बेमेतरा, 7 जनवरी। जिले के सबसे बड़े शिक्षा संस्थान डाइट के प्राचार्य जेके घृतलहरे के मार्गदर्शन में विकासखंड स्तर पर विज्ञान संकाय के चारों विषयों पर ब्लुप्रिंट निर्माण, प्रश्न पत्र निर्माण, एवं शिक्षण शास्त्र पर कार्यशाला का आयोजन शासकीय हाई स्कूल खिलोरा में चल रहा है। इसमें 4 मास्टर ट्रेनर्स और बीआरजी व्याख्याता पुष्पा वर्मा, नेहा ठाकुर, दिनेश कुमार सोनी,और सीमा ध्रुव चारों विषयों और कंटेंट पर व्याख्याताओं को गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण प्रदान कर रहे है।
चतुर्थ दिवस निरीक्षण के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के उप प्राचार्य व पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.कमल कपूर बंजारे, डाइट के वरिष्ठ व्याख्याता थलज कुमार साहू पहुंचे।
उप प्राचार्य डॉ कमल कपूर बंजारे ने इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण को सभी व्याख्याताओं को पूरी तरह गंभीरता पूर्वक लेने के लिए कहा और इस प्रशिक्षण से सीखी हुई बातों को विद्यार्थियों तक ले जाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज ब्लूप्रिंट के आधार पर प्रश्न पत्रों का निर्माण हो रहा है। प्रश्न पत्र निर्माण करते समय हम इस तरह के प्रश्नों का चयन करें जो बच्चों को शीघ्र ही समझ में आ जाए। आज जो प्रशिक्षण आप प्राप्त कर रहे हैं इसका स्वयं तो आपको लाभ मिलेगा ही, साथ-साथ इस लाभ को बच्चों तक भी पहुंचाइये। तिमाही छ्माही और वार्षिक परीक्षा में अब आप ब्लूप्रिंट के आधार पर ही प्रश्नों का निर्माण करें। इसे बच्चों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाये। ताकि बच्चे भी इस प्रश्न के संबंध में मानसिक रूप से तैयार हो सके। ब्लूप्रिंट के आधार पर अगर आप बच्चों को तैयार करेंगे तो आपका सिलेबस भी पूर्ण हो जाएगा।
बोर्ड परीक्षा के बच्चों के भय को आपको दूर करना है। और परीक्षा के लिए उन्हें मानसिक रूप से तैयार करना है। बच्चों को टाइम मैनेजमेंट के बारे में भी बताना है कि 3 घंटे में आपको सारे प्रश्न पत्रों को हल करना है। समय प्रबंधन इस तरह से करें कि 3 घंटे में सारे प्रश्न पत्रों को बच्चे हल कर सके। समय के अभाव में अगर कोई प्रश्न बच्चों से छूट जाता है तो उनके लिए बहुत नुकसानदायक होता है। परीक्षा में लघु उत्तरीय प्रश्न भी आता है अति लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी आता है। बच्चे इस बात को ध्यान में रखें कि समय के अभाव में अधिक अंको वाला कोई भी प्रश्न छुटने ना पाए। समय प्रबंधन के अभाव में एक ही प्रश्न में बच्चा बहुत अधिक समय लगा देता है। इस कारण बाकी प्रश्नों के लिए समय ही नहीं बच पाता।
प्रत्येक प्रश्नों के उत्तर के लिए एक निर्धारित समय रखें, यही समय प्रबंधन है। इस अवसर पर निरीक्षण के समय डाइट के वरिष्ठ व्याख्याता थलज कुमार साहू, संकुल समन्वय खिलोरा निलेश सोनी, संकुल प्राचार्य पीआर पात्रे, सहित गजानंद शर्मा, दीपिका साहू, सत्येंद्र सिंह राजपूत, दिनेश देवांगन, इंदु शर्मा, गिरिजा मिश्रा, विजय पांडेय, हरीश कुमार देवांगन, सीमा घोष, पीला राम साहू, रेणुपाल चंद्राकर, रामनाथ चंद्राकर, ऋषि साहू, लक्ष्मी नारायण सिन्हा सहित उपस्थित थे।