ट पत्रकार श्रेणी में स्वर्गीय राजादास, आर.के. गांधी, कैमरामेन दिलीप कुमार सिन्हा को सम्मानित किया गया। स्वर्गीय राजादास की पत्नि ने यह सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित सभी अतिथियों ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय राजादास को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

कार्यक्रम को नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी संबोधित किया। संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल को प्रतीक चिन्ह प्रदान करते हुए उनके दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज कुमार मंडावी, मंत्रीगण, संसदीय सचिवगण, विधायकगण, विधानसभा के प्रमुख सचिव चन्द्रशेखर गंगराड़े एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।


30-Jul-2021 9:07 PM (29)

उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटेल ने नैक की समीक्षा बैठक ली 

रायपुर, 30 जुलाई। छत्तीसगढ़ में महाविद्यालयों द्वारा नैक से मूल्यांकन कराए जाने में 05 गुना की वृद्धि हुई है, जो प्रदेश के उच्च शिक्षा के गुणवत्ता उन्नयन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह जानकारी आज 30 जुलाई को उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल की अध्यक्षता में आयोजित नैक की समीक्षा बैठक में दी गई। 

बैठक में बताया गया कि उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटेल द्वारा विगत माह फरवरी में नैक की समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देशों पर अमल करते हुये उच्च शिक्षा विभाग अभासीय पटल पर सतत् कार्यशालायें आयोजित कर तथा भौतिक रूप से संभाग एवं जिला स्तर पर कार्यशालायें आयोजित करने के परिणाम स्वरूप माह जुलाई में 78 शासकीय महाविद्यालयों ने आई.आई.क्यू.ए. एवं 30 शासकीय महाविद्यालयों ने एस.एस.आर. नैक के पोर्टल में जमा किया है, जो कोरोना संकट के विषम परिस्थिति तथा समय में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटेल ने बैठक में संपूर्ण टीम को प्रगति के लिए बधाई दी। गौरतलब है कि माह फरवरी में प्रदेश के नैक से मूल्यांकन हेतु अर्हता प्राप्त 170 शासकीय महाविद्यालयों में से 16 महाविद्यालयों द्वारा आई.आई.क्यू.ए. एवं 07 महाविद्यालयों द्वारा एस.एस.आर. नैक में जमा किया गया था।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटेल द्वारा विगत माह फरवरी में राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों, संभागीय अपर संचालकों एवं अग्रणी महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक में नैक से महाविद्यालयों का मूल्यांकन एवं प्रत्यायन मिशन मोड पर कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया था। इसमें मूल्यांकन की कार्ययोजना तैयार कर विश्वविद्यालयों को अग्रणी भूमिका निभाते हुए वर्ष 2022 तक प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों का नैक से मूल्यांकन एवं प्रत्यायन कराने के लिए कहा गया था। उन्होंने बैठक में सेमिनार, प्रशिक्षण इत्यादि आयोजित कर सभी को दक्ष बनाने पर जोर दिया था। उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल द्वारा गहन निगरानी व मॉनीटरिंग पर जोर देते हुये त्रिस्तरीय टीम का गठन संचालनालय, विश्वविद्यालय और जिला स्तर पर करने हेतु निर्देश दिए गए थे। 

बैठक में अवगत कराया गया कि शासकीय महाविद्यालयों के नैक से मूल्यांकन में सरगुजा एवं बिलासपुर संभाग ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सरगुजा संभाग के 33 अर्हता प्राप्त शासकीय महाविद्यालयों में से 30 के द्वारा आई.आई.क्यू.ए. एवं बिलासपुर के 45 अर्हता प्राप्त शासकीय महाविद्यालयों से 26 महाविद्यालय द्वारा आई.आई.क्यू.ए. नैक में जमा किया जा चुका है। उक्त दोनों संभागों की कार्यप्रणाली को प्रदेश के अन्य संभागों में भी अनुकरण करने पर विभाग द्वारा निर्देश दिये गये। उच्च शिक्षा मंत्री ने नैक से मूल्यांकन कराए जाने को महत्वपूर्ण बताते हुये यह कहा कि उच्च शिक्षा में बेहतर सोच व बेहतर गुणवत्ता का पैमाना नैक से मूल्यांकन है। उन्होंने शेष सभी महाविद्यालयों को भी नैक से मूल्यांकन शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए कहा। 

उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 1994 में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् का गठन किया गया है। जिसे नैक के नाम से जाना जाता है, जो कि एक स्वशासी संस्था है। जिसका मुख्यालय बेंगलूरू में स्थित है। नैक के द्वारा गठित निरीक्षण दल में विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राध्यापक एवं महाविद्यालय के प्राचार्य सदस्य के रूप में नामित किये जाते हैं, जो उच्च शिक्षण संस्थाओं का नैक के द्वारा निर्धारित 7 मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन करते है। नैक के द्वारा मूल्यांकित किये जाने से उच्च शिक्षण संस्थानों को उनकी क्षमता, कमियाँ, अवसर एवं चुनौतियों को जानने का मौका मिलता है, नैक से मूल्यांकन कि समस्त प्रक्रिया में विद्यार्थी को केन्द्र में रखकर मानदंड तैयार किये गये है।


30-Jul-2021 8:52 PM (30)

रायपुर, 30 जुलाई। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने शास्त्री चौक, रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में महिलाओं से सम्बंधित प्रकरणों पर आज जनसुनवाई आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने नवनियुक्त सदस्यगण सुश्री शशिकांता राठौर, श्रीमती नीता विश्वकर्मा, श्रीमती अर्चना उपाध्याय के साथ की।

