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Date : 22-Jul-2019

दो चेन माउंटेन, 25 खाली और 5 रेत से भरी हाईवा जब्त

छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 22 जुलाई।
महासमुन्द ब्लॉक के मुडिय़ाडीह और बरबसपुर और बडग़ांव में अवैध रेत खनन के उत्खन्न जारी है। बीती रात्रि को बरबसपुर और मुडियाडीह में अवैध रेत उत्तखन्न के सैकड़ों वाहनों के लगे होने की जानकरी मिली थी। जबकि एनजीटी ने आदेश कर खनिज विभाग को निर्देशित किया है कि 15 जून से 15 अक्टूबर तक लीज की खदानों में भी रेत उत्खन्न पर प्रतिबंध हो। लेकिन महासमुन्द जिले में इसका कोई असर नहीं दिखता है। लगातार अवैध रेत खनन में रेत माफियाओं का खेल चल रहा है। खनिज अधिकारी अजय दास रंजन से अवैध खनन शिकायत पर कार्रवाई की बात पूछने पर उनका कहना होता है कि एक ही काम तो नहीं है, कितनी शिकायतों पर कार्रवाई करें। 

बताया जा रहा है कि बीती रात्रि सोशल मीडिया पर ग्रामीणों से मुडियाडीह में अवैध रेत उत्खनन की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम श्री चंद्रवंशी रात्रि में ही मौके पर पहुंचे जहां सैकड़ों वाहन लगे हुए थे। प्रशासनिक विभाग के लोगों को पहुंचते देख रेत के लिए लगे वाहन रात्रि में ही भाग निकले। बताया जा रहा है कि खनिज विभाग ने दो चेन माउंटेन 25 खाली हाईवा और 5 रेत से भरी हाईवा वाहनों पर कार्रवाई की है। समाचार लिखे जाने तक एसडीएम श्रीचंद्रवंशी और खनिज विभाग के इंस्पेक्टर जितेन्द्र चन्द्राकर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो सकी है। प्राप्त जानकारी अनुसार एसडीएम सुनील चंद्रवंशी के साथ, खनिज विभाग, राजस्व विभाग के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पुलिस के एसडीओपी श्री सूर्यवंशी रेत घाट पर ही हंै और प्रशासन की कार्रवाई चल रही है। 

 

 

 


Date : 22-Jul-2019

खाद्य अधिकारी ने कहा, महासमुंद के 28 गांवों के ग्रामीण राशन दुकानों से नहीं खरीद रहे मिट्टी तेल

छत्तीसगढ़ संवाददाता

महासमुन्द, 22 जुलाई। छत्तीसगढ़ प्रदेश में हाल ही में कांग्रेसियों ने केन्द्र सरकार पर मिट्टी तेल के कोटे में कटौती को लेकर प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और केन्द्र सरकार के मिट्टी तेल कोटे में कटौती पर विरोध प्रदर्शन किया है। लेकिन ग्रामीण स्तर पर जाकर पता करने से जानकारी मिली है कि अकेले महासमुन्द जिले के 28 गांवों के  ग्रामीण सरकारी राशन दुकानों से मिट्टी का तेल नहीं खरीद रहे हैं। यह जानकारी खुद जिला मुख्यालय महासमुन्द के खाद्य विभाग ने दी है जो  चौंकाने वाली  है।

                खाद्य अधिकारी के मुताबिक महासमुन्द ब्लॉक के 5 समितियां केनेकेरा, तुमगांव, रायतुम, बावनकेरा और पटेवा के राशन दुकान चलाने वाले समितियों ने महासमुन्द के खाद्य विभाग को पत्र लिखकर मिट्टी तेल की मात्रा में कमी करने की बात कही है। चूंकि वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकान को मिलने वाले मिट्टी तेल का उठाव ग्रामीणों द्वारा नहीं किया जा रहा है। इन पांच समितियों में लगभग 28 ग्राम आते हैं।

यहां पर यह बताया जरूरी है कि महासमुन्द जिले को केन्द्र सरकार की तरफ से 3.60 के एल मिट्टी तेल मिलता था। अत: अब कटौती के बाद इसकी मात्रा 1.92 के.एल. कर दी गई है। महासमुन्द के केनेकरा, तुमगांव, रायतुम, बावनकेरा, पटेवा इन पांच समितियों के अंतर्गत लगभग 28 गांव आते हैं। इन 28 गांवों के 5 समितियों को 1,9700 लीटर मिट्टी तेल दिया जा रहा है, जिसमें से 3900 लीटर का ही उठाव हो रहा और 1, 5800 लीटर प्रतिमाह राशन दुकानों में मिट्टी तेल शेष बच रहा है। मिट्टी तेल के उठाव में कमी को देखते हुए इन पांच समितियों में से कनेकेरा और पटेवा ने खाद्य विभाग को लिखित में दिया है कि उन्हें मिट्टी तेल नहीं चाहिए तथा तीन समितियों में तुमगांव ने 3 हजार लीटर, रायतुम ने 5 सौ लीटर, और बावनकेरा ने 400 लीटर मात्र मिट्टी तेल की मांग की है।

 

 


Date : 22-Jul-2019

डाक भुगतान बैंक शिविर, ग्रामीण डाक जीवन बीमा कराने प्रेरित करने निर्देश

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
पिथौरा, 22 जुलाई।
महासमुंद उप संभाग के अंतर्गत आर पी एल आई एवं भारतीय डाक भुगतान बैंक के शिविर का आयोजन पिथौरा के जनपद सभागार में किया गया। इस शिविर में महासमुंद उप संभाग के150 से अधिक कर्मचारी शामिल हुए शिविर को प्रवर अधीक्षक श्री वाई.आर. सिन्हा संबोधित करते हुए ग्रामीण डाक सेवकों से ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित करके डाकघर के जमा योजनाओं से जुडऩे साथ ही जीवन रक्षा और परिवार की सुरक्षा के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा कराने प्रेरित करने निर्देशित किया। वहीं भारतीय डाक बैंक के फायदे ग्रामीणों को गांव के ही डाकिए से पैसा जमा निकासी और बाहर रकम भेजने सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का भुगतान गांव में ही प्राप्त करने आईपीपीबी से जुडऩे का अपील किया। वही आरपीएलआई मैं सर्वाधिक बीमा करने के लिए विद्याधर, कामेश्वर प्रसाद,  बलदाऊ, निरंजन गिलहरे, ठाकुर राम डेड सेना को पुरस्कृत किया गया वही भुगतान बैंक के खाता खोले जाने पर मोहन देवांगन श्याम लाल  ठाकुर थानू राय अशोक सतपथी को पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में प्रवर अधीक्षक रायपुर संभाग वाई आर सिन्हा मार्कन चितले सर्कल मैनेजर प्रियव्रत पात्रा ब्रांच मैनेजर कमलेश शर्मा ग्रुप लीडर एवं डाक जीवन बीमा ऑफीसर उपस्थित थे। महासमुंद उप संभाग  के डाक निरीक्षक शैलेंद्र ठाकुर  ने सभी डाक कर्मियों को उनके कार्यों और जनता की सेवा के प्रति  प्रतिबद्ध  रहने के साथ-साथ विभागीय दक्षता से कार्य करने  और दिए गए लक्ष्यों को प्राप्त करने निर्देशित किया।


