दीपक बैज ने अरूण साव से मांगा इस्तीफा
बिरनपुर हिंसा पर सीबीआई की चार्जशीट पर बयान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 1 अक्टूबर। 29 महीने पहले अप्रैल 23 में बेमेतरा के बिरनपुर में हुई। हत्या और हिंसा की जांच पूरी कर सीबीआई ने अपना अपनी चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी है। इस रिपोर्ट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेता एक बार फिर आमने-सामने हुए। इसके हवाले से डिप्टी सीएम गृह विजय शर्मा ने बताया कि सीबीआई ने केवल एक ही बिंदु पर जांच की। गांव वालों के तर्क बिंदु पर जांच नहीं हुई।
शर्मा ने कहा कि तत्समय की कांग्रेस सरकार मदहोश थी। कांग्रेस में कुछ ही लोगों की धमक ज्यादा थी। कांग्रेस ने प्रदेश के हाल पर ध्यान नहीं दिया। सीबीआई की इस चार्जशीट पर कांग्रेस नेताओं के सकारात्मक बयानों पर शर्मा ने कहा कि सीबीआई पर कम से कम कांग्रेस को भरोसा तो बढ़ा। 5 साल सीबीआई को बैन रखा और अब विश्वास जागा।
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बिरनपुर हिंसा मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल चार्टशीट को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता धनेंद्र साहू, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला के साथ राजीव भवन में प्रेस वार्ता की।
दीपक बैज ने कहा कि बिरनपुर मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल जार्च शीट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि दो पक्षों के बीच आपसी झगड़ा था, जो बढ़ते-बढ़ते सांप्रदायिक रूप ले लिया. इसमें कोई राजनीतिक हाथ नहीं था. लेकिन उस समय बीजेपी ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए कांग्रेस पर झूठा आरोप था. बीजेपी ने जानबूझकर इसे राजनीतिक रूप दिया.
बैज ने कहा कि उस समय (तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष) अरुण साव घटना स्थल गए थे. घटना से फायदा लेने के लिए लोगों के बीच जाकर आग उगलने का, आग लगाने का काम किया. इस घटना से संबंधित व्यक्ति को चुनाव में टिकट देकर लाभ लिया. वोट बैंक का ध्रुवीकरण किया गया. ईश्वर साहू ने जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया, उसका नाम सीबीआई चार्ज शीट में नहीं है।
अंत में छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर थोड़ी बहुत मानवीयता है, तो अरुण साव को इस्तीफा दे देना चाहिए, और माफी मांगनी चाहिए. सेंट्रल के तमाम नेताओं ने गलत तरीका से लोगों के बीच घटना को प्रस्तुत कर कांग्रेस को बदनाम किया. ये उदाहरण है कि वोट की राजनीति के लिए बीजेपी किसी भी हद तक जा सकती है.
प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेद्र साहू ने कहा कि बिरनपुर में तीन लोगों की हत्या हुई थी, जिसे बीजेपी ने मुद्दा बनाया. एक गांव की घटना को राज्य स्तर का बनाया गया. विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में फायदा लिया. कांग्रेस को बदनाम किया गया, जिसका चुनाव असर पड़ा है. बीजेपी के तमाम नेताओं में जरा सी भी मानवीयता है, तो इस्तीफा दे देना चाहिए।
इससे पहले पूर्व संसदीय सचिव गृह विकास उपाध्याय ने कल कहा था कि चार्जशीट से भाजपा का असली चेहरा निकाल कर सामने आया है ।भाजपा ने जात से जात और धर्म से धर्म को लड़ाया।भाजपा ने उसे समय कांग्रेस पार्टी, सरकार को बदनाम करने की कोशिश की । तत्कालीन विधायक (रविंद्र चौबे)को बदनाम करने की साजिश की,लेकिन चार्जशीट पेश होने से असली चेहरा सामने आ चुका है।