आज हुई सुनवाई के एक प्रकरण में आवेदिका के इकलौते पुत्र की विधवा वर्तमान में  दूसरी शादी कर चुकी है।आवेदिका के बेटे का एकमात्र वारिस जो वर्तमान में लगभग डेढ़ साल का है और अब तक अनावेदिका बेटे को आवेदिका और उसके परिवार से मिलने को रोक रही थी।आयोग में समझाइश दिए जाने पर सप्ताह में दो दिन आवेदिका के पास छोड़ा करेगी ताकि बच्चा अपने मूल परिवार को पहचान सके और उस परिवार के वंश एवं सम्पत्ति के हक पर कोई परेशानी न आये।इस पर आवेदिका ने अपनी सहमति व्यक्त की। भविष्य में यदि अनावेदिका द्वारा  पालन नही किये जाने की दशा में आवेदिका पुनः शिकायत कर सकेगी इस आधार पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

एक प्रकरण में अनावेदिका अपने पति को लेकर उपस्थित हुई और उनको  समझाइश देने के पश्चात आवेदिका और उसके पति से माफी मांगा है।आवेदिका ने स्वीकार किया और अनावेदिका ने इस बात में सहमति दी कि इस तरह की गलती की पुनरावृत्ति न हो। इस निर्देश के साथ प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।

इसी तरह अन्य प्रकरण में अनावेदक ने आज आयोग के समक्ष अपनी पत्नी व बेटी को 3 हज़ार रुपए दिया तथा शेष राशि 2 हजार रुपये आगामी 2 दिनों में देगा और उनकी निवास स्थान पर नियमित आना जाना करेगा। अनावेदिक के निवास में आना जाना कर अपने आपसी सम्बधों में सुधार करके प्रकरण में आयोग के काउंसलर के माध्यम से इस प्रकरण को 2 माह निगरानी किया जाएगा, पक्षकारों की आपसी सहमति के बाद इस प्रकरण पर निर्णय लिया जाएगा।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका और प्रथम अनावेदक पति, उपस्थित अन्य अनावेदक सास और ननद अनुपस्थित दोनो पति पत्नी को समझाइश दिया गया। आवेदिका की मुख्य शिकायत सास और ननद से है जिनके कारण पति उन्हें घर से निकाला है जबकि पति का कहना है कि आवेदिका के भाई बहन मारपीट किया था उनके खिलाफ मैने थाने में एफआईआर दर्ज कराई है, इस स्तर पर दोनो को विस्तृत समझाइश दी गई दोनो को अपनी शर्ते लिखित में लाने को कहा गया अनावेदक पति को कहा गया कि आगामी सुनवाई पर अपनी माँ और बहन को लेकर उपस्थित होंगे ताकि प्रकरण का अंतिम निराकरण किया जा सके।

एक प्रकरण में शिकायतकर्ता आवेदिका द्वारा व्यक्त किया गया कि उनके द्वारा महिला थाना में भी अनावेदक के विरुद्ध शिकायत किया गया है, जिसमें परामर्श दिया गया है जिसकी कार्यवाही चल रही है। इस पर आयोग द्वारा कानूनी प्रावधान के अनुसार थाने में चल रही प्रक्रिया में अभी कोई रोक लगाना उचित नही होगा।दोनो पक्षो को आगामी 4 माह का समय दिया गया है। यदि प्रकरण में एफआईआर दर्ज हो जाती है तो आयोग में प्रकरण नस्तीबद्ध हो जाएगा। एफआईआर दर्ज नही होने पर प्रकरण की सुनवाई आगामी 4 माह बाद पुनः रखा जाएगा।

आवेदिका उपस्थित प्रथम अनावेदक अनुपस्थित अन्य अनावेदकगण उपस्थित अनावेदकगण ने बताया कि आवेदिका द्वारा पाली गयी मछलियों को बेचने रायपुर आया था और 2 बार मे 48,000 रुपये की मछली बेची साथ अन्य अनावेदक ने बताया कि 25,000 रुपये की मछली को स्वयं बेचा है। इस प्रकरण में यह प्रतीत होता है कि आवेदिका के मछलियों को अवैध रूप से निकालकर बेचने में संयुक्त रूप से सभी अनावेदकगण भागीदारी है और आवेदिका महिला के द्वारा थाना खरोरा में शिकायत करने पर भी कार्यवाही नही करने पर सहभागी और सहयोगी प्रतीत होता है चूंकि प्रथम अनावेदक गांव का ही सरपंच है आज अनुपस्थित बाबत आयोग को आवेदन पत्र दिया है। आयोग द्वारा निर्देशित किया गया कि कल की सुनवाई में सभी अनावेदक अनिवार्य रूप से तथा आवेदिका के राशि वापस करने बाबत राशि के साथ उपस्थित होने कहा गया ताकि इस प्रकरण का निराकरण किया जा सके।


30-Jul-2021 7:25 PM (33)

 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 30 जुलाई। सांसद अरुण साव ने लोकसभा में, छत्तीसगढ़ में योजनाबद्ध तरीके से चल रहे मत व धर्मांतरण की गतिविधियों का मामला उठाया और केंद्र सरकार से इस पर रोक लगाने की मांग की।

साव ने लोकसभा में नियम 377 के तहत राज्य में हो रहे मतांतरण, धर्मान्तरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने लोकसभा में कहा कि छत्तीसगढ़ अत्यंत भोले- भाले, सहज, सरल लोगों का प्रदेश है। इसे अलग राज्य का दर्जा 1 जनवरी 2000 को प्राप्त हुआ। यह प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। राज्य के बस्तर और सरगुजा संभाग में आदिवासी समुदाय के लोग बहुतायत में रहते हैं। छत्तीसगढ़ के भोले-भाले सहज, सरल लोगों को प्रलोभन आदि के माध्यम से मतांतरित, धर्मान्तरित करने का योजनाबद्ध अभियान चलाया जा रहा है।