Date : 22-Jul-2019

चरौदा वन चौकी के दरवाजों की चोरी

पिथौरा, 22 जुलाई। नगर से लगे बया पुलिस चौकी के अंतर्गत चरोदा में वन विभाग द्वारा बनाई गई जांच चौकी के तीन दरवाजे विगत दिनों चोरी हो गए। चोरी कब हुई इसकी जानकारी भी जिम्मेदार वन कर्मियों को नही है। बहरहाल चरोदा में पदस्थ वन विभाग के परिसर रक्षी ने घटना की लिखित सूचना बया पुलिस चौकी में दी है।

चरोदा  मुख्यालय से अक्सर बाहर रहने वाले वन कर्मियों को अपनी ही जांच चौकी के दरवाजे उखाड़ ले जाने की सूचना ग्रामीणों से मिलने के बाद विभाग के स्थानीय अफसरों ने पूरी चोरी की घटना अपने ही बीट गार्ड विजय निषाद पर डालते हुए घटना की रपट सम्बंधित बया पुलिस चौकी में करने के आदेश दिए।

इसके बाद श्री निषाद ने बया पुलिस को उनके नवनिर्मित जांच चौकी में लगाये गए तीन दरवाजों के चोरी होने की सूचना दी। इधर बया चौकी द्वारा इस प्रतिनिधि को बताया गया कि चूंकि नए दरवाजे लगाए गए है। इसलिए आवेदक से दरवाजों के बिल मंगाए गए है।इसके बाद ही घटना की प्रथम सूचना रपट दर्ज की जाएगी।                            

ग्रामीणों ने बताया कि सूर्यस्त के साथ ही चरोदा जंगल भगवान भरोसे रहता है। यहां पदस्थ सभी अधिकारी मुख्यालय छोड़ कर अपने अन्य जिलों में स्थित आवास चले जाते हैं। जिससे रात भर अवैध जंगल काटना एवम शिकार करने वालों की पौ बारह हो जाती है। बहरहाल वन्य प्राणियों के क्षेत्र में पदस्थ कर्मी अपनी जांच चौकी के दरवाजे भी नहीं बचा पा रहे हंै तब उनसे जंगल की रक्षा की कितनी उम्मीद की जा सकती है। 

 


Date : 21-Jul-2019

कुदरीबाहरा के जंगल में तीन लावारिस बोरी जिसमें ग्रामीणों ने लाश समझा, मुर्गियों के अवशेष मिले 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 21 जुलाई।
कल दोपहर करीबन 1 बजे जिले में तब हड़कंप मच गया जब जिले के बसना थाना अंतर्गत कुदरीबाहरा के जंगल में तीन लावारिस बोरी मिलने की खबर आई। बसना से 20 किलो मीटर दूर वनांचल क्षेत्र कुदारीबहारा से 3 संदिग्ध बोरियों की फोटो सोशल मिडिया के माध्यम से वायरल हुआ जिसमें ग्रामीणों द्वारा अंदेशा जताया जा रहा था कि इन बोरियों में लाश हो सकती है। बोरियों के बाहार मक्खियां झूम रही थी और बोरियां ऐसे दिखाई दे रही थी कि संभवत: उसमें किसी व्यक्ति की शव होगी। 

सूचना मिलते ही बसना पुलिस साइबर सेल की टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंची और संदिग्ध बोरियों की जांच करने में लग गई। जांच में जो खुलासा हुआ उससे ठहाके लगने लगे। इस घटना को लेकर जिले में कई पत्रकार, पुलिस की टीम नजर रखी हुई थी। मगर बोरी के खुलते ही पता चला कि इसमें बायलर मुर्गियों के कुछ अवशेष थे। बताया जा रहा है कि यहां से अक्सर मुर्गियों की गाड़ी गुजरती है। शायद उनके द्वारा प्लास्टिक की बोरियों में भरकर उस जगह पर फेंक दिया गया होगा। कुछ लोगों का कहना है कि आस-पास के गांव से किसी चिकन दुकान वाले द्वारा ये बोरियां फेकी गई होगी। बहरहाल इस घटना के बाद सोशल मीडिया की इस सक्रियता की चचाएं होने लगी हैं। 


Date : 21-Jul-2019

वन विभाग ने ग्राम पोटापारा में दबिश देकर सागौन-बीजा चिरान जब्त किया

पिथौरा, 21 जुलाई। स्थानीय वन विभाग ने आज समीप के ग्राम पोटापारा में दबिश देकर कोई 70 हजार की सागौन लकड़ी जब्त करने में सफलता अर्जित की है। बहरहाल जब्त लकड़ी को स्थानीय कास्थागार भेजा गया है।

विभागीय सूत्रों  के अनुसार मुखबिर की सूचना के बाद स्थानीय रेंजर जे के गंडेचा ने दलबल के साथ पोटापरा के श्यामकुमार पिता भूपदेव पटेल के घर में दबिश देकर कोई 70 नग सागौन एवम बीजा लकड़ी कीमत  लगभग 13 घनफीट सागौन की बेशकीमती लकड़ी जब्त करने में सफलता अर्जित की।  

 


Date : 21-Jul-2019

केन्द्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 21 जुलाई।
कल जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर केन्द्र सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर देश की मोटी सरकार को देश में बढ़ती महंगाई और बेतहासा पेट्रोल, डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी और केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के कोटे में आने वाले मिट्टी तेल मे ंकटौती को लेकर कांग्रेसियों ने केन्द्र की मोदी सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। सुबह 11 बजे के लगभग कांग्रेसी स्थानीय कांग्रेस भवन के सामने पंडाल लगाकर धरना प्रदर्शन प्रारंभ किया और जिले भर से आये विधायक और कार्यकर्ताओं ने केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर प्रहार करते हुए कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। प्रदेश में पहुंचने वाले सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मिट्टी तेल में कटौती कर दी गई है। पूरे देश में लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है। केन्द्र सरकार ने धान के समर्थन मूल्य पर नाम मात्र की बढ़ोत्तरी की है, दाल भात सेंटरों में चावल के कोटे में भी कटौती कर दी है। 

धरना प्रदर्शन के दौरान छत्तीसगढ़ ने स्थानीय विधायक विनोद चन्द्राकर से पूछा की पेट्रोल डीजल के दाम में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। क्या राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को पेट्रोल, डीजल पर राहत देते हुए क्या राज्य सरकार के हक का वेट समाप्त करेगी। इस पर विधायक श्री चन्द्राकर ने कहा कि यह मामला केबिनेट का है और राज्य सरकार बिलकुल यह कदम उठायेगी, विधायक दल की जब बैठक होगी तो मैं इस बात को रखूंगा। जिला कांग्रेस की प्रभारी  कल्पना पटेल ने बीच में कहा कि पहले केन्द्र सरकार तो दाम कम करे फिर हम करेंगे। 

