‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 21 दिसंबर। भारतीय राजनीति के सबसे शालीन, संयमी और सर्वमान्य नेताओं में शामिल मोतीलाल वोरा की जयंती पर आज उनकी कर्मभूमि दुर्ग एक बार फिर श्रद्धा, स्मृतियों और सम्मान से भर उठी। राजेंद्र पार्क चौक स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा।
बड़ी संख्या में नागरिक, कांग्रेस कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने बाबूजी के साथ जुड़े अपने-अपने अनुभव साझा किए और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वोरा की जयंती पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने पत्र के माध्यम से भी उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने पत्र के माध्यम से मोतीलाल वोरा के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की उपस्थिति में राजीव भवन, रायपुर में भी पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई, जहां कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर उनके पुत्र पूर्व विधायक अरुण वोरा ने अपने पिता और जीवन-मार्गदर्शक को स्मरण करते हुए कहा जब बाबूजी मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने मुझसे बहुत शांत स्वर में कहा था मुझे यहां तक पहुंचने में 48 वर्ष लगे हैं, इसलिए जीवन में ऐसा कभी मत करना कि सब कुछ 48 सेकंड में समाप्त हो जाए।यह केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि पूरे जीवन का दर्शन था। आज भी बाबूजी के सिद्धांत उतने ही सार्थक हैं, जितने अपने समय में थे। उनकी इन्हीं सीखों को हृदय में संजोकर हमने सेवा-भाव, सिद्धांतवाद और सादगी की राजनीति को अपनाने का प्रयास किया है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व महाधिवक्ता कनक तिवारी ने कहा मुझे पत्रकार बनाने का पूरा श्रेय मोतीलाल वोरा को जाता है। उनके साथ मेरा वर्षों पुराना आत्मीय संबंध रहा। उनकी स्मृति में मैंने अपने लेखों का एक किताब लिखी है— ‘यह देश किसका है?’—जिसे मैंने वोरा की स्मृति को समर्पित किया है। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत अत्यंत साधारण परिस्थितियों में की, और फिर धीरे-धीरे नहीं, बल्कि एक के बाद एक ग्यारह बनकर उभरे। उनकी शोहरत किसी आग से उठते धुएँ की तरह थी, जिसने बड़े-बड़े लोगों को भी चकित कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भिलाई विधायक देवेंद्र यादव द्वारा श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ हुई। उन्होंने कहा वोरा का संगठन के प्रति समर्पण आज भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए आदर्श है। उन्होंने राजनीति को मूल्य और मर्यादा के साथ जिया। इसके पश्चात पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, धर्मेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन भी कार्यक्रम स्थल पहुंचे। पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा बाबूजी के साथ हर संवाद अपने आप में एक सीख होता था। उनका आचरण, संतुलन और निर्णय क्षमता आज भी हमारे सार्वजनिक जीवन के लिए दिशा-सूचक हैं।
दुर्ग शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बकलीवाल ने कहा बाबूजी का जनसेवा, संगठन और कांग्रेस विचारधारा के प्रति आजीवन समर्पण हम सभी के लिए पथप्रदर्शक है। पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा ने कहा वोरा का व्यक्तित्व इतना विराट था कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए भी सत्ता को कभी स्वयं पर हावी नहीं होने दिया। उनका संतुलन, सौम्यता और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता आज भी हमें सही दिशा दिखाती है। दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा—आज का दिन अविस्मरणीय है। बाबूजी ऐसे राजनीतिक योद्धा थे जिन पर ईश्वर की विशेष कृपा रही। हम सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अरुण ताम्रकार, सुबोध हरितवाल,भिलाई महापौर नीरज पाल, पूर्व महापौर शंकर ताम्रकार, राजेंद्र साहू, दीपक दुबे, अयूब खान सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं महापौर अलका बाघमार ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि अर्पित की। दुर्ग शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के सभी पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, पार्षदगण, पूर्व पार्षदगण तथा बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।