30-Jul-2021 5:55 PM (42)

 

   किसानों से 6 करोड़ से अधिक की वसूली  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 जुलाई।
भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में कोंडागांव में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना नहीं होने का मामला उठाया।  सरकार से जानना चाहा की कोंडागांव  में मक्का प्रोसेसिंग  प्लांट की स्थापना का कोई निर्णय लिया गया था। कब लिया गया था,  उस दिन प्लाट का निर्माण कब तक पूरा होना था। अब तक क्या कार्रवाई की गई है। वर्तमान में प्लांट की क्या स्थिति है। क्या मक्का प्रोसेसिंग प्लांट  के लिए मक्का बेचने किसानों का पंजीयन कर शेयर दिए गए थे। कितने किसानों ने पंजीयन कराया।
 
शेयर के रूप में कुल कितने राशि जमा की गई। उक्त राशि से जमा हुए कितना समय हो गया है । किसानों को क्या उक्त राशि का लाभ दिया गया है। क्या अब मक्का प्रोसेसिंग प्लांट के स्थान पर इथेनॉल प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया है। यदि हां तो क्यों, किस आधार पर  निर्णय लिया गया है। क्या इसे इथेनॉल प्लांट लगाने हेतु किसानों से सहमति ली गई है। प्लांट न लगाने के लिए कौन दोषी है दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई बताएं।
 
आदिम जाति विकास मंत्री में सदन को बताया कि मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया था।  मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति मर्यादित कोंडागांव के अंतर्गत यह इकाई का निर्माण 2022 तक पूरा होना था। विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रोजेक्ट कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई है। प्लांट मशीनरी एवं बायलर निर्माण हेतु निर्माण कर्ताओं को नियुक्ति आदि करते हुए वी ए टी निर्माण भूमि समतलीकरण बाउंड्री वाल निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं वर्तमान में उक्त प्लांट निर्माण बंद है 45 सौ  किसानों ने पंजीयन कराया है।
 
किसानों से शेयर के रूप में कुल 6.80 करोड राशि जमा हुई है । राशि जमा हुए 1 साल हो गए हैं किसानों को कोई लाभांश नहीं दिया गया है। मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की कार्यवाही बंद की गई है। इथेनॉल प्लांट लगाने  की कार्यवाही की जा रही है ।
 


30-Jul-2021 5:52 PM (54)

   मछुआ कल्याण बोर्ड के कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 30 जुलाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में मछलीपालन को कृषि का दर्जा दिया गया है। अब मछलीपालन के लिए भी कृषि जैसे ही सस्ती बिजली और बिना ब्याज के ऋण की सुविधा मिलेगी। इससे मछलीपालन करने वालों को लाभ होगा और जो अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मछलीपालन नहीं कर पाते थे, वे भी मछलीपालन कर आय का साधन जुटा सकेंगे और आगे बढ़ेंगे। अधिक से अधिक संख्या में मछुआ समुदाय के लोग भी इन प्रावधानों का लाभ उठाने के लिए आगे आएं।

सीएम ने शुक्रवार को यहां विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष से छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष और सदस्यों के पदभार ग्रहण कार्यक्रमम को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेन्द्र ढीमर, सदस्य दिनेश फूटान, देव कुंवर निषाद, आरएन आदित्य, प्रभु मल्लाह, विजय ढीमर और श्रीमती अमृता निषाद, ने पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी और पूर्व विधायक  दिलीप लहरिया भी उपस्थित थे।
 
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष और सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक हर जिले में जहां नदी, तालाब, नाले हैं, वहां मछुआ समुदाय के लोग हैं। आदिकाल से ही मछुआ समुदाय के लोग मछलीपालन और बाडिय़ों में सब्जी पैदा कर भरण-पोषण करते आए हैं।

मछलीपालन के लिए तालाब और बांध समिति बनाकर दिए जाते हैं। कई बार मछुआ समुदाय के लोगों से जानकारी मिलती है कि मछलीपालन का काम उनके समाज के लोगों को नहीं मिल पाया है। या कई बार जब काम मिल भी जाता है तो समुदाय के लोग अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मछलीपालन नहीं कर पाते हैं और मजबूरन उन्हें बड़े व्यापारियों की शरण में जाना पड़ता है। मछुआ समुदाय के लोगों को ऐसे में मात्र मजदूरी ही मिल पाती है। अब मछलीपालन के लिए कृषि के जैसे सहायता मिलने से मछुआ समाज के लोग भी मछलीपालन का काम आसानी से कर सकेंगे और उन्हें भी इस व्यवसाय का भरपूर लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मछलीपालन की अच्छी संभावनाएं हैं। यहां नदियों, तालाबों और नालों की कमी नहीं है। यहां बारिश भी अच्छी होती है, इन अनुकूल परिस्थितियों के साथ-साथ अब राज्य शासन द्वारा मछलीपालन के लिए दी जा रही सहायता का लाभ उठाने के लिए मछुआ समुदाय के अधिक से अधिक लोग आगे आएं।


30-Jul-2021 5:25 PM (107)

 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 30 जुलाई। राज्य में आज शाम 5.01 तक 103 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 15 रायपुर जिले के हैं। केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों के मुताबिक आज शाम तक किसी भी जिले में 25 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव नहीं मिले हैं।
 
