‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 19 दिसंबर। जनता यूनियन शाखा अम्बिकापुर ने मुख्य अभियंता कार्यालय अम्बिकापुर के समक्ष विद्युत कम्पनी में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों को बिजली बिल में मिलने वाली 50 फीसदी विभागीय छूट को समाप्त करने के विरोध में प्रदर्शन किया तथा प्रभारी मुख्य अभियंता आवेदन कुजूर को वितरण कम्पनी के चेयरमैन डॉ. रोहित यादव के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
गौरतलब है कि बिजली कर्मचारियों एवं अधिकारियों सहित पेंशनर को बिजली कम्पनी द्वारा 1989 से बिजली बिल में 50 फीसदी छूट दी जाती थी, किन्तु इस सुविधा को कम्पनी प्रबंधन के द्वारा विगत नवम्बर 2025 से बन्द कर दिया गया है। इस जारी किए गए आदेश को अव्यवहारिक और दमनकारी बताते हुए बिजली कम्पनी के अधिकारी कर्मचारी एवं अभियंता बेहद आक्रोशित हैं तथा जगह जगह प्रदर्शन कर इस सुविधा की पुन: बहाली की मांग कर सीएसपीडीसीएल के चेयरमैन को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
इस अनुक्रम में जनता यूनियन की अम्बिकापुर शाखा के सदस्यों ने मुख्य अभियंता कार्यालय अम्बिकापुर के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया तथा सुविधा बहाल करने की मांग की। इस कार्यक्रम में अंबिकापुर क्षेत्र के भारी संख्या में महिला,पुरुष कर्मचारी शामिल हुए।
ज्ञात हो कि विद्युत कम्पनी ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर पैनल लगवाना अनिवार्य कर दिया है। सोलर नहीं लगवाने वाले कर्मचारियों को विद्युत देयक में मिलने 50 फीसदी छूट, जो 36 साल पुरानी सुविधा से अचानक वंचित कर दिया गया है। कम्पनी ने छूट बन्द करने का परिपत्र जारी करते हुए विगत नवम्बर माह से छूट देना बंद भी कर दिया है।
जनता यूनियन का कहना है कि प्रबंधन का यह एकतरफा निर्णय अत्यंत दमनकारी है। सोलर पैनल लगवाने हेतु आवश्यक व्यवस्था भूमि, मकान, राशि, परिस्थिति तथा कर्मचारियों की इच्छा, हित और संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा किये बिना ही इसे अचानक से लागू कर दिया गया, जो बिल्कुल अव्यवहारिक और अनुचित है।
छूट बन्द करने के विरोध में जनता यूनियन अम्बिकापुर शाखा ने मुख्य अभियंता के माध्यम से चेयरमैन डॉ. रोहित यादव को सौंपे गए अपने ज्ञापन में यह सुविधा तत्काल बहाल करने की मांग की है तथा विद्युत कम्पनी प्रबंधन से कुछ सवाल भी किए हैं, जिनमें कर्मचारी का स्वयं का मकान/जमीन नहीं है तो वह क्या करे।
,कर्मचारी फ्लैट/बहुमंजिला इमारत में रहता है तो वह क्या करे?, कॉलोनी/सरकारी आवास में रहने वाले कर्मचारी क्या करे?, मकान कच्चे, खपरैल, चादर या अस्थायी हों तो क्या करें?,सरकारी/नजूल पर काबिज होकर निवास करते हैं, वे क्या करें? , कर्मचारी के परिवार में संयुक्त भूमि या जमीन/मकान को लेकर कोई पारिवारिक या न्यायालयीन विवाद चल रहा हो तो वे क्या करें?, कर्मचारियों का स्थानांतरण सतत प्रक्रिया है, ऐसे में क्या करें?,सर्वप्रथम सरकारी भवनों, विद्युत कार्यालयों में सोलर क्यों नहीं लगवाए जा रहे?, कर्मचारी की निजी, घरेलू, आंतरिक, पारिवारिक, आर्थिक समस्या एवं जमीन/मकान की उपलब्धता जैसे बिंदुओं ओर गौर कर विवरण लेना आवश्यक क्यों नहीं समझा गया?
कार्यक्रम की अगुवाई प्रांतीय उपाध्यक्ष जे पी पटेल और क्षेत्रीय अध्यक्ष यतींद्र गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सचिव आर के राजपूत, कोषाध्यक्ष आशीष हीरा, वरिष्ठ सदस्य बी के पटेरिया, आर के परिहार, अम्बिकापुर संभाग अध्यक्ष एच एल पटेल, सूरजपुर संभाग अध्यक्ष श्रवण कुमार साहू, सन्गठन मंत्री कुबेर दुबे, विनोद गुप्ता, सचिव वीरेंद्र साहू, चंद्रकांत जायसवाल, शालू बिस्वाल, प्रवीण एक्का, प्रवीण लकड़ा, पूर्णानंद यादव, अमरजीत बेक, बसंत मिंज, राधेश्याम विश्वकर्मा, मनोज सनेही, हिमांशु सिंह, प्रदीप निषाद, पृथ्वीरतन तिवारी, खिलेश पैंकरा, नंदलाल सिंह, संजय, रामनाथ गुप्ता, संतोष कश्यप, अभय सिंह, मनोज कोरी, शशिकला, ज्योति सिंह, गायत्री साहू, अर्चना लकड़ा, बालमती कुजूर, हिरौदिया, भोटाइन बाई, विनोद कुमार, राकेश सिंह आदि शामिल थे।