रायपुर
मंत्री चौधरी ने कहा कि कोई कार्य लंबित नहीं हैं
संजारी बालोद क्षेत्र के विकास कार्यों की वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति में देरी पर कांग्रेस ने वित्त मंत्री के जवाबों को खारिज कर कार्यवाही से वाक आउट कर दिया। विधायक का कहना था कि इन स्वीकृतियों के चलते 18 करोड़ के कार्य लंबित हैं।
शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्न काल में विधायक संगीता सिन्हा ने तारांकित प्रश्न के जरिए यह मामला उठाया। उन्होंने मंत्री से पूछा कि 23-26 तक बजट में सम्मिलित संजारी बालोद के कितने कार्य कब से लंबित हैं। मंत्री ओपी चौधरी ने कोई भी कार्य लंबित न होने की जानकारी दी। श्रीमती सिन्हा ने कहा कि सिंचाई, लोनिवि,पीएम सडक़ के करोड़ों के कार्य लंबित हैं। उन्होंने सदन में ऐसे कार्यों की फाइल भी दिखाया। और कहा कि क्षेत्र के ईई, सीई से पूछो तो वित्त में लंबित होने की जानकारी देते हैं। श्री चौधरी ने कहा कि इस समस्या को देखते हुए ही सरकार ने कई वित्तीय रिफार्म किए हैं ?। उसके बाद से स्वीकृत में देरी नहीं हो रही। हमने नवीन मद के प्रस्तावों की राशि 1-5 करोड़ तक बढ़ा दी है। इसके अंदर की लागत के कोई भी कार्य संजारी बालोद के लंबित नहीं है। इस बदलाव के पहले कांग्रेस काल में 302 करोड़ के नवीन मद के प्रस्ताव मंजूर किए गए थे तो हमने 14257 करोड़ के। चौधरी ने कहा कि वित्त विभाग, संबंधित विभाग की प्राथमिकता अनुसार एएस जारी करता है। इससे इंकार करते हुए श्रीमती सिन्हा ने बताया कि 18 करोड़ के कार्य लंबित हैं। इस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि वित्त मंत्री, विपक्ष के विधायकों के कार्य स्वीकृत नहीं कर रहे हैं और सदन को गुमराह कर रहे हैं। इसके विरोध में बघेल की घोषणा पर कांग्रेस विधायक वाक आउट कर गए।