आईसीएमआर के मुताबिक आज बालोद 3, बलौदाबाजार 2, बलरामपुर 1, बस्तर 15, बेमेतरा 0, बीजापुर 7, बिलासपुर 4, दंतेवाड़ा 2, धमतरी 5, दुर्ग 7, गरियाबंद 1, जीपीएम 1, जांजगीर-चांपा 2, जशपुर 7, कबीरधाम 0, कांकेर 7, कोंडागांव 3, कोरबा 2, कोरिया 3, महासमुंद 5, मुंगेली 0, नारायणपुर 0, रायगढ़ 1, रायपुर 13, राजनांदगांव 0, सुकमा 5, सूरजपुर 1, और सरगुजा 6 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
 
केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों में रात तक राज्य शासन के जारी किए जाने वाले आंकड़ों से कुछ फेरबदल हो सकता है क्योंकि ये आंकड़े कोरोना पॉजिटिव जांच के हैं, और राज्य शासन इनमें से कोई पुराने मरीज का रिपीट टेस्ट हो, तो उसे हटा देता है। लेकिन हर दिन यह देखने में आ रहा है कि राज्य शासन के आंकड़े रात तक खासे बढ़ते हैं, और इन आंकड़ों के आसपास पहुंच जाते हैं, कभी-कभी इनसे पीछे भी रह जाते हैं।


30-Jul-2021 5:21 PM (48)

   जल्दबाजी में नहीं हो सकती-मंत्री  

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 जुलाई।
शराबबंदी के लिए विधानसभा में विपक्ष का अशासकीय संकल्प खारिज हो गया। सत्तापक्ष में कहा कि शराबबंदी जल्दबाजी में नहीं की जा सकती है। 

भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा ने संकल्प लाया, और यह कहा कि एक जनवरी 2022 से हो पूर्ण शराबबंदी हो। सत्तापक्ष ने अशासकीय संकल्प का विरोध किया, और कहा कि शराबबंदी जल्दबाजी में नहीं की जा सकती है।

परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने शराबबंदी के लिए बनाई गई कमेटियों की जानकारी दी। शराब बंदी निर्धारित प्रक्रिया के तहत करने की वकालत की। भाजपा के सदस्य शिवरतन शर्मा द्वारा लाए गए अशासकीय संकल्प को लेकर मत विभाजन हुआ। इसमें शराबबंदी के पक्ष में 13 और शराब बंदी के खिलाफ 58 वोट पड़े। 1 जनवरी से शराबबन्दी की मांग वाला अशासकीय संकल्प खारिज हो गया। 
 


30-Jul-2021 4:19 PM (52)

 दो आरोपी सहित अपचारी बालक हिरासत में  
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
धमतरी, 30 जुलाई।
ग्राम भठेली भखारा में मामूली बात पर नाबालिग छोटे भाई ने दोस्तों के साथ मिलकर बड़े भाई की हत्या कर दी। हत्या में संलिप्त 2 आरोपी सहित अपचारी बालक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। 

पुलिस के अनुसार थाना भखारा क्षेत्रांतर्गत ग्राम भेंडसर जाने के मार्ग से करीबन 80 मीटर अंदर शव मिलने की सूचना पर थाना प्रभारी भखारा संतोष जैन तत्काल अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल को सुरक्षित की। शव की शिनाख्त टिकेंद्र उर्फ पप्पू निषाद (21)भठेली भखारा थाना भखारा जिला धमतरी के रूप में हुई। तत्पश्चात पुलिस टीम द्वारा मौके पर परिस्थितिजन्य व भौतिक साक्ष्य एकत्रित करते हुए मर्ग पंजीबद्ध कर शव पंचनामा एवं पोस्टमार्टम कराया गया।

मामले की जांच में पता चला कि मृतक टिकेंद्र उर्फ पप्पू निषाद ने घर के पैसे से नई मोटरसाइकिल खरीदी थी, जिसे घटना के 15 दिन पूर्व उसका छोटा भाई चलाने के लिए ले जा रहा था। जिस बात पर मृतक ने अपने छोटे भाई को खूब डांटा, साथ ही उसे दो-तीन थप्पड़ भी लगाया तथा दोनों के मध्य खेत में काम करने की बात को लेकर भी झगड़ा हुआ था, जिससे वह बहुत कुंठित था। 

मामले की सूक्ष्मतम जांच के दौरान मृतक के परिजनों से पूछताछ में उसके छोटे भाई द्वारा संतुष्टिप्रद जवाब नहीं देने व अपने तथा बड़े भाई के दोस्तों का नाम नहीं बताते हुए गुमराह करने पर संदेह हुआ। जिस पर घटना के दिन व उससे पूर्व के बारे में पृथक-पृथक विस्तृत पूछताछ करने पर अंतत: वह टूट गया और बड़े भाई के द्वारा डांटने-मारने से आक्रोशित होना बताया तथा उससे बदला लेने के लिए उसकी हत्या करने का प्लान बनाया। सुनियोजित ढंग से बनाए गए प्लान में उसने मोहल्ले के राकेश नेताम व प्रदीप साहू को शामिल कर सही समय तथा मौके की तलाश करने लगा। 


घटना 28 जुलाई को ये तीनों मिलकर पूर्व नियोजित ढंग से मृतक टिकेश उर्फ पप्पू निषाद को अपने साथ शराब भट्टी ले गए तथा अपने आप को छुपाते हुए उसे रुपए देकर शराब खरीदने के लिए भेजें। सभी साथ बैठकर शराब पिए, टिकेंद्र उर्फ पप्पू निषाद को ज्यादा शराब पिलाए, जिससे उसे तुरंत नशा हो गया। फिर घर वापस लौटते समय फ्रेंड्स ढाबा के आगे सड़क मार्ग से करीबन 80 मीटर अंदर ले जाकर हल्का नीला आसमानी रंग के गमछा से गला घोटकर हत्या कर देना बताया। 

मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राकेश नेताम, प्रदीप साहू एवं अपचारी बालक को तत्काल हिरासत में लिया गया। मेमोरेंडम कथन, अपराध स्वीकारोक्ति एवं उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अपने बड़े भाई की हत्या करने वाले अपचारी बालक तथा घटना में संलिप्त उसके 2 साथियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड हेतु आज न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।


30-Jul-2021 3:51 PM (99)

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 जुलाई।
राज्य शासन के आदेशानुसार स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी शासकीय और निजी स्कूलों में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं सोमवार 2 अगस्त से संचालित होना प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार कक्षा 6वीं, 7वीं, 9वीं और 11वीं को छोड़कर शेष सभी कक्षाएं अर्थात् कक्षा पहली से लेकर 5वीं और 8वीं की कक्षाएं भी 2 अगस्त से संचालित होंगी। यह सभी कक्षाएं उन जिलों में प्रारंभ की जा रही है, जहां कोरोना पॉजिटिविटी दर पिछले 7 दिनों में एक प्रतिशत तक हो।

राज्य शासन के निर्णय अनुसार सभी प्रायमरी स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर 5वीं तक तथा मीडिल स्कूल में कक्षा 8वीं के संचालन के पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संबंधित ग्राम पंचायत और स्कूल की पालन समिति की अनुशंसा आवश्यक होगी। शहरी क्षेत्रों के लिए संबंधित वार्ड पार्षद और स्कूल की पालन समितियों की अनुशंसा जरूरी है। हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं संचालित करने के लिए ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय के प्रतिनिधियों सहित पालन समिति की अनुशंसा की आवश्यकता नहीं होगी।

 स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि राज्य शासन के निर्णय अनुसार वर्तमान में 6वीं, 7वीं, 9वीं और 11वीं की ऑफलाईन कक्षाएं प्रारंभ नहीं की जा रही हैं। भविष्य में इन कक्षाओं को संचालित करने का निर्णय राज्य शासन द्वारा जिलों में कोरोना पॉजिटिविटी दर में निरंतर संभावित गिरावट और उसके प्रसार के सम्यक आंकलन पश्चात् यथा समय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में इन ऑफलाईन (प्रत्यक्ष रूप से संचालित) कक्षाओं के अलावा सभी स्तर की ऑनलाईन कक्षाएं पूर्व की भांति संचालित होती रहेंगी।


30-Jul-2021 3:35 PM (40)

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायगढ़, 30 जुलाई। 
नशे में बेटे ने रंजिशवश पिता पर टांगी से वार कर हत्या कर दी। घटना सारंगढ़ थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार बीती रात करीब 10:25 बजे थाना प्रभारी सारंगढ़ निरीक्षक अमित शुक्ला को मोबाइल के जरिए ग्राम नवापारा में एक व्यक्ति की हत्या हो जाने की सूचना मिली। सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी अमित शुक्ला स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। जहां घटनास्थल का निरीक्षण कर मृतक के बड़े भाई शोभाराम लहरे (70 वर्ष) वार्ड क्रमांक 14 नवापारा थाना से पूछताछ करने पर बताया कि मृतक इसका तीसरे नंबर का भाई रामप्रसाद लहरे है। रात्रि करीब 10:15 बजे भाई रामप्रसाद लहरे की पत्नी नेमीन बाई घर आकर बताया कि लड़का रविशंकर लहरे (37 वर्ष) उसके पिता को टांगी, फावड़ा से मारकर हत्या कर दिया है। 

आरोपी रविशंकर लहरे को सारंगढ़ पुलिस हिरासत में लेकर थाने लाई। आरोपी से पूछताछ करने पर उसने पूर्व रंजिशवश पर टांगी और फावड़ा से पिता की हत्या करना कबूल किया गया है। आरोपी से घटना में प्रयुक्त फावड़ा और टांगी जब्त की गई है। 
मृतक के परिवार जनों ने बताया कि रविशंकर गुस्सैल किस्म का है तथा नशे का आदी है। कल रात अचानक रविशंकर अपने पिता रामप्रसाद लहरे पर टांगी से वार किया, बीच बचाव करते समय राम प्रसाद को कई जगह चोटें आई, मारपीट से रामप्रसाद लहरे के गर्दन पर गंभीर चोट आने से मौके पर ही मौत हो गई। 

प्रार्थी शोभाराम लहरे की रिपोर्ट पर आरोपी रविशंकर लहरे के विरूद्ध धारा 302 दर्ज किया गया, जिसे आज गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है। आरोपी की पतासाजी व गिरफ्तारी में टीआई अमित शुक्ला, हमराह सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मण पुरी, प्रधान आरक्षक अर्जुन पटेल, भुनेश्वर पंडा, टीकाराम खटकर, आरक्षक पारसमणी बेहरा, श्याम प्रधान, कृष्णा महंत, विमल जांगडे की अहम भूमिका रही है।


30-Jul-2021 3:28 PM (54)

नई दिल्‍ली. पेगासस जासूसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में डाली गई याचिका को स्‍वीकार कर लिया गया है. खबर है कि इस मामले में अगले हफ्ते सुनवाई की जा सकती है. शुक्रवार को चीफ जस्टिस एनवी रमना की बेंच के सामने इस मामले को उठाया गया, जिस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि वह अगले हफ्ते इस मामले को सुनेंगे.

सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्‍बल ने शुक्रवार को चीफ जस्टिस एनवी रमना की बेंच के सामने इस मामले को उठाया था. उन्‍होंने द हिंदू के पूर्व मुख्य संपादक एन राम और एशियानेट के संस्थापक शशि कुमार (निदेशक एसीजे) की ओर से दाखिल की गई याचिका का जिक्र किया. याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में की जाए. याचिका की जानकारी मिलने के बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि वह इस मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई करेंगे.

हाल ही में कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इजरायली स्‍पाईवेयर पेगासस के जरिए भारत के विपक्षी नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और पत्रकारों की जासूसी की गई है. याचिका में कहा गया है कि दुनिया भर के कई प्रमुख प्रकाशनों से जुड़ी जांच से पता चला है कि भारत में 142 से अधिक व्यक्तियों को इजरायली फर्म एनएसओ के पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके सर्विलांस के संभावित लक्ष्य के रूप में पहचाना गया था.

याचिका में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट को सरकार को यह बताने का निर्देश देना चाहिए कि क्या उसने स्पाईवेयर के इस्‍तेमाल के लिए लाइसेंस प्राप्त किया है या इसका इस्तेमाल ऐसे ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी तरह की निगरानी के लिए किया है. याचिकाकर्ताओं के अनुसार एमनेस्टी इंटरनेशनल की सिक्‍योरिटी लैब द्वारा संभावित लक्ष्य के रूप में सूचीबद्ध लोगों के कई मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में सुरक्षा उल्लंघनों की पुष्टि हुई है. (news18.com)

 


30-Jul-2021 3:26 PM (35)

नई दिल्‍ली. झारखंड के धनबाद में मॉर्निंग वॉक पर निकले जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत का मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने देश भर की निचली अदालतों में कानून व्यवस्था को लेकर स्वत: संज्ञान लिया. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि वो अदालत के बाहर और अदालत परिसर के अंदर जजों की सुरक्षा को लेकर मामले की सुनवाई करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ये सुनिश्चित करेगा की निचली अदालत में जज बिना किसी भय के काम कर पाएं.

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार से धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की संदिग्ध मौत पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना ने कहा, ‘देश भर से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां निचली अदालतों में जज सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे.’ हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि धनबाद के मामले में जो कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट में चल रही है वो चलती रहेगी. सुप्रीम कोर्ट उसमें किसी भी तरह का कोई दखल नहीं देगा.

बता दें कि झारखंड के धनबाद में मॉर्निंग वॉक पर निकले जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत की मामले का हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए शहर के आला पुलिस अधिकारियों को तलब किया है. आनंद की सड़क हादसे में मौत के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने हत्या की आशंका को गहरा दिया है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने शीर्ष अदालत से इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है. SCBA ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए क्योंकि जिस तरह घटना को अंजाम दिया गया है, उसके पीछे बड़ी साजिश हो सकती है.

सीसीटीवी में दिखा ऑटों ने जान-बूझकर मारी टक्‍कर
दरअसल मॉर्निंग वॉक पर निकले जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की हादसे​ में मौत का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उससे काफी हद तक यह स्पष्ट हुआ है कि ऑटो ने टक्कर जानबूझकर मारी. पूर्व विधायक के करीबी रंजय हत्याकांड जैसे कई महत्वपूर्ण मामलों में सुनवाई करने वाले जज की मौत को हत्या का मामला मानकर पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी है. पुलिस के आला अफसरों का कहना है कि जल्द ही इस कांड का खुलासा कर दोषियों को सज़ा दिलवाई जाएगी. वहीं, विधायक ने इस केस में सीबीआई जांच की मांग कर दी है. (news18.com)


30-Jul-2021 3:23 PM (36)

बेंगलुरु. कर्नाटक में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी (BJP) ने अभी से अपनी टीम तैयार करना शुरू कर दिया है. कर्नाटक में नेतृत्‍व परिवर्तन के बाद अब बीजेपी कर्नाटक सरकार में बड़ा बदलाव करने के मूड में दिख रही है. मिशन 2023 के तहत ही सबसे पहले बीएस येडियुरप्‍पा को मुख्‍यमंत्री पद से हटाया गया. उनकी जगह पर लिंगायत से ही बसवराज बोम्‍मई को राज्‍य का नया मुख्‍यमंत्री नियुक्‍त किया गया. अब खबर आ रही है कि बीजेपी कर्नाटक में पांच उपमुख्‍यमंत्री बनाएगी, जिससे कर्नाटक के हर वर्ग को अपनी तरफ किया जा सके.

बता दें कि मुख्‍यमंत्री बनने के बाद आज पहली बार बोम्‍मई दिल्‍ली के दौरे पर हैं. कर्नाटक के नए मुख्‍यमंत्री आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे. इसके साथ ही नई सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल को लेकर भी बोम्‍मई आज पार्टी आलाकमान के साथ बातचीत करेंगे. खबर है कि 2023 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक में पांच उपमुख्यमंत्रियों का चयन और अपने मंत्रिमंडल में छह से आठ नए चेहरों को शामिल करने की संभावना है. आपको बता दें कि कर्नाटक में अधिकतम 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं.

