‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 जुलाई। सिविल लाइन इलाके में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इंडिया स्कील वेलफेयर फाउंडेशन के संचालक ने शासकीय स्कूलों में शिक्षक पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों से लाखों रुपये की ठगी की गई है। आरोपी अलग- अलग जिलों में संस्था का कार्यालय खोलकर शिक्षित बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाया करता था। पीडि़ता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी राजू रात्रे और उसके महिला साथी अलफजा फातिमा के खिलाफ धारा 318-4, 3-5 का अपराध दर्ज कर जांच कर रही है। एक अन्य मामले में सरस्वती नगर इलाके में पंडित रविशंकर महाविद्यालय में लेब असिसटेंट की नौकरी लगाने के नाम पर प्रार्थी सहित अन्य लोगों से इन दोनों मामलों में आरोपी ने 20 लाख से अधिक रूपयों लेकर धोखाधड़ी कर दी।
सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक मठपारा बजरंग चौक निवासी सुरभि सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि एम बी ए की छात्रा है। उसने जनवरी 2025 के अखबार में री इंडिया स्कील वेलफेयर फाउण्डेशन के माध्यम से शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता का विज्ञापन देखा था। उसमें री इंडिया स्कील वेलफेयर फाउण्डेशन का कार्यालय शॉप नंबर 9, शहीद वीर नारायण परिसर अंबेडकर चौक, दिया हुआ था। तब सुरभि ने वहां जाकर कार्यालय के संचालक राजू रात्रे, अलफीजा फातिमा से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि वे सरकारी स्कूलों में भर्ती कराती है। वहां शिक्षकों को 22,000 वेतन दिया जाता है। कहा गया कि नियुक्ति पत्र संस्था से जारी किया जायेगा और वह 58 वर्ष तक वैध रहेगा। इस पर सुरभि उनकी बातों में आ गई। और राजू रात्रे एवं अलफीजा के कहने पर 2.50 लाख रूपए उसके कार्यालय में जमा करा दिए। इसके बाद उसे दानी गर्ल्स स्कूल रायपुर में पढ़ाने के लिये नियुक्ति पत्र दिया गया और कहा गया कि जब हम बोलेंगे तब स्कूल में पढ़ाने जाना होगा। इसके बाद राजू रात्रे व अलफीजा को कई बार पूछे जाने पर वे टालमटोल करते रहे। इस बीच जानकारी हुई, कि राजू रात्रे व अल्फीजा फातिमा के ने कई जिलों में शासकीय स्कूलों में शिक्षक का कार्य करने के लिये लोगों से रूपए लिए और और अब तब उन्हें नौकरी नहीं दी गई। ऑफिस में जाने पर वह बंद था। राजू रात्रे औैर अलफीजा ने अपने मोबाईल भी बंद कर फरार हो गए। री इंडिया स्कील वेलफेयर फाउण्डेशन के संचालक राजू रात्रे व अल्फीजा फातिमा ने पलक गायकवाड़, प्रसेनजीत भारद्वाज, चन्द्रकांता पटेल, सरोजनी कंवर, यशोदा कंवर, गीतांजली साहू, खिलेश्वरी साहू, जयश्री ध्रुव, रूपा वर्मा, खिलेश्वरी ठाकुर, मनीषा बाघमारे, चन्द्रकला, हेमलता, जानसन खाका, सुमन साहू, भानुप्रताप सिंह, भेदूराम सोनकर, रूपेश सोनकर एवं अन्य से करोड़ों रूपये लेकर शासकीय स्कूलों में शिक्षक की नौकरी लगाने का झांसा देकर धोखाधड़ी किया
उधर सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी हो गई। आरोपी छोटरलाल यादव ने खुद को आलाधिकारियों का परिचित बताकर सुरेश कुमार साहू सहित अन्य लोगों से पंडित रविशंकर महाविद्यालय में लेब असिस्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और 17.66 लाख रुपए वसूल लिए।
पीडि़़तों का आरोप है कि जनवरी 2025 में आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि वह उन्हें शैक्षणिक संस्थान में स्थायी नौकरी लगवा देगा। लेकिन न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही दी गई राशि वापस की गई। ठगी की जानकारी मिलने पर सरस्वती नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने और कितने लोगों को इस तरह निशाना बनाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की तलाश की जा रही है और शीघ्र ही उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।
मंत्री स्टाफ कहकर संपर्क कर चुके हैं एजेंट
इससे पहले बीते मार्च अप्रैल में रविवि में लिपिकों की संविदा नियुक्ति के लिए भी कुछ विश्वविद्यालय के ही कर्मचारियों ने, अभ्यर्थियों से संपर्क किया था। एक ने तो स्वयं को एक डिप्टी सीएम के स्थापना का स्टाफ बताकर एक अभ्यर्थी से दो लाख रुपए की मांग की थी। इसमें से पहली किस्त के रूप में 50 हजार और ज्वाइनिंग के बाद शेष रकम देने की बात कही थी। यहां बता दें कि विश्वविद्यालय ने आवेदन आमंत्रित कर लिखित परीक्षा, कौशल परीक्षा लेते हुए पूरी चयन प्रक्रिया अपनाई थी। उसके बाद भी दलाल सक्रिय थे। एक अभ्यर्थी के इंकार करने के बाद किसी अन्य को नियुक्ति दी गई।