सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 18 दिसंबर। भारतीय जनता पार्टी सदैव पारदर्शिता, सुशासन और जनहितैषी सुधारों की पक्षधर रही है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने जीएसटी से लेकर आयकर तक अनेक ऐतिहासिक सुधार कर देश–प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों के दौरान राजस्व एवं पंजीयन विभाग में कई बड़े, तकनीकी और जनहितैषी सुधार लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता को राहत देना, भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और फॉर्मल इकॉनॉमी को मजबूत करना है।
यह बात आज संकल्प भवन, भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष, पूर्व भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कही। इस अवसर पर भाजपा जि़लाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, जिला महामंत्री श्री विनोद हर्ष, जिला उपाध्यक्ष मधुसुदन शुक्ला, जिला संवाद प्रमुख रुपेश दुबे, पार्षद मनोज गुप्ता एवं संयोजक निलेश सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के नेतृत्व में किए जा रहे आर्थिक सुधारों की श्रृंखला में गाइडलाइन दरों को युक्तिसंगत बनाना एक महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस द्वारा इसका विरोध यह दर्शाता है कि वह आज भी काले धन की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना चाहती है, जबकि भाजपा सरकार पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि पहले जमीन की वास्तविक बाजार कीमत और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर होने से सबसे अधिक परेशानी ईमानदार और मध्यमवर्गीय नागरिकों को होती थी। वास्तविक कीमत पर रजिस्ट्री न होने के कारण उन्हें समुचित होम लोन नहीं मिल पाता था। अब गाइडलाइन दरों के युक्तिसंगत होने से वास्तविक लेन-देन दर्ज होगा, काले धन पर प्रभावी रोक लगेगी और आम जनता को भूमि की वास्तविक कीमत पर ऋण सुविधा उपलब्ध होगी।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि सुधार करना है। यदि सुधारों से 200–400 करोड़ की कमी भी होती है, तब भी सरकार जनहित और पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कांग्रेस को इस गंभीर जनसुधार के विषय पर सस्ती राजनीति से बचना चाहिए। विष्णुदेव साय सरकार जनता के हित में हर आवश्यक सुधार और जनभावना के अनुरूप आवश्यक संशोधन के लिए सदैव तैयार है।
प्रेस वार्ता के दौरान विकास वर्मा, मयंक जयसवाल , संजीव वर्मा , मनोज प्रसाद सहित अन्य कार्यकर्ता एवं पत्रकार उपस्थित रहे ।
काले धन पर सख्त प्रहार
उन्होंने कहा कि पूर्व में कम गाइडलाइन दरों के कारण रजिस्ट्री केवल गाइडलाइन मूल्य पर होती थी और शेष राशि नकद में दी जाती थी। अब केवल गाइडलाइन मूल्य पर ही पंजीयन शुल्क लेने की व्यवस्था से फर्जीवाड़ा रुकेगा और फॉर्मल इकॉनॉमी को मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस शासनकाल की सच्चाई उजागर
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने गाइडलाइन दरें बढ़ाने के बजाय लगभग 30 प्रतिशत तक घटाईं, ताकि कोयला, शराब, पीएससी, महादेव ऐप, धान, डीएमएफ जैसे घोटालों से अर्जित काले धन को जमीन में खपाया जा सके। ईडी की जांच में कांग्रेस नेताओं द्वारा हजारों एकड़ भूमि में निवेश की पुष्टि हुई है और अब उन संपत्तियों पर कार्रवाई की जा रही है।
विसंगतियों का अंत, घोटालों पर रोक
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर और हेक्टेयर दरों के बीच 5 से 20 गुना के अंतर के कारण भारतमाला, एनटीपीसी, उरगा–कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य परियोजनाओं में बड़े घोटाले हुए। अब वर्गमीटर दर हटने से इस प्रकार के घोटालों की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
किसानों और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत
उन्होंने बताया कि किसानों के हित में परिवर्तित भूमि, असिंचित भूमि, दो फसली भूमि, कुआँ–बोरिंग, तालाब, कच्चे मकान, पेड़–फलदार वृक्ष एवं बाउंड्रीवाल पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क समाप्त किए गए हैं।
शहरी क्षेत्रों में मल्टीस्टोरी भवनों में अब केवल बिल्ट-अप एरिया पर ही शुल्क लिया जाएगा, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को 20–30 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा।


