रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 जुलाई। बिलासपुर हाई कोर्ट से हिस्ट्रीशीटर सूदखोरों रोहित वीरेंद्र तोमर को बड़ी राहत दी है। दोनों दो माह से फरार है।जस्टिस रविंद्र अग्रवाल के सिंगल बेंच ने जिला प्रशासन द्वारा उनके मकान को तोडऩे की तैयारी पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दोनों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद वर्मा और सजल गुप्ता ने अदालत में पैरवी व उन्होंने दलील दी कि प्रशासन द्वारा बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया के मकान गिराने की कार्रवाई की जा रही है, जो कि न्यायिक सिद्ध और प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है।
वे लंबे समय से सूदखोरी के अवैध दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। प्रशासन ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने और मकानों को ध्वस्त करने की योजना बनाई थी। रविवार को उनके आवास में बी ऑफिस पर बुलडोजर भी रखा गया था। प्रशासन का तर्क था कि अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को नष्ट करना कानून सम्मत है।