गौरतलब है कि कल कांग्रेसियों ने केन्द्र सराकर की 5 नीतियों का विरोध करते हुए धरना प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार का पूतला फूंका और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। कल कांग्रेसियों के धरना प्रदर्शन के दौरान विधायक विनोद चंद्राकर, विधायक द्वारिकाधीश यादव, विधायक किस्मत लाल नंद, पूर्व विधायक मकसूदन चंद्राकर, राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्य अनीताजी रावटे, नरेंद्र दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष अमरजीत चावला, पूर्व जिलाध्यक्ष मोहित धु्रव, दाऊलाल चंद्राकर ने भी संबोधित किया। संचालन प्रभारी महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी हरदेव ढिल्लो तथा आभार ग्रामीण अध्यक्ष हुलास गिरी गोस्वामी ने किया।


Date : 21-Jul-2019

रुको मत, झुको मत, थको मत तुम, आज पतझड़ है तो कल बसंत है-एसपी
हमर पुलिस हमर संग बैनर तले महासमुन्द पुलिस के द्वारा बालिका सरंक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 21 जुलाई।
एसपी ने बच्चों से कहा, रूको मत, झुको मत, थको मत तुम, आज पतझड़ है तो कल बसंत हमर पुलिस हमर संग बैनर तले महासमुन्द पुलिस के द्वारा बालिका सरंक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन कल 20 जुलाई 2019 को यूनिसेफ  छत्तीसगढ़ के सहयोग से सरायपाली मंडी प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में बालिकाओं के द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया। सराईपाली अंचल के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के शामिल लगभग हजारों बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस, पॉक्सो एक्ट, सायबर अपराध जैसे विषयों पर जानकारियां प्रदान कर उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान अंचल के मेधावी छात्राओ को मैडल व शील्ड प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया।  कार्यक्रम के विशेष अतिथि देवेंद्र बहादुर सिंह विधायक बसना, प्रशांत दास, चीफ फील्ड ऑफिसर यूनिसेफ  छत्तीसगढ़, मुख्य अतिथि संतोष कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक महासमुन्द, वेदव्रत सिरमौर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महासमुन्द, राजीव शर्मा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सराईपाली, लितेश सिंह अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बागबाहरा उपस्थित थे। देवेंद्र बहादुर सिंह विधायक बसना ने अपने उदबोधन में उपस्थित बालिकाओं को निरंतर मेहनत करने और लगन से पढ़ाई कर क्षेत्र व जिले का नाम रौशन करने प्रेरित किये साथ ही महासमुन्द पुलिस विभाग के द्वारा चलाये जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की।  

विशिष्ट अतिथि प्रशांत दास चीफ फील्ड ऑफिसर यूनिसेफ  छत्तीसगढ़ ने अपने उदबोधन में कहा कि विगत वर्षों से महासमुन्द पुलिस विभाग द्वारा बाल सरंक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य की जा रही है और महासमुन्द को बाल मित्र जिला के रूप में विकसित किया गया है। जो पूरे राज्य में अपनी तरह का अनूठा प्रयोग है और अब इस मॉडल को राज्य के विभिन्न 100 थानों को चयनित कर लागू करने प्रयास की जा रही है। श्री दास ने उपस्थित बालिकाओ के मनोबल को बढ़ाने और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संतोष कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक महासमुन्द ने अपने उदबोधन में बच्चों से कहा कि महासमुन्द पुलिस विभाग के द्वारा बाल हितैषी की दिशा में लगातार प्रयास की जा रही है। हमर पुलिस हमर संग बैनर के माध्यम से लगभग चालीस हजार से अधिक बालिकाओ को सेल्फ डिफेंस में जागरूक किया गया है। जिले के विभिन शालाओ में जाकर बच्चों को साइबर अपराधों, यातायात, ठगी, जिम्मेदार नागरिक के कर्तव्य जैसे विषयों पर जागरूक किया जा रहा। 

अन्य राज्यों से भी विभिन क्षेत्रों के विशेषज्ञों  को आमंत्रित कर बच्चों, पालकों व शिक्षकों के लिए विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित किये गए हंै। चाइल्ड फ्रेंडली पोलिसिंग के तहत बच्चो के सर्वोत्तम हितों की सुरक्षा के लिए कार्य किये जा रहे हंै। गुड टच बैड टच, यातायात और इंटरनेट जनित आधुनिक अपराधों के संबंद्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए बच्चों को सतर्कए सावधान व सुरक्षित रहने बताया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर महासमुन्द पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2018-19 में चाइल्ड फ्रेंडली डिस्ट्रिक्ट के तहत किए गए कार्यो की डॉक्यूमेंट्री संकलित कर चाइल्ड फ्रेंडली पोलिसिंग पुस्तिका.महासमुन्द  टू वड्र्स चाइल्ड फ्रेंडली डिस्ट्रिक्ट तैयार किया गया है, जिसे अतिथियों के द्वारा विमोचन किया गया। उक्त कार्यक्रम में अन्य अतिथियो के रूप में संपत अग्रवाल, विद्याभूषण सतपथी, तहसीलदार ललिता भगत नायब तहसीलदार राममूर्ति दीवान भी मंचस्थ थे।

 कार्यशाला के अंत मे बाल मित्रो व पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को भी प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम  को सफल बनाने में थाना प्रभारी सराईपाली निरीक्षक प्रदीप मिंज व अन्य पुलिस अधिकारी कर्मचारीगण महिला आरक्षक अन्नू भोई, बालमित्र रोशना डेविड, मंच संचालक बालमित्र बागबाहरा रूपेश तिवारी, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य गण शिक्षक गण एवं छात्राओं का उल्लेखनीय सहयोग रहा है।


Date : 20-Jul-2019

सिरपुर में फिर हाथी, आंगन में हाथी, भीतर परिवार चुपचाप बैठा रहा, बची जान

छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 20 जुलाई।
डेढ़ महीने बाद 19 हाथियों के  दल ने फिर से सिरपुर क्षेत्र के गांवों में आमद दी है। बीती रात्रि हाथियों का यह दल खड़सा  में खोमन धु्रव नामक ग्रामीण  के आंगन में प्रवेश कर गया।  पूरा परिवार  फंसा रहा और  चुपचाप बैठे रहे। जिससे परिवार की जान बच गई।  बहरहाल 19 हाथियों का दल महानदी के तट से होते हुए पास के ही निलगिरी के प्लांट में रूका हुआ है।  

 हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने छत्त्तीसगढ़ को बताया कि खड़सा मोहकम में 19 हाथी अपने परिवार सहित पहुंचा है और राऊत बंधानी के रास्ते से रात्रि 10 बजे शासकीय मीडिल स्कूल खड़सा के पीछे के द्वार से स्कूल के अंदर प्रवेश कर गया। इन्होंने मुख्य द्वार तक पहुंच कर स्कूल के दरवाजे को नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद हाथियों का दल वहां से निकलकर खड़सा महामाया मंदिर के पास गुलाब धु्रव, सोमनाथ धु्रव के बियारे में घुस कर वहां भी नुकसान पहुंचाया। इतने से भी हाथियों का मन नहीं भरा तो पास के ही किसान लोकनाथ सिन्हा की बाड़ी में पहुंचे और अन्य कई किसानों की बाडिय़ों में तोडफ़ोड़ की है।

राधेलाल सिन्हा ने  कहा कि वन विभाग  सूचना देने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचता। अगर पहुंच भी जाते हंै तो गस्ती वाहन का हार्न बजाकर चले जाते हंै। हाथियों को भगाने के लिए गश्ती दल के साथ कभी कोई अधिकारी नहीं पहुंचता है। लगातार हाथियों के आतंक से सिरपुर क्षेत्र दहशत में है। सावन शुरू हो चुका है और बोल बम कांवरियों का इसी महीने इसी रास्ते से आना जाना लगा रहेगा। 
 


Date : 20-Jul-2019

अतिथि प्राध्यापकों के सहारे चल रहा है वीरेन्द्र बहादुर कॉलेज 
विगत 15 वर्षों से प्राचार्य का पद  रिक्त 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सरायपाली, 20 जुलाई।
 महाविद्यालय प्रारंभ होने के 47 वर्ष बाद भी स्थानीय वीरेन्द्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय अतिथि प्राध्यापकों के भरोसे ही  चल रहा है। विगत 15 वर्षों से प्राचार्य का पद भी रिक्त है। इसके अलावा तीन वर्ष पूर्व एम कॉम एवं विगत वर्ष बी कॉम व एमएससी की कक्षायें भी यहाँ प्रारंभ की गई हैं, लेकिन अभी तक बी कॉम एवं एम कॉम के लिए एक भी प्राध्यापक या सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति नहीं हुई है, जबकि एमएससी के लिए एकमात्र रसायन के सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति की गई है।

स्व. राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय विगत 1972 से सरायपाली में संचालित है। लेकिन अभी तक नियमित प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के अधिकांश पद रिक्त हैं. केवल अतिथि प्राध्यापकों के भरोसे ही महाविद्यालय संचालित हो रहा है. वर्तमान में 1232 नियमित छात्र-छात्रायें यहाँ अध्ययनरत हैं. महाविद्यालय में 39 पद स्वीकृत है, जिसमें से केवल 15 ही पदस्थ हैं. जबकि 24 पद अभी भी रिक्त है. रिक्त पदों में प्राचार्य के पद सहित प्राध्यापक राजनीति विज्ञान, हिन्दी, वाणिज्य, सहायक प्राध्यापकों में इतिहास, अर्थशास्त्र, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान, प्राणी शास्त्र, गणित, वाणिज्य के दो पद, क्रीड़ा अधिकारी, ग्रंथपाल, सहायक ग्रेड-1 में एक पद, 3 में दो पद एवं प्रयोगशाला परिचालक के तीन पद, बुल लिफ्टर, भृत्य के दो पद एवं फर्राश के एक पद रिक्त हैं. प्रतिवर्ष महाविद्यालय में अतिथि प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाती है. इस वर्ष अभी तक नियुक्ति नहीं की गई है. आगामी दिनों में इनकी नियुक्ति किए जाने की बात कही जा रही है. विगत तीन वर्ष के भीतर संचालित बी कॉम, एम कॉम व एमएससी की कक्षाओं के लिए भी अभी तक नियमित प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं की गई है और अतिथि प्राध्यापकों के भरोसे ही संचालित हो रही है. नियमित प्राध्यापक एवं भवन के अभाव में चाह कर भी यहाँ की सीट नहंीं बढ़ा पा रहे हैं. 

विद्यालय में यह भी है समस्या
महाविद्यालय में पर्याप्त भूमि होने के बावजूद यहाँ भवन की कमी बनी हुई है. विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशाला भवन नहीं है और कक्षायें भी पुराने जर्जर बीटीआई भवन में संचालित हो रही है. विद्यालय की जमीन पर जगह-जगह अतिक्रमण भी हो रहा है. विद्यार्थियों की संख्या अनुसार पुस्तकालय भी छोटा है एवं वाचनालय के लिए स्थान का अभाव है. छात्र-छात्राओं के लिए कॉमन रूम , छात्र संघ कार्यालय, इंडोर खेल-कूद के लिए मैदान आदि का अभाव है. सायकल स्टैण्ड में भी पर्याप्त जगह नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है. इन समस्त परेशानियों के बावजूद वहाँ अध्ययन करने के लिए विद्यार्थी मजबूर हैं.

इस संबंध में प्रभारी प्राचार्य ए एल पटेल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि शासन की ओर से भर्ती प्रक्रिया एवं प्रमोशन नहीं होने के कारण उपरोक्त पद रिक्त हैं. प्राध्यापक से प्राचार्य के पद के लिए भी पदोन्नति नहीं हो रही है. समस्याओं के बारे में उन्होंने कहा कि अतिरिक्त भवन के  लिए 50 लाख रूपये स्वीकृत हुआ है, जिसमें से 25 लाख पीडब्ल्यूडी विभाग के पास आ चुका है, लेकिन उनकी उदासीनता के कारण आज पर्यन्त तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है. इसके अलावा महाविद्यालय में बीए एवं एमए में अंग्रेजी साहित्य विषय सम्मिलित करने के लिए विश्वविद्यालय से मांग की गई है।

साईन बोर्ड बन रहा है बाधक
शहर से महाविद्यालय की ओर जाने वाले मार्ग के किनारे कई प्रकार के निजी प्रतिष्ठानों के बड़े-बड़े साईन बोर्ड लगे हुए हैं, जिससे विद्यार्थियों को एनएच से सीधे महाविद्यालय में प्रवेश करने में आए दिन दुर्घटनायें हो रही हैं. इन साईन बोर्ड को हटाने के लिए महाविद्यालय क ी ओर से पुलिस प्रशासन को मांग भी की गई है, लेकिन पुलिस भी इस मामले में गंभीर नहीं है. हाल ही में दो-तीन मोटरसायकल सवार दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। 

 


Date : 20-Jul-2019

डोनेशन के नाम पर पालकों से वसूली, एकलव्य स्कूल में 63 हजार नगद बरामद, कैश काउंटर सील

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सरायपाली,  20 जुलाई।
 ज्यादा पैसे लेकर कम पैसे की रसीद देने के अलावा पूरी फीस जमा होने के बावजूद पैसे नहीं देने का नोटिस एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुण्डा के द्वारा पालकों के पास भेजा गया था. जिससे आक्रोशित पालकों ने अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली से इसकी शिकायत की थी। 

