रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 जुलाई। दुर्ग जेल में बंद मसीही समाज की नन की साथ मुलाकात के बाद वामपंथी सांसद और नेताओं के एक दल ने रायपुर में पत्रकार वार्ता की। इनमें श्रीमती वृंदा करात पूर्व सांसद (माकपा), ए ए रहीम सांसद (माकपा), के राधाकृष्णन सांसद (माकपा), पी पी सुनीर सांसद (भाकपा), के जोस सांसद (केरला कांग्रेस मणी), श्रीमति ऐनी राजा पूर्व सांसद (भाकपा) शामिल रहे। वृंदा ने कहा कि कि उन्होंने सीएम और गृहमंत्री से भी मुलाकात का समय मांगा था। लेकिन नहीं मिला। वृंदा ने दोनों नन, तीनों युवतियों और परिजनों से हुई चर्चा के हवाले से कहा कि छत्तीसगढ़ में जो राजनीति चल रही है वह संविधान से परे है। इस राजनीति के चलते बजरंग दल जैसे संगठन के लोग कानून को हाथ में लेकर पुलिस के सामने किसी को भी पीटने की छूट दे चुके हैं। लगातार आरोप लगाकर एफआईआर करवाया जा रहा है। इसे हम स्वीकार नहीं कर सकते।
हम ननों और सुखमन मंडावी की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं। इस शर्मनाक घटना में शामिल सभी लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं। हमने एफआईआर देखी है। यह स्पष्ट रूप से एक मनगढ़ंत एजेंडा-चालित दस्तावेज़ है। इसमें जबरन धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप हैं। पुलिस के सामने बेगुनाही के सबूत पेश किए गए, लेकिन ननों के साथ मौजूद कोई भी लडक़ी नाबालिग नहीं है। वे वयस्क हैं जिन्होंने अपने माता-पिता की लिखित सहमति से आगरा के एक अस्पताल में काम करने का विकल्प चुना है। सभी संबंधित दस्तावेज़ पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ में, खासकर ईसाई समुदाय के खिलाफ, व्याप्त अराजकता का एक उदाहरण है। यह कोई एक मामला नहीं है। हम ईसाई समुदाय, खासकर स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाने वाले आदिवासी ईसाइयों के खिलाफ हिंसा के कई मामलों से अवगत हैं। यह संविधान द्वारा सभी नागरिकों को दिया गया एक मौलिक अधिकार है। छत्तीसगढ़ सरकार इस अधिकार की रक्षा के लिए बाध्य है। छत्तीसगढ़ में रहने वाली ननों, पादरियों और पादरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है, जो आज गंभीर असुरक्षा की स्थिति में हैं।
साय-साव ने कहा-पुलिस अपना काम कर रही
इस मामले में सीएम विष्णुदेव साय ने फिर दोहराया कि पुलिस अपना काम कर रही है। मैंने केरल से आए लोगों, और केरल भाजपा संगठन के नेताओं से भी मुलाकात कर चर्चा की है। डिप्टी सीएम अरूण साव ने कहा मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि, ये आदिवासी समाज की बेटियों का संवेदनशील मामला है। और इस मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद जो तथ्य समाने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। श्री साव ने कहा कि, ऐसे गंभीर मामले पर राजनीति करना शर्मनाक है, ये आदिवासी समाज की बेटियों का गंभीर मामला है।


