बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 22 फरवरी। एनएच-30 रायपुर मार्ग पर ग्राम तिवरैया के पास दूसरे जिले के आरटीओ उडऩदस्ता द्वारा वाहनों की जांच किए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों और ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाया है कि जिला सीमा से बाहर की टीम यहां जांच के नाम पर वसूली कर रही है।
जानकारी के अनुसार, कभी दुर्ग तो कभी रायपुर आरटीओ की उडऩदस्ता टीम यहां कार्रवाई करती देखी गई है। इस संबंध में जानकारी मिलने पर युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रांजल तिवारी मौके पर पहुंचे।
अफसरों से स्पष्टीकरण की मांग
मौके पर मौजूद आरटीओ अधिकारियों से पूछताछ किए जाने की बात कही गई है। इस संबंध में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी दुर्ग और जिला परिवहन अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
ट्रांसपोर्टरों के आरोप
कुछ ट्रक चालकों और मालिकों ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान नगद राशि की मांग की जाती है। उनका कहना है कि कार्रवाई से बचने के लिए उन्हें भुगतान करना पड़ता है, अन्यथा वाहन रोक दिए जाने का डर रहता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कुछ ट्रांसपोर्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में टोकन प्रणाली के माध्यम से वसूली की जाती थी और वर्तमान में ऑनलाइन एंट्री के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उनका दावा है कि जिन वाहनों की ऑनलाइन एंट्री रहती है, उन्हें छोड़ा जाता है, जबकि अन्य पर जुर्माना लगाया जाता है।
जुर्माने को लेकर दावे
ट्रांसपोर्टरों के अनुसार ओवरलोडिंग पर निर्धारित जुर्माने की राशि अधिक होती है, जिससे बचने के लिए कुछ लोग बिचौलियों के माध्यम से संपर्क करते हैं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
एसपी से शिकायत
युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रांजल तिवारी ने रामकृष्ण साहू, पुलिस अधीक्षक बेमेतरा, को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि जांच के नाम पर की जा रही कार्रवाई और काटे गए चालान की जांच कराई जाए।
प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।