मामले की जाँच के लिए एसडीएम, तीन तहसीलदार, उप कोषालय अधिकारी एवं पुलिस की टीम ने पालक बनकर दबिश दी एवं शिकायत सही पाया। मौके पर से 63 हजार रूपये नगद अवैध राशि बरामद कर स्कूल के कैश काउंटर को सील किया गया है।

चक्रधर पटेल बरपेलाडीह, विवेक शर्मा बस्तीसरायपाली एवं अन्य पालकों ने एसडीएम से लिखित में शिकायत की थी कि एकलव्य इंग्लिश मीडियम स्कूल अर्जुण्डा में स्कूल फीस पूरा जमा करने के बावजूद पालकों के घर पर पूरी राशि जमा न होने का प्रधान पाठक के हस्ताक्षर युक्त नोटिस भेजा जाता है। इसके अलावा स्कूल के द्वारा बिना कोई रसीद दिए निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की भी वसूली की जा रही है।  

16 जुलाई को एसडीएम विनय कुमार लंगेह सहित उनकी एक जाँच टीम वहाँ पहुँची थी।   पालक की शिकायत सही पाई गई और तुरंत दबिश देकर वहाँ रखे नगदी रकम की भी जानकारी ली गई, लेकिन उनके पास उक्त रकम के संबंध में किसी तरह के वैध दस्तावेज नहीं थे। अत: उक्त रकम को जब्त कर कैश काउंटर को भी सील किया गया है। घटना के बाद से स्कूल संचालक भीमेन्द्र भास्कर स्वास्थ्य खराब होने का हवला दे वहाँ से चले गए।


Date : 20-Jul-2019

बिजली बिल हाफ का लाभ लेने पटाना होगा पिछला बकाया
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सरायपाली, 20 जुलाई।
शासन की महत्वाकांक्षी योजना बिजली बिल हाफ का लाभ लेने के लिए 12 फीडर के अंतर्गत 82580 उपभोक्ता पात्र हैं. जिसमें से मात्र 13536 उपभोक्ता ही इस योजना का लाभ ले रहे हैं. जो उपभोक्ता प्रतिमाह बिजली बिल नियमित पटाएंगे, तभी उन्हें ही इस योजना का लाभ मिलेगा। अगर बिजली बिल पटाने का क्रम टूटा तो उन्हें इस योजना का लाभ भी नहीं मिलेगा। इसके अलावा 5 रूपए से अधिक का बिल बकाया होने पर भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। 400 यूनिट तक की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ का पूर्ण लाभ मिल रहा है।

सरायपाली डिवीजन के अंतर्गत 12 डीसी हैं, जिसमें से भंवरपुर में 6688 घरेलु उपभोक्ता, सरायपाली टाउन में 5510, सरायपाली ग्रामीण 10171, सांकरा 7180, बसना ग्रामीण 8408, बसना टाउन 2974, पिरदा 8328, छुईपाली 6769, बलौदा 6876, गढफ़ुलझर 7304 और सागरपाली में 6784 तथा सलडीह फीडर में 5588 उपभोक्ता आते हैं, जिसमें से मात्र 13536 उपभोक्ता ही इस योजना का लाभ ले रहे हैं। बाकी उपभोक्ता बिजली बिल हाफ लेने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं।

बिजली विभाग से मिली जानकारी अनुसार 400 यूनिट तक की खपत करने वाले उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले सकते हैं, उससे अधिक खपत करने वालों को केवल 400 यूनिट तक की खपत का ही लाभ मिलेगा, बाकी अधिक यूनिट का पूरा बिल पटाना होगा। यह योजना केवल घरेलु उपभोक्ताओं के लिए ही निकाली गई है और प्रतिमाह पूर्ण बिल पटाने वाले उपभोक्ता ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

यह योजना विगत अपै्रल माह से लागू हुई है लेकिन साढेज्ज् 3 माह बीत जाने के बावजूद बिजली बिल हाफ का लाभ लेने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। बिजली बिल हाफ का लाभ लेने के लिए सभी घरेलु उपभोक्ताओं को पिछला बिजली बिल बकाया राशि जमा करना होगा तभी वे इस योजना का लाभ लेने के पात्र होंगे। अगर नियमित बिजली बिल जमा नहीं होगा तो पुनरू वे इस योजना से वंचित हो जाएंगे। जब से बिजली बिल हाफ योजना की शुरूवात हुई है, बिजली की खपत भी बढ़ गई है । 

 


Date : 20-Jul-2019

विद्यालयों से इंस्पायर अवार्ड मानक ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन किए जाने के लिए अंतिम तिथि 30 जलाई 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 20 जुलाई।
भारत सरकार विज्ञान और प्रोद्योगिकी मंत्रालय नई-दिल्ली के अनुसार 2019-20 के लिए सभी विद्यालयों से इंस्पायर अवार्ड मानक ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन किए जाने के लिए अंतिम तिथि 30 जलाई 2019 निर्धारित किया गया है। 

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इंस्पायर अवार्ड मानक के अंतर्गत जिलें के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त अशासकीय, निजी विद्यालयों एवं मदरसों का पंजीयन एवं शालाओं में कक्षा 6वीं से 10वीं तक अध्ययनरत् 10 से 15 वर्ष आयु वर्ग क छात्र, छात्राओं का नामांकन व मॉडल का आईडिया प्रस्तुत किया जाना है। पंजीयन हेतु प्रत्येक विद्यालय से कम से कम मिडिल स्कूल स्तर में 3 विद्यार्थी एवं हाईस्कूल स्तर पर 2 विद्यार्थियों का नामांकन अनिवार्य रूप से कराया जाना है। पंजीयन के साथ नामांकित छात्र-छात्राओं का पूरा विवरण जैसे - पूरा नाम, पिता का नाम, स्कूल का नाम, विद्यार्थी का बैक खाता क्रमांक, बैंक का नाम, आई.एफ.सी.कोड, आधार नम्बर एवं मॉडल का आईडिया का विवरण सहित प्रविष्ट कराना है। इंस्पायर अवार्ड मानक के अंतर्गत केवल बच्चों के गुणवत्तापूर्ण मौलिक विचार, प्रोटोटाइप, मॉडल को स्वीकार किया जाएगा। 

इस संबंध में शिक्षक, विद्यार्थी वेबसाईट पर उपलब्ध जानकारी प्राप्त कर सकते है। इस संबंध में ऑनलाईन नामिनेशन ई- मैनेजमेंट आफ इंस्पायर अवार्ड स्कीम योजना के तहत आनलाईन नामिनेशन का कार्य 31 जुलाई 2019 तक पूर्ण कराने हेतु सभी प्राचार्य एवं प्रधान पाठक को निर्देशित किया गया है। विकासखण्ड स्तर पर सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। विद्यालयों द्वारा ऑनलाईन नामिनेशन प्रक्रिया पूर्ण करने में तकनीकी दिक्कते आ रही है। इस संबंध में बी.आर.सी. में कार्यरत आपरेटरों से सहयोग लिया जा सकता है।  