कर्नाटक में बसवराज बोम्‍मई के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेने के दौरान ऐसी चर्चा थी कि राज्‍य में चार डिप्‍टी सीएम हो सकते हैं लेकिन अब पांच डिप्‍टी सीएम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. इसके साथ ही कई युवा चेहरों को मौका देकर बीजेपी कर्नाटक बीजेपी में नया जोश भरना चाहती है. बता दें कि आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्‍य है जहां के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने 2019 में पांच डिप्टी सीएम बनाए हैं. (new18.com)

 


30-Jul-2021 3:18 PM (69)

पटना. अक्सर सुनने में आता है कि अधिकारियों के रवैये से नाराज जनता उन्हें हटाने की मांग करती है. लेकिन, बिहार के एक आईएएस ऐसे हैं जो लाखों दिलों पर राज करते हैं. ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आईएएस अधिकारी डॉ रणजीत कुमार सिंह के तबादले के बाद कुछ ऐसा ही प्रतीत हो रहा है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ रणजीत कुमार सिंह  का चार दिनों पहले तबादला हुआ है उसके बाद सोशल मीडिया से लेकर हर जगह तबादले स्थगित करने की मांग की जा रही है. कोई तबादला स्थगित नहीं करने पर आत्मदाह की चेतावनी दे रहा है, कोई सरकार को घेरने की बात कर रहा है तो  किसी की आंखों से आंसुओं का सैलाब निकल रहा है.

तेजतर्रार आईएएस अधिकारी डॉ रणजीत सिंह के साथ जनता का प्यार पहली बार देखने को नहीं मिला है. डेढ़ साल पहले भी जब सीतामढ़ी के जिलाधिकारी पद से इनका तबादला हुआ था तो वहां की जनता कुछ इसी प्रकार आंदोलन पर उतारू हो गई थी. विगत डेढ़ साल से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पद पर रहते हुए रणजीत सिंह ने ठप पड़ी 94000 पदों पर शिक्षक बहाली प्रक्रिया को खुलवाने और पारदर्शी तरीके से बहाली को अंतिम प्रक्रिया तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

डॉ रणजीत सिंह सोशल मीडिया पर भी ये खुद भी एक्टिव रहते थे और अभ्यर्थियों से ना सिर्फ हर जानकारी शेयर करते थे बल्कि यू ट्यूब पर आकर अभ्यर्थियों को सम्बोधित भी करते थे. शिक्षक बहाली प्रक्रिया को पहली बार ऑनलाइन करने का श्रेय भी रणजीत सिंह को ही जाता है. अपने इसी अंदाज से लाखों अभ्यर्थियों के दिलों में इन्होंने अपनी ऐसी छाप छोड़ी है कि तबादले का आदेश जारी होते ही सोशल मीडिया पर मुहिम शुरू हो गए. डॉ. सिंह को पंचायती राज निदेशक बनाया गया है. इनकी वापसी के लिए लड़के हों या लड़कियां हर कोई ट्विटर पर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रही मुहिम को समर्थन दे रहा है.

आलम यह है कि अबतक 3.20 लाख से अधिक लोगों ने डॉ. रणजीत सिंह की वापसी के लिए अब तक ट्वीट कर दिया है. डॉ. रणजीत सिंह के टि्वटर हैंडल पर #We_Want_RanjitKrIAS_ComeBack का स्लोगन देकर अभ्यर्थी मुहिम चला रहे हैं. बता दें कि कुल 94000 में से करीब 16000 पदों के लिए काउंसिलिंग हो चुकी है और 2 अगस्त से दूसरे राउंड की काउंसिलिंग भी शुरू होनेवाली है. ऐसे में अभ्यर्थियों को डर इस बात का है कि इनके जाने से नियोजन में धांधली होगी और अभ्यर्थियों की कोई नहीं सुनेगा.

अभ्यर्थी साफ कहते हैं कि 2017 में हुए टीईटी परीक्षा के बाद  2019 में शुरू हुई इस बहाली प्रक्रिया को डॉ. रणजीत सिंह नहीं होते तो अबतक प्रक्रिया इस स्टेज तक नहीं पहुंच पाती. बिहार में इससे पहले शिक्षक नियोजन में जमकर धांधली होती रही और पहली बार ऐसा हुआ है कि अभ्यर्थी खुद कह रहे हैं कि  डॉ. रणजीत सिंह की वजह से नियोजन पारदर्शी तरीके से हो रहा है और जहां भी धांधली की एक शिकायत मिलती है तुरंत कार्रवाई रणजीत सिंह करते थे.

अभ्यर्थी मुन्नी शुक्ला कहती हैं कि ऐसे अधिकारी शायद शिक्षा विभाग को अब नहीं मिले क्योंकि अभ्यर्थियों की हर शिकायत को ये खुद सुनते थे, जो कार्यालय पहुंचता था उससे मुलाकात कर समस्याओं का निराकरण भी करते थे, लेकिन तबादला होने से हमलोग टूट चुके हैं. डॉ. रणजीत खुद काउंसिलिंग के समय पूरे दिन नियंत्रण कक्ष में लाइव रहकर हजारों काउंसिलिंग सेंटर पर नजर रखते थे और वहां हो रही अभ्यर्थियों की समस्या का तुरंत समाधान  भी करते थे.

तबादले के तुरंत बाद ना सिर्फ अभ्यर्थियों को झटका लगा बल्कि आईएएस रणजीत सिंह भी मायूस थे और उन्होंने तुरंत फेसबुक पर पोस्ट भी किया कि-  ‘दुनिया में झूठे लोगों को बड़े हुनर आते हैं, सच्चे लोग तो इलजाम से ही मर जाते हैं’. इसके बाद अभ्यर्थियों ने रो-रोकर इनकी वापसी को लेकर पोस्ट करना शुरू कर दिया. ब्यूरोक्रेट्स में शायद बिरले ही होते हैं जिन्हें आजके समय में लोगों का इतना प्यार और सम्मान मिलता है लेकिन रणजीत सिंह अपनी कार्यशैली से पहचान बना ली है.

