राजपथ - जनपथ

राजपथ-जनपथ : शशि सिंह मजबूत
03-Sep-2024 2:25 PM
 राजपथ-जनपथ : शशि सिंह मजबूत

शशि सिंह मजबूत

छत्तीसगढ़ की युवा महिला नेत्री सुश्री शशि सिंह युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ में हैं। शशि सिंह का सोमवार को पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने इंटरव्यू भी लिया था। देशभर के कुल 15 युवाओं को बुलाया गया था। इनमें छत्तीसगढ़ से शशि के अलावा दुर्ग के मोहम्मद शाहिद भी हैं। 

पार्टी के कई नेता शशि सिंह के दावे को काफी मजबूत मान रहे हैं। वजह यह है कि जिन युवाओं का राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए इंटरव्यू हुआ था उनमें आदिवासी वर्ग से अकेली शशि सिंह हैं। शशि सिंह युवक कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव हैं, और प्रदेश की उपाध्यक्ष भी हैं। 

वो राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में साथ थीं, और करीब साढ़े 3 हजार किमी पदयात्रा की है। दिवंगत पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह की बेटी शशि को कांग्रेस ने सरगुजा से लोकसभा प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने साधन-संसाधनों की कमी के बावजूद कड़ी टक्कर दी है। वीरप्पा मोइली कमेटी ने भी उनके जुझारू तेवर को सराहा है। वर्तमान में वे जिला पंचायत की सभापति भी हैं। शशि सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने या न बने लेकिन कांग्रेस में उनका भविष्य उज्जवल दिख रहा है। देखना है आगे क्या होता है। 

ऐसे में जीत कैसे ? 

रायपुर दक्षिण उप चुनाव को लेकर कांग्रेस लिटमस टेस्ट मानकर मैदान में उतरना चाह रही है। भाजपा के इस अजेय सीट पर टक्कर नहीं जीत के दावे के साथ हरेक वार्ड में बिसात बिछा रही। पीसीसी चीफ स्वयं मुख्य रणनीतिकार बने हुए हैं। चीफ ने दक्षिण के 19वार्डों के लिए एक एक वरिष्ठ नेता को प्रभारी बनाया है। इनमें पूर्व सांसद पूर्व प्रत्याशी भी शामिल हैं। चीफ तीन बैठकें ले चुके हैं । पहली  बैठक परिचयात्मक रही। दूसरी प्रगति की समीक्षा की।

पिछले सप्ताह हुई तीसरी बैठक में रणनीति को बूथ स्तर पर इंप्लीमेंटेशन को परखने की थी। पहली दो बैठकों में जो नहीं आए वो तीसरी में आए। जो दोनों में आए तीसरी में नहीं आए। और इंप्लीमेंटेशन के बारे में हम क्या बताएं। चीफ ने  स्वयं सच्चाई का सामना किया। 19 में से केवल एक ही प्रभारी का ग्राउंड वर्क नजर आया। बाकी तो कार्यकर्ता कर रहे बोलते रहे।  यहां तक कि दो पूर्व प्रत्याशियों की भी सक्रियता नजर नहीं आई। इनमें से एक इस बार भी दावेदारी कर रहे। इस तरह के ग्राउंड वर्क पर जीत की स्थिति समझी जा सकती है। पूछने पर कहा गया कांग्रेस प्रत्याशी, किस्मत और भाजपा के विरोध से जीतता है।

बेच कर ही मानेंगे नगरनार को?

नगरनार स्टील प्लांट का सन् 2003 में लालकृष्ण आडवाणी ने  शिलान्यास किया था। लंबी प्रतीक्षा के बाद पिछले साल 3 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका लोकार्पण किया। देश के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस प्लांट में यह शामिल है। भिलाई स्टील प्लांट के बाद यह दूसरा ऐसा सरकारी उपक्रम है, जिसमें आने वाले दिनों में 25-30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। फिलहाल इसका नियंत्रण राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के पास है। सरकार के पास करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बाकी 40 प्रतिशत खुले बाजार में है। भिलाई स्टील प्लांट के बाद यह दूसरा ऐसा बड़ा सरकारी स्टील प्लांट है जिससे छत्तीसगढ़ की पहचान बनती है। लोकार्पण से पहले ही बार-बार इस बात की चर्चा उठ रही थी कि इस प्लांट से सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार इसे बेचने जा रही है।  यह भी कहा गया कि यदि बेचना ही है तो इसे राज्य सरकार को बेचे, इसे वह खरीदने के लिए तैयार है। बस्तर में यह चुनावी मुद्दा बनने जा रहा था तब वहां के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे अफवाह बताया था कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। इसके बावजूद एक बार फिर इसके बेचने की चर्चा गरम हो गई है। इस बात की जोरों पर चर्चा है कि प्लांट के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका मूल्य निर्धारित होने के बाद प्रस्ताव केंद्र को भेजने की तैयारी है। बस्तर में श्रमिक संगठन ही नहीं, आम लोग भी इससे चिंतित दिखाई दे रहे हैं।

स्कूली बच्चों को साइबर शिक्षा

मोबाइल फोन के माध्यम से होने वाले फ्रॉड, एक्सटॉर्शन और ब्लैकमेलिंग की घटनाएं आम लोगों के साथ-साथ पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती हैं। पढ़े-लिखे लोग भी साइबर ठगी के जाल में फंसकर लाखों रुपये गंवा रहे हैं। पुलिस के पास इस तरह की शिकायतों की जांच के लिए न तो पर्याप्त प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही आवश्यक संसाधन।

ऐसे में, ज्यादा महत्वपूर्ण है कि लोगों को जागरूक करके अपराधों को रोका जाए। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में एडिशनल एसपी नेहा शर्मा ने हाल ही में आरक्षकों के लिए विशेषज्ञों से प्रशिक्षण रखवाया। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कई ओटीटी मूवी और सीरीज में अपनी पहचान बना चुके अभिनेता स्पर्श श्रीवास्तव का फेसबुक लाइव सेशन रखा। उन्होंने लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।

सक्ती जिले में एसपी अंकिता शर्मा ने स्कूली बच्चों को ‘साइबर बडी’ के रूप में तैयार करने का अभियान चलाया है, जिससे बच्चों को साइबर क्राइम के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी जा सके। अधिकतर अभिभावकों ने बच्चों के हाथ में मोबाइल फोन दे दिए हैं, जिससे वे ब्लैकमेलिंग और ऑनलाइन गेमिंग के शिकार हो रहे हैं। स्कूलों में चलाए जा रहे इस अभियान से बच्चे न केवल खुद को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि अपने घर के बड़े-बुजुर्गों को भी सतर्क कर सकते हैं। साइबर ठगी का जाल अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है। उनके शिकार गांव-शहर हर जगह मौजूद हैं। ऐसे में इन महिला पुलिस अधिकारियों की कोशिश से साइबर क्राइम रोकने में कुछ तो मदद मिल ही जाएगी। 

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