Date : 20-Jul-2019

बीएससीपीएल से अवैध उत्खनन के लिए छह करोड़ 45 लाख 55 हजार 940 रूपए की वसूली शेष
कंपनी को राशि की वसूली के लिए आरआरसी जारी 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 20 जुलाई।
एनएच 53 में फोरलेन सड़क निर्माण करने वाली कंपनी बीएससीपीएल से अवैध उत्खनन के लिए छह करोड़ 45 लाख 55 हजार 940 रूपए की वसूली शेष है। उक्त कंपनी को राशि की वसूली के लिए आरआरसी जारी की गई है। वसूली की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। यह जानकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी है। विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर के सवाल पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्रीबघेल ने बताया कि एनएच 53 में फोरलेन सड़क निर्माण एजेंसी के खिलाफ  वर्ष 2014 से 2016 तक अवैध उत्खनन के 26 व अवैध परिवहन के 39 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। 

वर्ष 2014 से 2016 तक दर्ज अवैध उत्खनन के प्रकरणों में चार लाख 75 हजार तथा अवैध परिवहन के प्रकरणों में दस लाख 68 हजार 425 रूपए समझौता राशि वसूल की गई है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि वर्ष 2014 से 2016 तक अवैध परिवहन के दर्ज सभी प्रकरणों में संपूर्ण समझौता राशि वसूल की जा चुकी है। जबकि अवैध उत्खनन के समझौता राशि छह करोड़ 45 लाख 55 हजार 940 रूपए वसूली के लिए शेष है। उक्त बकाया समझौता राशि की वसूली फोरलेन निर्माण एजेंसी मे बीएससीपीएल इंफ्रा से करने के लिए आरआरसी जारी की गई है। महासमुंद जिले में वर्ष 2014 से दिसंबर 2018 तक 406 ओवरलोड वाहनों से 57 लाख 46 हजार 200 रूपए का अर्थदंड वसूला गया है। विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर के सवाल पर मंत्री मोहम्मद अकबर ने विधानसभा में यह जानकारी दी। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को विधायक श्री चंद्राकर ने जिले में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया। जिस पर जानकारी देते हुए मंत्री श्री अकबर ने बताया कि जनवरी 2014 से दिसंबर 2018 तक 406 वाहन ओवरलोड पाए गए। 

भारक्षमता से अधिक भार पाए जाने पर 57 लाख 46 हजार 200 रूपए अर्थदंड के रूप में समझौता शुल्क वसूल किया गया। विधायक श्री चंद्राकर के सवाल पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि जिले की 104 उचित मूल्य की दुकानें सहकारी समितियों द्वारा संचालित की जा रही है। निजी व्यक्ति द्वारा उचित मूल्य की दुकानों का संचालन नहीं किया जा रहा है।

 


Date : 20-Jul-2019

एक और किसान धोखाधड़ी का शिकार, मदद के बहाने किसान का एटीएम बदला और 17 हजार पार 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 20 जुलाई।
अपनी अज्ञानता के चलते जिले का एक और किसान धोखाधड़ी का शिकार हो गया। इस बार तो बैंक स्थित एटीएम में सहायता के लिए  पहुंचे लोगों ने ही किसान के एटीएम कार्ड को बदल दिया और उससे खाते में जमा 17 हजार 517 रुपये में पूरे सत्रह हजार पांच सौ रुपए निकाल लिये। कल शुक्रवार को दोपहर को किसान ने कोतवाली में मामला दर्ज कराई है। 

घटनाक्रम अनुसार एचडीएफसी बैंक के खाताधारक मोती राम साहू पिता दलालू साहू ग्राम लोहारडीह का रहने वाला है। तीन दिन पहले 17 जुलाई को वह एचडीएफसी बैंक के एटीएम में राशि निकालने महासमुन्द पहुंचा। एटीएम में जब किसान ने पैसा निकालने की कोशिश की तो एटीएम से रुपए नहीं निकला। इस पर बैंक  के अंदर पास ही खड़े गार्ड़ को मद्द के लिए बुलाया। मोतीलाल साहू की मदद करने के लिए एचडीएफसी बैंक का गार्ड संदीप वर्मा पिता देवलाल वर्मा आया और उसने एटीएम कार्ड डालकर रुपए निकलाने का प्रयास किया।  लेकिन  गार्ड से भी रकम नहीं निकला। 

गार्ड ने रकम नहीं निकलने पर बैंक के दूसरे कर्मचारी को सहयोग के लिए बुलाया लेकिन पैसा नहीं निकल रहा है कहकर उन्होंने किसान को कार्ड वापस कर दी। मोतीलाल साहू इसके बाद वापस अपने घर चला गया। मोती लाल साहू दूसरे दिन 18 जुलाई को अपने गांव लोहारडीह के एटीएम में रकम निकालने पहुंचा तो वहां भी रकम नहीं निकला। तब लोहारडीह के  बैंक में एटीएम कार्ड गलत होने की जानकारी किसान को मिली साथ ही यह भी पता चला कि किसान के खाते में केवल 17 रुपए बच गया है। अत: कल 19 जुलाई को अपने खाते से रकम निकालने और एटीएम बदलने की जानकारी देने एचडीएफसी बैंक पहुंचा तो उसे पुख्ता जानकारी मिली कि उसके खाते से 17 जुलाई और 18 जुलाई को रायपुर, राजिम और महासमुन्द से 17 हजार 500 सौ रुपए निकाल लिये गये हंै। अब उसके खाते में मात्र 17 रुपए शेष बचे हैं। 

इस तरह किसान को अपने ठगे जाने की जानकारी हुई तो वह रोने लगा। उसने बताया कि बीते 10 जुलाई को आखिरी बार उसने अपने परिवार के व्यक्ति के साथ आखिरी बार रकम एटीएम से निकाली थी। चूंकि पैसे खेती किसानी के लिए ही रखे थे, इसलिए बहुत सम्भलकर इस राशि को रखा हुआ था। खेती का काम आया तो 17 जुलाई को महासमुन्द एचडीएफसी बैंक के एटीएम में राशि निकालने का प्रयास किया। जहां उसकी मद्द करने एचडीएफसी के दो गार्ड आये थे जिसे उसने एटीएम कार्ड दिया था। किसान का कहना है कि मैंने गार्डों को अपना एटीएम दिया था। उसी दिन दन बाद ही मेरे खाते से रकम निकाल ली गई है। 

एचडीएफसी बैंक  उसे लगभग 2 घंटे बैंक में बैठा कर रखा गया। बैंक में ही मौजूद एक भलामानुष ने छत्तीसगढ़ को इस बात की जानकारी दी तब छत्तीसगढ़ वहां पहुंचा और मामले में पूछताछ की तो बैंक के कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मैनेजर साहब नहीं आ जाते, हम सीसीटीवी की जांच नहीं कर सकते हैं। 