गुजरात कैडर के आईएएस अफसर डॉ. रणजीत सिंह वैशाली जिले के देसरी प्रखंड के चकसिकंदर के मूल निवासी हैं और बचपन से ही आईएएस बनने का इनका सपना था. इनके बारे में कहा जाता है कि जब ये 8वीं में पढ़ाई करते थे तभी 10वीं का सिलेबस भी पूरा करते थे यानि 2 क्लास ज्यादा हमेशा ये फॉलो करते रहे हैं. पटना कॉलेज से स्नातक के बाद ये पीजी कर यूपीएससी क्वालीफाई किए और फिर पी.एचडी भी.

रणजीत सिंह नौकरी के अलावे सुर्खियों में इसीलिए भी रहते हैं क्योंकि रणजीत सिंह युवाओं को यूपीएससी और बीपीएससी परीक्षा की तैयारी भी मुफ्त में करवाते हैं. इनके MISSION 50  नामक संस्था ने 2017 से अबतक सैकड़ों अधिकारियों को गढ़ा है और आज MISSION 50 के कई ऐसे छात्र हैं जो यूपीएससी और बीपीएससी की परीक्षा पास कर सरकारी सेवा में उच्च पदों पर काबिज हैं.

गुजरात में पोस्टिंग के बाद ये जब बिहार के  सीतामढ़ी में बतौर जिलाधिकारी ज्वाइन किए थे तो इन्होंने सीतामढ़ी को भी बिहार का पहला खुले में शौच मुक्त जिला बना दिया था. आज तबादले के बाद शिक्षक अभ्यर्थी लिख रहे हैं नीतीश जी जवाब दीजिए क्या ईमानदार होना गुनाह है? क्यों ऐसे ईमानदार अधिकारी का तबादला हुआ?

अभ्यर्थी अमित कुमार पोस्ट करते हैं सर अगर रणजीत सिंह का तबादला स्थगित नहीं हुआ तो समझूंगा बिहार में ईमानदार अधिकारी नहीं चाहिए, बल्कि शिक्षा विभाग ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए रणजीत सिंह को पंचायती राज निदेशक बनाया है. (news18.com)

 


30-Jul-2021 3:15 PM (43)

ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से चौंकाने वाली खबर आई है. एक शख्स अपनी डेयरी से ही शराब की होम डिलेवरी कर रहा था. वह बाकायदा फोन पर उसका ऑर्डर ले रहा था. उसने लोगों को केवल सेना के लिए उपलब्ध वरमुंडा रम की भी डिलेवरी की है. मामले का खुलासा होने के बाद आबकारी विभाग ने संचालक को गिरफ्तार कर उसके ठिकानों पर छापा मारा है.

सरकार शराब की ऑनलाइन होम डिलेवरी का खाका भी तैयार नहीं कर पाई है कि ग्वालियर के डेयरी संचालक अजीत सिंह यादव ने ग्राहकों को इसकी होम डिलेवरी का अवैध कारोबार शुरू कर दिया. उसकी डेयरी मुरार स्थित मिलिट्री एरिया में है. उसके इस अवैध कारोबारी की जानकारी लगते ही मुखबिर उसके पीछे लग गए. मुखबिर को पता चल गया कि अजीत सिंह फोन पर ऑर्डर बुक कर ग्राहक के घर पर शराब उपलब्ध कराता है.

आबकारी की टीम ने बुक की शराब

मुखबिर से खबर मिलने पर आबकारी विभाग की टीम ने अजीत यादव से संपर्क किया और फोन पर शराब का ऑर्डर बुक किया. अजीत ने मिलट्री हॉस्पिटल चौराहा पर ग्राहक बनकर खड़ी आबकारी  टीम को रम की एक बोतल उपलब्ध कराई. इसके बाद टीम ने गुरुवार शाम को उसके यहां छापामार कार्रवाई की.

वरमुंडा रम की भी पेटी मिली
आबकारी विभाग ने दूध डेयरी संचालक अजीत के घर जब छापा मारा तो वहां अंग्रेजी शराब की 6 पेटी मिलीं. इनमें से 2 पेटी हरियाणा में बिकने के लिए बनी शराब थी. वहीं मिलट्री कंटेनमेंट एरिया  में मिलिट्री परिवारों के लिए बिकने वाली वरमुंडा रम की एक पेटी बरामद हुई. शराब की कीमत लगभग 50 हजार रुपए बताई जा रही है. आरोपी अजीत सिंह मोबाइल फोन पर ऑर्डर लेकर ग्राहकों को घर पर ही शराब उपलब्ध कराने का गौरखधंधा लंबे समय से कर रहा था.

इन बिंदुओं को तलाश रही पुलिस

आरोपी अजीत यादव के खिलाफ आबकारी एक्ट का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. आबकारी विभाग आरोपी से पूछताछ कर रहा है. मिलिट्री के लिए बिकने वाली वरमुंडा रम अजीत के ग्राहकों की खास पसंद थी. आबकारी सब इंस्पेक्टर मनीष द्विवेदी ने बताया कि आरोपी के पास से रजिस्टर और डायरी बरामद हुई है. वहीं उसका फोन भी जब्त किया गया है, जिससे कॉल डिटेल के जरिए इसके नेटवर्क को खंगाला जाएगा. आबकारी विभाग आरोपी अजीत से पूछताछ कर रही है कि आखिर मिलिट्री एरिया की रम और हरियाणा की शराब उसे कौन उपलब्ध कराता था. (news18.com)