‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 25 मई। श्री योग वेदांत सेवा समिति के तत्वावधान में बाल संस्कार विभाग द्वारा इस वर्ष भी बच्चों के अंदर अच्छे संस्कार व आत्मिक उन्नति के लिए ग्रीष्मकालीन सात दिवसीय आवासीय विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर का समापन हुआ। शिविर में जिलेभर के विभिन्न क्षेत्रों से 250 से अधिक बच्चों ने भाग लेकर आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक शिक्षा प्राप्त की। सात दिनों तक चले इस शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।
बाल संस्कार विभाग के प्रभारी संजय साहू ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिदिन बच्चों को जप, ध्यान, प्राणायाम एवं योगासन का अभ्यास कराया गया। जिससे बच्चों में मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक ऊर्जा का विकास हो सके। साथ ही ‘सफलता की कुंजी’ जैसे प्रेरणादायी विषयों के माध्यम से बच्चों को जीवन में अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण, समय का सदुपयोग एवं अच्छे संस्कारों का महत्व बताया गया। शिविर में बच्चों को भारतीय संस्कृतिए माता-पिता एवं गुरुजनों के सम्मान तथा नैतिक मूल्यों से जुड़ी अनेक प्रेरणादायी बातें, महापुरुषों के जीवन चरित्र, आध्यात्मिक खेल, बौद्धिक शक्ति बनाने के प्रयोग इत्यादि बातें सिखाई गई।
श्री योग वेदांत सेवा समिति राजनांदगांव अध्यक्ष रोहित चंद्राकर व कोषाध्यक्ष टीके चंद्राकर ने बताया कि विद्यार्थियों के नैतिक, चारित्रिक विकास हो तथा सर्वांगीण विकास के लिए उद्देश्य से बच्चों की सात दिन की शिविर जो 18 से 24 मई तक लगाई गई। छात्रों के लिए मोहारा स्थित संत आशारामजी आश्रम व छात्राओं के लिए ममता नगर स्थित सत्संग भवन सेंटर में शिविर का आयोजन किया गया ।
शिविर के दौरान महेश रायचा, रामाधीन साहू, कुमरे जी, वीरेंद्र साहू, दिलीप साहू, नम्मू साहू, जीत साहू, हीरा वर्मा, लोकेश साहू, गोपीचंद महोबिया, खेमचंद निषाद, डकेस वर्मा, अजय भाई, नारायण, तुलसी पाल, कोमल सिंह गुरु, रिना चंद्रवंशी, तृप्ति वैष्णव, सरिता चक्रधारी, संगीता, पूजा, ममता, चांदनी, चंचल, प्रियंका, एकता, विमला, मालती जंघेल, पूजा निषाद, खिलेश्वरी साहू, किरण नरेडी, मुस्कान, खेमिन साहू आदि का विशेष योगदान रहा ।