बैंक के कुछ कर्मचारी छत्तीसगढ़ प्रेस के प्रतिनिधियों को देखकर किसान को इधर-उधर बुलाकर उसके कुछ-कुछ बातें कहते रहे। किसान को जब इस बात की जानकारी मिली की बैंक उसकी रकम नहीं लौटाने वाली है, तब जाकर वह रोने लगा और कहने लगा कि भैय्या में हा किसानी बर पइसा ला रखे रहेंव, मैं नई जानों काहीं ला, कइसे मोर एटीएम बदल गे। छत्तीसगढ़ प्रतिनिधि ने किसान को सिटी कोतवाली पहुंचा कर मामले की शिकायत कराई है, बहरहाल सिटी कोतवाली में मामले की जांच जारी है।

 इस मामले में बैंक में पदस्थ अशोक गौड़ा ने कहा कि बैंक का मैनेजर अभी शहर से बाहर है। मैं कैमरा नहीं खोल सकता। हां मैं इतना बता सकता हूं कि  किसान के खाते से 17 जुलाई की रात 10.40 बजे दस हजार, इसी रात 10.53 को पांच हजार तथा 18 जुलाई को ढाई हजार रुपए निकाले गये हैं। बैंक का एटीम कैसे  और किसने बदला, यह जांच का विषय है।

समाचार लिखते वक्त किसान के संदेह के आधार पर कोतवाली पुलिस ने बैंक उन दो कर्मचारियों को कोतवाली में बिठाया है, जिन्होंने किसान के एटीएम को मशीन में प्रवेश कर बताया था कि पैसा नहीं निकल रहा है। किसान अभी भी यही कह रहा है कि मैंने न तो किसी को अपने एटीएम का नंबर बताया और न ही कहीं और रुपए निकालने अप्लाई किया। वैसे बता दें कि किसान पढ़ा लिखा नहीं है। उसने एटीएम के साथ उस कागज को लपेटकर रखा था जिसमें एटीएम का नंबर लिखा था। इस कागज को भी किसान में सहयोग करने वालों को दिया था। किसान का आरोप है कि उन दोनों में से ही किसी ने उसका एटीएम बदला और दूसरे का एटीएम थमाया है।   


Date : 20-Jul-2019

बेजा कब्जा जमीन को गौठान के लिए खाली करवाना चुनौती

सचिव, रो. सहायक, तक. सहा. को जान से मारने की धमकी 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 20 जुलाई।
बसना ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कब्जा जमीन पर रह रहे लोगों को गौठान के लिए खाली करवाना महंगा पड़ रहा है। 
मामला ग्राम पंचायत कुदारीबाहारा का है जहां प्रशासन के अधिकारियों के जाने के बाद ग्राम पंचायत में जाकर सचिव सरपंच पुत्र और राशनकार्ड बनाने के लिए पदस्थ कर्मचारियों को शासकीय कार्य को बाधा पहुंचाते हुए जाने से मारने की धमकी दी जा रही है। जानकारी के अनुसार मोहनदीप ग्राम पंचायत कुदारीबहारा में सचिव केपद पर पदस्थ है। 

परसों 18 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे राशनकार्ड नवीनीकरण आवेदन लेने पंचायत भवन कुदारीबाहरा में रोजगार सहायक अशोक चौहान, तकनीकी सहायक निर्मला खुंटे, मनोहर पटेल व अन्य गांव वाले बैठे थे। उसी बीच पंचायत भवन में गांव के हेमलाल साव और पिरीतराम साव ने पंचायत भवन जाकर राशनकार्ड नवीनीकरण कार्य में व्यवधान उत्पन्न करते हुए अश्लील गलियां दी और कहा कि कल प्रशासन को बुला के जमीन को नपवाये हो, आज कौन बचायेगा? उन्होंने चारागाह को जुताई करने पर जान से मारने की धमकी दी। 
इसी बीच पिरीतराम साव ने वहां बैठे महिला सरपंच के बेटे मनोहर पटेल के बाल को पकड़ कर उसके साथ हाथा पाई किया। इस मामले की शिकायत पंचायत के सचिव मोहनदीप ने बसना थाने में कर दी जिस पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 294, 323, 34, 506, 186, के तहत मामले को पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। 

इस घटना के ठीक एक दिन पहले 17 जुलाई को शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गुरवा और बारी के तहत गोठाना और चारागाह के सीमांकन हेतु ग्राम कुदारीबाहरा के आश्रित ग्राम कुदारीबाहरा टुकड़ा में बसना जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व तहसीलदार उपस्थित थे और सीमांकन का कार्य कर रहे थे। इस दौरान उन्हें पता चला कि कुदारीबाहरा तुकड़ा के हेमलाल साव. बृज साव, पिरीत साव, मोतीलाल साव, ललित साव का जमीन सरकारी घास जमीन है, जहां उन्होंने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। अवैध रूप से कब्जा पाए जाने पर कब्जाधारी अनावेदकों द्वारा उक्त घांस जमीन को छोडऩे सहमत होकर लिखित सहमति दी गई। इसके बाद दूसरे दिन 18 जुलाई को गौठान की जमीन पर जुताई कार्य शुरू कर दिया गया। यह देखकर हेमलाल साव तथा पिरीतराम साव पंचायत भवन पहुंचे और शासकीय कार्य को बाधा पहुंचाते हुए सचिव मोहनदीप, रोजगार सहायक अशोक चौहान, तकनीकी सहायक निर्मला खुंटे को जान से मारने की धमकी दी। 

 


Date : 19-Jul-2019

कृषि विभाग की टीम ने खाद- बीज दुकानों और सरकारी गोदामों में छापे मारकर की कार्रवाई, सैम्पल लिए
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुन्द, 19 जुलाई।
महासमुंद जिले में कृषि विभाग की टीम लगातार खाद- बीज दुकानों और सरकारी गोदामों में अचानक पहुंचकर छापेमार कार्रवाई कर रही है। गुरुवार को उर्वरक निरीक्षक भीमराव घोड़ेसवार और नोडल अधिकारी सहायक उपसंचालक कुसुम वर्मा कल महासमुंद बीज भंडार और बग्गा कृषि केंद्र में निरीक्षण करने पहुंचे। अधिकारियों ने दुकान संचालक को बोर्ड लगाने और दवाओं की सही रख रखाव करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही दुकान से कीटनाशक दवाइयों के सैम्पल भी लिए ताकि किसानों को अच्छे क्वालिटी के बीज खाद मिल सके। बता दें कि किसानों को उच्च गुणवत्ता का बीज वितरण और पर्याप्त मात्रा में खाद्य वितरण के साथ अवैध भण्डारण को रोकने के लिए कृषि विभाग की टीम लगातार निजी दुकान संचालकों और सेवा सहकारी समिति के गोदामों पर छापेमार कार्रवाई कर रही है। खाद बीज का भण्डारण रासायनिक दवाओं की क्वालिटी की गुणवता जांच के साथ सैम्पल लेने की कार्रवाई भी कर रही है। अब तक कृषि विभाग ने जिले में तकऱीबन 12 से 13 दुकानों गोदामों फैक्टरियों में छापामार कार्रवाई की है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगा। 


