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साय बोले-आईआईटी की रिपोर्ट पर लेंगे निर्णय
रायपुर/ हैदराबाद, 12 जून। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज हैदराबाद में हुए इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में शामिल हुए। उनके हैदराबाद में होने की खबर पर तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने बंजारा हिल्स के होटल में मुलाकात की। रेड्डी बीते सितंबर में रायपुर आकर साय से मिल चुके थे।
इस बैठक के दौरान, मंत्री रेड्डी ने गोदावरी नदी पर बनने वाली सम्माक्का-सरक्का (सम्माक्का सागर) लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने का आग्रह किया।
चर्चा के दौरान, उत्तम कुमार रेड्डी ने तेलंगाना सरकार की ओर से एक औपचारिक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार से परियोजना के लिए आवश्यक एनओसी प्रदान करने का अनुरोध किया गया।
सम्मक्का-सरक्का परियोजना से उत्तरी तेलंगाना के किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने और जल सुरक्षा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। सरकार ने लंबित स्वीकृतियों में तेजी लाने और परियोजना की प्रगति को सुगम बनाने के लिए दोनों राज्यों के बीच घनिष्ठ समन्वय का भी आह्वान किया।
इस पर सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आईआईटी रुड़की से अध्ययन करा रही है उसकी रिपोर्ट के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
तेलंगाना सरकार की सम्माक्का सागर (सम्माक्का-सरक्का) लिफ्ट सिंचाई परियोजना का छत्तीसगढ़ पर मुख्य प्रभाव बैकवाटर (जलमग्नता) के रूप में पड़ेगा। इस परियोजना के लिए तेलंगाना सरकार छत्तीसगढ़ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) हासिल करने का प्रयास कर रही है। परियोजना के बैकवाटर का असर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गांवों (जैसे- कोटूर, तारलागुडा, गंगाराम, कंबलपेटा और सीतांग्राम) पर पड़ेगा। एक अध्ययन के अनुसार, बैराज बनने से छत्तीसगढ़ की लगभग 10.9 वर्ग किलोमीटर (लगभग 1,090 हेक्टेयर) भूमि जलमग्न हो सकती है, जिसमें कृषि, वन और सरकारी भूमि शामिल है। तेलंगाना सरकार ने आश्वासन दिया है कि डूब क्षेत्र में आने वाली सभी जमीनों का मुआवजा नियमानुसार छत्तीसगढ़ के प्रभावित किसानों को दिया जाएगा।


