रायपुर

मेकाहारा का सेटअप, मशीन की खरीदी पर चंद्राकर और जायसवाल के बीच महंत के सवाल से चर्चा रोचक
26-Feb-2026 7:49 PM
मेकाहारा का सेटअप, मशीन की खरीदी पर चंद्राकर और जायसवाल के बीच महंत के सवाल से चर्चा रोचक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 26 फरवरी। मेकाहारा अस्पताल के सेटअप में दो मशीनों के होने न होने के प्रश्न, उत्तरों पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बीच  नेता प्रतिपक्ष के प्रश्न ने चर्चा को रोचक बना दिया।

यह प्रश्न, गुरुवार को प्रश्नकाल के अंतिम 5 मिनट में आया था। श्री चंद्राकर ने मेकाहारा के सेटअप का प्रश्न उठाया। उन्होंने पूछा कि मेकाहारा का सेटअप नेशनल मेडिकल कमीशन के अनुसार है या राज्य ने भी कोई सेटअप स्टेंडर्ड बनाकर मंजूर किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन दो वर्षों में राज्य सरकार ने कोई सेटअप स्टेंडर्ड नहीं बनाया है। मेकाहारा,देश के अन्य मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की तरह एनएमसी के स्टेंडर्ड पर संचालित हैं। अजय ने उन्हें दिए गए अलग अलग लिखित उत्तर के हवाले से कहा कि सेट?अप एन?एमसी स्टेंडर्ड के हिसाब से नहीं है, जांच कराएंगे क्या? मंत्री ने इसकी जरूरत नहीं बताई। अजय ने कहा कि उत्तर में मेकाहारा में उपलब्ध जांच मशीनों की जानकारी भी अधूरी है। पिछले सत्र के उत्तर में भी अलग जानकारी दी गई थी। अजय ने इस प्रश्न को दूसरे दिन के लिए आगे बढ़ाने का सभापति से आग्रह किया। इस पर मंत्री ने दोनों उत्तर को सही बताया। अजय ने पूछा ऐसा है तो पेट स्कैन और गामा विकिरण मशीनें कहां है बता दें, हवा, समुद्र,पाताल कहां है। मंत्री जायसवाल ने कहा कि इसकी जांच चल रही है।   दरअसल ये मशीनें पूर्व के वर्षों में वित्तीय स्वीकृति के बिना खरीद ली गई थीं। जो नियमों के खिलाफ है। और मशीनें मेकाहारा में रखीं हैं। अजय ने कहा कि मशीनें बंद हैं और सेट?अप में ले लिया गया है। अजय ने  कहा कि जब मशीन रिकार्ड में नहीं है तो जांच किस बात की करा रहे। मंत्री ने कहा कि 20 करोड़ की यह मशीनें किस कार्यकाल में खरीदी गई इसकी जांच करा रहे।इस पर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने पूछा कि मंत्री जी बता दें किस कार्यकाल में खरीदी हुई, ताकि स्पष्ट हो जाए कि आपके कार्यकाल का या इस (बगल में बैठे भूपेश बघेल की ओर इशारा करते हुए) कार्यकाल का या उससे पहले का। कांग्रेस ने एक विधायक ने कहा कि कहीं यह खरीदी प्रश्नकर्ता के कार्यकाल का तो नहीं। मंत्री ने कहा कि इसकी जानकारी अलग से दे दूंगा। इसी दौरान सभापति धरम लाल कौशिक ने प्रश्न काल समाप्त कर दिया। इससे पहले इस पर अजय के मूल प्रश्न से पहले विधायक सुनील सोनी पूरक प्रश्न पूछने लगे। इस पर अजय ने यह कहकर बिठाया कि अभी तो मूल प्रश्न ही पूछा गया है?

आईटीआई में रिक्त पदों पर भर्ती की निश्चित समयावधि  बताना संभव नहीं - मंत्री

अनिला ने कहा कि मूल प्रश्न में काट छांट किया गया

 रोजगार और कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत ने प्रदेश के आईटीआई में रिक्त पदों पर भर्ती की निश्चित समयावधि बताने में असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि यह बताना संभव नहीं है।

गुरुवार को विधानसभा में वे, कांग्रेस की अनिला भेडिय़ा के प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। श्रीमती भेडिय़ा ने प्रदेश के आईटीआई में प्राचार्य और प्रशिक्षण अधिकारी अधीक्षक के रिक्त पदों को लेकर प्रश्न पूछा था।

 भेडिय़ा ने अपने मूल प्रश्न में काट छांट करने की भी बात कही। मंत्री ने कहा कि प्रश्न कहां से काटा गया उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि पदोन्नति का मामला कोर्ट में लंबित था। वहां से आदेश हो गया है जल्द प्रकिया कर पदोन्नति दी जाएगी। गुरू ने बताया कि प्रशिक्षण अधीक्षक के 209 पद और प्राचार्य के 69 रिक्त हैं। अनिला भेडिय़ा ने कहा कि इतनी रिक्तियों के साथ प्रदेश के युवाओं का कौशल विकास कैसे करेंगे। पदों को कब तक भरेंगे। मंत्री ने कहा कि कोर्ट की वजह से लंबित थे। वैसे मेहमान प्राध्यापक, संविदा पर नियुक्त किए गए हैं। प्राचार्य के 6 में से 5पद रिक्त हैं।पूर्ति की निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है। कांग्रेस के ही उमेश पटेल ने पूरक प्रश्न में सीधी भर्ती और प्रोन्नति के पदों और मेहमान प्राध्यापकों में छत्तीसगढ़ मूल के लोगों की संख्या जानना चाहा। मंत्री ने बताया कि 25 प्रतिशत सीधी भर्ती और 75 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाते हैं।


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