Date : 19-Jul-2019

लाफीनखुर्द के ग्रामीणों ने की विधायक से सौजन्य मुलाकात 
महासमुन्द, 19 जुलाई।
हाई स्कूल भवन निर्माण हेतु राशि स्वीकृत होने पर विधायक से सौजन्य मुलाकात कर धन्यवाद ज्ञापित किया। हाई स्कूल लाफीनखुर्द के स्कूल भवन निर्माण के लिए शासन से 75 लाख 23 हजार रुपये की राशि स्वीकृति मिलने पर शाला परिवार, शाला विकास एवम प्रबंधन समिति के सदस्यों व ग्रामवासियों में हर्ष है। इस सफलता में योगदान देने के लिए विधायक व सभी सहयोगियों को प्रबंधन समिति की बैठक में धन्यवाद करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया तथा विधायक विनोद चन्द्राकर से उसके निवास में सौजन्य मुलाकात कर धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा गांव के विकास के लिए आगे भी सहयोग देने का निवेदन किया गया। इस पर विधायक ने हर संभव सहयोग का आश्वासन ग्राम वासियों को दिया। मुलाकात करने वालो में सरपंच प्रतिनिधि सुंदर साहू, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लोमश साहू, विधायक प्रतिनिधि लीलू साहू, उपसरपंच भीखम साहू, संतोष कुमार साहू, तेजराम साहू, संस्था के प्राचार्य भारत साहू, प्रधानपाठक महेश शर्मा, मंशा टंडन, बलिराम सेन, गोविंद साहू आदि शामिल हैं। 

 


Date : 19-Jul-2019

स्टाम्प शुल्क ट्रेजरी में जमा: महासमुन्द जनपद की हालत पतली, अन्य मदों से कर्मचारियों को दे रहा वेतन

स्टाम्प शुल्क की राशि जारी नहीं की गई तो जनपद पंचायतों के कर्मचारियों को
निकालना पड़ेगा या फिर जनपद पंचायत में काम बंद कर ताला मारना होगा
छत्तीसगढ़ संवाददाता 
महासमुन्द, 19 जुलाई।
जनपद पंचायत महासमुंद को स्टाम्प शुल्क की राशि नहीं मिलने से कर्मचारियों को वेतन-भत्ता देने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सातवें वेतनमान का एरियर्स भुगतान भी कर्मचारियों को आज तक नहीं दिया जा सका है। शीघ्र ही स्टाम्प शुल्क की राशि जनपद को नहीं मिलने पर जनपद पंचायत चला पाना संभव नहीं होगा। जनपद पंचायत में तालाबंदी की स्थिति निर्मित हो रही है। उक्त बातें पत्रकारवार्ता में जनपद अध्यक्ष धरमदास महिलांग व जनपद सदस्य योगेश्वर चंद्राकर ने कही। उन्होंने बताया कि गत दिनों कलेक्टर महासमुंद को पत्र लिखकर स्टाम्प शुल्क की राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था। इस पर जिला पंचायत के सीईओ द्वारा संचालक पंचायत को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। बता दें कि जनपद पंचायत को 2016-17 और 2017-18 की स्टाम्प शुल्क नहीं मिला है। इससे पंचायत को 65.70 लाख रुपये मिलने की उम्मीद थी। पत्रकारों को जानकारी दी गई कि अभी हाल ही में 2018-19 की स्टाम्प शुल्क की राशि 25 लाख 77 हजार 840 रुपए प्राप्त हुआ है। 

उन्होंने बताया कि जनपद पंचायत के कर्मचारियों का वेतन अन्य मदों से दिया जा रहा है। जब स्टाम्प शुल्क की राशि जनपद पंचायत को मिलेगा तो अन्य मदों में समायोजित किया जाएगा। उन्होंने पूछे गए सवालों के जवाब में बताया कि वर्ष 15-16 की राशि प्रदान करने के संबंध में जनपद को पत्र आया है किंतु अब तक राशि प्राप्त नहीं हुई है। जब ट्रेजरी में राशि उपलब्ध है तो उक्त राशि जनपद पंचायतों को भेजकर जनपद की वित्तीय स्थिति सुधारनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राशि नहीं मिलने से जनपद पंचायत के कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाएंगे और कर्मचारियों को हटाने की स्थिति में जनपद पंचायत बंद होने की स्थिति में पहुंच जाएगा। श्री महिलांग व श्री चंद्राकर ने कहा कि राशि नहीं मिलने पर जनहित में न्यायालय की शरण लेने पर भी विचार किया जा रहा है।

इनका आरोप है कि महासमुन्द जनपद पंचायत का वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में मिलने वाली स्टाम्प शुल्क ट्रेजरी में आकर पड़ा है लेकिन जनपद पंचायतों को दिया नहीं जा रहा है। इसी वजह से महासमुन्द जनपद पंचायत सहित जिले के पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। जनपद पंचायत ने दूसरे मद की राशि निकालकर जनपद के कर्मचारियों को वेतन बांट रही है। हालात यह बन गये हैं कि कुछ दिनों में जनपद को स्टाम्प शुल्क की राशि जारी नहीं की गई तो जनपद पंचायतों के कर्मचारियों को निकालना पड़ेगा या फिर जनपद पंचायत में काम बंद कर ताला मारना होगा।


Date : 19-Jul-2019

अग्रवाल समाज का वैवाहिक परिचय सम्मेलन 17-18 अगस्त को

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
 पिथौरा, 19 जुलाई।
छत्तीसगढ़ प्रांतीय युवा अग्रवाल मंच द्वारा विगत नौ वर्षों की भांति इस वर्ष भी अग्रवाल समाज के अखिल भारतीय एजुकेटेड विवाह योग्य युवक-युवतियों का दो दिवसीय वैवाहिक परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन प्रदेश की राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्री रामस्वरूप दास निरंजनलाल धर्मशाला में आयोजित किया गया है।

 उक्त जानकारी देते हुए समाज के सह संयोजक मनोज शंकर गोयल ने बताया कि इस वर्ष नवम परिचय सम्मेलन के रूप में अखिल भारतीय स्तर के एजुकेटेड विवाह योग्य बच्चों का यह परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया है।  इस वर्ष भी 17-18 अगस्त को यह परिचय सम्मेलन आयोजित है, जिसके लिए 31 जुलाई तक कोई भी अग्रवाल समाज का अभिभावक अपने विवाह योग्य बच्चों के बायोडाटा मंच की वेबसाइट, ईमेल,कोरियर अथवा डाक के माध्यम से परिचय सम्मेलन के रायपुर स्थित प्रांतीय कार्यालय को प्रेषित कर सकता है, तथा परिचय सम्मेलन हेतु पंजीयन शुल्क 700 निर्धारित है जिसमें आने वाले प्रत्याशी के साथ उनके दो अभिभावकों के निशुल्क आवास एवं दो दिवस की भोजन व्यवस्था कार्यक्रम स्थल पर ही बेहतर ढंग से की जाएगी।


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