महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 30 दिसंबर। विपणन विभाग के अधिकारियों पर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और एसटी-एससी ठेकेदारों के साथ भेदभाव करने का आरोप सिद्धी विनायक ट्रांसपोर्ट फर्म के विकास कुमार ने पत्रकारवार्ता में लगाया है। उन्होंने कलेक्टर से भी इसकी शिकायत की है।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि छग के विपणन विभाग और भारतीय खाद्य निगम के अधिकारी धान लोडिंग-अनलोडिंग एवं परिवहन टेंडर में पूंजीपति ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर सिंडीकेट बनाकर काम कर है। इसके कारण छग शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे टेंडर में कमी बताकर दस्तावेज जमा करने के लिए 48 घंटे का समय जेम पोर्टल में दिया गया। किंतु बाद में मेरी बोली रद्द कर दी गई। मंैने अधिकारियों को बताया कि सर्वर के कारण कुछ दस्तावेज आनलाईन सबमिट नहीं हो पाया। इस पर बताया गया कि जेमपोर्टल में 48 घंटे के भीतर जमा किया जा सकता है। क्योंकि टेंडर प्रक्रिया ऐसी है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद वह पोर्टल लॉक हो जाता है। जब 48 घंटे समय देने के बाद सबमिट समय पर दस्तावेज समिट कर दिया तो बोली में भाग लेने दिए जाना चाहिए। किंतु कुछ अधिकारी समय सीमा को ही कारण बताकर बोली रद्द कर दिया है। अब ऊंचे रेट पर दूसरे लोगों को यह टेंडर दिया जा रहा है, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान शासन को होगा।


