‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 2 जनवरी। शिवनाथ की शांत धाराओं ने जब संध्या की बेला में सुरों का आलिंगन किया, तो लगा मानो स्वयं शिव शिवनाथ तट पर अवतरित हो गए हों। शिवनाथ महोत्सव के अंतर्गत आयोजित संगीत उत्सव सुनहरे पल ने शिवभक्ति, मानवीय संवेदना और सांस्कृतिक गौरव का ऐसा दृश्य रचा, जो उपस्थित हर हृदय में लंबे समय तक गूंजता रहेगा।
छत्तीसगढ़ मंच एवं दुर्ग सांस्कृतिक मंच की संयुक्त प्रस्तुति ने शिवनाथ तट को केवल एक आयोजन स्थल नहीं रहने दिया वह क्षण भर में साधना, स्मृति और सामूहिक चेतना का तीर्थ बन गया। शिव भजनों की गूंज और जीवन की झलक भजनों की पहली स्वर-लहरी के साथ ही वातावरण में एक अलौकिक शांति उतर आई। डमरू की कल्पित ध्वनि, शंखनाद-सी ऊँची उठती तानें और गीतों में छुपा जीवन-दर्शन— हर प्रस्तुति श्रोताओं को भीतर तक छूती चली गई।
कार्यक्रम में शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने जब मंच से जि़ंदगी का सफऱ है ये कैसा सफऱ गीत की प्रस्तुति दी, तो लगा मानो हर श्रोता अपने जीवन की यात्रा को कुछ क्षणों के लिए थाम कर उसी गीत में देख रहा हो। गीत समाप्त हुआ—पर तालियाँ देर तक बहती रहीं। शिवनाथ हमारी जीवनदायिनी इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मंच एवं दुर्ग सांस्कृतिक मंच के प्रधान संरक्षक एवं समाजसेवी कैलाश जैन बरमेचा ने भावपूर्ण शब्दों में कहा शिवनाथ केवल एक नदी नहीं, हम सबकी जीवनदायिनी है। इसे स्वच्छ, निर्मल और जीवंत रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उनकी अपील में संवेदना भी थी और सामाजिक चेतना भी।
गरिमामय अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाया आयोजन का गौरव कार्यक्रम में डॉ. विजय गुप्ता, वरिष्ठ सांस्कृतिक व्यक्तित्व दाऊ चंद्रिका दत्त चंद्राकर, पूर्व महापौर आरएन वर्मा तथा शिवनाथ महोत्सव के आयोजक वरुण जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पूर्व विधायक अरुण वोरा ने शिवनाथ महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए आयोजक वरुण जोशी को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ही समाज को जोडऩे और संस्कारों को जीवंत रखने का कार्य करते हैं।
जहाँ हर स्वर बना श्रद्धा संगीत उत्सव सुनहरे पल में छत्तीसगढ़ मंच एवं दुर्ग सांस्कृतिक मंच के गायक कलाकार श्रीजा दलाल, गुलाब चौहान, तुलसी सोनी, मदन डोंगरे, दुर्गा भाई, त्रिलोक सोनी, तरुण देशमुख, अमर मारोती, मनोज गुप्ता, मोहन चौहान, योगेश ताम्रकार, महेश सोनकर, नेहल जैन, सतीश शर्मा, विशाल जैन एवं मतीन भाई ने भजनों एवं फिल्मी गीतों की ऐसी सशक्त प्रस्तुति दी कि उपस्थित श्रद्धालु और श्रोता भाव-विभोर हो उठे। कभी आंखें नम हुईं, कभी सीना गर्व से भर उठा, तो कभी चेहरे पर स्वत: मुस्कान तैर गई— यही इस संध्या की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
जनसहभागिता से सजी सांस्कृतिक संध्या इस अवसर पर संगीतप्रेमी अजय झग्गर साहू, अबरार पुवार, किशोर जैन सराफ, रवीन्द्र जैन, नीलम सोनी, सोनिया दलाल, हुसैन चौहान, संतोष साहू, प्रणव सोनी सहित बड़ी संख्या में शहरवासी एवं संगीतप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दुर्ग-भिलाई के मंच संचालक तुलसी सोनी ने किया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन छत्तीसगढ़ मंच दुर्ग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत ने किया।