भारत सरकार ने फेस 2 के लिए 2257.55 करोड़ किए हैं मंजूर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारसुगुड़ा (ओडिशा) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के आठ आईआईटी में अधोसंरचना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी भिलाई के फेस-2 परियोजना भी शामिल है।
इस अवसर का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई परिसर के नालंदा व्याख्यान कक्ष में किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार गुरु खुशवंत साहेब और विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहे। मंत्री खुशवंत ने कहा कि इससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईटी भिलाई के फेस-2 निर्माण पूर्ण होने पर शोधार्थी छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
फेस-2 परियोजना : तकनीकी शिक्षा और नवाचार की नई दिशा-भारत सरकार ने 29 मई 2025 को फेस-2 निर्माण के लिए 2,257.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 1,092 करोड़ रुपये परिसर निर्माण पर व्यय होंगे। इस चरण में 1 लाख 51 हजार 343 वर्ग मीटर का अतिरिक्त क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें नए इंजीनियरिंग और विज्ञान विभाग, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, आईसीटी सक्षम व्याख्यान कक्ष और प्रोटोटाइप सुविधाएँ शामिल होंगी।
छात्र संख्या 1,500 से बढक़र 3,000 हो जाएगी। इस परियोजना को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।आईआईटी भिलाई की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। फेस-1 निर्माण के लिए 1090.17 करोड़ मंजूर किए गए थे, जिसके तहत 1 लाख 34 हजार 450 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्मार्ट, पर्यावरण-संवेदनशील और छात्र-केंद्रित परिसर विकसित किया गया, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2024 को किया गया था। इस परिसर को जीआरआईएचए एलडी रेटिंग और एनएससीआई सुरक्षा पुरस्कार 2021 सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।
आईआईटी भिलाई की उपलब्धियाँ और विशेषताएँ- संस्थान वर्तमान में लगभग 185 करोड़ रुपये की 300 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है तथा अब तक 30 पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं।
संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंत:विषय साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत स्थापित सेक्शन 8 कंपनी आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन की मेजबानी करता है। हाल ही में आईबीआईटीएफ को वित्तीय क्षेत्र के लिए फिनटेक आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘श्रेणी-ए हब’ के रूप में नामित किया गया है।
आईआईटी भिलाई की एक उल्लेखनीय पहल विद्या समीक्षा केंद्र, छत्तीसगढ़ है, जो राज्यभर के स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों के लिए एक केंद्रीकृत, वास्तविक समय डिजिटल निगरानी प्रणाली है। इस मंच ने 10 लाख गैर-मौजूद छात्र रिकॉर्ड की पहचान कर उन्हें समाप्त किया, जिससे लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत हुई और 60 लाख पाठ्यपुस्तकों का सही वितरण संभव हो सका।
इसके अलावा संस्थान ने गहन तकनीकी समाधानों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए देशभर में कुल 54 जनजातीय विकास परियोजनाएँ शुरू की हैं, जिन पर 19 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
वर्तमान और भविष्य
वर्तमान में आईआईटी भिलाई में बी.टेक, एम.टेक, एम.एससी. और पीएच.डी. कार्यक्रमों के अंतर्गत 1,525 छात्र अध्ययनरत हैं। फेस-2 विकास के साथ यह संख्या 3,000 तक पहुँच जाएगी। इससे संस्थान न केवल शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में बल्कि उद्योग सहयोग और तकनीकी विकास में भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा।